Haryana
हरियाणा CM की कैबिनेट मंत्रियों से बजट प्री मीटिंग:सैनी बोले-अब तक 9000 सुझाव आए; मंत्री विज ने भी 2 सुझाव दिए
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आज अपने कैबिनेट सहयोगियों और विधायकों के साथ प्री बजट मीटिंग की। मीटिंग में सांसद भी शामिल हुए। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, हरियाणा के भविष्य की दिशा को तय करने के लिए विचार मंथन हुआ है। जनता की अपेक्षाएं, जनप्रतिनिधियों का अनुभव और सरकार की प्रतिबद्धता तीनों ने एक साथ मिलकर वर्ष 2026-27 का बजट स्वरूप गढ़ा है।
बजट देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हमारा बजट केवल संतुलित ही नहीं बल्कि संवेदनशील, दूरदर्शी और समावेशी होना चाहिए। आगामी बजट से हरियाणा के हर किसान की आय बढ़े, जल संरक्षण हो और कृषि आधारित उद्योगों के नए अवसर पैदा होंगे।

मीटिंग में शामिल होने के लिए पहुंचे हरियाणा के सांसद और कैबिनेट मंत्री।
सीएम बोले- अब तक 9000 सुझाव आए
आगामी बजट हरियाणा की विकास यात्रा को गति देगा। जनता के एक-एक रुपए का उपयोग पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और प्रगतिशीलता के साथ होगा। पिछले वर्ष हुए बजट परामर्श में 1592 महत्वपूर्ण सुझाव आए, 706 सुझाव बजट में शामिल किए गए थे।
सीएम नायब सैनी ने बताया कि सांसदों और विधायकों ने भी पिछले वर्ष 651 सुझाव दिए। जिनमें से 254 सुझावों को बजट में शामिल किया गया था। 6 जनवरी 2026 को बजट सुझावों के लिए AI चैटबॉट लॉन्च किया गया। इस चैटबॉट द्वारा 9 हजार से अधिक सुझाव अब तक प्राप्त हो चुके हैं।
विज ने मीटिंग में दिए दो सुझाव
मीटिंग में हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बजट से पूर्व सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने की परंपरा एक सशक्त और स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का परिचायक है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि बजट में समाज के हर वर्ग के हितों का समुचित ध्यान रखा जा सके।
इस दिशा में आज विज द्वारा राज्य के सभी सरकारी भवनों में सोलर पैनल लगाने का बजटीय प्रावधान तथा इलैक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रियायत देने का सुझाव दिया गया है।
विज बोले- इन प्रस्तावों से होगा फायदा
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने सुझावों में प्रदेश के सभी सरकारी भवनों, जिसमें सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम सहित निजी स्कूल, कॉलेज एवं गौशालाओं की छतों पर सोलर पैनल स्थापित करने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा है। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिजली खर्च में भी कमी आएगी और हरियाणा हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर होगा।

बजट प्री मीटिंग में पहुंचे अधिकारी।
E-वाहनों की रियायत मांगी
इसके साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रियायत देने का सुझाव भी दिया, ताकि आमजन का रुझान पर्यावरण अनुकूल ई-वाहनों की ओर बढ़े। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे आधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने चाहिए। जहां वाहन चार्जिंग के साथ-साथ यात्रियों के लिए रिफ्रेशमेंट, स्वच्छ शौचालय और आराम की समुचित व्यवस्था हो। जिससे परिवारों को यात्रा के दौरान सुविधा मिले।
विपक्ष का कोई नेता नहीं आया
विज ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेशभर में लोगों से संवाद कर बजट संबंधी सुझाव ले रहे हैं और इसी कड़ी में सभी सांसदों एवं विधायकों को भी आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि बैठक में विपक्ष के सांसदों एवं विधायकों को भी आमंत्रण दिया गया था, किंतु विपक्ष का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि संभवतः विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं था, जबकि पहले ऐसी बैठकों में विपक्ष भाग लेता रहा है।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन
हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.
क्या हैं मुख्य शर्तें?
अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.
सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश
यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.
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