Politics
अमृतसर में AAP प्रवक्ता धालीवाल ने विपक्ष पर साधा निशाना:बोले- मोगा की रैली ऐतिहासिक, नशे के खिलाफ दूसरे चरण की शुरुआत
आम आदमी पार्टी के पंजाब मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोगा में आयोजित विशाल रैली को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं थी, बल्कि नशे के खिलाफ जनता की लड़ाई का प्रतीक थी।
धालीवाल के अनुसार, इस रैली के साथ पंजाब में नशों के खिलाफ दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है और सरकार नशे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों पर उन्होंने कहा कि उनका ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होता रहता है और डॉक्टर की सलाह पर वे दोबारा चेकअप के लिए अस्पताल गए थे।
विलेज डिफेंस कमेटियों की अहम भूमिका
कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि इस अभियान में विलेज डिफेंस कमेटियां, पंजाब पुलिस और प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। यह एक सरकारी कार्यक्रम था, जिसमें चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी ने भी भाग लेकर अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की।
धालीवाल ने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटियों की सूचना पर कोठियां गांव में 40 किलो स्मैक बरामद की गई। इस बड़ी सफलता के लिए सरकार ने संबंधित सरपंच को 10 लाख रुपये का इनाम दिया। साथ ही एसएचओ, डीएसपी और अन्य पुलिस कर्मियों को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विपक्ष पर साधा निशाना
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आगे भी जो गांव और कमेटियां नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाएंगी, उन्हें सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। धालीवाल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अकाली दल और कांग्रेस पहले यह बताएं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में नशे के खिलाफ क्या किया।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर काम पर लौटेंगे। धालीवाल ने दोहराया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में किसी के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
National
‘दलित विरोधी कांग्रेस’ के खिलाफ ‘AAP’ ने पंजाब भर में किए विरोध प्रदर्शन, प्रताप बाजवा ने मंत्री ईटीओ पर की थी जातिवादी टिप्पणी
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष Pratap Singh Bajwa द्वारा कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO के खिलाफ की गई कथित जातिवादी और अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में पूरे राज्य में व्यापक प्रदर्शन किए।
पार्टी का कहना है कि यह टिप्पणी केवल एक मंत्री का नहीं, बल्कि पूरे दलित समुदाय, मेहनतकश मजदूरों और इज्जत से अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले कलाकारों का अपमान है।
पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन
राज्यभर में हुए प्रदर्शनों में ‘आप’ के मंत्रियों, विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मलेरकोटला और रूपनगर (रोपड़) सहित कई जिलों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके अलावा होशियारपुर, कपूरथला, एस.बी.एस. नगर, अमृतसर, पठानकोट, तरनतारन, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, बरनाला और एस.ए.एस. नगर समेत अन्य जिलों में भी रोष प्रदर्शन हुए।
कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल
आप पंजाब के मीडिया प्रभारी Baltej Pannu ने आरोप लगाया कि इस बयान से कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता उजागर हुई है।
उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में किसी को भी दलितों या श्रमिक वर्ग का अपमान करने की अनुमति नहीं देगी। पन्नू ने कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या यह बयान पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता इस टिप्पणी की सार्वजनिक निंदा करेंगे या फिर चुप्पी साधे रहेंगे।
मेहनतकश कलाकारों के सम्मान की बात
पन्नू ने कहा कि यह टिप्पणी बैंड-बाजा कलाकारों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य मेहनतकश लोगों का भी अपमान है, जो सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब समानता की धरती है, जो गुरु साहिबान की शिक्षाओं और B. R. Ambedkar की विचारधारा से प्रेरित है। राज्य के लोग किसी भी समुदाय के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
माफी तक जारी रहेगा संघर्ष
आप नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि जब तक बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व बिना शर्त माफी नहीं मांगते, तब तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा।
पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और बराबरी से जुड़ा हुआ है।
Politics
पंजाब में बड़ी सियासी हलचल, भाजपा नेता पूर्व CM अमरिंदर सिंह और बेटे को ईडी का समन
पंजाब में बड़ा सियासी हलचल देखा जा रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणिंदर सिंह को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) उल्लंघन के एक पुराने मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है. यह मामला 2016 का है. इसमें पिता-पुत्र पर विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी होने का आरोप है. इसमें स्विस बैंक में खाते होने की बात शामिल है. ईडी ने अमरिंदर सिंह को 12 फरवरी को जालंधर कार्यालय में पेश होने के लिए कहा है, जबकि रणिंदर सिंह को 13 फरवरी को बुलाया गया है. हालांकि, 83 वर्षीय अमरिंदर सिंह इस समन पर पेश होने की संभावना कम है क्योंकि उन्होंने 10 या 11 फरवरी को मोहाली के एक निजी अस्पताल (फोर्टिस) में घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी कराई है. सर्जरी के बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया था, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.
ईडी उन्हें नई तारीख दे सकता है. रणिंदर सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों के रूप में, हम हर जांच एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग करेंगे. हमें कानून के शासन में पूर्ण विश्वास है और हम आश्वस्त हैं कि सत्य और न्याय की जीत होगी.
क्या है मामला
यह मामला 2016 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा दायर चार्जशीट से शुरू हुआ, जब अमरिंदर सिंह कांग्रेस में थे. आईटी विभाग ने लुधियाना की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज की, जिसमें रणिंदर सिंह को विदेशी संपत्तियों का लाभार्थी बताया गया. आरोप है कि रणिंदर सिंह ने HSBC प्राइवेट बैंक (सुइस), जेनेवा, स्विट्जरलैंड में बैंक खाते बनाए रखे और नियंत्रित किए. जांच में पता चला कि रणिंदर सिंह जुलाई 2005 में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में ‘जैकरैंडा ट्रस्ट’ के ‘सेटलर’ थे, जिसमें HSBC ट्रस्ट कंपनी लिमिटेड ट्रस्टी के रूप में शामिल थी.
आई-टी विभाग ने दावा किया कि रणिंदर ने एजेंसी को गुमराह किया और कहा कि उनके पास परिवार की विदेशी आय और ट्रस्ट से संबंधित दस्तावेज नहीं हैं. फ्रांस सरकार से मिली क्रेडिबल जानकारी (मास्टर शीट्स) के आधार पर यह पता चला कि सिंह परिवार विदेशी बिजनेस एंटिटी के माध्यम से संपत्तियां नियंत्रित कर रहा था, जिसमें दुबई में संपत्ति भी शामिल है.
पिता-पुत्र ने लुधियाना कोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की, जिसमें दावा किया गया कि आई-टी रिकॉर्ड में फ्रांस गणराज्य से मिली ‘गुप्त’ जानकारी है और डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) के तहत इसे किसी तीसरे व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता. लेकिन सितंबर 2025 में हाईकोर्ट ने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज के आदेश को बरकरार रखा और कहा कि यह वेल-रीजनड है तथा कानून में कोई त्रुटि नहीं है. इस आदेश के बाद ED ने जांच आगे बढ़ाई और समन जारी किए.
राजनीतिक और कानूनी संदर्भ
यह मामला अमरिंदर सिंह के राजनीतिक करियर में पुराना है. 2020 में भी रणिंदर सिंह को ED ने जालंधर में समन किया था. ED की जांच FEMA के तहत है, जबकि आई-टी विभाग ने टैक्स चोरी और अघोषित संपत्तियों का आरोप लगाया था. विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट के 2025 के फैसले ने ED को दस्तावेजों की जांच की अनुमति दी, जिससे यह मामला फिर सक्रिय हुआ. अमरिंदर सिंह दो बार पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में भाजपा में हैं. उन्होंने हमेशा इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है. परिवार ने सहयोग का वादा किया है, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से अमरिंदर सिंह की पेशी टल सकती है.
National
Punjab में नशे का ‘छठा दरिया’ लाने वाले सुखबीर बादल और भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करना निंदनीय: कुलदीप सिंह धालीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा शुरू की गई नशा विरोधी यात्रा पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिशा-निर्देशों के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार जनजागरूकता यात्राएं निकाल रही है।
मंगलवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी नशे के खिलाफ किसी भी अभियान का विरोध नहीं करती और चाहती है कि समाज का हर वर्ग इस लड़ाई में शामिल हो। लेकिन राज्यपाल द्वारा शुरू की गई यात्रा का तरीका और उसमें शामिल लोग कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
उन्होंने कहा कि जिस यात्रा में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और भाजपा नेता अश्वनी शर्मा जैसे लोग शामिल हों, वह नशा खत्म करने की मुहिम कम और नशा फैलाने वालों को बचाने की कोशिश ज़्यादा लगती है। धालीवाल ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 तक जिनकी सरकार रही, उसी दौरान पंजाब में नशे का सबसे अधिक प्रसार हुआ और उसी दौर में नशे का तथाकथित “छठा दरिया” पंजाब में बहा।
आप नेता ने कहा कि पंजाब के लोग आज यह जानना चाहते हैं कि जिन्होंने पंजाब की जवानी को बर्बाद किया, वे किस मुंह से नशे के खिलाफ यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल ऐसी ताकतों को मंच दे रहे हैं, जिन्होंने पंजाब के भविष्य को अंधकार में धकेला।
कुलदीप धालीवाल ने कहा कि यदि राज्यपाल वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर हैं, तो उन्हें उन संगठनों और व्यक्तियों को साथ लेकर चलना चाहिए, जो वर्षों से ज़मीनी स्तर पर ईमानदारी से इस लड़ाई को लड़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से नशा पंजाब की सबसे बड़ी चुनौती रही है और पिछले चार वर्षों से सरकार इसके खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है। धालीवाल ने अंत में कहा कि राज्यपाल की यात्रा में पंजाब को बर्बाद करने वाले लोगों की मौजूदगी बेहद निराशाजनक है। पंजाब की जनता सब देख रही है और वह अच्छी तरह समझती है कि कौन नशे के खिलाफ लड़ रहा है और कौन नशा तस्करों के साथ खड़ा है।
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह अपनी नशा विरोधी मुहिम जारी रखेगी, लेकिन नशा तस्करों के राजनीतिक आकाओं के साथ निकाली जाने वाली किसी भी यात्रा को पंजाब के लोग स्वीकार नहीं करेंगे।
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