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2000 Youth को मिलेगा रोजगार: Happy Forgings Limited करेगी 1000 CroreInvest, Punjab Government का बड़ा कदम

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पंजाब में रोजगार के नए अवसर खुलने जा रहे हैं। राज्य सरकार की कोशिशों का नतीजा है कि हैपी फोर्जिंग्स लिमिटेड (HFL) नाम की कंपनी ने पंजाब के लुधियाना जिले में 1000 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है। इस निवेश से 2000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा, जिनमें से 300 से अधिक इंजीनियर होंगे। यह कदम पंजाब सरकार की नई औद्योगिक नीति और कारोबार को आसान बनाने (Ease of Doing Business) की सोच को और मजबूत करेगा।

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पंजाब को उद्योगों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह निवेश पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आएगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

कंपनी का प्रोफाइल

हैपी फोर्जिंग्स लिमिटेड (HFL) भारत की ऑटो और इंजीनियरिंग उत्पाद बनाने वाली तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

  • कंपनी के प्रोडक्ट्स सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सप्लाई किए जाते हैं।
  • इनके प्रोडक्ट्स Commercial Vehicles (वाणिज्यिक वाहन), Passenger Vehicles (यात्री वाहन), Agriculture Equipment (कृषि उपकरण), Off Highway Machines, Railways, Oil & Gas, Wind Turbine, और Defence Sector (रक्षा क्षेत्र) में इस्तेमाल होते हैं।

दिसंबर 2023 में कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में:

  • मार्केट कैपिटलाइजेशन: 10,000 करोड़ रुपये
  • राजस्व (Revenue): 1,409 करोड़ रुपये
    इस प्रदर्शन ने HFL को पंजाब की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में शामिल कर दिया है।

अब तक का योगदान

30 जून 2025 तक HFL ने:

  • पूंजी निवेश: 1,500 करोड़ रुपये
  • सीधा रोजगार: 4,000 लोगों को नौकरी

पंजाब पहले से ही कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग हब है। कंपनी का भरोसा राज्य सरकार की नीतियों और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल पर है।

भविष्य की योजना क्या होगा नया

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष गर्ग ने बताया कि HFL चरणबद्ध तरीके से 1000 करोड़ रुपये का और निवेश करेगी।
इस निवेश के बड़े फायदे होंगे:

  • 2000 से ज्यादा नए रोजगार के अवसर, जिनमें 300 इंजीनियरों की सीधी भर्ती।
  • स्थानीय स्टील इंडस्ट्री की खपत बढ़ेगी।
  • छोटे और सहायक उद्योगों (Ancillary Units) का विकास होगा।
  • पंजाब की सप्लाई चेन मजबूत होगी।

कंपनी के बड़े ग्राहक

HFL कई बड़ी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है:

  1. वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicles): अशोक लेलैंड, आयशर, मेरिटर, महिंद्रा
  2. कृषि उपकरण (Agriculture Equipment): टैफे, एस्कॉर्ट्स, स्वराज, सोनालीका, जॉन डियर
  3. ऑफ हाईवे (Off Highway): जेसीबी, विप्रो, डाना, हेंड्रिकसन
  4. औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Sector): कमिंस, जेनेरैक, बोनफिग्लिओली, टोयोटा त्सुशो, कोहलर, लिब्हर

एशिया की सबसे बड़ी फोर्जिंग यूनिट पंजाब में

आशीष गर्ग ने बताया कि यह निवेश एशिया की सबसे आधुनिक फोर्जिंग यूनिट बनाने में लगाया जाएगा।

  • यह यूनिट 1000 किलोग्राम से 3000 किलोग्राम तक के एक टुकड़े का उत्पादन कर सकेगी।
  • यह एशिया की पहली और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी फोर्जिंग यूनिट होगी।

कंपनी इस प्रोजेक्ट के जरिए सिर्फ ऑटोमोबाइल सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एयरोस्पेस, रक्षा और परमाणु उद्योग के लिए भी प्रोडक्ट्स बनाएगी।

GST से जुड़ी जानकारी

नई GST Registration में तकनीकी समस्याओं के कारण कंपनी फिलहाल अपने मौजूदा GST पंजीकरण के तहत ही नए प्लांट के विस्तार और निवेश का काम करेगी।

कौन-कौन रहे मौजूद

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे:

  • अमित ढाका (IAS): CEO, इन्वेस्ट पंजाब
  • सीमा बांसल: वाइस चेयरपर्सन, पंजाब विकास परिषद
  • वैभव महेश्वरी: सदस्य, पंजाब विकास परिषद
  • मेघा गर्ग: डायरेक्टर, HFL

इस बड़े निवेश से पंजाब न सिर्फ औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। लुधियाना में स्थापित होने वाला यह नया प्लांट पंजाब को इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

इस प्रोजेक्ट से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन, और स्टील इंडस्ट्री को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
यह पंजाब सरकार की उस नीति का नतीजा है जो उद्योगों के लिए आसान माहौल, बेहतर अवसर और युवाओं को रोजगार देने पर केंद्रित है।

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पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्व

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए की जा रही है, जिसने उन्हें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा की व्यवस्था करने वाला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ प्रकट हुआ था, उससे ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू हुई है। बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की पवित्र जिम्मेदारी हमें बख्शने के लिए गुरु साहिब के चरणों में शुक्राना किया जा रहा है। पंजाब की शांति और ‘सर्बत्त के भला’ के लिए अरदासें जारी रहेंगी।”

पवित्र तख्त साहिब में माथा टेकते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा। हम भाग्यशाली हैं कि हमें इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की जिम्मेदारी मिली, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को खत्म करने में मददगार होगा।”उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब की शांति, भाईचारक साझ और एकता को तोड़ना था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। यह कानून निवारक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा गुनाह करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

सिखों की श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ आध्यात्मिक साझ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम पर खुशी प्रकट कर रहे हैं और धन्यवाद कर रहे हैं।” शुक्राना यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब के बाद वे 9 मई तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगे। उन्होंने अत्यधिक गर्मी के बावजूद यहां एकत्रित हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “इस यात्रा का एकमात्र मंतव्य इस महत्वपूर्ण एक्ट को पास करने के लिए ताकत और बख्शने के लिए परमात्मा का शुक्राना करना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम तो एक माध्यम हैं, जिसे गुरु साहिब ने यह पवित्र जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। मैं इस एक्ट को पास करने वाला कोई नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है। मैं गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक हूं, जिसे यह कार्य सौंपा गया है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस एक्ट का एकमात्र उद्देश्य पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण लोगों की अशांत हुई भावनाओं को शांत करना है। इस कानून के पीछे कोई भी राजनीतिक मंतव्य नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस पहल के लिए हमारा धन्यवाद करने के लिए रोजाना फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति इस एक्ट का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका नाखुश हैं। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस पवित्र मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें जल्दी अपने गुनाहों के नतीजे भुगतने पड़ेंगे।” लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ मिलकर छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि देने के मामले की सदन में सफलतापूर्वक पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उस समय को शोक के महीने के रूप में मनाता है क्योंकि छोटे साहिबजादों को जालिम शासकों ने जिंदा नींव में चिनवा दिया था। मुझसे पहले 190 से अधिक सांसदों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी संसद में यह मुद्दा नहीं उठाया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, बेइंसाफी और दमन के खिलाफ जूझने के लिए प्रेरित करती रहेगी। श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ प्रकट किया था, जो इतिहास को नया मोड़ देने वाली घटना थी। इसी दिन हमारी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पास किया है।”मुख्यमंत्री ने यह भी चेताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पंजाब विधानसभा गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक हुई। इस विशेष सत्र के दौरान विधानसभा ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।”

पंजाब में सिखी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सिखों के पांच तख्तों में से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) – पंजाब में पड़ते हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की लंबे समय से लटकती मांग को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। इन शहरों के समग्र विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।”

यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद थीं।

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सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने को कैबिनेट की मंजूरी

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केंद्र सरकार ने न्यायपालिका से जुड़ा एक अहम फैसला लेते हुए भारत का सर्वोच्च न्यायालय में जजों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत अब जजों की कुल संख्या 33 से बढ़ाकर 37 की जाएगी।

यह बढ़ोतरी करीब छह साल बाद की जा रही है। इससे पहले 2019 में जजों की संख्या 31 से बढ़ाकर 33 की गई थी। सरकार के अनुसार इस कदम का मुख्य उद्देश्य अदालत में लंबित मामलों की संख्या कम करना और न्याय प्रक्रिया को तेज करना है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस समय सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सहित 34 जज कार्यरत हैं। नए प्रस्ताव को लागू करने के लिए संसद के आगामी सत्र में बिल पेश किया जाएगा। बिल पास होने के बाद जजों की संख्या 37 हो जाएगी।

मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से अधिक मामले लंबित हैं, जिससे न्याय व्यवस्था पर काफी दबाव बना हुआ है। सरकार का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लोगों को जल्दी न्याय मिल सकेगा।

इतिहास पर नजर डालें तो सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 के तहत शुरुआत में चीफ जस्टिस के अलावा सिर्फ 10 जजों का प्रावधान था। समय के साथ मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह संख्या कई बार बढ़ाई गई—1960 में 13, बाद में 17, 1986 में 25, 2009 में 30 और 2019 में 33 की गई थी।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 124 के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या संसद तय करती है और जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है।

हालांकि, कई कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जजों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। न्याय प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार और तकनीक का बेहतर उपयोग भी उतना ही जरूरी है।

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अमृतसर धमाके में पाकिस्तान का हाथ? DGP गौरव यादव का बड़ा बयान

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अमृतसर के खासा छावनी क्षेत्र में हुए धमाके को लेकर जांच तेज कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि इस धमाके के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की साजिश होने का शक जताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुश्मन ताकतें पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं।

डीजीपी ने यह भी कहा कि देश इस समय “ऑपरेशन सिंधूर” की वर्षगांठ मना रहा है और ऐसे मौकों को निशाना बनाकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जालंधर में हुए धमाकों का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। जालंधर मामले की जिम्मेदारी एक खालिस्तानी संगठन पहले ही ले चुका है, जबकि अमृतसर धमाके की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की हर एंगल से गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

अंत में डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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