Punjab
कोहली की खुलेआम पैरवी ने सिख हृदयों को गहरी चोट पहुंचाई: Prof. Sarchand Singh Khayala
सिख चिंतक एवं पंजाब भाजपा के प्रवक्ता प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने 328 पावन स्वरूपों के मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और बादल नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले में गिरफ्तार सतिंदर सिंह कोहली की खुलेआम पैरवी कर बादल नेतृत्व न केवल कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, बल्कि सिख भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंचा रहा है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि सुखबीर सिंह बादल का करीबी होने के कारण सतिंदर सिंह कोहली को बचाने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाया जा रहा है। खुले मंच से उसके पक्ष में खड़े होकर हर ‘लक्ष्मण रेखा’ पार की जा रही है, जो सिख समुदाय के लिए असहनीय है। उन्होंने कहा कि सिख संगत इस पूरे मामले पर जवाब चाहती है।
उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2020 में ईश्वर सिंह समिति की जांच रिपोर्ट में 328 पावन स्वरूपों की कमी सामने आई थी। इसके बावजूद, बीते पांच साल चार महीने में शिरोमणि कमेटी इन पावन स्वरूपों की तलाश के लिए एक भी ठोस कदम उठाने में विफल रही है। न तो यह बताया जा सका कि ये पावन स्वरूप कहां गए और न ही उनकी स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई।
प्रो. ख्याला ने कहा कि हाल ही में श्री अकाल तख्त साहिब से पांच सिंह साहिबान द्वारा प्रचारकों और विज्ञापनों के माध्यम से लापता पावन स्वरूपों की तलाश के आदेश इस बात का प्रमाण हैं कि न तो शिरोमणि कमेटी और न ही अकाल तख्त सचिवालय के पास इस गंभीर मामले से जुड़ी कोई ठोस जानकारी है। यह स्थिति शिरोमणि कमेटी की पूर्ण विफलता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि चवर तख्त के मालिक श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति इस तरह की असंवेदनशीलता यह दर्शाती है कि शिरोमणि कमेटी और बादल नेतृत्व अपने पंथक दायित्वों से पूरी तरह भटक चुके हैं। अकाल तख्त साहिब को ढाल बनाकर दी जा रही सफाइयों से सच्चाई नहीं छुपाई जा सकती। वास्तविकता यह है कि इन लोगों ने सिख संगत का भरोसा, नैतिक अधिकार और प्रतिष्ठा खो दी है।
प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने सवाल उठाया कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को अपने अधिकारों का तो पूरा ज्ञान है, लेकिन क्या वह जानबूझकर अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रही है? उन्होंने कहा कि सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 के तहत प्राप्त अधिकारों का हवाला बार-बार दिया जाता है, लेकिन उसी अधिनियम के तहत निर्धारित कर्तव्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारा अधिनियम की धारा 142 के अनुसार शिरोमणि कमेटी, उसके अध्यक्ष, सदस्य और कर्मचारी किसी भी प्रकार की लापरवाही, कर्तव्यहीनता या विश्वासघात के मामले में कानून से ऊपर नहीं हैं। ऐसे मामलों की सुनवाई का अधिकार सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग को है और अंतिम जवाबदेही उच्च न्यायालय तक जाती है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि यह मामला उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत दर्ज पुलिस केस से जुड़ा हुआ है। इसलिए शिरोमणि कमेटी और बादल नेतृत्व को यह समझना होगा कि वे केवल पंथक रूप से ही नहीं, बल्कि कानूनी रूप से भी अदालत के प्रति जवाबदेह हैं।
उन्होंने यह भी गंभीर प्रश्न उठाया कि 27 अगस्त 2020 को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार पारित प्रस्ताव संख्या 466, जिसमें दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया गया था, उसे बाद में प्रस्ताव संख्या 493 के जरिए रद्द कर केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित कर देना क्या अकाल तख्त साहिब के आदेशों का सीधा उल्लंघन नहीं है?
अंत में प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने कहा कि बादल नेतृत्व यह भ्रम पाल बैठा था कि पावन स्वरूपों की कमी की भरपाई धन से कर दी जाएगी, लेकिन जांच आयोग की रिपोर्ट पहले ही साफ कर चुकी है कि ऐसी सोच रखने वालों के लिए संदेश स्पष्ट है—
“आप मालिक के घर बख्शे नहीं जाएंगे।”
Punjab
सत्ता हथियाने और पंजाब को लूटने का मौकापरस्त संयोग है अकाली दल-भाजपा गठजोड़; लोग इसे सिरे से नकार देंगे: CM भगवंत सिंह मान
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन होने की चल रही चर्चाओं के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि दोनों पार्टियों का एक साथ आना, पंजाब के लोगों द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद राजनीतिक सत्ता हासिल करने की एक निराशाजनक कोशिश को दर्शाता है। अमलोह हलके के गाँव शमसपुर में लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन जनता की भलाई या किसी साझा विचारधारा के लिए नहीं, बल्कि उस राजनीति को जीवंत करने के लिए किया जा रहा है, जिसने नशों की पुश्तपनाही, किसान विरोधी नीतियों और बाँटो और राज करो के एजेंडे के ज़रिये पंजाब का नुकसान किया था।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस आंतरिक कलह और नेतृत्व की व्यक्तिगत इच्छाओं की भेंट चढ़ चुकी है। पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए जनकल्याण के प्रयासों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाबियों ने 2022 में ईमानदार शासन और विकास को चुना और वे अब लूट, धोखाधड़ी और निजी हितों की राजनीति को फिर से हावी नहीं होने देंगे।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया, “पंजाबी पहले ही पारंपरिक पार्टियों को नकार चुके हैं और वे ऐसे मौकापरस्त राजनीतिक समझौतों के ज़रिये उन्हें वापस नहीं आने देंगे, जो न तो किसी विचारधारा और न ही जनता की भलाई के हक में हैं।”
अकाली दल और भाजपा के उभरते गठबंधन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल-भाजपा गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए घातक साबित होगा क्योंकि यह किसी विचारधारा या जनकल्याण के सरोकार पर आधारित नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य पंजाब में सत्ता हथियाना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने सालों एक-दूसरे पर हमले किए और ज़हर उगला है। अब वे लोगों को बताएँ कि वे किस मुँह से जनता से समर्थन माँगेंगे। पंजाबी ऐसे राजनीतिक ड्रामों के छलावे में नहीं आएँगे और उन्हें करारा सबक सिखाएँगे।”
भाजपा को निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा ने हमेशा पंजाब विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है और बार-बार पंजाब के साथ भेदभाव किया है, जिससे सूबे के विकास और तरक्की को ख़तरे में डाला गया। भाजपा द्वारा थोपे गए किसान विरोधी कानूनों के ख़िलाफ़ संघर्ष के दौरान 700 से अधिक किसानों की जान गई। इस पार्टी ने लगातार पंजाब के साथ अन्याय किया है और अब धर्म के नाम पर लोगों को बाँटने की कोशिश कर रही है।”
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केंद्रीय एजेंसियाँ लगातार भाजपा के इशारे पर काम कर रही हैं और लोगों पर भगवा पार्टी का समर्थन करने के लिए दबाव बनाने और डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। राजनीतिक विरोधियों और यहाँ तक कि छोटे व्यापारियों को भी पार्टी हितों के लिए परेशान किया जा रहा है। ऐसे हथकंडों के ज़रिये विरोधियों को निशाना बनाकर भाजपा लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रही है और पंजाब ऐसी कार्रवाइयों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।”
अकाली दल के कार्यकाल के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं और नशों के मुद्दे पर तीखे हमले करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पार्टी ने बार-बार गुरबाणी के नाम पर वोट माँगे, लेकिन जब पंजाब में बेअदबी की घटनाएँ हुईं, जिन्होंने लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई, तो ये नेता गुरबाणी की पवित्रता की रक्षा करने में नाकाम रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों ने गुरबाणी के नाम पर वोट माँगे, लेकिन इसकी पवित्रता बरकरार रखने में असफल रहे। गुरु साहिबान की शिक्षाओं का बार-बार हवाला देने के बावजूद उनके शासन के दौरान बेअदबी की ऐसी घटनाएँ हुईं, जिन्होंने पंजाबियों के दिलों को ठेस पहुंचाई। जो लोग अपने कार्यकाल के दौरान विकास की बातें करते हैं, वे कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य दर्दनाक घटनाओं को आसानी से भूल जाते हैं, जहाँ मासूम जानें गई थीं।”
शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल अकाली सरकार के विकास की बातें करते हैं, लेकिन कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य घटनाओं से आँखें मूँद लेते हैं, जहाँ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई और बेकसूर लोगों की जानें गईं। अकालियों को पीढ़ियाँ बर्बाद करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का कारोबार फला-फूला।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इन नेताओं के हाथ उन लाखों नौजवानों के खून से रंगे हैं, जो राज्य भर में सप्लाई किए जाने वाले नशों की भेंट चढ़ गए। उनके गुनाह माफी के काबिल नहीं हैं और लोग उनके बुरे कारनामों की लंबी दास्तान को कभी नहीं भूल सकते। अकाली नेताओं ने अपने लंबे शासन के दौरान पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम नागरिकों पर अनगिनत ज़ुल्म किए।”
अकाली दल और भाजपा के बीच भविष्य में होने वाले किसी भी गठबंधन के ख़िलाफ़ चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दोनों पार्टियाँ अब अपनी सत्ता की भूख मिटाने के लिए फिर से हाथ मिलाना चाहती हैं। ऐसा गठबंधन पंजाब के लिए विनाशकारी साबित होगा क्योंकि इसका एकमात्र उद्देश्य राज्य की तरक्की को पटरी से उतारना और इसे फिर से काले दौर में धकेलना है। पंजाबी इन पार्टियों के चरित्र और नीयत को अच्छी तरह समझते हैं और ऐसे संकीर्ण सोच वाले गठबंधन का कभी समर्थन नहीं करेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक पार्टियों ने लोगों को सांप्रदायिक राह पर बाँटकर बार-बार उनका शोषण किया है। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों का पंजाब के संसाधनों को लूटने और आम नागरिकों का शोषण करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। पंजाब के लोग सर्वोपरि हैं और वे उस सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं, जो समाज के हर वर्ग के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है।”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उनके पास कार्यकर्ताओं से ज़्यादा मुख्यमंत्री बनने के चाहने वाले हैं। कांग्रेसी नेता सत्ता में वापसी के सपने देखते रहते हैं, लेकिन पार्टी आपस में बँटी हुई है और आंतरिक लड़ाइयों का अड्डा बनी हुई है। उनके पास पंजाब के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है और उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना है।”
उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेसी नेता पंजाब में सत्ता संभालने के सपने देख रहे हैं। पार्टी एकजुट नहीं है, जो अपने आंतरिक झगड़ों के कारण ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब के संसाधनों पर कब्जा करना है, लेकिन राज्य के लोग उनके मंसूबों से पूरी तरह वाकिफ हैं।”
2022 में लोगों द्वारा दिए गए ऐतिहासिक जनादेश को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के दशकों लंबे शासन के बाद पंजाब ने शासन में एक आदर्श बदलाव देखा है। उन्होंने कहा, “दशकों से पारंपरिक पार्टियाँ सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार करती रहीं। आज झाड़ू उन पार्टियों द्वारा पैदा की गई गंदगी को साफ कर रहा है। 2022 में लोगों ने सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाकर एक ईमानदार सरकार को सत्ता सौंप दी। उस ऐतिहासिक जनादेश ने पंजाब को बदल दिया है और हमें जनकल्याण के लिए अथक काम करने के योग्य बनाया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 2022 के जनादेश ने पंजाब को बदलने और इसे देश का अग्रणी राज्य बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026 के कार्यान्वयन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वाहेगुरु ने हमें इस ऐतिहासिक कानून के ज़रिये मानवता की सेवा करने का मौका बख्शा है। इस कानून के तहत बेअदबी के दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति को अब दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा के साथ-साथ 50 लाख रुपये का जुर्माना किया जा सकता है। अगर जुर्माना अदा नहीं किया जाता है तो संपत्ति कुर्क की जा सकती है और बेची जा सकती है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के नतीजों को याद रखें।”
इस कानून के बेअदबी के ख़िलाफ़ एक मजबूत निरोधक के रूप में काम करने की उम्मीद जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जिन्होंने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, उन्हें माफ नहीं किया जा सकता। हम भाग्यशाली हैं कि इस ऐतिहासिक कानून को लागू करके हमने अपनी जिम्मेदारी निभाई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं के ख़िलाफ़ निरोधक के रूप में काम करेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “यह कानून यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न करे। अगर पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा नहीं कर सकती तो कोई और नहीं करेगा। हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जो ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।”
आप सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा लोगों का है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर पैसा लोगों की भलाई पर खर्च किया जाए। लोगों का पैसा उन्हें बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और जनसेवाओं के ज़रिये वापस किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, 67,000 से अधिक नौजवानों को बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं, सड़कों को अपग्रेड किया जा रहा है, टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे रोज़ाना 70 लाख रुपये की बचत हो रही है और बुनियादी ढाँचे से संबंधित व्यापक प्रोजेक्ट प्रगति के अधीन हैं।”
सिंचाई सुधारों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब हमने सत्ता संभाली थी, तब सिंचाई के लिए सिर्फ 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था। आज यह आँकड़ा 80 प्रतिशत को पार कर गया है।”
सिंचाई बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने से संबंधित किए गए प्रयासों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने राज्य भर में 14,000 किलोमीटर पाइप लाइनें बिछाई हैं और खालों को बहाल किया है और उनके ज़रिये 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। यह पानी दो भाखड़ा नहरों द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी के बराबर है और इससे किसानों को बेहद लाभ होगा।”

सिंचाई बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के प्रयासों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने राज्य भर में 14,000 किलोमीटर पाइप लाइनें और रजवाहे निकाले हैं और उनके ज़रिये 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। यह दो भाखड़ा नहरों द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी के बराबर है और इसका किसानों को बहुत लाभ होगा।”
ज़मीन के नीचे पानी के स्तर को सुधारने के उद्देश्य से किए गए उपायों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में ज़मीन के नीचे पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ गया है। यह एक तरह से पंजाब के भविष्य के लिए निवेश है क्योंकि पानी के बिना पंजाब की पहचान ही खतरे में है।”
सामाजिक बदलाव में शिक्षा की भूमिका पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कोई भी रियायत या कल्याण कार्ड गरीबी को स्थायी तौर पर खत्म नहीं कर सकता। सिर्फ शिक्षा ही परिवारों को ऊपर उठा सकती है, जीवन बदल सकती है और लोगों को गरीबी से मुक्त करने में मदद कर सकती है।”
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की प्रगति का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “निरंतर सुधारों के कारण पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल-स्कूल शिक्षा में अग्रणी स्थान प्राप्त करने के लिए केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार सालों में ‘आप’ सरकार ने स्कूलों को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं, मानक अध्यापक ट्रेनिंग प्रदान की है और शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाया है। आज पंजाब इन प्रयासों के कारण शीर्ष पर है।”
हालिया रैंकिंग का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नीति आयोग ने नए आँकड़े जारी किए हैं जो दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल-स्कूल शिक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने के लिए केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछले चार सालों से ‘आप’ सरकार ने अध्यापक ट्रेनिंग, आधुनिक शिक्षण विधियों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है। पहले केरल शीर्ष स्थान पर होता था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान प्राप्त किया है। हम भविष्य में और भी बड़े प्रयास जारी रखेंगे।”
शिक्षा को सामाजिक बदलाव के लिए सबसे शक्तिशाली साधन बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधेरे को दूर करता है और समाज को बदलता है। इसीलिए हमारी सरकार इस क्षेत्र को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही है।”
स्वास्थ्य सेवा पहलों पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है।” उन्होंने आगे कहा, “30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही अपने सेहत कार्ड प्राप्त कर चुके हैं और लोगों ने इस योजना के तहत लगभग 650 करोड़ रुपये का इलाज हासिल किया है। मैं सभी पात्र परिवारों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूँ।”
किसानों के लिए बिजली सप्लाई में सुधारों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को धान के सीजन के दौरान आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली सप्लाई मिली है, जिससे उनके जीवन में काफी सुधार हुआ है।”
‘मावां धियां सतिकार योजना’ का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने यह योजना शुरू की है, जिसके तहत 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह प्राप्त होंगे। पात्र लाभार्थियों को पहली जुलाई से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।”
लोक मिलनी को लोगों से सीधे जुड़ने का मौका बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कोई राजनीतिक समारोह नहीं है, बल्कि नागरिकों से सीधे संपर्क का मंच है। पंजाब में सरकारें आईं और गईं, लेकिन लोगों की किसी ने परवाह नहीं की। पारंपरिक पार्टियों ने शासन को खेल समझा और पंजाब के संसाधनों को बुरी तरह लूटा। लोगों ने ‘झाड़ू’ में अपना विश्वास दिखाकर ऐसी लुटेरी पार्टियों को जवाब दिया और लोगों का भरोसा बनाए रखते हुए राज्य भर में स्कूलों, अस्पतालों और जनसेवाओं की तस्वीर बदल दी गई है।”
Punjab
भगवंत मान सरकार द्वारा दिल्ली हवाई अड्डे के लिए लग्जरी बसों के बेड़े का विस्तार; परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 5 नई सुपर इंटीग्रल वोल्वो बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पनबस की पांच नई सुपर इंटीग्रल वोल्वो कोच बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जालंधर और लुधियाना से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक संचालित होंगी। इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, प्रवासी भारतीयों तथा आम यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और किफायती यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे पंजाब के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और अधिक मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह महत्वपूर्ण पहल राज्य में ट्रांसपोर्ट माफिया के प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और दैनिक सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत प्रदान करेगी।”
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए बस सेवा शुरू करने के पीछे की सोच पर प्रकाश डालते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जनकल्याण और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे के लिए बस सेवा की शुरुआत सबसे पहले 15 जून 2022 को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान तथा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा जालंधर बस अड्डे से की गई थी।
परिवहन मंत्री ने आगे घोषणा की कि आम जनता और प्रवासी भारतीय समुदाय की सुविधा के लिए परिवहन विभाग द्वारा पनबस के बेड़े में कुल 15 नई सुपर इंटीग्रल कोच बसें शामिल की जा रही हैं। उन्होंने कहा, “पहली पांच प्रीमियम बसें आज सफलतापूर्वक रवाना कर दी गई हैं और शेष बसें आने वाले दिनों में यात्रियों की सुविधाओं और आराम को और बढ़ाएंगी।”
समय-सारिणी की जानकारी देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ये पांच नई लग्जरी बसें प्रतिदिन जालंधर बस अड्डे से सुबह 6:50 बजे, 7:40 बजे, 9:10 बजे, दोपहर 2:27 बजे तथा रात 11:30 बजे रवाना होंगी। वहीं लुधियाना बस अड्डे से इनके प्रस्थान का समय सुबह 8:20 बजे, 9:15 बजे, 11:20 बजे, शाम 4:20 बजे तथा रात 12:20 बजे निर्धारित किया गया है।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पंजाब के लिए वापसी सेवाएं सुबह 4:40 बजे, सुबह 9:00 बजे, शाम 5:20 बजे, शाम 7:30 बजे तथा रात 9:40 बजे उपलब्ध होंगी। इससे पंजाब के लोगों और प्रवासी भारतीयों को अत्यंत किफायती किराए पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा।
सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पूरे राज्य में बस बेड़े के विस्तार का एक व्यापक कार्यक्रम पहले से चल रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संचालन में कुल 696 नई बसें शामिल की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पनबस में 100 नई साधारण बसें, 100 नई एचवीएसी (वातानुकूलित) बसें तथा किलोमीटर स्कीम के तहत 10 अतिरिक्त सुपर इंटीग्रल कोच बसें शामिल की जा रही हैं। वहीं पीआरटीसी को इसी योजना के तहत 245 नई साधारण बसों से सशक्त बनाया जा रहा है। ये नई बसें पूरे पंजाब में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार करेंगी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक पवन कुमार टीनू तथा स्टेट ट्रांसपोर्ट, पंजाब के निदेशक एवं पनबस के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
Punjab
देश की स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा पंजाब, 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की गई – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
वर्तमान समय में पंजाब नवीन विचारों, विशिष्ट सोच और उद्यमी युवाओं द्वारा लीक से हटकर पहलकदमियां करने के कारण विकास की नई कहानी रच रहा है, जिसकी वजह से राज्य देश भर में सबसे पसंदीदा स्टार्टअप स्थल के रूप में उभर रहा है जहां युवा अपने विचारों को व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बदल रहे हैं।
इस सोच की पैरवी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 31 स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे, जिससे राज्य के अंदर ही नौकरियों और कमाई के अवसर पैदा हों।
स्टार्टअप को पंजाब के भविष्य के आर्थिक विकास का मुख्य स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है कि किसी भी शानदार उद्यम को वित्तीय सहायता की कमी के कारण छोड़ा न जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पंजाब स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है, जिसमें 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये उद्यम रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेंगे और युवाओं में नौकरियों की तलाश में विदेश जाने के रुझान को कम करने में मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, किसानों को दिन में बिजली सप्लाई और कई अन्य सुधारों जैसी पहलकदमियों से यह पता चलता है कि कैसे नए विचार लोगों को सीधा लाभ पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार में मिल रहे भरपूर समर्थन के साथ पंजाब, भारत का स्टार्टअप हब बनने के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है।
स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट वितरित करने संबंधी समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, खासकर हमारे युवा उद्यमियों के लिए जो नए विचारों के साथ अपना कारोबारी सफर शुरू कर रहे हैं। 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट दी जा रही है। 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। ये युवा उद्यमी अपने विचारों के माध्यम से सपनों को साकार कर रहे हैं और वे इस सहयोग के हकदार हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी (आप) खुद एक ऐसे विचार से पैदा हुई थी जब देश में परिवारवाद की राजनीति का दबदबा था और आम आदमी को अनदेखा कर दिया गया था। कई पहलुओं से ‘आप’ एक स्टार्टअप भी थी जिसने झाड़ू के अपने प्रतीक के साथ राजनीतिक व्यवस्था को साफ किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया और ईमानदार सरकार को मौका दिया। उस फैसले ने पंजाब को बदल दिया है और इसे देश का एक अग्रणी राज्य बना दिया है।”

पंजाबियों की उद्यमी भावना को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाबी अपनी मेहनत, जज्बे और उद्यम के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उसी भावना से प्रेरित होकर हमारे युवा नए उद्यम शुरू कर रहे हैं और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ कारोबार नहीं चला रहे, वे पंजाब के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं।”
पंजाबी मूल के सफल उद्यमियों के उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत और दुनिया भर में बहुत सी सफल कंपनियां पंजाबियों द्वारा स्थापित या सह-स्थापित की गई हैं। जोमैटो, ओला और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां इसकी उदाहरण हैं कि कैसे पंजाबियों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है। पंजाबी जहां भी जाते हैं, वे कारोबार स्थापित करते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य है कि सफल संस्थापकों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे।”
इनोवेशन इको-सिस्टम (नवीनतम प्रणाली) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सीड मनी ( स्टार्टअप के लिए सहायता राशि) प्रदान करने का उद्देश्य स्टार्टअप्स पर आने वाले शुरुआती बोझ को कम करना और उन्हें अपने विचारों को हकीकत में बदलने तथा आगे बढ़ने का भरोसा देना है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नवाचार के केंद्र बनना चाहिए जहां विचार क्लासरूम से परे उत्पाद, सेवाएं, कंपनियां और समाधान की नींव बनते हैं।”
अपने विदेशी दौरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दक्षिण कोरिया के पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड्स के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर में उन्होंने देखा कि कैसे एक योजनाबद्ध इनोवेशन इको-सिस्टम पूरे क्षेत्र को बदल सकता है। इस मॉडल से पता लगता है कि जब इको-सिस्टम को सही ढंग से डिज़ाइन किया जाता है तो विचार विश्व स्तरीय कंपनियों की नींव बन सकते हैं। इसी तरह नीदरलैंड्स में वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर के अपने दौरे के दौरान मैंने देखा कि कैसे इनोवेशन नई तकनीकों की टेस्टिंग, लागूकरण और व्यावसायीकरण के माध्यम से खेतीबाड़ी और बागबानी को बदल सकती है।”
पंजाब की कृषि क्षमता के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में भविष्य का विकास उच्च-मूल्य वाली खेतीबाड़ी, एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, सुरक्षित खेती, कोल्ड चेन और एग्री-लॉजिस्टिक्स के माध्यम से होना चाहिए। हमारे किसान हमेशा प्रगतिशील रहे हैं और पंजाब सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नए कारोबारी मॉडलों तक पहुंच प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्टार्टअप्स रोजगार के अवसर पैदा करके और युवाओं में भरोसा बहाल करके पंजाब में सार्थक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हर उद्यमी पंजाब का ब्रांड एंबेसडर बने। आप जहां भी जाएं, पंजाब का नाम रोशन करें और दुनिया को बताएं कि पंजाब नवाचार के लिए तैयार है, पंजाब स्टार्टअप के लिए तैयार है और पंजाब भविष्य के लिए तैयार है।”
पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम आपका साथ देंगे, आपकी बात सुनेंगे, आपका समर्थन करेंगे और आपके सामने आने वाली हर मुश्किल का समाधान करेंगे। जिस तरह एक छोटे बीज को स्वस्थ पौधे में बदलने के लिए पानी, पोषण और देखभाल की जरूरत होती है, उसी तरह एक उद्यमी के विचार को सफल कारोबार में बदलने के लिए शुरुआती वित्तीय सहायता की जरूरत होती है। बहुत से शानदार विचार असफल हो जाते हैं क्योंकि उद्यमियों के पास शुरुआती चरणों में संसाधनों की कमी होती है, लेकिन पंजाब सरकार फंडों की कमी के कारण युवा उद्यमियों के सपनों को टूटने नहीं देगी।”
नीतिगत पहलकदमियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये सीड ग्रांट्स पंजाब के युवाओं के सपनों को साकार करने में मदद करेंगी। ‘स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट की राशि 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। हमारा लक्ष्य है कि युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों की बजाय नौकरी पैदा करने वाले बनाया जाए।”
युवा उद्यमियों के साथ भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कभी भी छोटा मत सोचो। बड़े सपने देखो। अपनी नजरें विश्व स्तर पर मुकाबला करने वाली वैश्विक कंपनियां बनाने पर रखो। जब तुम सफल होगे, तो तुम अकेले सफल नहीं होगे। तुम अपने माता-पिता, अपने समुदाय और पंजाब का मान बढ़ाओगे।”
पंजाब के स्टार्टअप इको-सिस्टम में भरोसा जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे खेतीबाड़ी, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गवर्नेंस, टेक्सटाइल और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में और स्टार्टअप्स उभरते देखकर खुशी हो रही है। ये 31 स्टार्टअप्स नए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और पूरे पंजाब के हजारों युवाओं के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेंगे।”
नवाचार-आधारित विकास के प्रति सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नवाचार, दृढ़ता और उद्यमिता आर्थिक विकास की प्रेरक शक्तियां हैं। साथ मिलकर हम एक खुशहाल, नवाचारी और विश्व स्तर पर मुकाबले वाला पंजाब बनाएंगे। यह सहायता सिर्फ वित्तीय सहायता नहीं है बल्कि यह आपके विचारों, आपकी हिम्मत और अपने भविष्य के लिए पंजाब सरकार के विश्वास को दर्शाती है। दुनिया की हर बड़ी कंपनी ने एक छोटे स्तर से शुरुआत की। पूर्ण विश्वास, सख्त मेहनत, सही समर्थन और जोखिम लेने की हिम्मत ने उन विचारों को वैश्विक स्तर के उद्यमों में बदल दिया।”
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसे कार्यक्रम कभी भी पिछली सरकारों के एजेंडे पर नहीं थे, जिन्होंने पंजाब को बर्बाद किया और हमारे राज्य के संसाधनों को लूटा। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है कि युवा ऐसी पहलकदमियों से लाभ उठाएं और पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने में मदद करें। पंजाब पहले ही स्वास्थ्य, शिक्षा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में मानदंड स्थापित कर रहा है। सड़क सुरक्षा फोर्स, किसानों को दिन में बिजली प्रदान करना, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और हाई-टेंशन पावर केबलों का भूमिगत बिछाना जैसी पहलकदमियां, ये सभी नवाचारी विचारों के उदाहरण हैं जो पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, पंजाब विकास आयोग की वाइस चेयरपर्सन सीमा बांसल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य गुरकिरत कृपाल सिंह, निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य जसप्रीत सिंह और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
युवा उद्यमियों के लिए ‘स्टार्टअप पंजाब सीड ग्रांट’ पहल का क्या अर्थ है?
भगवंत मान सरकार ने राज्य के स्टार्टअप इको-सिस्टम को मजबूत करने और युवाओं के नेतृत्व वाले उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट्स वितरित कीं। इस पहल के तहत 7 स्टार्टअप्स को 5 लाख रुपए की ग्रांट मिली, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3 लाख रुपए की ग्रांट मिली ताकि नवाचारी विचारों को व्यावहारिक कारोबारों में बदला जा सके।
इस सहायता का उद्देश्य उद्यमियों को उनके उद्यमों के शुरुआती चरणों के दौरान आने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है।
यह सहायता ‘पंजाब स्टार्टअप और उद्योग नीति-2026’ के तहत प्रदान की जा रही है, जिसने योग्य स्टार्टअप्स के लिए सीड ग्रांट सहायता को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। यह नीति युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों की बजाय नौकरी पैदा करने वाले बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने की कोशिश पर आधारित है।
चयनित स्टार्टअप्स खेतीबाड़ी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, शासन, टेक्सटाइल और विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास को अगले चरण की ओर ले जाने की क्षमता रखते हैं।
इस पहल का उद्देश्य राज्य में ही अवसर पैदा करके युवाओं के पलायन की चुनौती का समाधान करना भी है। पंजाब सरकार को उम्मीद है कि ये स्टार्टअप्स रोजगार पैदा करेंगे, अन्य युवाओं को उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे और राज्य में मजबूत नवाचार-पक्षी व्यवस्था बनाने में योगदान देंगे। दक्षिण कोरिया की पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर जैसे वैश्विक इनोवेशन हबों से प्रेरणा लेकर पंजाब सरकार ऐसा माहौल बनाने के लिए काम कर रही है, जहां पंजाब में विकसित किए गए विचार राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर मुकाबले वाले उद्यम में विकसित हो सकें।
-
Religious3 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious3 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious3 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious3 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |