Connect with us

Punjab

पंजाब में 10वीं-12वीं पास न करने वाले को मर्सी चांस:PSEB का फैसला, 27 अप्रैल से होंगे रजिस्ट्रेशन, एक विषय में पास होना जरूरी

Published

on

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीद वर्ष के उपलक्ष्य में बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने 15 साल यानी 2010 से लेकर अब तक 10वीं और 12वीं की परीक्षा में अपीयर होकर पास न करने वाले स्टूडेंट्स को गोल्डन चांस दिया है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने छात्रों से अपील की है कि इस मौके का छात्रों को लाभ उठाना चाहिए। वहीं, उन्होंने कहा कि यह विशेष मौका उन छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है जो कई प्रयासों के बावजूद अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर पाए।

एक विषय पास होने की है शर्त

उन्होंने बताया कि, इस मर्सी चांस के तहत वे छात्र भी शामिल हैं जिन्होंने कम से कम एक विषय पास किया हो। यह सुविधा 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के छात्रों के लिए उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें बोर्ड सर्टिफिकेट हासिल करने का अंतिम अवसर मिलेगा।

15 जुलाई से शुरू होगी परीक्षाएं

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 अप्रैल 2026 से शुरू होगी, जबकि विशेष परीक्षाएं 15 जुलाई 2026 से आयोजित की जाएंगी। डिटेल डायरेक्शन, विषयवार सिलेबस और आवेदन का लिंक PSEB की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह विशेष मौका उन छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है जो कई प्रयासों के बावजूद अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर पाए।

बैंस ने पात्र छात्रों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं, अंतिम तिथि न चूकें और नियमित रूप से PSEB की वेबसाइट चेक करते रहें। किसी भी जानकारी के लिए वे अपने नजदीकी जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

Campaign Against Gangsters: चेहरे बेनकाब, इनाम घोषित, अब पंजाब में हर गली में तलाशे जाएंगे ‘मोस्ट वॉन्टेड’

Published

on

पंजाब में अपराध के खिलाफ जंग अब खुली चुनौती में बदल चुकी है। गैंगवार, रंगदारी, टारगेट किलिंग और नशा तस्करी के जाल में उलझे राज्य में अब सरकार ने ऐसा दांव चला है, जिससे अपराधियों की नींद उड़ना तय है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने पहली बार ‘पोस्टर वॉर’ छेड़ते हुए कुख्यात गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के नाम, चेहरे और इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।

मान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई कोना सुरक्षित नहीं रहेगा। पंजाब ने बीते कुछ वर्षों में गैंगवार, टारगेट किलिंग, रंगदारी और नशा तस्करी जैसे संगठित अपराधों का दबाव झेला है, जहां कई अपराधी विदेशों में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैं और स्थानीय गुर्गों के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहे हैं। सरकार ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर ‘वॉन्टेड’ पोस्टर जारी करते हुए नामचीन गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के चेहरे, नाम और उन पर घोषित इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।

इस पहल के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई ‘सेफ जोन’ नहीं बचेगा। उनकी पहचान अब छिपी नहीं रहेगी और आम जनता भी उन्हें पहचानकर कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। खास बात यह है कि इस पूरे अभियान को ‘आपकी जानकारी, हमारी कार्रवाई’ जैसे स्पष्ट संदेश के साथ जोड़ा गया है, जिससे जनता को सीधे इस लड़ाई का भागीदार बनाया गया है।

टॉप वॉन्टेड: 10 लाख के इनामी चेहरे

सरकार द्वारा जारी पोस्टर में कई कुख्यात अपराधियों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इनमें संदीप सिंह उर्फ सन्नी, लखविंदर सिंह, हरविंदर सिंह उर्फ भोलू, सतनाम सिंह, बलविंदर सिंह डोनी, परविंदर सिंह और गौरव पंडित शामिल हैं। ये सभी आरोपी हत्या, फिरौती, गैंगवार, अवैध हथियार सप्लाई और संगठित अपराध जैसी गंभीर वारदातों में वांछित हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनका नेटवर्क कई जिलों और पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ है।

5 लाख के इनामी: गैंग नेटवर्क की रीढ़

पोस्टर में कई ऐसे अपराधियों को भी शामिल किया गया है, जिन पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। इनमें सर्वण सिंह, रोहित गोयल, गुरविंदर सिंह (इंजीनियर), गुरदेव सिंह, अमित कुमार, अमरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जोगिंदर सिंह, बलजीत सिंह, सुमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, जसबीर सिंह, रविंदर सिंह और हर्ष कुमार शामिल हैं। इन अपराधियों पर लूट, हत्या की साजिश, नशा तस्करी, रंगदारी वसूली और गैंग ऑपरेशन चलाने के आरोप हैं। पुलिस का मानना है कि यही लोग बड़े गैंगस्टर नेटवर्क को जमीन पर ऑपरेट करते हैं।

पुलिस का क्राइम सिंडिकेट पर फोकस

पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में गैंगवार, रंगदारी और शूटआउट की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये गैंग सोशल मीडिया और विदेशों में बैठे सरगनाओं के जरिए संचालित हो रहे हैं। सरकार की यह पहल इन नेटवर्क्स की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जब अपराधियों के चेहरे और नाम सार्वजनिक होंगे, तो उनके लिए कहीं भी छिपना मुश्किल हो जाएगा।

सूचना देने वालों की सुरक्षा सबसे ऊपर

सरकार ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति इन अपराधियों के बारे में जानकारी देगा, उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया गया है। सूचना देने वाले को तय इनाम राशि दी जाएगी। नाम और पहचान किसी भी स्तर पर उजागर नहीं की जाएगी। पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत एक्शन लेंगी।

जनता बनी पुलिस की ‘इंटेलिजेंस’

इस अभियान का सबसे अहम पहलू यह है कि अब आम नागरिक भी अपराध नियंत्रण का हिस्सा बन गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे डरें नहीं और आगे आकर सूचना दें। सरकार ने इस मुहिम के जरिये बदमाशों को दो-टूक कहा है कि वे या तो सरेंडर करें या फिर उन पर सीधी कार्रवाई होगी। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि इन वॉन्टेड अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज किया जाए और जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

इसलिए अहम है यह कदम

  • पहली बार इतने बड़े स्तर पर वॉन्टेड लिस्ट सार्वजनिक
  • इनामी राशि के साथ फोटो जारी कर दबाव बढ़ाया गया
  • जनता की भागीदारी से इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत होगा
  • गैंगस्टर इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने की कोशिश
Continue Reading

National

पंजाब के मुद्दों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री से मिले CM मान; गेहूं खरीद, मुआवजा और लंबित राशि पर की चर्चा

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गेहूं की खरीद व्यवस्था, किसानों को मुआवजा, लंबित राशि और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा और पेट्रोलियम से जुड़े विषयों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने गेहूं के भंडार को तेजी से उठाने के लिए अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जिससे भंडारण की समस्या कम होगी।

आज पंजाब का दौरा कर सकती है केंद्रीय टीम

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की और केंद्र से अपील की कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम पंजाब भेजी जाए। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र की टीम आज ही राज्य का दौरा कर सकती है।

ऋण सीमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी से राज्य पर बोझ

वित्तीय मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकद ऋण सीमा पर ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी राज्य पर भारी बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि केवल 0.005 प्रतिशत की वृद्धि से ही लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ता है।

इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष की लगभग 9000 करोड़ रुपये की लंबित राशि का मुद्दा उठाया और इसे किस्तों में जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। इन दोनों मुद्दों पर केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया है।

आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन

मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों और मंडियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य निधि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने जायज बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

Continue Reading

Punjab

दिल्ली पहुंचे CM भगवंत मान, गेहूं खरीद को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी संग अहम बैठक

Published

on

पंजाब में गेहूं खरीद को लेकर सामने आ रही चुनौतियों के बीच आज मुख्यमंत्री Bhagwant Mann दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi के साथ एक अहम बैठक की।

सूत्रों के अनुसार, यह बैठक आज ही आयोजित की गई, जिसमें राज्य में चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया के दौरान आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पिछले कुछ दिनों से किसानों और मंडियों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इनमें गेहूं की उठान में देरी, भुगतान में लेट होने और प्रबंधन की कमियों जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के समक्ष इन मुद्दों को मजबूती से उठाया और जल्द समाधान की मांग की। बैठक के दौरान खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और मंडियों में व्यवस्था सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया।

पंजाब देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में से एक है, ऐसे में खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और केंद्र के बीच यह समन्वय बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

फिलहाल, इस बैठक के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

Continue Reading

Trending