Connect with us

international

जर्मनी ने रचा इतिहास, स्पेन को हराकर जीता हॉकी वर्ल्ड कप 2026

Published

on

जर्मनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पेन को 1-0 से हराकर हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ जर्मनी ने लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। वहीं, यह जर्मनी का इतिहास में चौथा हॉकी वर्ल्ड कप खिताब है।

बेल्जियम के वावरे में खेले गए फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मैच के पहले हाफ में जर्मनी और स्पेन दोनों ही गोल करने में नाकाम रहे। तीसरे क्वार्टर में स्पेन ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया और जर्मनी के गोल पोस्ट पर कई हमले किए, लेकिन जर्मन डिफेंस ने शानदार बचाव किया।

मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल जर्मनी के मिशेल स्टुथाप ने 44वें मिनट में किया। स्पेन के हमले के बीच जर्मनी ने काउंटर अटैक का शानदार फायदा उठाया और गोल करके 1-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद स्पेन ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन जर्मनी की मजबूत डिफेंस लाइन को भेद नहीं सका।

आंकड़ों की बात करें तो स्पेन ने जर्मनी से ज्यादा आक्रामक खेल दिखाया। स्पेन ने 24 सर्कल एंट्री और 9 शॉट लगाए, जबकि जर्मनी की 12 सर्कल एंट्री और 5 शॉट रहे। इसके बावजूद जर्मनी ने अपने मौके का पूरा फायदा उठाया और एक गोल ही उसे विश्व चैंपियन बनाने के लिए काफी साबित हुआ।

इस खिताब के साथ जर्मनी के वर्ल्ड कप खिताबों की संख्या अब 4 हो गई है। उसने इससे पहले 2002, 2006 और 2023 में विश्व कप जीता था। चार खिताब के साथ जर्मनी अब पाकिस्तान की बराबरी पर पहुंच गया है, जिसने 1971, 1978, 1982 और 1994 में वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थी।

वहीं, स्पेन की टीम लंबे इंतजार के बाद 1998 के बाद पहली बार हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। टीम के पास इतिहास रचने का मौका था, लेकिन वह अपना पहला विश्व कप खिताब जीतने से एक बार फिर चूक गई।

जर्मनी के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। 2022 में कोच आंद्रे हेनिंग के नेतृत्व में आने के बाद जर्मनी ने कई बड़े खिताब अपने नाम किए हैं। अब 2026 का वर्ल्ड कप जीतकर टीम ने अपनी मजबूत स्थिति को एक बार फिर साबित कर दिया है।

वहीं, ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को 2-1 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। अर्जेंटीना की ओर से मथियास ने 59वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए निर्णायक गोल किया।

इस तरह हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का समापन जर्मनी के चैंपियन बनने के साथ हुआ। जर्मनी की यह ऐतिहासिक जीत हॉकी की दुनिया में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

international

नेपाल में कुदरत का कहर! बाढ़ और भूस्खलन से 626 मौतें, 2,426 लोग अब भी लापता

Published

on

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2,426 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लगातार बढ़ती मौतों और लापता लोगों की संख्या ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

नेपाल-चीन सीमा से लगे इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। तेज पानी और मलबे के बहाव ने कई सड़कों, पुलों और इमारतों को नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में संपर्क मार्ग टूटने के कारण राहत और बचाव दलों को प्रभावित स्थानों तक पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

चितवन जिला भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां अब तक 233 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण उनकी पहचान करना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों की ओर से पहचान के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे हैं और परिजनों की मदद से पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

इस आपदा की चपेट में विदेशी नागरिक भी आए हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक, भारत समेत कई देशों के नागरिक लापता लोगों की सूची में शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों में भारत के 178 नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी गई है, जिनमें से 11 के सुरक्षित मिलने की पुष्टि हुई है।

खराब मौसम ने राहत और बचाव अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कई जगहों पर हेलीकॉप्टर से राहत पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद नेपाल की सेना, पुलिस और बचाव दल जमीन पर लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। मलबे को हटाकर सड़कों को दोबारा खोलने और प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी जारी है।

प्राकृतिक आपदा का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। हिमालयी क्षेत्रों में अस्थिर झीलों, भारी मलबे और कमजोर पहाड़ी ढलानों के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

इस भीषण आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, शवों की पहचान और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां मुश्किल हालात के बावजूद लगातार अभियान में जुटी हुई हैं।

Continue Reading

international

सिद्धू मूसेवाला का होलोग्राम कॉन्सर्ट, टोरंटो से शुरू होगा वर्ल्ड टूर; 8 देशों में होंगे शो

Published

on

दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला एक बार फिर अपने प्रशंसकों के रूबरू होने जा रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला का होलोग्राम कॉन्सर्ट टूर ‘साइन्ड टू गॉड वर्ल्ड टूर’ 8 अक्टूबर 2026 को टोरंटो के स्कोटियाबैंक एरिना से शुरू होगा।

इस खास कॉन्सर्ट में 3D होलोग्राफिक तकनीक के जरिए सिद्धू मूसेवाला की स्टेज प्रेजेंस को फिर से जीवंत किया जाएगा। इस दौरान सिद्धू की मूल आवाज के साथ तालमेल बिठाते हुए होलोग्राम प्रोजेक्शन पेश किया जाएगा। इसके साथ ही सिनेमैटिक विजुअल्स और शानदार स्टेज इफेक्ट्स भी देखने को मिलेंगे, जो प्रशंसकों के लिए एक खास अनुभव होगा।

‘साइन्ड टू गॉड वर्ल्ड टूर’ के तहत भारत, पाकिस्तान, अमेरिका, कनाडा, यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड समेत 8 देशों में कॉन्सर्ट आयोजित किए जाने की उम्मीद है।

टोरंटो में होने वाला पहला शो इसलिए भी खास रहेगा क्योंकि यहां सिद्धू मूसेवाला के चर्चित गाने ‘295’ की म्यूजिक वीडियो भी रिलीज की जाएगी। इस वीडियो का सिद्धू के प्रशंसक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।

सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने बताया कि होलोग्राम शो के दौरान सिद्धू का एक नया गाना भी पेश किया जाएगा। इसके साथ ही उनकी जिंदगी से जुड़े अहम गाने ‘295’ की वीडियो भी दिखाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक गाना या म्यूजिक वीडियो नहीं होगा, बल्कि इसमें सिद्धू की जिंदगी, उनकी सोच और अपने बारे में उनके एहसासों को भी दिखाने की कोशिश की गई है। बलकौर सिंह के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।

Continue Reading

international

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भीषण बाढ़, 1100 से ज्यादा लोग लापता; लैंडस्लाइड ने मचाई भारी तबाही

Published

on

नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1100 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। तेज पानी और मलबे के बहाव ने कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

बाढ़ का पानी करीब 30 फीट तक ऊपर पहुंच गया, जिसकी चपेट में कई घर, वाहन और अन्य संपत्तियां आ गईं। तेज बहाव के कारण 19 पुलों, करीब 40 किलोमीटर सड़कों और 13 हाइड्रोपावर परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी है। कई जगहों पर सड़कें टूट जाने और रास्ते बंद होने से राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

शुरुआत में इस घटना को भूकंप से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की जानकारी के मुताबिक इससे पहले कोई बड़ा भूकंप नहीं आया था। बताया जा रहा है कि चीन की ओर ल्हेंदे नदी में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक खिसककर नीचे गिरा, जिससे शक्तिशाली लैंडस्लाइड हुई।

यह लैंडस्लाइड इतनी बड़ी थी कि इससे करीब 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस किया गया। इसके बाद भारी मात्रा में पानी और मलबा भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंच गया। अचानक पानी का स्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए।

पानी का बहाव इतना तेज था कि मलबे के साथ कई लोग और सामान करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बह गए। यहां से अब तक 33 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, राहत और बचाव टीमें लगातार मलबे में फंसे और लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।

इस आपदा की चपेट में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालुओं के भी आने की खबर है। लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के साथ भारतीय और NRI नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, खराब मौसम और कई जगहों पर रास्ते टूट जाने के कारण राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।

फिलहाल बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रहे हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। USGS की जानकारी के बाद यह बात सामने आई है कि तबाही की शुरुआत किसी बड़े भूकंप से नहीं, बल्कि पहाड़ के बड़े हिस्से के खिसकने से हुई लैंडस्लाइड से हुई थी।

Continue Reading

Trending