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मानसिक रोगी का अब नहीं चलेगा बहाना, बेअदबी करने पर होगी सख्त सजा- भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को पटियाला जिले के समाना में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नए बने बेअदबी विरोधी कानून, पंजाब के विकास के कामों, बिजली सुधारों, सिंचाई प्रोजेक्ट्स, रोज़गार के मौकों और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के बारे में विस्तार से बात की। बेअदबी के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की बार-बार होने वाली घटनाओं ने कई सालों तक लोगों के मन को गहरी चोट पहुंचाई थी। उन्होंने कहा कि कमजोर कानूनी व्यवस्थाओं के कारण दोषी लोग मानसिक बीमारी या कानूनी कमियों का हवाला देकर सजा से बच जाते थे।

मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पास किया गया नया कानून बेअदबी के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करता है और पुरानी कमियों को खत्म करता है। उन्होंने साफ किया कि अब बेअदबी के मामलों में मानसिक रूप से अस्थिर दोषियों की देखभाल करने वालों, अभिभावकों या परिवार के सदस्यों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि दोषियों में डर पैदा करने के लिए कानून में उम्रकैद और भारी जुर्माना शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में ऐसा कानून बनाने की राजनीति इच्छाशक्ति की कमी थी, क्योंकि उनमें से कई खुद बेअदबी की घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार लोगों को बचाने में शामिल थीं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग लगातार इंसाफ़ की मांग कर रहे थे, लेकिन पिछली सरकारों ने जानबूझकर कानून को कमज़ोर रखा। विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा ने राजनीतिक फ़ायदे के लिए पंजाब को लगातार धोखा दिया है। उन्होंने बादल परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी 25 साल तक पंजाब पर राज करने का दावा किया था, लेकिन आज उनके पास 25 वफ़ादार कार्यकर्ता भी नहीं बचे हैं।

पंजाबियों के मेहनती स्वभाव की तारीफ़ करते हुए मान ने कहा कि पंजाबियों ने दुनिया के हर कोने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन पंजाब खुद पीछे रह गया है क्योंकि पिछली सरकारों ने ऐसा सिस्टम बनाया जिसने ईमानदारी से तरक्की को रोका और भ्रष्टाचार और राजनीतिक दखल को बढ़ावा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राजनीतिक कमीशनखोरी के दौर को खत्म कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के उलट, भगवंत मान का रेत माइनिंग, ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट, ढाबों या दूसरे बिज़नेस डील में कोई फ़ाइनेंशियल इंटरेस्ट नहीं है।

बिजली क्षेत्र के बारे में बात करते हुए मान ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी जायदादों को बेचने के बजाय गोइंदवाल साहिब थर्मल पावर प्लांट खरीदकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने जानबूझकर सरकारी संस्थाओं को घाटे में धकेला और फिर उन्हें अपने फायदे के लिए बेच दिया। उन्होंने यह भी घोषण की कि पंजाब जल्द ही भारत का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जो बड़े पैमाने पर अंडरग्राउंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगा। मान ने कहा कि बिजली की लाइनों और खंभों को धीरे-धीरे हटाकर उनकी जगह अंडरग्राउंड फाइबर सिस्टम लगाए जाएंगे ताकि बिजली कटौती, फसलों में आग लगने और तूफानों के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

सिंचाई सुधारों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पूरे पंजाब में नहर नेटवर्क को काफी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब नहर के पानी का सिर्फ 25-26 परसेंट इस्तेमाल हो रहा था, जबकि अब यह आंकड़ा करीब 78 परसेंट तक पहुंच गया है और धान के सीजन में इसके और बढ़ने की उम्मीद है। मान ने दावा किया कि हजारों किलोमीटर नहरों और पुलियों को ठीक किया गया है, जिससे यह पक्का होगा कि पंजाब के हर खेत तक नहर का पानी पहुंचे। उन्होंने नहर के पानी को मिट्टी की उपजाऊ शक्ति और खेती के लिए बहुत फायदेमंद बताया।

शिक्षा सुधारों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, बिजली की उपलब्धता, स्टूडेंट-टीचर अनुपात और बेहतर एकेडमिक प्रदर्शन की वजह से पंजाब स्कूल शिक्षा में एक अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स की खास तौर पर परीक्षाओं में टॉप पोजीशन हासिल करने के लिए सराहना की। रोज़गार के मुद्दे पर मान ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भ्रष्टाचार या सिफारिश के, सिर्फ़ मेरिट के आधार पर 65,000 से ज़्यादा नौकरियां दी हैं। उन्होंने दोहराया कि राजनीतिक दखलअंदाज़ी की वजह से किसी भी काबिल उम्मीदवार के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। अपना भाषण खत्म करते हुए मान ने कहा कि एक खुशहाल और तरक्की वाला “रंगला पंजाब” बनाने के लिए पंजाबियों को मिलकर अपने पानी, खेती और जवानी की रक्षा करनी होगी।

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जुलाई के पहले दिन महंगाई से बड़ी राहत, LPG गैस सिलेंडर हुआ सस्ता

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साल के दूसरे आधे हिस्से के पहले दिन ही राहत भरी खबर आई है। रिपोर्टों के अनुसार, देश में वर्ष 2026 में पहली बार कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है। इसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3,000 रुपये से नीचे आ गई है।

इससे पहले पिछले छह महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें सात बार बढ़ाई गई थीं। इस अवधि में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 90 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आखिरी संशोधन 7 जून को किया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कमी की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 2,930 रुपये हो गई है। दूसरी ओर, तेल विपणन कंपनियों ने इस बार घरेलू उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं दी है। 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर ही बनी हुई है।

इस वर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया था। इन हमलों के बाद ईरान ने अपने नियंत्रण वाले होरमुज़ जलडमरूमध्य से कच्चे तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही रोक दी थी। आपूर्ति बाधित होने के कारण दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी हुई।

देश के अन्य शहरों में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कमी की गई है। लखनऊ में इसकी कीमत 3,236 रुपये से घटकर 3,052.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में अब यह सिलेंडर 3,081.50 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 3,255.50 रुपये थी। पटना में भी नई दरें लागू कर दी गई हैं, जहां 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3,227 रुपये हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल निर्यात से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। 1 जुलाई से पेट्रोल निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पहले 1.50 रुपये प्रति लीटर था।

लगातार बढ़ी थीं कीमतें

होरमुज़ जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के बाद भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार चार बार बढ़ोतरी की गई थी। भारी नुकसान का हवाला देते हुए तेल विपणन कंपनियों ने मार्च में 144 रुपये, अप्रैल में 195.50 रुपये और मई में 993 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद जून में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की वृद्धि की गई। इस तरह 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत चार किस्तों में कुल 1,374.50 रुपये बढ़ गई थी।

वहीं, 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी दो चरणों में कुल 89 रुपये बढ़ाई गई थी। तेल विपणन कंपनियों ने पहले मार्च में इसकी कीमत 60 रुपये बढ़ाई और इसके बाद जून में 29 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की।

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गायक गुरु रंधावा के जिम में हुई गोलीबारी मामले में कार्रवाई; दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ में 2 शूटर घायल

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पंजाबी गायक गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित ‘24 HS Fitness’ जिम में हुई गोलीबारी के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम विहार इलाके में स्थित इस जिम पर 11 जून को हुई फायरिंग की घटना के बाद फरार चल रहे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हकीकत और सागर के रूप में हुई है। दोनों को बुधवार रात एक मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस को उनकी मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। मुठभेड़ के दौरान दोनों शूटर घायल भी हो गए।

11 जून को हुई गोलीबारी की घटना ने उस समय हड़कंप मचा दिया था, जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने गुरु रंधावा के जिम को निशाना बनाते हुए फायरिंग की थी। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस केस में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले पिछले सप्ताह क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के बहादुरगढ़ से लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो अन्य शूटरों को भी गिरफ्तार किया था।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी के पीछे असली मकसद क्या था और क्या इस घटना का संबंध किसी धमकी, रंगदारी या गैंगवार से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और साजिश से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

फिलहाल दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस केस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का किया नेतृत्व, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और समग्र कल्याण का संदेश दिया।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसका उद्देश्य जीवन के हर चरण में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रभावी माध्यम बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

भारत और योग का संबंध सदियों पुराना है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रचा-बसा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। योग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को 175 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। तब से लेकर अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी जन-स्वास्थ्य पहलों में शामिल हो चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर ने एक बार फिर योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव—को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।

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