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पंजाब के टेक्सटाइल क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद; उद्यमियों को निवेश करना चाहिए, सरकार पूरा समर्थन देगी: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज टेक्सटाइल निवेश के लिए भारत के सबसे पसंदीदा स्थान के रूप में पंजाब की वकालत करते हुए कहा कि राज्य में समग्र टेक्सटाइल वैल्यू चेन से संबंधित अपार अवसर उपलब्ध हैं और यह उद्यमियों के लिए एक पारदर्शी, उद्योग अनुकूल माहौल प्रदान करता है। नई दिल्ली में भारत टेक्स 2026 के दौरान पंजाब स्टेट पैवेलियन का उद्घाटन करते हुए और पंजाब सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक नई औद्योगिक और व्यापारिक विकास नीति पेश की गई है तथा सिंगल विंडो और सिंगल पैन प्रणालियों के माध्यम से समयबद्ध मंजूरियां सुनिश्चित की जा रही हैं।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने पिछले चार वर्षों में दो लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित किया है और रोजगार के पांच लाख अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों को राज्य के विकास में भागीदार मानती है और लाल फीता प्रणाली के माध्यम से नौकरशाही से संबंधित परेशानी को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब को उन्नत टेक्सटाइल निर्माण और औद्योगिक निवेश के लिए देश का पसंदीदा स्थान बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भारत टेक्स 2026 के दौरान पंजाब स्टेट सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों द्वारा पहले उद्योगपतियों को एटीएम माना जाता था, लेकिन ‘आप’ सरकार ने उन्हें राज्य की सामाजिक-आर्थिक तरक्की में बराबर का भागीदार बनाया है। पंजाबियों को मेहनत, समर्पण और देशभक्ति की अद्वितीय भावना से नवाजा गया है। इन गुणों के कारण पंजाबियों ने हर क्षेत्र में मल्ला मारी हैं। इन बातों को याद करने का एकमात्र उद्देश्य हमारी युवा पीढ़ियों को राज्य की शानदार और समृद्ध सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक विरासत से परिचित करवाना है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज पंजाब के पास सबसे बेहतर उद्यमी कल्चर, सबसे बेहतर विनिर्माण क्षमता, सबसे बेहतर कुशल स्टाफ, एकीकृत वैल्यू चेन और रणनीतिक स्थान मौजूद है। मैं औद्योगिक नेताओं, निवेशकों, नवप्रवर्तकों, ग्लोबल ब्रांड्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों को पंजाब के विकास में भागीदार बनने का आमंत्रण देता हूं। पंजाब में पांच बिजली उत्पादन प्लांट हैं और राज्य द्वारा बिजली पैदा करने के लिए पछवाड़ा स्थित अपनी समर्पित कोयला खदान से 70 लाख मीट्रिक टन कोयले का उपयोग किया जाता है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक विकास सरकार और उद्योगों के बीच सहयोग से ही संभव हो सकता है। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि औद्योगिक क्षेत्र तभी तरक्की कर सकता है जब सरकार और उद्योग कंधे से कंधा मिलाकर काम करें। इसलिए निवेशक और उद्यमी पंजाब के औद्योगिक भविष्य के मुख्य स्तंभ हैं। पंजाब का मजबूत निवेश इकोसिस्टम उचित बिजली दरें, जमीन संबंधी सुविधाएं और निवेशक-अनुकूल माहौल प्रदान करता है। पंजाब व्यापार करने की आसानी में पहले स्थान पर है और एक कुशल सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से पारदर्शी तरीके से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट पास करने वाला पहला राज्य बन गया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ‘अवसरों की धरती’ है, जहां विश्व प्रसिद्ध कंपनियां अपना कारोबार स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं। पहले नेताओं द्वारा उद्योगपतियों पर उनके कारोबार में हिस्सा लेने के लिए दबाव डाला जाता था, जिस कारण उद्योगों ने राज्य से किनारा कर लिया और पंजाब आर्थिक विकास के क्षेत्र में पिछड़ गया था, जिससे इसकी तरक्की और खुशहाली खतरे में पड़ गई थी। वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के बाद मेरी नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कई क्रांतिकारी पहलकदमियां की हैं, जिनके कारण पंजाब अब हर क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है।”

भारत टेक्स 2026 के दौरान पंजाब स्टेट सेशन में डेलिगेट्स का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत टेक्स महज उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि एक प्लेटफॉर्म है जहां भारत के टेक्सटाइल भविष्य की रूपरेखा घड़ी जा रही है, भागीदारी स्थापित की जा रही है और नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। पंजाब द्वारा भारत टेक्स में एक भागीदार राज्य के रूप में हिस्सा लिया जा रहा है, क्योंकि टेक्सटाइल राज्य के लिए महज एक उद्योग नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विरासत और आर्थिक क्षमता का हिस्सा है। पीढ़ियों से पंजाब ने सिर्फ कपड़ा ही नहीं, बल्कि रोजी-रोटी, उद्यमिता और खुशहाली को बुना है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक नए अध्याय की शुरुआत पर खड़ा है, जो प्रौद्योगिकी, स्थिरता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को अपनाते हुए अपनी पारंपरिक ताकत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि राज्य को एक विशिष्ट लाभ है क्योंकि इसके पास एक पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन है, जिससे टेक्सटाइल उत्पादन के हर चरण को पंजाब के अंदर ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “नरमा की खेती से लेकर कताई तक, धागे से लेकर कपड़े तक, बुनाई और प्रोसेसिंग से लेकर गारमेंट्स तक और निर्माण से लेकर निर्यात तक, पंजाब के पास कुछ ऐसा है जिसका दावा दुनिया के बहुत कम क्षेत्र कर सकते हैं। यह एक पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन है। पंजाब एक एकीकृत इकोसिस्टम प्रदान करता है, जहां सारी टेक्सटाइल प्रक्रिया एक ही राज्य के अंदर हो सकती है।”

किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, कामगारों और औद्योगिक दिग्गजों के योगदान को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह एकीकृत इकोसिस्टम हमारे किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, कामगारों और औद्योगिक घरानों की दशकों की मेहनत से बना है। आज पंजाब भारत के प्रमुख टेक्सटाइल स्थानों में से एक है और वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के टेक्सटाइल निर्यात के साथ, भारत के टेक्सटाइल और कपड़ा निर्यात में लगभग 4 प्रतिशत योगदान देता है। राज्य के उत्पाद संयुक्त राज्य अमेरिका, यूएई, यूके और अन्य कई विश्व बाजारों समेत दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचते हैं। यह न केवल हमारे उत्पादों की गुणवत्ता को दर्शाता है बल्कि पंजाब की विनिर्माण क्षमताओं में वैश्विक खरीदारों के विश्वास को भी दर्शाता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भारत की कुछ सबसे प्रसिद्ध टेक्सटाइल कंपनियों का घर है, जिनमें वर्धमान, सनातन टेक्सटाइल्स, नाहर, मोंटे कार्लो, गंगा एक्रोवूल, स्पोर्टकिंग, शिंगोरा और ऑक्टेव शामिल हैं, जिन्होंने सभी ने गुणवत्ता और नवाचार में विश्व स्तर के मानदंड स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि हजारों एमएसएमई पंजाब की टेक्सटाइल अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके उद्यमी जज्बे ने राज्य को भारत के सबसे मजबूत विनिर्माण इकोसिस्टम में से एक में बदल दिया है। उन्होंने कहा, “जब लोग पंजाब के टेक्सटाइल उद्योग के बारे में सोचते हैं, तो एक शहर जो तुरंत मन में आता है वह है लुधियाना, जो उत्तरी भारत में सबसे बड़ा कपड़ा और निटवियर क्लस्टर है। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि यह शहर भारत के ऊनी निटवियर में लगभग 90 प्रतिशत और देश के हौजरी उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत योगदान देता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब टेक्निकल टेक्सटाइल, इंडस्ट्रियल टेक्सटाइल, मेडिकल टेक्सटाइल, प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल, जियोटेक्सटाइल, सस्टेनेबल फाइबर्स, स्मार्ट फैब्रिक्स, फंक्शनल अपैरल, हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्सवियर के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार में बड़ी क्षमताएं रखता है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विनिर्माण क्लस्टर हैं और कुशल उद्यमियों तथा कामगारों का पीढ़ी-दर-पीढ़ी पूल चला आ रहा है, जो टेक्सटाइल क्षेत्र को किसी भी अन्य से बेहतर समझता है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार औद्योगिक विकास को अगले स्तर तक ले जाने के लिए उपयुक्त इकोसिस्टम तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने हाल ही में पंजाब इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 लॉन्च की है, जिसे हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद बड़ी बारीकी से तैयार किया गया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार बेहतर बुनियादी ढांचे, निवेशक सुविधाओं, भरोसेमंद बिजली, कौशल विकास, नवाचार और निर्यात को प्रोत्साहित करने जैसे कदमों के माध्यम से उद्योगों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्ट पंजाब और फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल मंजूरियों को सरल बना रहे हैं, शर्तों के बोझ को घटा रहे हैं और उद्योगों के लिए तेज, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उद्योग, अकादमिक, अनुसंधान संस्थानों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और कौशल विकास एजेंसियों के बीच भागीदारी के माध्यम से ही प्रतिस्पर्धा में जगह बनाई जा सकती है।

उन्होंने कहा, “पंजाब हमेशा एक बहिर्मुखी अर्थव्यवस्था रहा है और राज्य सरकार उद्योगपतियों को पारंपरिक बाजारों से आगे बढ़ने, अपनी निर्यात क्षमता में विविधता लाने और ग्लोबल वैल्यू चेन्स में अधिक भागीदारी के साथ जुड़ने में मदद करना चाहती है।” उद्योग केवल उत्पादन के बारे में नहीं है बल्कि यह लोगों के बारे में है और यह लाखों परिवारों को रोजी-रोटी प्रदान करता है, जिससे महिलाओं के लिए भी अवसर पैदा होते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “एमएसएमई को सशक्त बनाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना, निर्यात को मजबूत करना और सबसे अधिक सामूहिक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना समय की मांग है।”

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और अन्य भी मौजूद थे।

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Politics

CM भगवंत सिंह मान द्वारा पराली जलाने को रोकने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राज्य में पराली जलाने की प्रवृत्ति को और रोकने के लिए व्यापक सूचना और जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया, क्योंकि पंजाब सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण 2023 से 2025 तक ऐसी घटनाओं में पहले ही 86 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। अधिकारियों को इस अभियान को गांवों और ब्लॉकों तक और अधिक प्रभावी ढंग से ले जाने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन उपलब्धियों को मजबूत करने और पंजाब के पर्यावरण को बचाने के लिए गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओज़.), समाजसेवियों, पंचायतों और किसानों की सक्रिय भागीदारी, बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया की पहुंच और मजबूत इन-सीटू तथा एक्स-सीटू (खेत में और खेत से बाहर) पराली प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।

पराली प्रबंधन की रणनीति से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस वर्ष पंजाब में लगभग 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुआई की गई है, जिससे 18.81 मिलियन टन पराली उत्पन्न होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के भरपूर प्रयासों के कारण पंजाब में 2023 से 2025 तक पराली जलाने की घटनाओं में 86 प्रतिशत की कमी आई है। ये घटनाएं 2023 में 36,663 से घटकर 2024 में 10,909 और 2025 में और घटकर 5,114 रह गई हैं। हमें इसे और आगे बढ़ाना है और यह सुनिश्चित करना है कि इस वर्ष पराली जलाने की घटनाओं में और भी कमी आए।”

जमीनी स्तर पर तीव्र अभियान की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “किसानों को पराली जलाने के नुकसानों के प्रति जागरूक करने के लिए गांव और ब्लॉक स्तर पर व्यापक सूचना और जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। प्रत्येक हितधारक को किसानों को पराली जलाने के स्थायी विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु मिलकर काम करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि किसानों को प्रेरित करने के प्रयासों को और मजबूत करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओज़.) और समाजसेवियों को इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “गैर-सरकारी संगठनों और समाजसेवियों को किसानों को प्रेरित करने के लिए साथ जोड़ा जाए। मशीनरी के प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक, सरपंचों के साथ बैठकें, शपथ ग्रहण समारोह और अन्य जागरूकता कार्यक्रम व्यापक स्तर पर करवाए जाएं ताकि यह संदेश जमीनी स्तर तक किसानों तक पहुंच सके।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जमीनी स्तर की गतिविधियों के पूरक के रूप में एक व्यापक डिजिटल और मल्टीमीडिया रणनीति अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “रेडियो जिंगल्स, प्रिंट मीडिया, टेलीविजन, मोबाइल एस.एम.एस. और आउटडोर मीडिया को शामिल करते हुए विस्तृत डिजिटल योजना लागू की जानी चाहिए। पराली जलाने के दुष्प्रभावों और उपलब्ध प्रबंधन विकल्पों के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए सोशल मीडिया जागरूकता अभियान भी बड़े पैमाने पर चलाया जाना चाहिए।”

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों और ग्रामीण संस्थानों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रगतिशील किसानों, उत्कृष्ट प्रदर्शन वाली पंचायतों, पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसायटियों) और अन्य हितधारकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए। ऐसा सम्मान दूसरों को अच्छी प्रथाओं को अपनाने और पराली प्रबंधन को एक सामूहिक आंदोलन बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।”

उन्होंने इस रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी हितधारकों और जिलों के बीच आपसी समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी हितधारकों और जिलों के बीच बेहतरीन समन्वय सुनिश्चित किया जाए ताकि पूरी योजना को सुचारू और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रत्येक विभाग और हितधारक को समन्वय में काम करना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने पराली के खेत में और खेत से बाहर प्रबंधन दोनों तरीकों के महत्व को भी उजागर किया। उन्होंने कहा, “धान की पराली के खेत में और खेत से बाहर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ मिल सके और पर्यावरण की भी सुरक्षा हो सके। हमारा उद्देश्य किसानों को पराली जलाने के व्यावहारिक और स्थायी विकल्प प्रदान करना होना चाहिए।”

बैठक में कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और हरदीप सिंह मुंडियां, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, सचिव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के.के. यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, सचिव कृषि विभाग अर्शदीप सिंह थिंद और अन्य उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।

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बिक्रम मजीठिया अपने रिकॉर्ड और कथित नशा तस्करी संबंधों पर सवालों के जवाब दें: कुलदीप सिंह धालीवाल

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शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा लगाए गए आरोपों का पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया को राजनीतिक कीचड़ उछालना बंद करना चाहिए और पहले अपने रिकॉर्ड तथा नशा विवाद से जुड़े कथित संबंधों के बारे में उठ रहे गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए।

एक बयान में ‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि जिस व्यक्ति पर बिक्रम सिंह मजीठिया आरोप लगा रहे हैं, उसने खुद एक वीडियो में साफ कहा है कि कोई वित्तीय लेन-देन नहीं हुआ। उसने न तो किसी को पैसे दिए हैं और न ही किसी से पैसे लिए हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपके पास कोई सबूत है तो महज आरोप लगाने की बजाय उसे पंजाब के लोगों के सामने रखो।”

‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने बिक्रम सिंह मजीठिया को मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी वाहनों के कथित इस्तेमाल के बारे में सवालों के जवाब देने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “जब आप मंत्री थे, क्या आपकी सरकारी गाड़ियों के जरिए कथित नशे का लेन-देन होता था? पंजाब के लोगों को इस बारे में स्पष्ट जवाब दो।”

उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया के उन व्यक्तियों के साथ कथित संबंधों पर भी सवाल उठाए, जिनके नाम नशा तस्करी की जांच के दौरान सामने आए थे। उन्होंने कहा, “जांच में नशा तस्करी से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। क्या ऐसे कथित नशा तस्कर आपके साथ नहीं जुड़े हुए थे या आपके निवास पर नहीं ठहरते थे? अगर आप दूसरों से जवाब मांग रहे हैं, तो आपको खुद भी इन सवालों का जवाब देना होगा।”

दोषी नशा तस्कर जगदीश भोला का हवाला देते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, “नशा तस्करी के मामले में जेल में बंद जगदीश भोला ने सार्वजनिक तौर पर आपका नाम लिया था और आप पर गंभीर आरोप लगाए थे। क्या उसने आपका नाम लिया था या नहीं? उन आरोपों पर आपकी क्या प्रतिक्रिया थी, और आज आपका स्पष्ट जवाब क्या है?”

कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, “नशे की लानत ने पंजाब की जवानी को तबाह कर दिया है। जिन्होंने पंजाब की नौजवान पीढ़ी के भविष्य को बर्बाद करने में योगदान दिया, वे महज दूसरों पर उंगलियां उठाकर जवाबदेही से नहीं बच सकते। नशे से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हर व्यक्ति को जवाब देना होगा, चाहे उसकी पार्टी या पद कोई भी हो।”

उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया से उनकी वित्तीय स्थिति और पंजाब के बढ़ रहे कर्ज के बारे में सवाल करते हुए कहा कि वह सार्वजनिक जीवन में आने के बाद की अपनी निजी संपत्ति और देनदारियों का पारदर्शी हिसाब-किताब दें। “जब आप सत्ता में आए थे, तब आपका निजी कर्ज और संपत्ति कितनी थी? आज वह कहां खड़ी है? और उसी अवधि के दौरान पंजाब का कर्ज कितना बढ़ा? ये जायज सवाल हैं और पंजाब के लोगों को तथ्य जानने का पूरा हक है।”

कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, “पंजाब बिना सबूतों के राजनीतिक आरोप नहीं चाहता। पंजाब तथ्य, दस्तावेज और हिसाब-किताब चाहता है। अगर बिक्रम सिंह मजीठिया दूसरों से जवाब चाहते हैं, तो उन्हें पहले अपने रिकॉर्ड के बारे में उठाए जा रहे सवालों के जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए।”

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1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने पूरे पंजाब में किया विरोध प्रदर्शन

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने मंगलवार को लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन सांसद रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार की याद में श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सांसदों के शामिल होने की कड़ी निंदा करते हुए आप नेताओं ने कहा कि 1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए एक ऐसा ज़ख्म है जो भरा नहीं है और सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने से सिख समुदाय की भावनाओं को गहरा ठेस पहुंची है।

आप ने मांग की कि भाजपा अपने तीनों सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करे। पार्टी ने सवाल किया कि जिम्मेदार सरकारी पदों पर बैठे चुने हुए प्रतिनिधि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी व्यक्ति के घर जाकर उसे श्रद्धांजलि कैसे दे सकते हैं?

अमृतसर में आप कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और उनके घर को घेरने की कोशिश की। पुलिस ने भारी बैरिकेड्स और सुरक्षा बल तैनात किए थे, ताकि प्रदर्शन करने वाले घर तक न पहुंच सकें।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आप विधायक जीवन जोत कौर ने कहा, “1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए एक गहरा और कभी न भरने वाला घाव है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बार-बार पंजाब और सिख समुदाय के हितों के खिलाफ काम किया है। भाजपा नेता ऐसे व्यक्ति को कैसे सम्मान दे सकते हैं जिसका नाम 1984 के नरसंहार से जुड़ा हो?”

जीवन जोत कौर ने आगे कहा, “सज्जन कुमार की याद में भाजपा नेताओं की मौजूदगी पीड़ितों के परिवारों के लिए बहुत दुखदायी है जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, वे आज भी उस दुखद घटना के दर्द से पीड़ित हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।”

जालंधर में आप विधायक बलकार सिंह ने कहा, “1984 के घल्लूघारा नरसंहार ने सिख समुदाय के मन में बहुत दर्दनाक यादें छोड़ी हैं। बेगुनाह सिखों की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उनके परिवार दशकों से पीड़ित हैं। ऐसे समय में, सज्जन कुमार की याद में भाजपा के सीनियर नेताओं की मौजूदगी दिखाती है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर भाजपा का क्या स्टैंड है।”

आप विधायक ने कहा, “भाजपा और शिरोमणि अकाली दल को पंजाब के ज़ख्मों पर राजनीति करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के परिवारों के दर्द का इस्तेमाल राजनीतिक फ़ायदे के लिए नहीं किया जा सकता।”

लुधियाना में आप नेताओं, विधायक, पार्षदों, चेयरमैन, डायरेक्टरों और पार्टी के पदाधिकारियों ने सज्जन कुमार के अंतिम संस्कार/श्रद्धांजलि समारोह में भाजपा के तीन सांसदs के शामिल होने का विरोध किया।

लुधियाना ईस्ट से विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा, “पंजाब गुरुओं, संतों और शहीदों की धरती है। पंजाबी 1984 के नरसंहार से प्रभावित सिख परिवारों के दर्द को चोट पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा, “सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने में भाजपा सांसदों के शामिल होने से पीड़ित परिवारों का दिल और टूट गया है। भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब के खिलाफ राजनीतिक रूप से हाथ मिला लिया है, लेकिन पंजाब के लोग ऐसी राजनीति कभी स्वीकार नहीं करेंगे।”

बठिंडा में, आप कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा के खिलाफ जोरदार नारे लगाए, पार्टी पर 1984 के नरसंहार से जुड़े लोगों के करीब होने का आरोप लगाया।

आप कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भाजपा रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करे।

आप नेताओं ने कहा, “1984 के सिख विरोधी दंगे हजारों परिवारों के लिए अब भी ऐसे घाव हैं जो भरे नहीं हैं।” “आम आदमी पार्टी पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय और सम्मान के लिए अपनी आवाज़ उठाती रहेगी। उनके दर्द और भावनाओं को नज़रअंदाज़ करने की किसी भी कोशिश का पूरी तरह से विरोध किया जाएगा।”

आप पंजाब के नेताओं ने दोहराया कि पार्टी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी और न्याय, दया और जवाबदेही के लिए लड़ती रहेगी।

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