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मोहाली का सबसे बड़ा मॉल अचानक बंद:कंपनी ने गेट पर पब्लिक नोटिस चिपकाया; 22 एकड़ में बना, अस्पताल बनाने की चर्चा

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 ट्राईसिटी के प्रमुख शॉपिंग और एंटरटेनमेंट सेंटर वीआर पंजाब माॅल को 20 अप्रैल से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। प्रबंधन के अचानक लिए फैसले से माॅल में खुले मल्टीनेशनल कंपनियों के आउटलेट्स 100 से अधिक रिटेल स्टोर्स बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं।

माल के निर्देशों के बाद सभी दुकानदारों और ब्रांड्स को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने आउटलेट बंद करने के लिए कहा गया, जिससे पूरे माल में एकाएक सन्नाटा छा गया। इससे हजारों कर्मचारियों और स्टाफ को नौकरी जाने का संकट सताने लगा है। कारोबारियों ने भी माल प्रबंधन के इस फैसले पर नाराजगी जताई है। 

माल प्रबंधन के आधिकारिक नोटिस में बताया गया है कि 3 अप्रैल को उत्तर भारत में आए भूकंप के कारण इमारत को नुकसान पहुंचा है। इस घटना के बाद भवन की संरचनात्मक मजबूती को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।

इसी के मद्देनजर मैनेजमेंट ने आम जनता और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए माॅल को तत्काल प्रभाव से बंद करने और परिसर को पूरी तरह सील करने का निर्णय लिया है। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि अगली सूचना तक माल में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

इन कंपनियों के आउटलेट्स

माॅल में संचालित प्रमुख ब्रांड्स में एचएंडएम, रिलायंस ट्रेंड्स, क्रोमा, स्टारबक्स), केएफसी, बर्गर किंग, लेंसकार्ट, गैप, कोस्टा काफी और हल्दीराम जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा लाइफस्टाइल, मैक्स, जाकी, सेंट्रो, रिलायंस स्मार्ट बाजार, गो कलर्स, कैफे काफी डे, टैको बेल, स्केचर्स, स्पिन्नी, डीआइवाय और पाइरेट्स ऑफ ग्रिल जैसे कई आउटलेट भी यहां चल रहे हैं। माल में 9 स्क्रीन वाला पीवीआर सिनेमा भी लोगों के मनोरंजन कर रहा है।

कभी ट्राईसिटी का नंबर-1 माॅल था

करीब 22 एकड़ क्षेत्र में फैला और एक मिलियन वर्ग फीट से अधिक में विकसित यह माॅल एक समय ट्राईसिटी का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त माल माना जाता था। कभी 250 के करीब आउटलेट खुले हुए थे यहां। यह एलांते माॅल को भी कड़ी टक्कर देता था। वीकेंड और त्योहारों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती थी और यह युवाओं का पसंदीदा हैंगआउट स्पाट बन चुका था।

धीरे-धीरे कम हुई रौनक

हालांकि, बीते कुछ वर्षों में माॅल की लोकप्रियता में गिरावट देखी गई। माॅल के सामने फ्लाईओवर बनने के बाद यहां की पहुंच प्रभावित हुई और विजिटर्स की संख्या घटने लगी। इसके अलावा, माल प्रबंधन द्वारा समय-समय पर उचित मार्केटिंग और मेंटेनेंस पर ध्यान न देने के कारण कई बड़े ब्रांड्स यहां से अपना कारोबार समेटते चले गए।

अस्पताल बनने की भी चर्चा

इधर, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि भविष्य में इस माॅल को किसी बड़े अस्पताल समूह को दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में माल मैनेजमेंट के अधिकारी अभिनव राणा से बात करते की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उताया। वाट्सएप पर मैसेज भी किया गया लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं दिया गया।

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बेअदबी विरोधी कानून पर सुखबीर बादल की चुप्पी बुनियादी सवाल खड़े करती है: Baltej Pannu

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने ‘जगत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल, 2026’ पर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल की लगातार चुप पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय जब बेअदबी को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है, अकाली दल द्वारा कोई जवाब न आना कई गंभीर राजनीतिक सवाल खड़े करता है।

सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप पंजाब के स्टेट जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि आप की पंजाब सरकार ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून लाकर अपना वादा पूरा किया है, लेकिन जो लोग ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करते थे, वे अब चुप रहना पसंद कर रहे हैं। यह चुप्पी राजनीतिक रूप से बहुत कुछ कहती है।

आप पंजाब के जनरल सेक्रेटरी ने आगे कहा कि जब भगवंत मान सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून लाने का ऐलान किया था, तो विरोधी पार्टियों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी कहकर खारिज कर दिया था। वे कहते थे, ‘कानून लाओ, फिर देखेंगे।’ आज यह कानून न सिर्फ पास हो गया है बल्कि पूरी तरह से लागू भी हो गया है, और वही लोग अब शांत हो गए हैं।

बलतेज पन्नू ने कहा कि नए कानून में बेअदबी के कामों के लिए सख्त सज़ा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि कानून में उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने जैसे कड़े प्रावधान हैं, जो सज़ा और डर दोनों पक्का करते हैं।

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन और कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार बेअदबी पर कोई असरदार कानून बनाने में नाकाम रही, हालांकि वे ऐसे बिल लाए जो कभी कानून बनने के लिए नहीं थे। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि राजनीतिक फायदे के लिए यह मुद्दा ज़िंदा रहे। कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकीं और वे चाहते थे कि यह सिलसिला चलता रहे।

पिछली घटनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चाहे 2015 की घटनाएं हों, 1986 में नकोदर की घटना हो या 1978 की, हर कोई जानता है कि उस समय सत्ता में कौन था और वे कैसे कोई अहम कार्रवाई करने में नाकाम रहे। 2015 की बेअदबी की घटनाओं के दौरान, बार-बार उकसाने और धमकियों के बावजूद, उस समय की सरकार असरदार तरीके से कार्रवाई करने में नाकाम रही। महीनों तक गाली-गलौज वाले पोस्टर लगाए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

बलतेज पन्नू ने पिछली सरकारों के जांच के तरीकों की भी आलोचना की और कहा कि जस्टिस ज़ोरा सिंह कमिशन और जस्टिस रणजीत सिंह कमिशन जैसे कमिशन की रिपोर्ट को नज़रअंदाज़ किया गया। गंभीर नतीजों को मामूली बताया गया और रिपोर्ट की कॉपियां सार्वजनिक तौर पर बहुत कम कीमत पर बांटी गईं।

कानून बनाने के प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि आप सरकार ने बिल का मसौदा तैयार करने से पहले कानूनी माहिरों और धार्मिक नेताओं से काफी सलाह-मशविरा किया था। यह कोई जल्दबाज़ी में लिया गया फ़ैसला नहीं था, बल्कि कड़ी सज़ा देने और डर पैदा करने के मकसद से बनाया गया एक मज़बूत कानूनी ढांचा है।

बलतेज पन्नू ने कहा कि कानून पास होने के बाद भी, न तो शिरोमणि अकाली दल और न ही उसकी लीडरशिप ने इसके समर्थन या विरोध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की चुप्पी भी उतनी ही चिंताजनक है। एसजीपीसी मीटिंग के बाद प्रेस से बात न करना राजनीतिक दबाव और स्पष्टता की कमी को दिखाता है।

उन्होंने आगे कहा कि अकाली दल का इकलौता विधायक भी विधानसभा के उस स्पेशल सेशन में शामिल नहीं हुआ, जहाँ यह बिल पास हुआ था। इतिहास में यह दर्ज होगा कि गुरु ग्रंथ साहिब की मर्यादा की रक्षा के लिए कौन खड़ा हुआ और किसने गैरहाजिर रहना चुना।

बलतेज पन्नू ने कहा कि 13 अप्रैल को बिल पेश होने से लेकर 17 अप्रैल को राज्यपाल की मंज़ूरी और 20 अप्रैल तक नोटिफिकेशन जारी होने तक, यह ‘आप’ सरकार की मज़बूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिखाता है। कुछ ही दिनों में यह कानून पूरी तरह से बन गया और लागू हो गया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। सुखबीर सिंह बादल की चुप्पी दिखाती है कि वह पंजाब और उसकी धार्मिक भावनाओं के लिए मज़बूती से खड़े होने के बजाय अपने निजी और राजनीतिक हितों की रक्षा पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं।

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CM के प्रयासों को मिलने लगी सफलता, पंजाब सरकार वर्ल्ड हार्टी सेंटर इकोसिस्टम की तर्ज पर बागवानी अनुभव और प्रशिक्षण केंद्र करेगी स्थापित

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एक रणनीतिक समझौते के तहत, जो किसानों की तकदीर बदलने में अहम साबित होगा, राज्य सरकार वर्ल्ड हार्टी सेंटर इकोसिस्टम की तर्ज पर पंजाब में एक समर्पित बागवानी अनुभव और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जो फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासों का हिस्सा होगा।

आज नीदरलैंड में निवेश प्रोत्साहन आउटरीच के तहत अपने दौरे के हिस्से के रूप में मुख्यमंत्री ने टिकाऊ कृषि, पुष्प खेती और उच्च-क्षमता वाली कृषि प्रणालियों में सर्वोत्तम प्रथाओं का अध्ययन करने के लिए वर्ल्ड हार्टी सेंटर (डब्ल्यू.एच.सी.), वेस्टलैंड और विश्व प्रसिद्ध केयूकेनहॉफ, लिसे सहित प्रमुख बागवानी संस्थानों का दौरा किया। उन्होंने पंजाब में ऐसा ही केंद्र स्थापित करने का विचार प्रस्तुत किया और कहा कि प्रस्तावित केंद्र शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और सरकारी भागीदारों को एकजुट करके राज्य में नवाचार, कौशल विकास और टिकाऊ कृषि समाधानों को अपनाने में मदद करेगा। वर्ल्ड हार्टी सेंटर, जो ग्रीनहाउस हॉर्टिकल्चर इनोवेशन के लिए एक वैश्विक केंद्र है, पर सीईओ पैक वैन होल्स्टीन और मैनेजर इंटरनेशनल बिजनेस लैनी डिज्क्शूर्न ने भगवंत सिंह मान का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री को संस्थान का व्यापक दौरा करवाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अनोखा अनुभव था क्योंकि उन्हें नीदरलैंड के ग्रीनहाउस और नियंत्रित-वातावरण कृषि के विश्व प्रसिद्ध इकोसिस्टम से परिचित करवाया गया, जहाँ प्रौद्योगिकी, शोध, शिक्षा, उद्योग और सरकार के सहयोगात्मक प्रयासों ने पारंपरिक कृषि को उच्च-उत्पादकता वाली और टिकाऊ कृषि में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि इसकी मुख्य विशेषताओं में ग्रीनहाउस और उन्नत इनडोर कृषि प्रणालियों की प्रभावशीलता शामिल है, जो पानी के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करते हुए फसलों की पैदावार में महत्वपूर्ण वृद्धि करती हैं, कीटनाशकों पर निर्भरता घटाती हैं और पारंपरिक ओपन-फील्ड कृषि की तुलना में किसानों की आय में वृद्धि करती हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह राज्य के लिए फसल विविधता को बड़ा बढ़ावा देने और किसानों को पानी की अधिक खपत वाली फसलों के चक्र से बाहर निकालने के लिए अधिक मददगार साबित हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधों के विकास और संसाधन कुशलता को और बेहतर बनाने में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों की भूमिका है। इसके साथ ही नवीन जल प्रबंधन प्रथाओं जैसे कि वर्षा जल संरक्षण, सिंचाई के पानी का पुनः उपयोग और नियंत्रित पोषक तत्व वितरण प्रणालियों की भूमिका भी जलवायु के अनुकूल कृषि उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए अहम है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने सूचना के आदान-प्रदान और प्रौद्योगिकी साझेदारी सहित सहयोग की संभावनाओं को तलाशने और सिद्धांततः इस पर सहमति जताई। इससे पहले, भगवंत सिंह मान ने दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पुष्प खेती स्थलों में से एक, केयूकेनहॉफ का दौरा किया, जहाँ उन्हें एक अनूठे संचालन मॉडल से परिचित करवाया गया, जहाँ अक्टूबर से शुरू होने वाली पतझड़ के दौरान हर साल लगभग 70 लाख फूलों के बल्ब उगाए और लगाए जाते हैं, और मार्च के दौरान 7-8 सप्ताह के लिए खिलते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 32 हेक्टेयर में फैले और उत्पादकों एवं उद्योग भागीदारों के सहयोग से तैयार किया गया, केयूकेनहॉफ एक उच्च संरचित, निर्यात-उन्मुख बागवानी मॉडल है, जो उत्पादन, पर्यटन और वैश्विक विपणन को एकीकृत करता है। उन्होंने कहा कि इस दौरे ने पंजाब को पुष्प खेती के क्लस्टर विकसित करने, निर्यात संबंधों को मजबूत करने और एक समन्वित एवं बाजार-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से कृषि-पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि दोनों दौरों से सीखने से पंजाब के उच्च-मूल्य, प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि की ओर लौटने की उम्मीद है, जिसमें स्थिरता, उत्पादकता बढ़ाने और कृषि अर्थव्यवस्था की विविधता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और पंजाब को एक पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में प्रोत्साहित करने में बहुत मदद करेगा। राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति (आईबीडीपी) 2026 के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों और व्यापार करने में मजबूत आसानी द्वारा समर्थित एक व्यापक और लचीला प्रोत्साहन ढांचा प्रस्तुत करता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का उद्देश्य दीर्घकालिक प्रौद्योगिकी-अगुवाई वाली साझेदारी बनाना, ज्ञान के आदान-प्रदान को आसान बनाना और टिकाऊ कृषि के लिए एक प्रगतिशील, नवाचार-आधारित और विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित होना है।

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पंजाब बनेगा सेमीकंडक्टर हब, CM भगवंत मान ने ग्लोबल दिग्गज NXP को मोहाली में R&D केंद्र के लिए दिया न्योता

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पंजाब को वैश्विक सेमीकंडक्टर और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र के क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में खड़ा करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऑटोमोटिव और सुरक्षित कनेक्टिविटी सेमीकंडक्टर समाधानों के क्षेत्र में वैश्विक नेता और बहुआयामी प्रौद्योगिकी अग्रणी कंपनी एन.एक्स.पी. सेमीकंडक्टर्स को मोहाली में एक अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) केंद्र स्थापित करने की संभावना तलाशने के लिए आमंत्रित किया है।

यह कदम इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन, आईटी और अत्याधुनिक मोबिलिटी समाधानों में मोहाली के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरती स्थिति का लाभ उठाकर निवेशों को आकर्षित करने, अपने नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और प्रांत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में शामिल करने के लिए पंजाब सरकार की केंद्रित रणनीति का हिस्सा है।

एन.एक्स.पी. सेमीकंडक्टर्स नीदरलैंड के कार्यकारी निदेशक और कंट्री मैनेजर मौरिस गेरेट्स और एन.एक्स.पी. सेमीकंडक्टर्स के पब्लिक पॉलिसी हेड डॉ. अंकित पाल के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर डिजाइन और नवीन अनुसंधान-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग के अवसर तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रांत के मजबूत प्रतिभा पूल और उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाने के लिए मोहाली एक रणनीतिक स्थान रखता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एन.एक्स.पी. को कालकट भवन, मोहाली में ‘सिलिकॉन वैली’ जैसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की प्रांत सरकार की योजनाओं से भी अवगत करवाया, जो रणनीतिक रूप से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आईटी सिटी के पास स्थित है।

मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप पंजाब के साथ साझेदारी के तहत सिस्टम डिजाइन समाधानों और एन.एक्स.पी. स्टार्टअप चैलेंज प्रोग्राम पर संभावित सहयोग के बारे में चर्चा की, जिसका उद्देश्य नवीनता एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करना, स्टार्टअप्स का समर्थन करना और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी समाधानों का सह-विकास करना है। उन्होंने नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी), एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रौद्योगिकियों, जो वैश्विक उद्योग रुझानों के अनुरूप हैं, जैसे क्षेत्रों में समाधान विकसित करने के लिए पंजाब के उभरते ऑटोमोटिव और ऑटो-कंपोनेंट पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाने की भी वकालत की।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रांत में मौजूद प्रतिभा के मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें आई.आई.टी. रोपड़, आई.एस.बी. मोहाली, प्लाक्षा विश्वविद्यालय, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं, जो उच्च-गुणवत्ता वाला अनुसंधान और इंजीनियरिंग कार्यबल तैयार करने के लिए सकारात्मक रूप से कार्य कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने एन.एक्स.पी. को प्रांत में मौजूद प्रचुर संभावनाओं और साझा रूप से कार्य करने संबंधी अवसरों की तलाश के लिए पंजाब का दौरा करने का निमंत्रण दिया। इसके अलावा उन्होंने अनुसंधान, नवीनता और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र विकास के क्षेत्रों में विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने की भी वकालत की ताकि वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में पंजाब की स्थिति को और मजबूत किया जा सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नीदरलैंड में पंजाब सरकार के चल रहे निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम के हिस्से के रूप में वे रणनीतिक साझेदारी तलाशने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक स्तर की प्रमुख कंपनियों के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित करने के मार्ग पर हैं।”

उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम), आईटी और अत्याधुनिक मोबिलिटी समाधानों के लिए उभरते केंद्र के रूप में स्थापित होने के बारे में पंजाब का पक्ष भी प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में शुरू की गई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति (आईबीडीपी) 2026 के बारे में भी बताया, जिसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स को लाभकारी क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है, जिसमें स्थिर पूंजी निवेश के 125 प्रतिशत तक के प्रोत्साहन हैं।

उन्होंने अग्रणी वैश्विक कंपनियों, जिनमें इन्फोसिस शामिल है, द्वारा आईटी सिटी, मोहाली में हाल ही में किए गए निवेशों और सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (एससीएल), मोहाली के चल रहे विस्तार का भी उल्लेख किया, जहां भारत सरकार के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत टाटा ग्रुप की भागीदारी से क्षमता वृद्धि की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा, “प्रांत सरकार के सक्रिय प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब अब दुनिया भर में सबसे पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में उभरा है।”

इस अवसर पर विचार-विमर्श के दौरान एनएक्सपी ने अनुसंधान एवं विकास, एम्बेडेड सिस्टम और ऑटोमोटिव सेमीकंडक्टर समाधानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत में अपनी मजबूत वैश्विक उपस्थिति और व्यापक प्रतिष्ठा को उजागर किया। कंपनी ने उभरते वैश्विक रुझानों, जिसमें इंटेलिजेंट एज प्रणालियाँ, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, आईओटी और सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रौद्योगिकियों का गतिशील विकास शामिल हैं, के बारे में भी जानकारी साझा की।

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