Business
India giving startups new direction, नौकरी छोड़ बिजनेस पर फोकस ज्यादा
Startups: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में Startup India की शुरुआत की थी, जिसका मकसद भारत में स्टार्टअप सेक्टर और इनोव्शन को प्रोत्साहित करना था। जो कि विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाओं को खोल रहा है। ये स्टार्टअप्स न केवल अपने उद्यमिता को समृद्ध कर रहे हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी विकास के माध्यम बन रहे हैं। दरअसल, भारत में स्टार्टअप कल्चर के कारण यहाँ पर नए-नए उद्यमियों के लिए रोजगार के नए स्रोत उत्पन्न हो रहे हैं और नई तकनीकों और आधुनिक सोच के साथ आज का युवा आगे बढ़ रहा है।
स्टार्टअप्स ने E-learning को दिया एक नया रूप
इन स्टार्टअप्स के माध्यम से, युवाओं को नए कौशल और अनुभव प्राप्त हो रहे हैं, जो उन्हें न केवल अपने व्यावसायिक सपनों को पूरा करने में मदद कर रहे हैं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए भी बेहतर तैयार कर रहे हैं। स्टार्टअप्स में सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है ई-लर्निंग। आजकल कोडिंग से लेकर डिजाइनिंग तक हर तरह की चीज को ई-लर्निंग के माध्यम से सीखा जा सकता है। स्टार्टअप्स ने आज की तेज और बदलती दुनिया में शिक्षा को एक नया रूप दिया है। इंटरनेट की मदद से आप कही से भी, कुछ भी देख सकते हैं और सीख सकते हैं। यह न केवल बच्चों के लिए है, बल्कि युवा, प्रोफेशनल्स, और बुजुर्गों के सीखने के लिए भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म है। इससे न केवल हमारे ज्ञान में विस्तार होता है, बल्कि हमारे करियर के लिए नए रास्ते खुलते है
10 साल में 300 गुना बढ़े स्टार्टअप्स
स्टार्टअप्स का जादू भारतीय युवाओं पर जमकर सवार है। इसके दस साल के सफर में, भारतीय स्टार्टअप्स की संख्या में लगभग 300 गुना वृद्धि हुई। 2014 में सिर्फ 350 स्टार्टअप्स थे, और आज, यहाँ स्थिति बदल गई है – भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में पहचाना जाता है।
आज के युवा नए और अद्भुत आइडियों के साथ न केवल अपने व्यवसायों को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि रोजगार के नए स्रोत भी खोल रहे हैं। वे अपने नए आइडियाज के माध्यम से समस्याओं को समाधान भी कर रहे है।
इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि सरकारी नीतियाँ और प्रोत्साहन, नवाचारी विचारधारा, बदलते बाजार की मांग, और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के प्रयोग में वृद्धि।
बच्चों की स्किल्स डेवलप कर रहे स्टार्टअप्स
बच्चों के स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने वाले ये स्टार्टअप कमाल के काम कर रहे हैं। अब बच्चे ऑनलाइन सीख कर खुद को बेहतर बना रहे हैं। इससे न केवल उनके नए ज्ञान का विकास हो रहा है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
बच्चों को सीखने में मदद करने वाले कुछ स्टार्टअप्स हैं, जैसे:
Coding Kids – यह बच्चों को कंप्यूटर कोडिंग और प्रोग्रामिंग सिखाता है।
Great Learnings – यह साइंस, मैथ और इंजीनियरिंग के कॉन्सेप्ट को समझाता है।
Kidzo – यह बच्चों के लिए Excellent Educational Tools और कंटेंट प्रदान करता है।
Children’s Special – यह बच्चों को आर्ट, म्यूजिक और डांस सिखाता है।
Junior Entrepreneurs- यह बिजनेस और उद्योग के बारे में शिक्षा देता है।
स्टार्टअप्स में इन कंपनियों का रहा शानदार प्रदर्शन
भारतीय स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे है। करीब 20 कंपनियाँ तेजी से यूनिकॉर्न क्लब की ओर बढ़ रही हैं। पिछले साल की तुलना में, केवल Zepto और Incred ही यूनिकॉर्न क्लब का हिस्सा बन पाए थे। लेकिन इस बार अन्य कंपनियां भी इस क्लब में शामिल होने के लिए तैयार है। Bookmyshow, fintech Navi, Paymate, Refine, Clear, Ind Money, Jupiter, agritech firm Ninjacart और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Biz on Go – ये सभी यूनिकॉर्न क्लब का हिस्सा बन सकते है।
भारत में स्टार्टअप के लिए सरकार क्या मदद करती है?
भारत में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं और उपाय किए हैं।
स्टार्टअप इंडिया: भारत सरकार ने “स्टार्टअप इंडिया” अभियान शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नई और नवाचारी व्यवसायों को स्थापित करना है।
स्टार्टअप फंड: सरकार ने स्टार्टअप फंड स्थापित किया है जिसमें वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है ताकि स्टार्टअप कंपनियों को सहारा मिल सके।
निवेशकों का समर्थन: सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित किया है, जिससे उन्हें स्टार्टअप्स में निवेश करने का साहस मिल सके।
फिस्कल और कानूनी प्रोत्साहन: सरकार ने कई फिस्कल और कानूनी उपाय लिए हैं, जैसे कि निर्धारित अवधि के लिए छूट और टैक्स छूट।
भारतीय अर्थव्यवस्था की समृद्धि के लिए स्टार्टअप्स का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, और उभरता हुआ क्षेत्र तेजी से बढ़ते हुए नए रोजगार उत्पन्न कर रहा है। वित्त मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार के प्रोत्साहन उसे और मजबूत बना रहे है। आगे बढ़ते हुए, हमें इस प्रगति को बनाए रखने के लिए स्टार्टअप्स के समर्थन के लिए नई पहलों की आवश्यकता है। यह न केवल नए रोजगार के रूप में निरंतर योगदान करेगा, बल्कि नई और उन्नत तकनीकी और आर्थिक संरचनाओं को भी जन्म देगा। हमें आगे बढ़ने के लिए इस नए दिशा में सम्मिलित होने की आवश्यकता है।
Business
चांदी दो दिन में ₹44,116 बढ़ी, ₹3.61 लाख/kg पहुंची:28 दिन में ₹1.31 लाख महंगी हुई; सोना ₹4,926 हजार महंगा,₹1.63 लाख पर पहुंचा
चांदी-सोने के दाम लगातार तीसरे दिन ऑल टाइम हाई पर हैं। आज 29 जनवरी को एक किलो चांदी की कीमत 17,257 रुपए बढ़कर 3,61,821 रुपए किलो पर पहुंच गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने यह जानकारी दी है।
दो दिन में चांदी की कीमत 44,116 रुपए महंगी हुई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत ₹3,17,705 रुपए किलो थी। इस साल अब तक सिर्फ 28 दिन में ही ये 1.31 लाख रुपए महंगी हो चुकी है।
वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 4,926 रुपए बढ़कर 1,63,827 रुपए पर पहुंच गया है। दो दिन में सोना 9,517 महंगा हुआ है। इससे पहले सोने का भाव 23 जनवरी को 1,54,310 रुपए/10g था।
कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत
| कैरेट | भाव (रुपए/10 ग्राम) |
| 24 | ₹1,63,827 |
| 22 | ₹1,50,066 |
| 18 | ₹1,22,870 |
| 14 | ₹95,839 |
देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत
| शहर | 10 ग्राम 24 कैरेट |
| दिल्ली | ₹1,65,300 |
| मुंबई | ₹1,65,170 |
| कोलकाता | ₹1,65,170 |
| चेन्नई | ₹1,67,340 |
| जयपुर | ₹1,65,300 |
| भोपाल | ₹1,65,200 |
| पटना | ₹1,65,200 |
| लखनऊ | ₹1,65,300 |
| रायपुर | ₹1,65,170 |
| अहमदाबाद | ₹1,65,200 |
28 दिन में सोना ₹30,632 और चांदी ₹1,31,401महंगी हुई
इस साल जनवरी के 28 दिन में ही चांदी 1,31,401 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 3,61,821 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।
वहीं सोने की कीमत 30,632 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 1,63,827 रुपए हो गया है।
सोने में तेजी के 3 बड़े कारण
- ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जिद और इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी ने वैश्विक बाजारों बाजारों अस्थिरता बढ़ गई है। जब भी दुनिया में ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर भागते हैं।
- रुपए की रिकॉर्ड कमजोरी : भारत में सोने की कीमत केवल वैश्विक दरों पर नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती है। आज रुपया डॉलर के मुकाबले ₹91.10 के ऑल-टाइम लो पर है। LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, रुपए की कमजोरी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदे जाने वाले सोने की लैंडिंग कॉस्ट भारत में बहुत महंगी हो गई है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें ₹1.5 लाख के पार निकल गईं।
- सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (जैसे भारत का RBI) अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने का स्टॉक बढ़ा रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी सेंट्रल बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं।
चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
- ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
- मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
₹1.90 लाख तक जा सकता है सोना
रिसर्च हेड डॉ रेनिशा चैनानी के अनुसार, अगर अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो सोना 2026 में 1,90,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं चांदी 4 लाख रुपए तक जा सकती है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है।
अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है।
Business
Gold Silver Price: पहली बार चांदी की कीमत पहुंची 3 लाख के पार; जानें क्या है आज सोने का भाव
Gold Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर उड़ान भरनी शुरू कर दी है. MCX पर चांदी के दाम ने आज पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़कर नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना लिया है. मार्च 2026 कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी के दाम में 13000 से ज्यादा का इजाफा हुआ और चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई. सुबह 11:33 बजे चांदी के दाम में 12952 रुपये की तेजी दिख रही है. इसके बाद चांदी का भाव 300714 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. 11 बजे के करीब चांदी कीमत 301315 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर थी.
दूसरी ओर सोने के भाव में भी इजाफा देखा गया है. सोने के दाम में 2403 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई, जिसके बाद सोने का दाम भी 144920 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
आज (19 जनवरी 2026) का ताजा भाव :
बाजार खुलते ही सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया. MCX पर चांदी 301315 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. सुबह के सत्र में इसमें 12,000 से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई. वहीं 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 145500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया. इसमें प्रति 10 ग्राम करीब 2500 रुपये से ज्यादा की बढ़त देखी गई. वहीं 22 कैरेट सोने का भाव भी बढ़कर करीब 133200 के आसपास पहुंच गया है.
चांदी 3 लाख के पार क्यों पहुंची?
ग्रीनलैंड विवाद और टैरिफ की धमकी:
आज की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान है. ट्रंप ने घोषणा की है कि वह फ्रांस, जर्मनी और यूके सहित 8 यूरोपीय देशों पर 10% से 25% तक का टैरिफ (आयात शुल्क) लगाएंगे. यह कदम उन देशों के खिलाफ है जो अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने की योजना का विरोध कर रहे हैं.
ट्रेड वॉर की आशंका:
इस बयान से अमेरिका और यूरोप के बीच ‘ट्रेड वॉर’ (व्यापार युद्ध) का खतरा बढ़ गया है. जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में ऐसी अस्थिरता आती है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने-चांदी जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ (Safe Haven) में लगाने लगते हैं.
डॉलर में कमजोरी:
ट्रंप की नीतियों के कारण डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी खरीदना सस्ता हो गया है और मांग बढ़ गई है.
औद्योगिक मांग:
चांदी का उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और चिप मेकिंग में तेजी से बढ़ रहा है, जबकि इसकी सप्लाई सीमित है.
चांदी ने एक साल में मालामाल कर दिया:
चांदी ने पिछले एक साल में करीब 192% का रिटर्न दिया है, जो किसी भी अन्य एसेट क्लास (शेयर या प्रॉपर्टी) से कहीं ज्यादा है. जहां अप्रैल 2025 में चांदी 95,000 के आसपास थी, वहीं आज यह 3 लाख को पार कर चुकी है.
Business
चांदी ने बनाया इतिहास, ₹2.45 लाख के ऑल टाइम हाई पर पहुंची सोना भी ₹1.37 लाख के पार, निवेशकों की सुरक्षित पसंद बरकरार
भारतीय सर्राफा बाजार में आज बड़ा रिकॉर्ड बना है। चांदी पहली बार ₹2.45 लाख प्रति किलो के करीब पहुंच गई है, जबकि सोना भी मजबूती के साथ ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वैश्विक हालात, डॉलर की कमजोरी और औद्योगिक मांग ने कीमतों को नई ऊंचाई दी है।
चांदी का ऑल टाइम हाई, एक दिन में ₹7,725 की छलांग
6 जनवरी को चांदी ने इतिहास रच दिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत एक ही दिन में ₹7,725 बढ़कर ₹2,44,788 हो गई। इससे पहले यह ₹2,37,063 प्रति किलो थी। बीते 10 दिनों में चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद रुझान मजबूती का रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी अब केवल ज्वेलरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के कारण इसकी औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि निवेशक और उद्योग दोनों ही चांदी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सोने में भी मजबूती, ₹1.37 लाख के करीब
सोने की कीमतों में भी आज तेजी देखने को मिली। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹741 बढ़कर ₹1,36,909 पर पहुंच गया। हालांकि सोना 29 दिसंबर 2025 को ₹1,38,161 के ऑल टाइम हाई को छू चुका है, लेकिन मौजूदा स्तर भी इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
कैरेट के हिसाब से देखें तो 22 कैरेट सोना ₹1,25,409, 18 कैरेट ₹1,02,682 और 14 कैरेट सोना ₹80,092 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत में सोने की मांग बनी हुई है, खासकर शादी-ब्याह और निवेश के नजरिये से।
2025 में रिकॉर्ड तेजी सोना 75% और चांदी 167% महंगी
पूरा साल 2025 कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक रहा। आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में सालभर में ₹57,033 यानी करीब 75% की बढ़ोतरी हुई। 31 दिसंबर 2024 को सोना ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1,33,195 पर पहुंच गया।
वहीं चांदी ने और भी बड़ा रिकॉर्ड बनाया। इसकी कीमतों में ₹1,44,403 यानी करीब 167% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एक साल पहले ₹86,017 प्रति किलो मिलने वाली चांदी अब ₹2.30 लाख के पार पहुंच चुकी है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम और आगे क्या संकेत
सोने की तेजी के पीछे तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती से डॉलर की कमजोरी, रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे जियोपॉलिटिकल तनाव और चीन जैसे देशों द्वारा अपने रिजर्व बैंक में भारी मात्रा में सोने की खरीद।
वहीं चांदी की कीमतों को इंडस्ट्रियल डिमांड, अमेरिका में संभावित टैरिफ का डर और मैन्युफैक्चरर्स की अग्रिम खरीदारी का सहारा मिल रहा है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, आने वाले महीनों में चांदी ₹2.75 लाख प्रति किलो तक जा सकती है, जबकि सोना साल के अंत तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच सकता है।
भारत में लोग आज भी सोना और चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। महंगाई, बाजार की अनिश्चितता और वैश्विक तनाव के बीच ये कीमती धातुएं भारतीय निवेशकों के भरोसे की कसौटी पर खरी उतरती नजर आ रही हैं।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Punjab2 years agoBJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़