Connect with us

National

अकाली, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को नशे की दलदल में धकेला, अब ‘आम आदमी पार्टी’ बना रही नशा मुक्त पंजाब – Kejriwal

Published

on

मोगा में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्पष्ट और सख्त संदेश देते हुए कहा कि जहां शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने राज्य को नशों में डुबो दिया, वहीं ‘आप’ की सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए नशों के कारोबार में शामिल हर किसी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने नशा तस्करों को बचाने की बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने 2,000 किलो से अधिक नशे की बरामदगी, बड़े सौदागरों को जेलों में डालने और उनके महलनुमा घरों पर बुलडोजर चलाने का हवाला देते हुए कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों को सचेत करते हुए कहा कि अगर पिछली सरकारें सत्ता में आईं तो पंजाब को फिर नशों की दलदल में जाने से कोई नहीं बचा सकता।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि आप की सरकार ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पर ‘चिट्टे’ के दाग को मिटाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की रणनीति इस अभियान को सख्ती से लागू करने के माध्यम से नशा मुक्त पंजाब सृजित करने की ओर केंद्रित है, जिसमें हर गांव में खेल मैदानों का निर्माण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है।

आप के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने नशा विरोधी अभियान को पंजाब के शासन में एक निर्णायक पड़ाव घोषित करते हुए इसे कानून लागू करने वाला मिशन और प्रदेश भर में लोगों का विश्वास जीतने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की ओर निर्देशित एक व्यापक प्रयास करार दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग आज ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में शामिल होने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक साल पहले 1 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने यह अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि जब हमने एक साल पहले ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था तब लोगों में इसके प्रति ज्यादा उत्साह नहीं था क्योंकि उन्होंने पिछली सरकारों को बड़े-बड़े दावे करते और जमीनी स्तर पर कुछ न करने देखा था। उन्होंने कहा कि इसी कारण जब हमने नशों के खिलाफ यह जंग शुरू की तो उस समय लोगों में कहीं न कहीं सहम और झिझक का माहौल था और कोई भी नशा तस्करों और नशों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए आगे आने को तैयार नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि अगर वे ऐसा करेंगे तो उनके परिवारों को डराया-धमकाया और तंग-परेशान किया जाएगा।

पिछले साल की कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि पिछले एक साल में, जिस तरह पुलिस ने नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और विभिन्न स्थानों से नशीले पदार्थ जब्त किए, जिसमें 2,000 किलो से अधिक नशीले पदार्थों की बरामदगी और नशा बेचने वालों के शानदार बंगलों पर बुलडोजर चलाना, नशों के बड़े तस्करों (जिनका नाम लेने से भी लोग डरते और कांपते थे) को जेलों में डालना शामिल है, तो धीरे-धीरे लोगों को विश्वास होने लगा कि यह ‘आप’ की सरकार है, यह भगवंत मान की सरकार है, जो किसी से नहीं डरती।

उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब में नशों के खिलाफ ऐसा जोरदार अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि इस ‘युद्ध’ में हिस्सा लेने के लिए आज का विशाल समागम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जनता का विश्वास बढ़ रहा है और लोगों के दिलों से डर उठ रहा है, जिसके चलते लोग आगे आ रहे हैं और सरकार तथा पुलिस में उनका विश्वास मजबूत हो रहा है।

इस अभियान के तहत सृजित संरचना के बारे में बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे पंजाब के हर गांव और हर वार्ड में लोगों की कमेटियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत विलेज डिफेंस कमेटियां (वी.डी.सी.) बनाई जा रही हैं और प्रत्येक वार्ड और गांव के सम्मानित और प्रभावशाली लोगों जैसे सेवानिवृत्त शिक्षक, सेवानिवृत्त फौजी अधिकारी, युवा, सरपंच आदि को इन कमेटियों में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों की मुख्य रूप से दो जिम्मेदारियां हैं, जिसमें पहली जिम्मेदारी सरकार को उन लोगों के बारे में सूचित करना है जो गांव या वार्ड में नशा बेच रहे हैं और ऐसे लोगों के बारे में जिनसे वे आगे नशा खरीदते हैं।

सुरक्षा संबंधी शंकाओं पर बात करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि बहुत से लोग अभी भी सोचते हैं कि अगर वे जानकारी देंगे तो उनके परिवारों को मार दिया जाएगा या परेशान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने एक एप बनाया है और यह एप हर गांव रक्षा कमेटी सदस्य के फोन में डाला गया है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य इस एप के माध्यम से जानकारी दे सकता है, जिसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी को भी पता नहीं चलेगा कि आपने कोई जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बहुत सी गांव रक्षा कमेटियां पहले ही जानकारी साझा कर रही हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि गांव रक्षा कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि वे किसी से नहीं डरते और वे इस युद्ध में पूरी तरह सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब पूरा पंजाब एकजुट हो रहा है, लोगों के मन से डर निकल रहा है और गांवों के लोग नशा बेचने वालों को मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं।

इस अभियान के तहत सरकार के दो मुख्य कार्यों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि पहला कार्य नशा बेचने वालों के बारे में जानकारी प्रदान करना है ताकि पुलिस उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करके जेल भेज सके और दूसरा कार्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव में जो लोग नशे की लत का शिकार हैं, उन्हें इलाज के लिए नजदीकी केंद्र में ले जाया जाए ताकि वे नशों की दलदल से बाहर निकल सकें।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गांव रक्षा कमेटियों के पास अब अपने गांव को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी है। इसलिए जो भी कदम उठाने की जरूरत है, वे उठाएं और हमें बताएं कि आपको इस कार्य के लिए किस चीज की जरूरत है, हमारी ओर से सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। आपको जिस भी संसाधन और मदद की जरूरत है, वह दी जाएगी। इसलिए अब अपने आस-पास के इलाके को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी अब आपकी है और पूरी पुलिस आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री सहित पूरा प्रशासन आपके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से आप द्वारा दी गई सारी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती है, जिस पर तुरंत कार्रवाई होती है।

अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि अगर स्थानीय स्तर पर कोई भी पुलिस अधिकारी अच्छा काम करता है तो उसे इनाम दिया जाएगा और अगर कोई भी पुलिस अधिकारी नशा बेचने वालों से मिलीभगत करता पाया जाता है तो उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इन कमेटियों के अधिक से अधिक विस्तार की अपील करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा, “धीरे-धीरे, गांव रक्षा कमेटी 10 सदस्यों तक सीमित न रहे बल्कि इसके अंतर्गत पूरे गांव को शामिल किया जाए। अगर पूरा गांव एकजुट हो जाएगा तो कोई भी नशा बेचने की हिम्मत नहीं करेगा।”

पुनर्वास और युवाओं की भागीदारी पर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हर गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान खेल मैदान बनवा रहे हैं। वहां आप क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल खेल सकते हैं। खेल का सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा। हमारी कोशिश है कि जो बच्चे नशे से बाहर आएं, वे दोबारा उसमें न जाएं। उन्हें खेलों की ओर ले जाने व रोजगार की व्यवस्था की जा रही है। अब तक 60,000 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। भगवंत मान ने 60,000 सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और बिना सिफारिश के दी हैं।  रोजगार के और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जो बच्चे नशे के शिकार हैं, उन्हें नशे से बाहर निकालकर खेलों की ओर प्रेरित करने और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।”

उन्होंने कहा, “आपको हर गांव के हर परिवार के पास जाना होगा और बताना होगा कि पंजाब को नशे में किसने धकेला – अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस। जब उनकी सरकारें सत्ता में थी,  तब पंजाब का हर परिवार नशे में डूब रहा था। उन्होंने पंजाब के युवाओं को बर्बाद किया। हर परिवार और पंजाब के भविष्य को नुकसान पहुंचाया। आपको हर घर जाकर कहना होगा कि इन पार्टियों को भूलकर भी वोट न दें, वरना पंजाब फिर से नशे में डूब जाएगा। पहली बार ऐसी पार्टी आई है जो नशा बेचने वालों का पीछा कर रही है, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज रही है, उनके घरों और बंगलों को गिरा रही है, उनकी संपत्ति जब्त कर रही है और उनके बैंक खाते फ्रीज कर रही है।”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, प्रदेश में पहली बार भगवान की कृपा से ऐसी सरकार आई है। किसी भी परिस्थिति में आपको अन्य पार्टियों को वोट नहीं देना चाहिए। यह ग्राम रक्षा कमेटियों की जिम्मेदारी है। हमें घर-घर जाकर लोगों को बताना है। बहुत जल्द हमारा पंजाब रंगला पंजाब और नशा मुक्त पंजाब बनेगा।

इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘चिट्टे’ को पंजाब विरोधी ताकतों ने युवाओं की रगों में उतारा, जिसके कारण राज्य और लोगों के जीवन से रंग गायब हो गए। उन्होंने कहा, “जो लोग सत्ता में रहते हुए नशे को संरक्षण देते थे, वे अपने आधिकारिक वाहनों में राज्य में नशा ढोते थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “गहन अध्ययन के बाद राज्य सरकार ने बहुआयामी रणनीति अपनाई और आपूर्ति श्रृंखलाओं को तोड़ा, पीड़ितों का पुनर्वास किया, उनकी संपत्तियां ध्वस्त कीं और ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत इन अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नशा तस्कर राज्य से भाग रहे हैं क्योंकि नशे के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया गया है और इसके सकारात्मक परिणाम जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा, “हमने रंगला पंजाब बनाने के लिए ही पदभार संभाला है और इस महान उद्देश्य के लिए जनता के सहयोग से कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।” विपक्ष पर तंज कसते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “यदि मैं नियमित जांच के लिए अस्पताल भी चला जाऊं, तो वे मेरे और मेरे स्वास्थ्य के बारे में अफवाहें फैलाते हैं क्योंकि वे मुझसे और मेरे जनहितैषी दृष्टिकोण से ईर्ष्या करते हैं।”

मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में जनता को गुमराह करने के लिए अफवाहें फैलाने पर विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली है। इस योजना के तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपए तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्राप्त करने का अधिकार है। यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।”

पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना जनता पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करेगी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक कदम राज्य के सभी परिवारों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। “सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और प्रत्येक अन्य नागरिक स्वास्थ्य कार्ड के पात्र हैं।” भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जिन्हें बीमारी की स्थिति में उपचार के लिए अपनी जेब से भारी खर्च करना पड़ता था।”

हालांकि, भ्रामक जानकारी के खिलाफ चेतावनी देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि राज्य के लोग ऐसी सुविधाओं का लाभ उठाएं, इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में जानबूझकर झूठ फैला रही हैं। ये भ्रामक बातें लोगों को योजना का लाभ लेने से हतोत्साहित करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं, जो पूरी तरह से अनुचित और अवांछनीय है।”

भगवंत सिंह मान ने लोगों को इन ताकतों से सावधान रहने की चेतावनी दी, जो राज्य की प्रगति और जनता की समृद्धि को पटरी से उतारने की साजिश रच रही हैं।”
पंजाब की छवि को हुए नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि पंजाब ने कई उत्कृष्ट खिलाड़ी, जरनैल, शहीद और अन्य महान हस्तियां पैदा की हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश इन ताकतों ने पंजाबियों को नशेड़ी कहकर पंजाब के नाम पर कलंक लगा दिया। उन्होंने कहा, “जिन्होंने ये पाप किए हैं, उन्हें जनता सजा देगी,” और आगे कहा कि, “वे अपनी अवैध कमाई के बल पर अदालतों से सजा से बच सकते हैं, लेकिन जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।” भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों दोनों को आगे आकर सामूहिक और समन्वित प्रयासों से नई पीढ़ी को बचाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण राज्य में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या कम हुई है, क्योंकि पंजाब सरकार स्थानीय युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार दे रही है। “राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में 63,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, जिसके कारण लोग अब विदेश जाने की योजनाएं छोड़ रहे हैं। जहां राज्य सरकार जनता के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है, वहीं विपक्ष अपने शासनकाल के दौरान केवल सफल योजनाओं में हिस्सेदारी चाहता था।”

विपक्षी नेतृत्व पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “ये वे शैतान हैं जो नशे और अपराधियों को संरक्षण देकर राज्य को बर्बाद करना चाहते हैं, जिसके कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया है। अब ये सभी पंजाब-विरोधी ताकतें पंजाब को बर्बाद करने के लिए एकजुट हो गई हैं, और अब समय आ गया है कि पंजाबी भी एकजुट होकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएँ।” राज्य सरकार की जनहितकारी पहलों का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हर गाँव के अंतिम छोर तक पानी पहुँच रहा है, जबकि पहले नहर का पानी केवल संपन्न लोगों के खेतों तक ही सीमित रह जाता था।”
उन्होंने कहा, “अब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली दी जा रही है, जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों या नशा तस्करों का समर्थन करने वालों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है।” उन्होंने आगे कहा, “ पंजाब को फिर से रंगला पंजाब बनाने की यात्रा में आम जनता का सहयोग सबसे अधिक आवश्यक है।” भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब और पंजाबी हर युद्ध जीतने का गौरव रखते हैं, और अब नशे के खिलाफ यह युद्ध भी लोगों के सहयोग से जीता जाएगा।”

इस मौके आप के वरिष्ठ नेता और आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “युद्ध नशे के विरुद्ध” ने नशे की कमर तोड़ दी है और 17,000 नशा तस्करों को जेल भेजा गया है।” उन्होंने कहा, “युद्ध नशे के विरुद्ध का दूसरा चरण नशे की बीमारी के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा, और गाँव रक्षा कमेटियां (वीडीसी) पंजाब को नशा-मुक्त बनाने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएँगी।” मनीष सिसोदिया ने कहा कि पुलिस और सिविल प्रशासन के सक्रिय सहयोग से इस अभियान को जारी रखने में गाँव रक्षा कमेटियों को प्रमुख भूमिका निभानी होगी।

एक ऐतिहासिक पहल के तहत, सोमवार को आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लाखों लोगों को पंजाब को नशा-मुक्त राज्य बनाने की शपथ दिलाई गई।

इससे पहले, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों को पंजाब को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कई कैबिनेट मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। 

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

Published

on

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

Continue Reading

National

E-20 के खिलाफ टाउनहॉल में बोले केजरीवाल, ‘‘देश को पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प दे सरकार

Published

on

आम आदमी पार्टी की ओर से शनिवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन ब्लब में आयोजित नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20 को देश भर से जबरदस्त समर्थन मिला। कॉमेडियन श्याम रंगीला ने ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के सवालों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदाज में देकर ऑनलाइन और ऑफलाइन टाउनहॉल को देख रहे 7 लाख से अधिक लोगों को हंसने और जबरदस्ती ई-20 के थोपने के पीछे की वजह को समझने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों की तरफ से मोदी सरकार के सामने तीन मांगे रखी। पहला, पेट्रोल पंप पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प होना चाहिए। दूसरा, शुद्ध पेट्रोल से ई-20 सस्ता होना चाहिए और तीसरा, पेट्रोल का दाम 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी, ट्रम्प को खुश करने के लिए हमारे देश के लोगों पर ज़बरदस्ती इथेनॉल थोप रहे हैं। अमेरिका इथेनॉल का उत्पादन करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश है। पिछले साल भारत ने अमेरिका से 1 बिलियन लीटर इथेनॉल आयात किया था। इस साल ई-20 लागू होने के बाद, भारत पिछले साल की तुलना में अमेरिका से 5 गुना अधिक इथेनॉल इंपोर्ट करेगा। ट्रम्प को खुश करने के लिए मोदी जी देश की जनता को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने देश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दें। जब तक देश में ई-100 की गाड़ियां बननी शुरू न हो जाएं, गाड़ी न खरीदें। यह सरकार आपको बर्बाद कर देगी।

सरकार और उसके मंत्री बार-बार ई-20 को सुरक्षित और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को एंटी नेशनल बता रहे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी ने ई-20 मिलावटी पेट्रोल हमारे देश के ऊपर थोपा है। इससे देश की जनता बहुत ज्यादा परेशान है। 7 लाख से ज्यादा लोग इस मुद्दे पर अपना समर्थन प्रकट करने के लिए जुड़े हैं। मुझे पूरा यकीन है कि केंद्र सरकार भी यह कार्यक्रम देख रही होगी। जब भी इनके मंत्री आते हैं, तब कहते हैं कि ई-20 सेफ है, ई-20 से कोई प्रॉब्लम नहीं है और ई-20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले एंटी-नेशनल हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आज हमने इतनी सारी टेस्टिमनीज उनके सामने रखीं और इतने सबूत रखे। लोकल सर्कल्स नाम की एक संस्था ने देशभर में गाड़ियां इस्तेमाल करने वाले 45 हजार लोगों का सर्वे किया। उसमें पता चला कि 67 फीसद लोगों की माइलेज कम हो गई और 45 फीसद लोगों के इंजन खराब हो गए। आज इतने लोगों ने अपनी व्यथा रखी, क्या ये सारे झूठे हैं और यह सारा गलत है? फिर भी इनके मंत्री आकर कहते हैं कि ई20 ठीक है।

अगर ई-20 पर सरकार की कोई रिपोर्ट या स्टडी है तो देश के सामने रखे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार जवाब में कोई रिपोर्ट, कोई वैज्ञानिक स्टडी या कोई इंजीनियरिंग की बात तो रखे, लेकिन वे कुछ नहीं रखेंगे। वे कहते हैं कि उन्होंने स्टडी करा ली है। अगर स्टडी करा ली है तो उसकी कोई रिपोर्ट तो होगी, वे उस रिपोर्ट को दिखाएं। हम भी पढ़े-लिखे हैं और उनसे ज्यादा ही पढ़े-लिखे हैं। उनकी डिग्री तो नकली है, लेकिन हमारी डिग्री असली है। मेरी डिग्री लोगों ने आरटीआई के तहत मांग रखी है और मेरे इंस्टिट्यूट आईआईटी खड़गपुर ने वह दी हुई है। मैंने उनकी डिग्री मांग ली, तो मेरे खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया गया। गुजरात में मेरे खिलाफ ट्रायल चल रहा है कि मैंने उनकी डिग्री क्यों मांगी? अगर उनकी कोई रिपोर्ट है तो वे रिपोर्ट दिखाएं। देश के अंदर इस पर बातचीत तो होनी चाहिए।

लोग सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें, यह सरकार डीजल में भी मिलावट करने की योजना बना रही- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि सरकार कह रही है कि ई-25, ई-30 या ई-40 अभी नहीं ला रहे, अभी स्टडी चल रही है। वे बस यह देख रहे हैं कि यह मुद्दा कितने दिन में ठंडा पड़ता है। जैसे ही मुद्दा शांत होगा वे ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे। वे कोई स्टडी नहीं कर रहे, गुंडागर्दी कर रहे हैं और देश के साथ जबरदस्ती कर रखी है। इसलिए मेरी अपील है कि पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दो। जैसे ई-10 वाली गाड़ियों में धक्का करके ई-20 ले आए और गाड़ियां खराब हो गईं। अगले साल ई-10 वाली गाड़ी में ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे और भट्ठा बैठ जाएगा। अभी ई-20 वाली गाड़ियां मार्केट में मिल रही हैं, कल उसमें ई-30 आ गया तो वो भी खराब हो जाएंगी। पहले सरकार को ई-100 ले आने दो, उसके बाद गाड़ी खरीदना। खरीदनी हो तो इलेक्ट्रिकल व्हीकल खरीदना, डीजल वाली भी मत खरीदना, क्योंकि ये लोग डीजल में भी मिलावट करने की प्लानिंग कर रहे हैं। जब तक भारत के अंदर ई-100 की गाड़ी बनना शुरू न हो जाए, कोई गाड़ी मत खरीदना। ये धोखा दे रहे हैं, ई-10 की गाड़ी में ई-20 डालेंगे, ई-20 की गाड़ी में ई-50 डालेंगे, 50 की गाड़ी में ई-100 डालेंगे। इन्होंने धक्का कर रखा है।

कई ऑटो निर्माता कंपनियां भी मान रहीं, 2023 से पहले की गाड़ियों में ई-20 सुरक्षित नहीं, पर मोदी सरकार के डर से लिखकर देने को तैयार नहीं- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने भारत में पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर बनाने वाली 29 कंपनियों को चिट्ठी लिखी। मैंने उनसे दो ही चीजें पूछीं कि 2023 से पहले बनी उनकी गाड़ियों में ई-20 इस्तेमाल हो सकता है क्या? अगर हो सकता है और किसी की गाड़ी खराब हो जाए या माइलेज कम आए, तो क्या वे लिखकर देंगे कि हर्जाना वे देंगे? किसी का लिखित जवाब नहीं आया, लेकिन नौ कंपनियों के अफसरों से मेरी डिटेल में बात हुई। वे बोले कि 2023 के पहले वाली गाड़ियां ई-10 थीं, उनमें ई-20 इस्तेमाल नहीं हो सकता। सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है, ई-20 इस्तेमाल करने से गाड़ी और माइलेज दोनों खराब होगी। अफसरों ने बताया कि अगर वे लिखकर देंगे तो प्रधानमंत्री धमकी दे रहे हैं कि फैक्ट्री बंद करा दूंगा, इनकम टैक्स की रेड करा दूंगा, प्लांट बंद कर दूंगा और ईडी भेज दूंगा। कंपनियों का कहना है कि अगर उन्होंने सरकार के कहने पर लिखकर दे दिया कि ई-20 सही है, तो कंज्यूमर कोर्ट में जाकर लोग हर्जाना मांगेंगे। ना वे ये लिखकर दे सकते हैं और ना वो, क्योंकि सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है।

पूरा देश ई-20 से परेशान है, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक चुटकुला है कि रूस, अमेरिका और भारत की पुलिस के बीच शेर पकड़ने का कंपटीशन हुआ। रूस की पुलिस पांच दिन में और अमेरिका की पुलिस एक दिन में शेर पकड़ लाई। लेकिन मोदी जी की पुलिस ने तीन दिन बाद एक कुत्ते को पकड़कर मारना शुरू कर दिया कि बोल मैं शेर हूं। यही हाल सरकार ने हमारे साथ कर रखा है। इतने सारे लोग ई-20 से परेशान होकर सच बोल रहे हैं, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है। अब तो जो भाजपा वाले इसे विपक्ष का एजेंडा या एंटी-नेशनल बता रहे थे, वे भी अब इन्हें गालियां दे रहे हैं।

पेट्रोल से इथेनॉल महंगा है, इससे न विदेशी मुद्रा बचती है और ना किसानों को ही फायदा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल से महंगा है। सारे टैक्स हटा दें तो पेट्रोल 50 रुपए और एथेनॉल 70 रुपए पड़ता है। कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण एथेनॉल की माइलेज भी कम है। सरकार कह रही थी कि एथेनॉल से फॉरेन एक्सचेंज बचती है, लेकिन कई कैलकुलेशन से साफ हो गया है कि इससे कोई फॉरेन एक्सचेंज नहीं बचती। एथेनॉल से किसान को भी कोई फायदा नहीं हो रहा है, बल्कि जहां इसके प्लांट लगे हैं वहां 20-20 किमी तक पानी और जमीन बर्बाद हो गई है, जिससे किसान दुखी है। अगर एथेनॉल से कोई फायदा नहीं है तो मोदी जी इसे पूरे देश में जबरदस्ती क्यों थोप रहे हैं?

इस साल भारत सरकार अमेरिका से 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट करेगी- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की रिसर्च में सामने आया है कि भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील साइन हुई है। उसमें लिखा है कि अगले 5 साल में भारत को अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का सामान खरीदना कंपलसरी है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक है लेकिन वहां इसकी खपत नहीं है। अमेरिका में ई-10 से भी कम का इस्तेमाल होता है और वहां भी पेट्रोल पंप पर ऑप्शन मिलती है। ई-20 लागू करने के बाद इस साल भारत, पिछले साल के मुकाबले पांच गुना ज्यादा एथेनॉल इंपोर्ट करेगा और यह सारा अमेरिका से आएगा। पिछले साल 1 बिलियन लीटर एथेनॉल अमेरिका से इंपोर्ट किया गया था। इस साल 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट किया जाएगा। ट्रंप को खुश करने के लिए भारत के ऊपर जबरदस्ती एथेनॉल थोपा जा रहा है।

मोदी जी की ट्रम्प के आगे झुकने की क्या मजबूरी है, ये नहीं पता, पर उन्होंने पूरा देश बेच दिया- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2018 में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि 2030 तक देश के अंदर ई-20 लागू करेंगे, लेकिन ट्रंप के आने के बाद मोदी जी कह रहे हैं कि 2025-2026 में ही ई-20 लागू कर दिए। 5 बिलियन लीटर का मतलब हुआ लगभग ढाई बिलियन डॉलर। एक साल में ढाई बिलियन डॉलर का एथेनॉल भारत अमेरिका से खरीदेगा। 5 साल में 15 से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम खरीदेंगे। 100 बिलियन डॉलर के सामान में से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम अमेरिका से खरीदेंगे, जिसकी हमें कोई जरूरत नहीं है। मोदी जी की जो भी मजबूरी हो, कोई कहता है एपस्टीन फाइल है, कोई कहता है अडानी को बचाना है। मुझे नहीं पता उनकी ट्रंप के सामने क्या मजबूरी है, लेकिन उन्होंने पूरा देश बेच दिया, लोगों की गाड़ियां खराब कर दीं और देश का बेड़ा गर्क कर दिया।

जब जनता के अंदर डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि युवाओं का आंदोलन अभी सफल हुआ और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उसका टर्निंग पॉइंट क्या था? मोदी जी को बड़ा गुरूर था कि इन बच्चों को तो वे देख लेंगे। एक दिन उन्होंने सोनम वांगचुक को जबरदस्ती वहां से उठा दिया। उनको लगा कि सोनम वांगचुक को उठा देंगे तो धरना खत्म हो जाएगा, लेकिन धरना और बढ़ गया। फिर 20 जुलाई को उनको लगा कि इनको डंडे मारो, आंसू गैस छोड़ो। उन्होंने अपने ही बच्चों के सर फोड़ दिए, टांगे तोड़ दीं और खूब मारा। उनको लगा कि मां-बाप और बच्चे डर जाएंगे। लोग डर भी जाते हैं, मां-बाप कहते हैं कि खबरदार जो गया। लेकिन कुछ तो चमत्कार हुआ। एक बार तो जंतर-मंतर खाली हो गया था, लेकिन रात होते-होते 20 जुलाई की रात को 4-5 हजार से लेकर 10 हजार लोग जंतर-मंतर पहुंच गए। जब जनता के बीच से डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है। 20 जुलाई की रात ने ही तय कर दिया था और उसी दिन मैंने अपने दोस्तों को बोल दिया था कि अब तो धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा।

लोग डरें नहीं, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें, मोदी जी कितनों को जेल भेजेंगे?- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने मुझे जेल में डाला। अगर मैंने कुछ गलत काम किया होता और मेरे मन में कन्विक्शन का डर होता, तो मैं भी भाजपा या एनडीए में चला जाता और उनसे दोस्ती कर लेता। मुझे पता था कि आज नहीं तो कल, न्याय तो मिलेगा ही। मैं जेल चला गया और अब मेरे मन से भी जेल का डर निकल गया है। मैं छह महीने रहकर आया हूं, छह साल भी रह लूंगा। जिस दिन जनता के मन से जेल और डंडे का डर खत्म हो जाता है, उस दिन जनता की जीत हो जाती है। कुछ लोग डरे हुए हैं, उन्हें वीडियो डालने में भी डर लगता है। एक बार मन से डर निकाल दो और सभी लोग वीडियो डालना चालू कर दो। देखते हैं मोदी जी कितने लोगों को जेल भेजेंगे। मोदी जी की ईडी, सीबीआई, पुलिस, इनकम टैक्स और सारी एजेंसियां छोटी पड़ जाएंगी।

मोदी सरकार डराकर हम पर शासन कर रही है, हमें अपने मन से डर निकालना पड़ेगा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई बार हम सोचते हैं कि अंग्रेज तो 80 हजार थे और उस समय देश की जनता 30 करोड़ थी, तो 80 हजार लोगों ने 30 करोड़ लोगों पर कैसे शासन कर लिया। आज भी वही बात है। मोदी जी की कितनी पुलिस और कितनी एजेंसियां हैं, जबकि हम 140 करोड़ लोग हैं। 140 करोड़ लोगों ने जब मिलकर अपनी आवाज उठा दी, तो मोदी जी को झुकना पड़ेगा। सब लोगों को अपने मन से डर निकालना पड़ेगा। सभी लोग खूब वीडियो बनाओ, अपने और दोस्तों के वीडियो सोशल मीडिया पर डालो। मुझे टैग करो और कोलैब रिक्वेस्ट भेजो, मैं सबके वीडियो शेयर करूंगा। मुझे इनसे डर नहीं लगता।

सरकार ने तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए जबरदस्ती पेट्रोल महंगा कर रखा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार के सामने देश की जनता की तरफ से तीन मांगें रखी। पहली, हर पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प मिलना चाहिए। लोग की मर्जी है कि वे प्योर पेट्रोल लें या ई-20। अगर सरकार यह ऑप्शन देगी और ई-20 बिका, तो इसका मतलब ई-20 सही है। यह मार्केट है, मार्केट को तय करने दें। जिसे ई-20 खरीदना हो वह ई-20 खरीदे और जिसे प्योर पेट्रोल खरीदना हो वह प्योर पेट्रोल खरीदे। दूसरी मांग यह है कि ई-20 प्योर पेट्रोल से सस्ता होना चाहिए। तीसरी मांग यह है कि आज जबरदस्ती तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए पेट्रोल महंगा कर रखा है, इसलिए पेट्रोल 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए। लोग कैलकुलेट भी कर सकते हैं कि ई-20 की वजह से सालाना और 5 साल में उनके घर में कितने पैसे का नुकसान होगा।

जब टाउनहॉल में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी…

ई-20 के खिलाफ आयोजित टाउनहॉल में बैठे लोगों के अंदर उस वक्त जोश भर गया, जब कॉमेडियन श्याम रंगीला मंच पर प्रधानमंत्री की मिमिक्री करने करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीएम की आवाज में कहा कि आज अरविंद केजरीवाल ने मेरे लिए कुर्सी लगाई है, लेकिन मुझे वे इस कुर्सी पर भी बैठे हुए ठीक नहीं लग रहे हैं, यह देखकर मुझे थोड़ी पीड़ा होती है। हमने अच्छे दिनों का वादा किया था और आज जनता इकट्ठा होकर यही मांग कर रही है कि पिछले दिन वापस आने चाहिए। एक साल पहले जब पेट्रोल शुद्ध और सही रेट में मिलता था, तब लोगों को एहसास ही नहीं हुआ कि वे अच्छे दिन थे। अब जनता की आंखें खोलने के लिए ही हम ई-20 लेकर आए हैं और पेट्रोल का रेट बढ़ाया है, ताकि लोगों को अब वो अच्छे दिन नजर आने लगें। हम इसी प्रकार देश हित के लिए कार्य करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल और ई-20 का अनुभव साझा कर रहे लोगों के सवालों के जवाब भी प्रधानमंत्री की आवाज में देकर सबको खूब हंसाया।

7 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन देखा टाउनहॉल

कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस टाउन हॉल को ऑनलाइन भी रिकॉर्ड समर्थन मिला। जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किसी अन्य टॉउनहॉल को शायद ही इतना समर्थन मिला होगा। सुबह 11ः30 बजे से शुरू हुए टाउनहॉल से धीरे-धीरे लोग जुड़ते थे और हर मिनट हजारों की संख्या में लोग जुड़ते गए। कार्यक्रम खत्म होने से ठीक पहले तक 7 लाख से ज्यादा लोग ऑनलाइन टाउनहॉल को देख रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों के अंदर ई-20 को लेकर कितनी नाराजगी और असंतोष है।

कांस्टीट्यूशन क्लब का हॉल खचाखच भरा, बाहर लगी स्क्रीन पर भी सैकड़ों लोगों ने देखा

इस टॉउन हॉल को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जैसी उम्मीद जताई जताई थी कि टाउनहॉल में बड़ी तादात में लोग हिस्सा लेंगे, वैसा ही हुआ। क्लब का जो हॉल बुक किया गया था, वह पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। यहां तक की बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर भी कार्यक्रम देख रहे थे। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए बाहर भी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी और वहां भी सैकड़ों लोगों ने पूरा कार्यक्रम देखा।

नाटक के जरिए भी ई-20 को लेकर केंद्र सरकार को दिखाया आइना

टाउनहाल कार्यक्रम की शुरूआत ही एक नाटक के जरिए की गई। यह नाटक कौन बनेगा करोड़पति से प्रेरित था। इसमें कुछ युवाओं ने ई-20 के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान और फायदे के बारे में बड़े तार्किक ढंग से समझाने की कोशिश की। नाटक के जरिए युवाओं ने देश की जनता को समझाने की कोशिश की कि ई-20 कहीं से भी पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है और ना तो कोई फायदा है। अगर किसी को फायदा हो रहा है तो वह सिर्फ सरकार और तेल कंपनियों को हो रहा है।

लोगों ने टाउनहॉल में साझा किए ई-20 के अनुभव

ई-20 से सिर्फ रबर पार्ट्स ही नहीं, फ्यूल पंप भी खराब हो रहे- मनीष कश्यप, यू-ट्यूबर

टाउन हॉल में देश की जानी-मानी शख्सियत मनीष कश्यप ने कहा कि कम सेकम अरविंद केजरीवाल ने उन 30 करोड़ गाड़ियों की आवाज सुनी, जो खुद बोल नहीं सकतीं। चुनाव के बाद सिर्फ जनता के हित की बात होनी चाहिए। मैंने टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस हाइब्रिड गाड़ी ली थी। 12 हजार किमी चलने पर गाड़ी ने पिकअप लेना बंद कर दिया। देश के 1.03 लाख पेट्रोल पंपों में से मात्र पांच से सात हजार पेट्रोल पंप ही ई-20 के लायक हैं। सरकार 300 रुपए के रबर पार्ट बदलने की बात कहती है, लेकिन ई-20 से सबसे पहले 10 हजार से 1 लाख रुपए तक का फ्यूल पंप खराब होता है। मेरी गाड़ी खराब होने पर सर्विस सेंटर ने 7,960 रुपए का बिल बनाया, जिसमें 9 फीसद स्टेट और 9 फीसद सेंट्रल जीएसटी सरकार को गया। एक साल बाद गाड़ियों की सर्विसिंग कॉस्ट डेढ़ गुना हो जाएगी।

इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है- डॉ. अनुपम सैनी, प्रोफेेसर

इस दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के पर्यावरण अध्ययन के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुपम सैनी ने कहा कि ई-20 के बारे में यह कड़वा सच छुपाया गया है कि इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है। एक लीटर इथेनॉल बनाने में लगभग 40 से 50 फीसद कार्बन फुटप्रिंट जनरेट होता है। गाड़ियों के साइलेंसर से निकलने वाले धुएं की तुलना में खेतों से निकलने वाला यह जहरीला धुआं बहुत ज्यादा खतरनाक है। भारत में गन्ने से इथेनॉल बनाने के लिए औसतन 2500 से 3000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि हमारा देश पानी के भारी संकट से जूझ रहा है। इसके अलावा देश में 70 फीसद बिजली अभी भी कोयले से बन रही है। एक लीटर पेट्रोल 10 से 20 यूनिट ऊर्जा देता है, जबकि इथेनॉल केवल डेढ़ से पांच यूनिट ऊर्जा पैदा करता है, जिससे गाड़ी की एफिशिएंसी काफी कम हो जाती है।

ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह खराब हो गया- नीरज झा, जोमैटो राइडर

वहीं, जोमैटो राइडर नीरज झा ने कहा कि मैं जोमैटो के लिए डिलीवरी राइडर का काम करता हूं। ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह से खराब हो गया है और मैं पिछले दो महीने से बेरोजगार बैठा हूं। पहले मैं 95 रुपए प्रति लीटर वाला पेट्रोल डलवाता था, लेकिन अब यह महंगा होकर 115 रुपए हो गया है। पहले मैं जोमैटो से काम करके महीने के 15 से 20 हजार रुपए आसानी से कमा लेता था, लेकिन अब काम बंद होने की वजह से मेरी कमाई पूरी तरह से रुक गई है। मेरी नई बाइक पहले बिल्कुल सही चल रही थी, लेकिन जब इंजन में दिक्कत आने पर मैंने उसे मैकेनिक से चेक कराया, तो उसने बताया कि इंजन में पानी चला गया है। जब मैंने खुद देखा तो सच में इंजन से पानी निकला। मुझे नहीं पता कि वह पानी इथेनॉल था या कुछ और था। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मेरी इस हालत के लिए असल में जिम्मेदार कौन है?

ई-20 की वजह से पुरानी गाड़ियों के कार्बोरेटर में सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही- आमिर खान, मैकेनिक

उधर, मोटर मैकेनिक आमिर खान ने कहा कि मुझे टू-व्हीलर और पेट्रोल गाड़ियों की रिपेयरिंग का 12 साल का लंबा अनुभव है। ई-20 पेट्रोल की वजह से पुरानी बीएस4 और बीएस3 गाड़ियों के कार्बाेरेटर में बहुत ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। अगर आप गाड़ी में ई-20 डलवाने के बाद उसे 15 से 20 दिन या एक महीने के लिए खड़ी कर देते हैं, तो कार्बाेरेटर के नीचे वाले हिस्से में जहां पेट्रोल इकट्ठा रहता है, वहां गाद और काई जम जाती है। वहां एक मीठा पदार्थ बन जाता है, जिससे कार्बाेरेटर पूरी तरह खराब हो जाता है और गाड़ी चलना बंद हो जाती है। यह दिक्कत पहले की गाड़ियों में नहीं आती थी। नई बीएस6 गाड़ियों में भी ई-20 डालने के बाद पिकअप और माइलेज बहुत ज्यादा ड्रॉप हो जाती है और रास्ते में चलते-चलते गाड़ी अचानक बंद हो जाती है। बीएस-6 बाइक के फ्यूल टैंक के अंदर एक फ्यूल पंप होता है जिसमें एक फिल्टर लगा होता है। ई-20 पेट्रोल की वजह से यह फिल्टर बहुत ही जल्दी चोक हो जाता है, जिसके कारण गाड़ियों की सर्विस कॉस्ट आज के समय में काफी ज्यादा बढ़ गई है।

Continue Reading

National

चार अगस्त को ई-20 के खिलाफ आई 2 लाख पीटिशन लेकर प्रधानमंत्री से मिलने जाऊंगा- केजरीवाल

Published

on

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। शनिवार को उन्होंने एलान किया कि वह 4 अगस्त (मंगलवार) को ई-20 के खिलाफ देश के लोगों से ऑनलाइन मिली पीटिशन को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने उनके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकलूंगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मेरे साथ प्रधानमंत्री के घर वहीं लोग चलें, जिन्हें डंडे और जेल जाने से डर नहीं लगता है। साथ ही उम्मीद जताई कि नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, उन्हें भी वहां तक जाने दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने देश के लोगों से प्रधानमंत्री के नाम पिटीशन साइन करने को कहा था। अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन पिटीशन साइन की है। मैंने उनके प्रिंट आउट ले लिए हैं और मंगलवार, 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे सारी पिटीशन लेकर मैं खुद व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को देने उनके घर जाऊंगा। सब लोगों को आने की जरूरत नहीं है। मैं अपने साथ सिर्फ 100 ऐसे लोग लेकर जाऊंगा जिन्हें डंडे या जेल जाने से डर नहीं लगता। जो लोग जाना चाहते हैं, वे मुझे टैग करके लिख दें। हम 100 लोगों को साथ ले जाएंगे और प्रधानमंत्री के घर की तरफ कूच करेंगे, फिर देखते हैं उसके बाद क्या होता है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वे उन पर एफआईआर करा देते हैं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनकी नाक में इन्होंने दम कर रखा है। इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है और ई-20 में गड़बड़ है। अगर ई-20 सही होता तो वे आमने-सामने बैठकर बात करते। दो सबूत हम रखते और दो सबूत वे रखते। लेकिन जब वे धमकी देकर कुछ करा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है। एलान करके प्रधानमंत्री आवास जाने और सिक्योरिटी से जुड़े सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, मुझे उम्मीद है कि हमें भी वहां तक तो जाने ही देंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप के सामने कमजोर पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री की कुछ तो मजबूरियां हैं, जिसकी वजह से उन्होंने पूरे देश को ट्रंप के सामने गिरवी रख दिया है और देशवासी बहुत दुखी हैं। प्रधानमंत्री की जो भी मजबूरियां हों, हम उनसे निवेदन करते हैं कि अगर वे अपनी मजबूरियों को फेस नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दें। वे किसी और को प्रधानमंत्री बनने दें, जो कम से कम ट्रंप की आंखों में आंखें डालकर मुकाबला कर सके, लेकिन पूरे देश को दुखी न करें।

Continue Reading

Trending