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पहली बार वोटर बनने वालों के लिए बड़ा बदलाव, अब Form-6 के साथ माता-पिता की SIR जानकारी भी देनी होगी

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पहली बार वोटर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब नए मतदाता के रूप में Form-6 भरने वाले प्रत्येक आवेदक को अपने माता-पिता की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी।

अब तक माना जा रहा था कि SIR से संबंधित जानकारी केवल पुराने मतदाताओं के लिए आवश्यक है, लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम अब पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा।

चुनाव आयोग के अनुसार, ऑनलाइन Form-6 भरते समय आवेदक को अपने माता-पिता का SIR विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा निर्धारित घोषणा (डिक्लेरेशन) किए बिना आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी।

आयोग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। इससे नए मतदाताओं का रिकॉर्ड परिवार के मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड से आसानी से जोड़ा जा सकेगा और फर्जी, डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।

चुनाव आयोग के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने से कई मामलों में आवेदकों को अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता भी कम हो सकती है। आयोग का मानना है कि यह कदम मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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भगवंत मान सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की लूट को खत्म करने के लिए उठाया ऐतिहासिक कदम, लाखों परिवारों को बड़ी मिलेगी आर्थिक राहत: कंग

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श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के लोकसभा मेंबर, मालविंदर सिंह कंग ने ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026’ के नोटिफिकेशन का स्वागत किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक और लोगों के हक में फैसला बताया और कहा कि यह पंजाब के अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी जीत है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का शुक्रिया अदा करते हुए, कंग ने कहा कि पंजाब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा वसूली जा रही मनमानी और गैर-कानूनी फीस से परिवारों को बचाने का अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह ऑर्डिनेंस सरकार की मज़बूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिखाता है, जो आम लोगों के हितों को ताकतवर प्राइवेट संस्थानों से ऊपर रखती है।

कंग ने आप के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का भी धन्यवाद किया औऱ कहा कि उन्होंने देश में शिक्षा सुधारों की नींव रखी और एक ऐसे शासन मॉडल को प्रेरित किया, जो पब्लिक पॉलिसी के केंद्र में क्वालिटी और सस्ती शिक्षा को रखता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने इस ऐतिहासिक सुधार के ज़रिए एक बार फिर उसी विज़न को आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि सालों से गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल अपनी मर्ज़ी से फीस बढ़ाकर और एजुकेशन को कमर्शियल बिज़नेस बनाकर अभिभावकों का शोषण कर रहे थे। इस ऑर्डिनेंस के लागू होने से ऐसी मनमानी पर रोक लगेगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने यह साफ़ कर दिया है कि किसी भी गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट शिक्षक संस्थाओं को पांच प्रतिशत से ज़्यादा फीस बढ़ाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता और अकाउंटेबिलिटी आएगी।

कंग ने कहा कि यह ऑर्डिनेंस पूरे पंजाब में लाखों परिवारों पर आर्थिक बोझ को काफी कम करेगा और उन अभिभावकों को बड़ी राहत देगा जो बिना किसी रोक-टोक के लंबे समय से लगातार बढ़ती फीस से जूझ रहे थे।

अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों से सीधी अपील करते हुए कंग ने कहा कि अगर कोई प्राइवेट स्कूल अब भी अपनी मर्ज़ी से फीस बढ़ाता है या किसी और तरह का शोषण करता है, तो अभिभावक तुरंत उनके ऑफिस में संपर्क करें। उन्होंने कहा कि प्लॉट नंबर 577, गिल्को वैली, सेक्टर 127, खरड़ में उनका ऑफिस हर दिन सुबह 9 बजे से खुलेगा ताकि ऐसी दिक्कतों का सामना कर रहे पेरेंट्स की मदद की जा सके।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह और उनकी टीम प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद देंगे और यह पक्का करेंगे कि किसी भी प्राइवेट स्कूल को कानून तोड़ने या पेरेंट्स का शोषण करने की इजाज़त न मिले। कंग ने दोहराया कि भगवंत मान की सरकार अभिभावकों के शोषण को खत्म करने और पंजाब के हर बच्चे के लिए शिक्षा को सस्ता, पारदर्शी और आसान बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां, CM भगवंत मान ने नियमित कर्मचारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में अब सरकारी नौकरियां सिफारिश या रिश्वत के आधार पर नहीं, बल्कि पूरी तरह योग्यता और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दी जा रही हैं। उन्होंने यह बात मोहाली के सेक्टर-62 स्थित विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही, जहां वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के नियमित (रेगुलर) किए गए कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। सरकार के कार्यकाल में दी गई हर सरकारी नौकरी केवल मेरिट के आधार पर दी गई है और इसमें किसी भी तरह की सिफारिश, भ्रष्टाचार या राजनीतिक हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास मजबूत करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ईमानदारी और योग्यता के आधार पर मिलने वाली नौकरियां ही युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नियमित किए गए कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब सरकार हमेशा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराती रहेगी।

इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम, अब 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे

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पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्य के निजी स्कूल अब सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले की जानकारी अपने आधिकारिक X अकाउंट के जरिए साझा की। उन्होंने राज्यपाल का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय पंजाब के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के हित में लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यादेश लागू होने के बाद कोई भी निजी स्कूल मनमाने ढंग से 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। सरकार का उद्देश्य निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाना और अभिभावकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करना है।

भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को कारोबार नहीं बनने देगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार हर बच्चे को किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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