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Punjab

Mann सरकार ने पंजाब में प्लाट खरीदने वालों को दिया तोहफा, किया बड़ा ऐलान

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पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही में CM Mann ने लोगो को तोहफा दिया है | मुख्यमंत्री भगवंत मान ने “पंजाब अपार्टमेंट और संपत्ति विनियमन संशोधन विधेयक 2024” एक नया नियम साझा किया। बैठक में सभी ने इस नए नियम पर सहमति जताई और हाँ कहा।

मानसून सत्र के बैठक में, दो नेताओं, कुलदीप सिंह धालीवाल और प्रताप के बीच बड़ी बहस हुई, जिससे सभी तनाव में आ गए। फिर, मुख्यमंत्री, सीएम मान आए और दूसरे पक्ष के खिलाफ जोरदार तरीके से बोले। उन्होंने कहा कि हमें उन लोगों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करने की जरूरत है जो अवैध पड़ोस बनाते हैं ताकि बाद में सभी के लिए परेशानी न हो। सीएम मान ने समझाया कि अगर कोई 31 जुलाई से पहले इन अवैध मोहल्लों में जमीन का टुकड़ा खरीदता है, तो उसे पानी और बिजली प्राप्त करने के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।

लेकिन अगर कोई 31 जुलाई, 2024 के बाद जमीन खरीदता है, तो उसे यह साबित करने के लिए अपने कागजात दिखाने होंगे कि यह ठीक है। इसका मतलब यह नहीं है कि ये अवैध मोहल्ले वैध हो जाएंगे, लेकिन इसका मतलब यह है कि जमीन को नियमित माना जा सकता है। सीएम मान ने कहा कि 2 नवंबर तक लोग बिना किसी विशेष अनुमति के अपनी जमीन की रजिस्ट्री करा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब दूसरे नेता सत्ता में थे, तब कई अवैध मोहल्ले बनाए गए थे, और इस बारे में कुछ नहीं किया गया। अब ऐसे 14 हजार मोहल्ले हैं। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के बनाए गए स्थानों को तीन बार वैध बनाया गया है।

आज हम जिस नई योजना की बात कर रहे हैं, उससे लोगों को काफी पैसे बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने 31 जुलाई को इस योजना पर फैसला किया था और उसी दिन बैंक ने इसके बारे में कुछ विवरण भी पुष्टि की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अगर कोई पंजीकृत है तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर नहीं है तो 1 अक्टूबर को चुनाव होंगे। चुनाव के बाद 20 अक्टूबर को लोगों से पैसे मांगे जाएंगे और फिर आप 2 नवंबर तक पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई जमीन खरीदता है, तो उसे सबसे पहले इन्वेस्ट पंजाब पोर्ट एंड इन्वेस्टमेंट के कार्यालय में जाकर सारी जानकारी लेनी चाहिए। जमीन खरीदने के बाद, पेड़ों और अग्नि सुरक्षा सहित सभी चीजों की जांच करने के लिए टीम को केवल 14 दिन लगेंगे।

उन 14 दिनों के बाद, 15वें दिन, खरीदार को जमीन बेचने वाले व्यक्ति को एक विशेष कार्यालय में लाना होगा, जहां सहायता उपलब्ध है। मुख्यमंत्री, श्री मान ने कहा कि एक नया कानून उन लोगों की मदद करेगा, जिनके पास ऐसे क्षेत्रों में जमीन है, जिन्हें आधिकारिक तौर पर मंजूरी नहीं मिली है, चाहे उन्हें पता हो कि यह गलत है या नहीं। उन्होंने उल्लेख किया कि 2 नवंबर तक लोग विशेष अनुमति की आवश्यकता के बिना 500 वर्ग गज तक की जमीन के भूखंडों को पंजीकृत कर सकते हैं। उन्होंने प्रक्रिया में मदद करने के लिए अलग-अलग रंग के कागजों का उपयोग करके इसे आसान बना दिया है। जमीन खरीदने के लिए, पहला कदम एक ग्रीन पेपर प्राप्त करना है जो सभी लागतों को कवर करता है। यदि कोई नया क्षेत्र विकसित करना चाहता है, तो उसे एक लाल पेपर प्राप्त करना होगा, जो सभी आवश्यक सेवाएं प्रदान करेगा। यदि यह नया कानून स्वीकृत हो जाता है, तो इससे लाखों लोगों को मदद मिलेगी, और पंजाब के हर घर में बिजली का मीटर होगा और सरकारी सेवाओं तक पहुँच होगी। यह सुनिश्चित करना उनका काम होगा।

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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार

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एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।

हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।

कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।

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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश

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पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।

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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains

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एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।

पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।

इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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