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लाडो लक्ष्मी योजना की चौथी किस्त जारी, CM नायब ने लाखों महिलाओं के खाते में डाले पैसे

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हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि, सब्सिडी और किसी भी तरह की पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को भविष्य में कोई परेशानी नहीं होने वाली है।

प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समस्त राशि को अब हर माह एक ही तारीख को लाभार्थियों के खातों में डाला जाएगा। महीने की यह तारीख कौन सी होगी, इस बारे में अभी निर्णय लिया जाना बाकी है।

प्रदेश सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को अपनी पेंशन, प्रोत्साहन भत्ते और सब्सिडी हासिल करने के लिए कई-कई माह तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को 18 जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत 56 लाख 34 हजार लाभार्थियों के खातों में 1431 करोड़ रुपये की राशि स्थानांतरित की।

चार किस्तें हो चुकी हैं जारी

प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा और सहकारिता मंत्री डा. अरविंद शर्मा भी इस मौके के गवाह बने। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना की चौथी किस्त के तहत 9 लाख 22 हजार 452 महिलाओं के खातों में 193 करोड़ रुपये की राशि डाली।

अभी तक चारों किस्तों में यह राशि 634 करोड़ रुपये हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये से कम आय वाली महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने की योजना आरंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत फरवरी माह से 1100 रुपये की राशि खातों में भेजी जाती है और 1000 रुपये की राशि की एफडी कराई जाती है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग समेत प्रत्येक तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत 34.14 लाख लाभार्थियों के खातों में 1098 करोड़ रुपये की राशि जारी की।

101 करोड़ रुपये की सब्सिडी 

लाडो लक्ष्मी योजना और पेंशन योजना के अंतर्गत 43 लाख 36 हजार 452 लोगों को 1240 करोड़ रुपये की लाभ राशि प्रदान की गई है। हर घर हर गृहिणी गैस सिलेंडर रिफिल योजना के अंतर्गत 12 लाख 62 हजार महिलाओं के खातों में नवंबर व दिसंबर माह के लिए 38 करोड़ 97 लाख रुपये की सब्सिडी राशि भेजी गई है।

इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिलता है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 36 हजार लाभार्थियों के खातों में 101 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य भर में पेंशन से संबंधित समस्याएं व आय आधारित पात्रता से जुड़ी शिकायतें उनके संज्ञान में आई हैं। इन शिकायतों व अपीलों के समाधान तथा पात्रता के निष्पक्ष निपटान के लिए सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं।

लाडो लक्ष्मी योजना का बढ़ा दायरा

इसके अंतर्गत सभी एडीसी सप्ताह में सोमवार व बृहस्पतिवार को समाधान शिविर लगाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने दोहराया कि किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं कटने दी जाएगी।

कार्यक्रम का संचालन सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रेय ने किया। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाया गया मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत अब एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाएं भी 2100 रुपये प्राप्त करने की पात्रता में शामिल हो गई हैं।

इनमें ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और जिन्होंने कक्षा 10 या 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।

कक्षा एक से चार में ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत कक्षा स्तर की दक्षता हासिल करने वाले बच्चों की माताओं और बच्चों को कुपोषण से सफलतापूर्वक पुनर्वासित करने वाली महिलाओं को भी यह राशि मिलेगी।

लोगों को परेशान करने का आरोप

विपक्षी दलों के आंदोलन से पहले भाजपा ने छीना मुद्दा हरियाणा में विपक्षी राजनीतिक दलों ने पेंशन कटने को बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है। इनेलो की ओर से 20 फरवरी को पंचकूला में प्रदर्शन किया जाएगा।

कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी के साथ आम आदमी पार्टी भी लगातार बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने, परिवार पहचान पत्रों में आय की जांच के नाम पर लोगों को परेशान करने के आरोप लगा रहे हैं।

इससे पहले कि राज्य में विपक्षी दल कोई बड़ा आंदोलन खड़ा कर पाएं अथवा विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाएं, भाजपा सरकार ने करीब 56 लाख लोगों के खातों में लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये की राशि डालकर इस मुद्दे की हवा निकाल दी है।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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