Haryana
Rewari में Freedom Fighter से Fraud में Tehsildar पर Charge-Sheeted: Land Scam से लेकर गंदे Water Supply तक, कई Officials पर चली गाज़
हरियाणा के रेवाड़ी में शनिवार को हुई लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में कई बड़े मुद्दे उठे। बैठक की अध्यक्षता राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने की। मंत्री ने जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अफसरों और बिल्डरों पर सीधे एक्शन लेने के आदेश दिए। जमीन से जुड़े फ्रॉड, कॉलोनियों में गंदे पानी की सप्लाई, अवैध कब्जे और खिलाड़ियों की मौत तक—कई मामलों पर सख्त निर्देश जारी किए गए।
जमीन फ्रॉड का बड़ा मामला: तहसीलदार पर चार्जशीट, कई लोगों पर FIR के आदेश
रेवाड़ी के गांव बास रत्न्थल में स्वतंत्रता सेनानी की करीब 5 एकड़ जमीन को गलत तरीके से बेचने और राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का मामला सामने आया था।
इसमें कई लोगों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन पर अवैध कब्जा कराया और रिकॉर्ड बदला।
- मंत्री ने सेवानिवृत्त तहसीलदार जितेंद्र के खिलाफ चार्जशीट करने के आदेश दिए।
- साथ ही जमीन सौदे में शामिल लोगों पर FIR दर्ज करने की भी हिदायत दी।
- मंत्री ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह मामला गांव रायपुरा निवासी श्रीराम की शिकायत पर सामने आया था, जिन्होंने बताया कि गाटा नंबर 387 और 388 की जमीन पर गलत ढंग से नाम चढ़ाए गए। इस पर एसडीएम को पहले ही जांच के निर्देश दिए जा चुके थे।
सनसिटी कॉलोनी में गंदे पानी की सप्लाई—मंत्री ने DTP को लगाई फटकार
बैठक में सनसिटी कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उन्हें अशुद्ध और बहुत ज्यादा TDS वाला पानी मिलता है।
जब वे शिकायत करते हैं, तो DTP विभाग के अधिकारी कहते हैं कि अपने घर में RO लगवा लो—जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
- इस पर मंत्री विपुल गोयल ने रेवाड़ी के DTP मनीदीप सिहाग को कड़ी फटकार लगाई।
- कॉलोनी को जिस अधिकारी ने ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (OC) दिया था, उस पर चार्जशीट करने के आदेश दिए।
- साथ ही सनसिटी बिल्डर के खिलाफ भी पुलिस में FIR दर्ज करने के निर्देश जारी हुए।
मंत्री ने कहा, “इतने ज्यादा TDS वाला पानी कोई कैसे पी सकता है? यह जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।”
नगर परिषद की जमीन पर अवैध कब्जे—मंत्री नाराज
नगर परिषद रेवाड़ी की कई जमीनों पर अवैध कब्जों का मामला भी सामने आया।
- मंत्री ने कहा कि नगर परिषद तुरंत अपनी जमीन का सर्वे कराए।
- जहां-जहां जरूरत है, वहां तारबंदी की जाए।
- खसरा नंबर 242 पर गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी जारी होने की भी जांच के आदेश दिए।
दो युवा खिलाड़ियों की मौत का मुद्दा—मंत्री का बयान
बैठक में दो युवा खिलाड़ियों की मौत का मामला भी उठाया गया।
मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा सरकार, खासकर मुख्यमंत्री नायब सैनी, खिलाड़ियों के मामलों को बेहद गंभीरता से लेते हैं और आरोपियों अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की गई है।
कुल 17 परिवादों की सुनवाई—फास्ट ट्रैक समाधान का निर्देश
इस बैठक में कुल 17 शिकायतों/परिवादों पर सुनवाई की गई। इनमें
- 10 नए मामले
- 7 पुराने लंबित मामले शामिल थे।
मंत्री ने विभागों को निर्देश दिया कि
- सभी शिकायतों का समय पर और पारदर्शी तरीके से निपटारा हो।
- जनता से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह बैठक रेवाड़ी प्रशासन में चल रही गड़बड़ियों, लापरवाही और जनता की समस्याओं को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जमीन फ्रॉड से लेकर गंदे पानी, अवैध कब्जों और खिलाड़ियों की सुरक्षा तक—हर मामले में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब सिस्टम को बिल्कुल साफ और जवाबदेह बनाना होगा।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन
हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.
क्या हैं मुख्य शर्तें?
अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.
सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश
यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.
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