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अकाली, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को नशे की दलदल में धकेला, अब ‘आम आदमी पार्टी’ बना रही नशा मुक्त पंजाब – Kejriwal
मोगा में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्पष्ट और सख्त संदेश देते हुए कहा कि जहां शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने राज्य को नशों में डुबो दिया, वहीं ‘आप’ की सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए नशों के कारोबार में शामिल हर किसी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने नशा तस्करों को बचाने की बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने 2,000 किलो से अधिक नशे की बरामदगी, बड़े सौदागरों को जेलों में डालने और उनके महलनुमा घरों पर बुलडोजर चलाने का हवाला देते हुए कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों को सचेत करते हुए कहा कि अगर पिछली सरकारें सत्ता में आईं तो पंजाब को फिर नशों की दलदल में जाने से कोई नहीं बचा सकता।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि आप की सरकार ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पर ‘चिट्टे’ के दाग को मिटाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की रणनीति इस अभियान को सख्ती से लागू करने के माध्यम से नशा मुक्त पंजाब सृजित करने की ओर केंद्रित है, जिसमें हर गांव में खेल मैदानों का निर्माण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है।
आप के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने नशा विरोधी अभियान को पंजाब के शासन में एक निर्णायक पड़ाव घोषित करते हुए इसे कानून लागू करने वाला मिशन और प्रदेश भर में लोगों का विश्वास जीतने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की ओर निर्देशित एक व्यापक प्रयास करार दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग आज ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में शामिल होने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक साल पहले 1 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने यह अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि जब हमने एक साल पहले ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था तब लोगों में इसके प्रति ज्यादा उत्साह नहीं था क्योंकि उन्होंने पिछली सरकारों को बड़े-बड़े दावे करते और जमीनी स्तर पर कुछ न करने देखा था। उन्होंने कहा कि इसी कारण जब हमने नशों के खिलाफ यह जंग शुरू की तो उस समय लोगों में कहीं न कहीं सहम और झिझक का माहौल था और कोई भी नशा तस्करों और नशों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए आगे आने को तैयार नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि अगर वे ऐसा करेंगे तो उनके परिवारों को डराया-धमकाया और तंग-परेशान किया जाएगा।
पिछले साल की कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि पिछले एक साल में, जिस तरह पुलिस ने नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और विभिन्न स्थानों से नशीले पदार्थ जब्त किए, जिसमें 2,000 किलो से अधिक नशीले पदार्थों की बरामदगी और नशा बेचने वालों के शानदार बंगलों पर बुलडोजर चलाना, नशों के बड़े तस्करों (जिनका नाम लेने से भी लोग डरते और कांपते थे) को जेलों में डालना शामिल है, तो धीरे-धीरे लोगों को विश्वास होने लगा कि यह ‘आप’ की सरकार है, यह भगवंत मान की सरकार है, जो किसी से नहीं डरती।
उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब में नशों के खिलाफ ऐसा जोरदार अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि इस ‘युद्ध’ में हिस्सा लेने के लिए आज का विशाल समागम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जनता का विश्वास बढ़ रहा है और लोगों के दिलों से डर उठ रहा है, जिसके चलते लोग आगे आ रहे हैं और सरकार तथा पुलिस में उनका विश्वास मजबूत हो रहा है।
इस अभियान के तहत सृजित संरचना के बारे में बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे पंजाब के हर गांव और हर वार्ड में लोगों की कमेटियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत विलेज डिफेंस कमेटियां (वी.डी.सी.) बनाई जा रही हैं और प्रत्येक वार्ड और गांव के सम्मानित और प्रभावशाली लोगों जैसे सेवानिवृत्त शिक्षक, सेवानिवृत्त फौजी अधिकारी, युवा, सरपंच आदि को इन कमेटियों में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों की मुख्य रूप से दो जिम्मेदारियां हैं, जिसमें पहली जिम्मेदारी सरकार को उन लोगों के बारे में सूचित करना है जो गांव या वार्ड में नशा बेच रहे हैं और ऐसे लोगों के बारे में जिनसे वे आगे नशा खरीदते हैं।
सुरक्षा संबंधी शंकाओं पर बात करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा कि बहुत से लोग अभी भी सोचते हैं कि अगर वे जानकारी देंगे तो उनके परिवारों को मार दिया जाएगा या परेशान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने एक एप बनाया है और यह एप हर गांव रक्षा कमेटी सदस्य के फोन में डाला गया है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य इस एप के माध्यम से जानकारी दे सकता है, जिसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी को भी पता नहीं चलेगा कि आपने कोई जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बहुत सी गांव रक्षा कमेटियां पहले ही जानकारी साझा कर रही हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि गांव रक्षा कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि वे किसी से नहीं डरते और वे इस युद्ध में पूरी तरह सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब पूरा पंजाब एकजुट हो रहा है, लोगों के मन से डर निकल रहा है और गांवों के लोग नशा बेचने वालों को मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं।
इस अभियान के तहत सरकार के दो मुख्य कार्यों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि पहला कार्य नशा बेचने वालों के बारे में जानकारी प्रदान करना है ताकि पुलिस उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करके जेल भेज सके और दूसरा कार्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव में जो लोग नशे की लत का शिकार हैं, उन्हें इलाज के लिए नजदीकी केंद्र में ले जाया जाए ताकि वे नशों की दलदल से बाहर निकल सकें।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गांव रक्षा कमेटियों के पास अब अपने गांव को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी है। इसलिए जो भी कदम उठाने की जरूरत है, वे उठाएं और हमें बताएं कि आपको इस कार्य के लिए किस चीज की जरूरत है, हमारी ओर से सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। आपको जिस भी संसाधन और मदद की जरूरत है, वह दी जाएगी। इसलिए अब अपने आस-पास के इलाके को नशा मुक्त बनाने की जिम्मेदारी अब आपकी है और पूरी पुलिस आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री सहित पूरा प्रशासन आपके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से आप द्वारा दी गई सारी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती है, जिस पर तुरंत कार्रवाई होती है।
अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि अगर स्थानीय स्तर पर कोई भी पुलिस अधिकारी अच्छा काम करता है तो उसे इनाम दिया जाएगा और अगर कोई भी पुलिस अधिकारी नशा बेचने वालों से मिलीभगत करता पाया जाता है तो उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन कमेटियों के अधिक से अधिक विस्तार की अपील करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा, “धीरे-धीरे, गांव रक्षा कमेटी 10 सदस्यों तक सीमित न रहे बल्कि इसके अंतर्गत पूरे गांव को शामिल किया जाए। अगर पूरा गांव एकजुट हो जाएगा तो कोई भी नशा बेचने की हिम्मत नहीं करेगा।”
पुनर्वास और युवाओं की भागीदारी पर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हर गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान खेल मैदान बनवा रहे हैं। वहां आप क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल खेल सकते हैं। खेल का सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा। हमारी कोशिश है कि जो बच्चे नशे से बाहर आएं, वे दोबारा उसमें न जाएं। उन्हें खेलों की ओर ले जाने व रोजगार की व्यवस्था की जा रही है। अब तक 60,000 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। भगवंत मान ने 60,000 सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और बिना सिफारिश के दी हैं। रोजगार के और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जो बच्चे नशे के शिकार हैं, उन्हें नशे से बाहर निकालकर खेलों की ओर प्रेरित करने और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।”
उन्होंने कहा, “आपको हर गांव के हर परिवार के पास जाना होगा और बताना होगा कि पंजाब को नशे में किसने धकेला – अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस। जब उनकी सरकारें सत्ता में थी, तब पंजाब का हर परिवार नशे में डूब रहा था। उन्होंने पंजाब के युवाओं को बर्बाद किया। हर परिवार और पंजाब के भविष्य को नुकसान पहुंचाया। आपको हर घर जाकर कहना होगा कि इन पार्टियों को भूलकर भी वोट न दें, वरना पंजाब फिर से नशे में डूब जाएगा। पहली बार ऐसी पार्टी आई है जो नशा बेचने वालों का पीछा कर रही है, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज रही है, उनके घरों और बंगलों को गिरा रही है, उनकी संपत्ति जब्त कर रही है और उनके बैंक खाते फ्रीज कर रही है।”
अरविंद केजरीवाल ने कहा, प्रदेश में पहली बार भगवान की कृपा से ऐसी सरकार आई है। किसी भी परिस्थिति में आपको अन्य पार्टियों को वोट नहीं देना चाहिए। यह ग्राम रक्षा कमेटियों की जिम्मेदारी है। हमें घर-घर जाकर लोगों को बताना है। बहुत जल्द हमारा पंजाब रंगला पंजाब और नशा मुक्त पंजाब बनेगा।
इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘चिट्टे’ को पंजाब विरोधी ताकतों ने युवाओं की रगों में उतारा, जिसके कारण राज्य और लोगों के जीवन से रंग गायब हो गए। उन्होंने कहा, “जो लोग सत्ता में रहते हुए नशे को संरक्षण देते थे, वे अपने आधिकारिक वाहनों में राज्य में नशा ढोते थे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “गहन अध्ययन के बाद राज्य सरकार ने बहुआयामी रणनीति अपनाई और आपूर्ति श्रृंखलाओं को तोड़ा, पीड़ितों का पुनर्वास किया, उनकी संपत्तियां ध्वस्त कीं और ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत इन अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नशा तस्कर राज्य से भाग रहे हैं क्योंकि नशे के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया गया है और इसके सकारात्मक परिणाम जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा, “हमने रंगला पंजाब बनाने के लिए ही पदभार संभाला है और इस महान उद्देश्य के लिए जनता के सहयोग से कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।” विपक्ष पर तंज कसते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “यदि मैं नियमित जांच के लिए अस्पताल भी चला जाऊं, तो वे मेरे और मेरे स्वास्थ्य के बारे में अफवाहें फैलाते हैं क्योंकि वे मुझसे और मेरे जनहितैषी दृष्टिकोण से ईर्ष्या करते हैं।”
मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में जनता को गुमराह करने के लिए अफवाहें फैलाने पर विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली है। इस योजना के तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपए तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्राप्त करने का अधिकार है। यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना जनता पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करेगी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक कदम राज्य के सभी परिवारों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। “सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और प्रत्येक अन्य नागरिक स्वास्थ्य कार्ड के पात्र हैं।” भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जिन्हें बीमारी की स्थिति में उपचार के लिए अपनी जेब से भारी खर्च करना पड़ता था।”
हालांकि, भ्रामक जानकारी के खिलाफ चेतावनी देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि राज्य के लोग ऐसी सुविधाओं का लाभ उठाएं, इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में जानबूझकर झूठ फैला रही हैं। ये भ्रामक बातें लोगों को योजना का लाभ लेने से हतोत्साहित करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं, जो पूरी तरह से अनुचित और अवांछनीय है।”
भगवंत सिंह मान ने लोगों को इन ताकतों से सावधान रहने की चेतावनी दी, जो राज्य की प्रगति और जनता की समृद्धि को पटरी से उतारने की साजिश रच रही हैं।”
पंजाब की छवि को हुए नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि पंजाब ने कई उत्कृष्ट खिलाड़ी, जरनैल, शहीद और अन्य महान हस्तियां पैदा की हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश इन ताकतों ने पंजाबियों को नशेड़ी कहकर पंजाब के नाम पर कलंक लगा दिया। उन्होंने कहा, “जिन्होंने ये पाप किए हैं, उन्हें जनता सजा देगी,” और आगे कहा कि, “वे अपनी अवैध कमाई के बल पर अदालतों से सजा से बच सकते हैं, लेकिन जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।” भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों दोनों को आगे आकर सामूहिक और समन्वित प्रयासों से नई पीढ़ी को बचाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण राज्य में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या कम हुई है, क्योंकि पंजाब सरकार स्थानीय युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार दे रही है। “राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में 63,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, जिसके कारण लोग अब विदेश जाने की योजनाएं छोड़ रहे हैं। जहां राज्य सरकार जनता के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है, वहीं विपक्ष अपने शासनकाल के दौरान केवल सफल योजनाओं में हिस्सेदारी चाहता था।”
विपक्षी नेतृत्व पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “ये वे शैतान हैं जो नशे और अपराधियों को संरक्षण देकर राज्य को बर्बाद करना चाहते हैं, जिसके कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया है। अब ये सभी पंजाब-विरोधी ताकतें पंजाब को बर्बाद करने के लिए एकजुट हो गई हैं, और अब समय आ गया है कि पंजाबी भी एकजुट होकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएँ।” राज्य सरकार की जनहितकारी पहलों का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हर गाँव के अंतिम छोर तक पानी पहुँच रहा है, जबकि पहले नहर का पानी केवल संपन्न लोगों के खेतों तक ही सीमित रह जाता था।”
उन्होंने कहा, “अब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली दी जा रही है, जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों या नशा तस्करों का समर्थन करने वालों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है।” उन्होंने आगे कहा, “ पंजाब को फिर से रंगला पंजाब बनाने की यात्रा में आम जनता का सहयोग सबसे अधिक आवश्यक है।” भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब और पंजाबी हर युद्ध जीतने का गौरव रखते हैं, और अब नशे के खिलाफ यह युद्ध भी लोगों के सहयोग से जीता जाएगा।”
इस मौके आप के वरिष्ठ नेता और आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “युद्ध नशे के विरुद्ध” ने नशे की कमर तोड़ दी है और 17,000 नशा तस्करों को जेल भेजा गया है।” उन्होंने कहा, “युद्ध नशे के विरुद्ध का दूसरा चरण नशे की बीमारी के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा, और गाँव रक्षा कमेटियां (वीडीसी) पंजाब को नशा-मुक्त बनाने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएँगी।” मनीष सिसोदिया ने कहा कि पुलिस और सिविल प्रशासन के सक्रिय सहयोग से इस अभियान को जारी रखने में गाँव रक्षा कमेटियों को प्रमुख भूमिका निभानी होगी।
एक ऐतिहासिक पहल के तहत, सोमवार को आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लाखों लोगों को पंजाब को नशा-मुक्त राज्य बनाने की शपथ दिलाई गई।
इससे पहले, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों को पंजाब को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कई कैबिनेट मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।
क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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जयपुर में 24 घंटे के लिए डिजिटल कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाएं बंद
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। यह प्रतिबंध बीती रात 12 बजे से लागू हो गया है और आज रात 12 बजे तक जारी रहेगा।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के संवेदनशील इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए जा सकते हैं, जिससे माहौल खराब होने का खतरा है। इसी को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा SMS और MMS सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना फैलाने, शांति भंग करने या जारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य रहने पर प्रतिबंध हटाने को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।
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7 साल बाद SAFF चैंपियन बना भारत, PM मोदी ने दी बधाई
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद SAFF महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह मैच गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया।
भारत की ओर से पियारी जाखसा, सनफिदा नोंगरूम और लिंडा कोम सेत्रो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना ने किया। पियारी जाखसा ने 42वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश ने बराबरी कर ली। दूसरे हाफ में सनफिदा नोंगरूम के शानदार हेडर और 82वें मिनट में लिंडा कोम सेत्रो के गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल ही खाया। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई।
इस अवसर पर भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2012 में भारत के लिए पदार्पण किया था और 95 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अपने करियर का समापन एक और SAFF खिताब के साथ किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और यह उपलब्धि देश की युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
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