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मिशन क्लीन पंजाब: हरजोत सिंह बैंस खुद ग्राउंड पर, नंगल में सफाई व्यवस्था का लिया जायजा

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पंजाब सरकार की ओर से प्रदेश को साफ-सुथरा बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत सफाई अभियान को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस रोजाना खुद ग्राउंड पर उतरकर सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

इसी कड़ी में हरजोत सिंह बैंस ने नंगल के वार्ड नंबर 14 का दौरा किया और ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत चल रहे सफाई कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने इलाके में सफाई व्यवस्था, कचरा उठाने की प्रक्रिया और सफाई कर्मचारियों की ओर से किए जा रहे काम की स्थिति को देखा।

मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और सफाई टीमों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। सरकार का फोकस शहरों और कस्बों में कूड़े के ढेर और गंदगी वाले स्थानों को खत्म कर लोगों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने पर है।

‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत केवल सफाई अभियान चलाने पर ही नहीं, बल्कि इसकी लगातार निगरानी और जवाबदेही पर भी जोर दिया जा रहा है। मंत्री का खुद मौके पर पहुंचकर सफाई कार्यों का निरीक्षण करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पंजाब सरकार का लक्ष्य प्रदेश के शहरों को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ और बेहतर जीवन के लिए साफ वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य के साथ ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत ग्राउंड लेवल पर सफाई कार्यों की निगरानी लगातार जारी है।

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सुनाम के शेरों गांव में CM भगवंत मान को मिला लोगों का भरपूर प्यार, बोले- पंजाब अब काम की राजनीति के साथ

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हलका सुनाम के गांव शेरों में मुख्यमंत्री भगवंत मान को लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिला। गांव में लोगों की मौजूदगी और उत्साह को देखकर मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब सिर्फ राजनीतिक वादों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले विकास कार्यों और काम की राजनीति पर भरोसा कर रही है।

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोगों का प्यार और आशीर्वाद सरकार के लिए सबसे बड़ी ताकत है। जनता के इसी भरोसे के साथ सरकार प्रदेश में विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रही है। उनका कहना है कि सरकार की कोशिश है कि पंजाब के हर गांव और शहर तक विकास का लाभ पहुंचे और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

गांव शेरों में लोगों से मुलाकात के दौरान स्थानीय मुद्दों और विकास से जुड़े विषयों पर भी बातचीत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं को जमीन पर लागू करना और लोगों तक उनका लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

भगवंत मान ने लोगों के समर्थन के लिए उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि पंजाब की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी जनहित और विकास के कार्यों को इसी गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

गांव शेरों में मिले जनसमर्थन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की असीसें और सहयोग पंजाब को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हौसला देते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए सरकार और जनता मिलकर लगातार काम करती रहेगी।

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CM भगवंत सिंह मान द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर को मंजूरी

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पंजाब में फसली विविधता को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने और प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बड़ी पहल के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना में एक हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी। यह पहल 1300 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बागवानी का विस्तार करना, वैल्यू चेन को मजबूत करना और किसानों की आय को बढ़ाना है। उल्लेखनीय है कि पंजाब ने 2036 तक बागवानी के तहत क्षेत्र को 16 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “परियोजना का मुख्य उद्देश्य बागवानी के तहत क्षेत्र का विस्तार और मजबूत वैल्यू चेन बुनियादी ढांचे के माध्यम से बागवानी फसलों को बढ़ावा देना है। यह न केवल फसली विविधता लाकर किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार लाने और पानी के संरक्षण के लिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर भी प्रोत्साहित करेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में इस समय 41.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र खेती के अधीन है, जिसमें से 5.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बागवानी के तहत है, जिसका उत्पादन 106.10 लाख मीट्रिक टन है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बागवानी में फल, सब्जियाँ, मसाले और सुगंधित पदार्थ, फूल और अन्य वस्तुओं की खेती की जाती है। इसमें मुख्य फल किन्नू और अमरूद हैं, जबकि मुख्य सब्जियाँ आलू और मटर हैं। इसके अलावा मधुमक्खी पालन और मशरूम की खेती भी बागवानी का ही हिस्सा है।”

उन्होंने कहा, “बागवानी में विविधता लाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जेआईसीए के सहयोग वाली इस 1300 करोड़ी परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में मशीनरी, बुनियादी ढांचे, मार्केटिंग, बीज और अनुसंधान में निवेश की संभावना है, जिसके तहत 2036 तक बागवानी के अधीन क्षेत्र को 16 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया जाना है, जो वर्तमान स्तर से लगभग 300 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी मुख्य प्राथमिकता एक टिकाऊ बागवानी वैल्यू चेन विकसित करना, बागवानी के तहत क्षेत्र का विस्तार और किसानों को प्रोत्साहित करना है ताकि उच्च-गुणवत्ता वाली एवं लाभकारी पौधों से नर्सरियों की विविधता और सुधार को बढ़ावा दिया जा सके। इसके साथ ही कटाई के बाद प्रबंधन बुनियादी ढांचे के विकास, बाजार पहुंच में सुधार, विस्तार सेवाओं को मजबूत करने, तकनीकी सहायता प्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर व्यापक एवं महत्वपूर्ण पहल है, जो अनुसंधान, तकनीकी ज्ञान, क्षमता निर्माण और नवीनतम बागवानी पद्धतियों को अपनाने के लिए संस्थागत सहायता प्रदान करेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पहल से बेहतर पौधों और खेती से लेकर कटाई के बाद के प्रबंधन, मार्केटिंग और बाजार पहुंच तक संपूर्ण बागवानी परिवेश को मजबूत करने की उम्मीद है, जिससे टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देते हुए किसानों की अर्थव्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त अवसर पैदा होंगे।”

बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, कृषि विभाग के सचिव अरशदीप सिंह थिंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट! खरीददारों को मिली राहत

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सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए आज की बड़ी खबर है। 2 सितंबर को दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सोने के भाव में करीब 2 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जिसके बाद यह लगभग 1,49,904 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी भी सस्ती हुई है और इसकी कीमत में करीब 3,549 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। चांदी अब लगभग 2.26 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही है।

सर्राफा बाजार में भी सोने के दाम नीचे आए हैं। 24 कैरेट सोना करीब 15,423 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 14,319 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब 11,571 रुपये प्रति ग्राम पर है। दिल्ली में 22 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत करीब 1,63,108 रुपये बताई जा रही है।

दिल्ली में चांदी की कीमत भी कम हुई है। यहां चांदी करीब 245 रुपये प्रति ग्राम, यानी लगभग 2,45,000 रुपये प्रति किलो के स्तर पर है। इसमें करीब 5 हजार रुपये तक की गिरावट बताई जा रही है।

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?

सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण माने जा रहे हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद भी मजबूत हुई है। ब्याज दरें बढ़ने पर सोने जैसे निवेश पर दबाव पड़ सकता है, क्योंकि इससे नियमित ब्याज या आय नहीं मिलती।

सिर्फ सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि अन्य कीमती धातुओं में भी गिरावट देखने को मिली है। स्पॉट सिल्वर करीब 1 प्रतिशत गिरकर 63.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं प्लैटिनम करीब 1 प्रतिशत गिरकर 1,722.23 डॉलर प्रति औंस और पैलेडियम करीब 1.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,292.21 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।

आने वाले दिनों में भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। खास तौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले का असर ग्लोबल गोल्ड मार्केट पर देखने को मिल सकता है। अगर महंगाई पर दबाव बना रहता है और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ती है, तो सोने के दाम पर आगे भी दबाव देखने को मिल सकता है।

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