National
कनाडा में विदेशी वर्कर्स को बड़ी राहत, Work Permit के नियमों में अहम बदलाव
कनाडा में पहले से रह रहे विदेशी कामगारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। कनाडा सरकार ने Work Permit Extension से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। नए नियम 21 अगस्त 2026 से लागू किए गए हैं, जिसके तहत पात्र विदेशी वर्कर्स को अपने परमिट से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा समय मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत, जिन विदेशी कामगारों के नियोक्ता की आवेदन प्रक्रिया अभी जारी है, उनके लिए Grace Period को 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया है। यानी अब इमिग्रेशन अधिकारी Work Permit आवेदन पर अंतिम फैसला लेने से पहले 90 दिनों तक इंतजार कर सकेंगे। इससे विदेशी कामगारों को अपने नियोक्ता की ओर से जरूरी सकारात्मक आवेदन जमा करवाने के लिए अतिरिक्त 30 दिनों का समय मिल सकेगा।
हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। कामगार का कनाडा में मौजूद होना जरूरी है और उसके मौजूदा Work Permit की अवधि खत्म होने में दो सप्ताह या उससे कम समय बचा होना चाहिए।
इसके अलावा, संबंधित कामगार के नियोक्ता की ओर से ESDC के पास पूरी आवेदन प्रक्रिया पहले से शुरू की गई होनी चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने वाले योग्य वर्कर्स को नए नियमों के तहत राहत मिल सकती है।
बताया जा रहा है कि इस बदलाव से उन विदेशी कामगारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिनका Work Permit खत्म होने वाला होता है और उन्हें नई मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है। नए नियमों से पात्र लोगों को अपना मौजूदा इमिग्रेशन स्टेटस बनाए रखते हुए कनाडा में कानूनी रूप से काम जारी रखने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कई देशों में विदेशी कामगारों और प्रवासियों से जुड़े नियमों को लेकर सख्ती देखने को मिल रही है। कनाडा में पहले से मौजूद पात्र विदेशी वर्कर्स के लिए यह बदलाव Work Permit Extension की प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त राहत देने वाला माना जा रहा है।
National
1 सितंबर से LPG से जुड़े बदलेंगे कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर
अगर आप घर में LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 सितंबर से LPG सिलेंडर और गैस कनेक्शन से जुड़े कुछ अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इन बदलावों का असर सीधे तौर पर गैस उपभोक्ताओं और उनकी जेब पर पड़ सकता है।
सबसे पहले बात LPG e-KYC की। LPG ग्राहकों के लिए e-KYC पूरा करना जरूरी किया गया है। इसकी अंतिम तारीख पहले 23 अगस्त बताई गई थी, जिसे बढ़ाकर 31 अगस्त किया गया था। ऐसे में जिन ग्राहकों ने अभी तक अपनी e-KYC पूरी नहीं की है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नियमों के अनुसार, e-KYC पूरी नहीं होने की स्थिति में LPG कनेक्शन को अस्थायी रूप से सस्पेंड किया जा सकता है। इसके अलावा, सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर का लाभ लेने में भी दिक्कत आ सकती है। इसलिए जिन ग्राहकों की e-KYC अभी बाकी है, उन्हें समय रहते इसे पूरा कर लेना चाहिए।
इसके साथ ही 1 सितंबर से घरेलू PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजना लागू किए जाने की बात कही जा रही है। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस की सुविधा पहुंचाना है।
अब बात LPG सिलेंडर की कीमतों की। तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 सितंबर को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव होता है या नहीं, इस पर उपभोक्ताओं की नजर रहेगी। कीमत बढ़ने या घटने का सीधा असर घर के मासिक बजट पर पड़ सकता है।
LPG रिफिल की बुकिंग को लेकर भी नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ग्राहकों के लिए दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच करीब 25 दिनों का अंतर होना चाहिए, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतर 45 दिन बताया गया है।
यानी 1 सितंबर से LPG ग्राहकों के लिए e-KYC, सिलेंडर की कीमत और रिफिल बुकिंग जैसे मामलों पर नजर रखना जरूरी होगा। अगर आप LPG कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी e-KYC की स्थिति जरूर जांच लें और गैस बुकिंग से जुड़े नियमों की भी जानकारी रखें, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।
international
जर्मनी ने रचा इतिहास, स्पेन को हराकर जीता हॉकी वर्ल्ड कप 2026
जर्मनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पेन को 1-0 से हराकर हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ जर्मनी ने लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। वहीं, यह जर्मनी का इतिहास में चौथा हॉकी वर्ल्ड कप खिताब है।
बेल्जियम के वावरे में खेले गए फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मैच के पहले हाफ में जर्मनी और स्पेन दोनों ही गोल करने में नाकाम रहे। तीसरे क्वार्टर में स्पेन ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया और जर्मनी के गोल पोस्ट पर कई हमले किए, लेकिन जर्मन डिफेंस ने शानदार बचाव किया।
मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल जर्मनी के मिशेल स्टुथाप ने 44वें मिनट में किया। स्पेन के हमले के बीच जर्मनी ने काउंटर अटैक का शानदार फायदा उठाया और गोल करके 1-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद स्पेन ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन जर्मनी की मजबूत डिफेंस लाइन को भेद नहीं सका।
आंकड़ों की बात करें तो स्पेन ने जर्मनी से ज्यादा आक्रामक खेल दिखाया। स्पेन ने 24 सर्कल एंट्री और 9 शॉट लगाए, जबकि जर्मनी की 12 सर्कल एंट्री और 5 शॉट रहे। इसके बावजूद जर्मनी ने अपने मौके का पूरा फायदा उठाया और एक गोल ही उसे विश्व चैंपियन बनाने के लिए काफी साबित हुआ।
इस खिताब के साथ जर्मनी के वर्ल्ड कप खिताबों की संख्या अब 4 हो गई है। उसने इससे पहले 2002, 2006 और 2023 में विश्व कप जीता था। चार खिताब के साथ जर्मनी अब पाकिस्तान की बराबरी पर पहुंच गया है, जिसने 1971, 1978, 1982 और 1994 में वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थी।
वहीं, स्पेन की टीम लंबे इंतजार के बाद 1998 के बाद पहली बार हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। टीम के पास इतिहास रचने का मौका था, लेकिन वह अपना पहला विश्व कप खिताब जीतने से एक बार फिर चूक गई।
जर्मनी के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। 2022 में कोच आंद्रे हेनिंग के नेतृत्व में आने के बाद जर्मनी ने कई बड़े खिताब अपने नाम किए हैं। अब 2026 का वर्ल्ड कप जीतकर टीम ने अपनी मजबूत स्थिति को एक बार फिर साबित कर दिया है।
वहीं, ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को 2-1 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। अर्जेंटीना की ओर से मथियास ने 59वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए निर्णायक गोल किया।
इस तरह हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का समापन जर्मनी के चैंपियन बनने के साथ हुआ। जर्मनी की यह ऐतिहासिक जीत हॉकी की दुनिया में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
National
मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर सड़कों पर उतरेगी काकरोच जनता पार्टी, 5 सितंबर को दिल्ली में मार्च
काकरोच जनता पार्टी ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक उसकी कई अहम मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सरकार हर बार अधूरे वादे करके अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।
पार्टी के मुताबिक, सरकार के सामने रखी गई चार प्रमुख मांगों में से तीन अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। इनमें पहली मांग आंदोलन के दौरान प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की है। दूसरी मांग छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और उनके खिलाफ आगे किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की है।
इसके अलावा पार्टी ने RAF और दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर भी माफी की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इन मांगों पर अभी तक संतोषजनक कदम नहीं उठाए गए हैं।
मांगें पूरी नहीं होने के विरोध में काकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को दिल्ली में एक बार फिर मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी ने अपने समर्थकों और आम लोगों से भी इस मार्च में शामिल होने की अपील की है।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों समेत कई मुद्दों को लेकर पार्टी ने 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। बाद में 25 जुलाई को सरकार की ओर से मिले आश्वासन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन खत्म कर दिया गया था।
अब पार्टी का कहना है कि तय समय के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण वह दोबारा आंदोलन की राह पर जा रही है। 5 सितंबर को होने वाले मार्च के जरिए पार्टी सरकार पर अपनी मांगें मानने का दबाव बनाएगी।
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