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यूरोप यात्रा ने पंजाब के किसानों, उद्योग और युवाओं के लिए नए दरवाजे खोले: CM भगवंत मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपने नीदरलैंड-फिनलैंड दौरे का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने कृषि, उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में विश्व भर से मजबूत सहयोग हासिल किया है, जिससे किसानों, युवाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचेगा. ज़ायका कंपनी के 1300 करोड़ रुपए के निवेश, विश्वव्यापी कंपनियों की दिलचस्पी तथा केउकेनहॉफ से फिनलैंड तक उन्नत कृषि-तकनीकी सहयोग पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये रणनीतिक साझेदारियां फसल विविधीकरण को तेज करेंगी, निवेश को आकर्षित करेंगी और पंजाब को नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा उच्च गुणवत्ता वाली खेती के लिए विश्व स्तरीय केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित करेंगी.

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले दिन नीदरलैंड में भारत के राजदूत ने पंजाब के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां रोजाना 40,000 पर्यटक आते हैं. वहां हमने प्रतिनिधियों से बातचीत की.” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इस दौरे का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में साझेदारी के अवसरों की पड़ताल करना था. बागवानी के विकास के लिए सहयोग पर चर्चा हुई और पंजाब से गुलाब की निर्यात संभावना का पता लगाया गया.” उन्होंने कहा, “ज़ायका द्वारा किए जा रहे 1300 करोड़ रुपए के निवेश के अलावा यह समझौता फसल विविधीकरण को बड़ा प्रोत्साहन देने में मुख्य भूमिका निभाएगा.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस दौरे का उद्देश्य औद्योगिक निवेश और साझेदारी को प्रोत्साहित करना, शिक्षा और अनुसंधान में आदान-प्रदान को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी के पारस्परिक आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित करना तथा पंजाब के समग्र विकास के लिए योजना बनाना भी था.” उन्होंने आगे कहा, “बातचीत के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती में संयुक्त परियोजनाओं की संभावना की पड़ताल की गई तथा इस बात पर सहमति बनी कि उच्च मूल्य वाली फसलों और गुणवत्ता युक्त निर्यात उत्पादन के लिए सहयोग किया जाएगा. इस दौरे ने कौशल विकास और शैक्षणिक आदान-प्रदान के अवसरों के साथ-साथ नए औद्योगिक निवेशों और साझेदारियों के लिए रास्ते खोले.” उन्होंने रणनीतिक साझेदारी बनाने पर जोर देते हुए प्रौद्योगिकी और नवाचार के आदान-प्रदान पर भी समझौता किया. नीदरलैंड वर्टिकल (लंबवत) खेती के लिए प्रसिद्ध है, जिसे पंजाब में दोहराया जा सकता है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “20 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बागवानी केंद्र का दौरा किया और नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा पंजाबी समुदाय से बातचीत की.” उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि हमारे जैसी खुली खेती में एक वर्ग मीटर में 6 किलो टमाटर पैदा होते हैं, जबकि वहां पॉलीहाउस में एक वर्ग मीटर में टमाटर का उत्पादन 100 किलो है.

उन्होंने आगे कहा, “प्रतिनिधिमंडल ने विदेशी निवेश और विश्वव्यापी साझेदारी को प्रोत्साहित करने तथा सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवाचार क्षेत्रों में अवसरों की पड़ताल के उद्देश्य से निवेश रोड शो भी किया.” उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक और बागवानी मॉडलों को अपनाने, स्टार्ट-अप्स, अनुसंधान और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा पंजाब को विश्व स्तरीय निवेश और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के प्रयासों ने वांछित परिणाम दिए क्योंकि मोहाली में एक अनुसंधान और विकास केंद्र तथा नवाचार हब का प्रस्ताव पेश किया गया था.” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में एक बागवानी अनुभव और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दे दी गई है. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रवासी पंजाबी बेअदबी विरोधी कानून बनाने और पहली बार किसी पंजाबी प्रतिनिधिमंडल द्वारा नीदरलैंड का दौरा करने पर वे बहुत खुश हैं.

उन्होंने आगे कहा, “विदेशी कंपनियां राज्य में निवेश और साझेदारी के लिए मजबूत दिलचस्पी दिखा रही हैं, जो प्रौद्योगिकी ट्रांसफर, अनुसंधान और स्टार्ट-अप्स में सहयोग के लिए नए अवसर खोलेगी.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह फसल विविधीकरण और उच्च तकनीकी खेती को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे पंजाब का विश्व पटल पर एक नवाचार-आधारित और निवेशक-अनुकूल राज्य के रूप में मजबूत अक्स बनेगा.”

उन्होंने आगे कहा, “20 अप्रैल को मैं महान डच हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवलैंडर से मिला और पंजाब में हॉकी व खेलों को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि वे जल्द ही हॉकी को बड़ा प्रोत्साहन देने के लिए पंजाब का दौरा करेंगे.” उन्होंने बताया कि बोवलैंडर को पंजाब आने का निमंत्रण दिया गया था और उन्हें बताया गया कि पंजाब पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा, जो राज्य और हॉकी के लिए बड़ा प्रोत्साहन होगा.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस दौरे को जारी रखते हुए 21 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने एन.एक्स.पी. सेमीकंडक्टर और आल्समीर फ्लावर ऑक्शन का दौरा किया तथा एल.टी. फूड्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. साथ ही कृषि, मत्स्य पालन, फूड सिक्योरिटी और प्रकृति मंत्रालय से बातचीत की.” उन्होंने आगे कहा, “यह चर्चा व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ाने, वैश्विक सप्लाई चेन में साझेदारी को मजबूत करने, कृषि और फूलों की खेती में विश्व स्तरीय मॉडलों को अपनाने, किसानों की आय बढ़ाने तथा युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने पर आधारित थी.”

उन्होंने कहा कि निवेश और तालमेल के लिए इन नई संभावनाओं की खोज के बाद पंजाब को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए. फूलों की खेती और आधुनिक कृषि मॉडलों के बारे में जानकारी ली गई, कृषि में नवाचार और प्रौद्योगिकी पर चर्चा हुई तथा किसानों की आय बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के रास्ते तैयार किए गए.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “एन.एक्स.पी. ने निवेश की अन्य संभावनाओं की पड़ताल करने के साथ-साथ राज्य में अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहन देने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है.” उन्होंने आगे कहा कि इन कंपनियों को बताया गया कि पंजाब में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ बुनियादी ढांचा और अनुकूल माहौल उपलब्ध है. “इससे राज्य के आर्थिक विकास और लोगों की खुशहाली को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दावत राइस ब्रांड वाली एलटी फूड्स ने भी राजपुरा में निवेश करने के लिए सहमति दे दी है.” उन्होंने आगे कहा कि कंपनी दुनिया के 80 देशों को चावल निर्यात करती है और यह राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. चावलों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक विश्व भर में सराहनीय रही है और इससे राज्य को बड़ा लाभ मिलेगा. उन्होंने फ्लावर ऑक्शन का भी दौरा किया जहां एक सुचारू प्रणाली के माध्यम से रोजाना 4 करोड़ से अधिक फूलों का व्यापार किया जाता है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस दौरान 22 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल फिनलैंड दौरे पर गया जहां उन्होंने पंजाबी समुदाय से बातचीत की और फिनलैंड के राजदूत हेमंत एच. कोटलवाड़ से मुलाकात की.” उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य प्रवासी पंजाबियों से जुड़ना, लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करना, शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता में प्रवासियों की भूमिका पर चर्चा करना, निवेश, नवाचार और स्टार्ट-अप के अवसरों की पड़ताल करना तथा पंजाब सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों की जानकारी साझा करना था.

उन्होंने कहा कि इससे पंजाबी समुदाय के साथ संबंधों और विश्वास को और मजबूत करने में मदद मिली है, शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग के रास्ते खुले हैं तथा निवेश और नवाचार संबंधी नए रास्ते खुल गए हैं. उन्होंने बताया कि फिनलैंड की हॉकी टीम में पांच खिलाड़ी पंजाबी हैं.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हॉकी क्लब ने फिनलैंड हॉकी क्लब द्वारा जीता गया स्वर्ण पदक प्यार और सम्मान के प्रतीक के रूप में उन्हें भेंट किया.” उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाबी खिलाड़ी दुनिया भर में अपनी क्षमता साबित कर रहे हैं. पंजाबी खिलाड़ी न केवल भारत बल्कि दुनिया भर की टीमों के लिए हॉकी खेल रहे हैं.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की नीतियों और उपलब्धियों की विश्व स्तर पर मान्यता के साथ-साथ स्टार्ट-अप्स और उद्यमिता में संभावित साझेदारी की भी पड़ताल की गई. उन्होंने आगे कहा, “23 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने फिनलैंड के आधुनिक शिक्षा मॉडल का अध्ययन किया और प्री-सर्विस ट्रेनिंग तथा निरंतर व्यावसायिक विकास के बारे में गहरी समझ हासिल की.” उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने क्लासरूम अभ्यासों, मूल्यांकन प्रणालियों और सीखने के माहौल संबंधी डिजाइन के अलावा बाल-केंद्रित और खेल-आधारित प्रशिक्षण प्रणालियों का भी अध्ययन किया.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अध्यापक प्रशिक्षण और ईसीसीई में साझेदारी की पड़ताल करने के साथ-साथ पंजाब में अध्यापक क्षमता, मेंटरिंग और लीडरशिप को मजबूत करने के लिए भी विचार-विमर्श किया गया. इससे फिनलैंड की उन्नत शिक्षा प्रणाली, क्लासरूम प्रबंधन तथा मूल्यांकन अभ्यासों के बारे में गहरी जानकारी प्राप्त हुई. अध्यापक प्रशिक्षण और ईसीसीई में सहयोग के अवसरों की पड़ताल के अलावा अध्यापक प्रशिक्षण और लीडरशिप को मजबूत करने के लिए भी साझेदारी की गई.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मीटिंगों के दौरान शिक्षा क्षेत्र में नवाचार के भविष्य के अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा की गई. प्रतिनिधिमंडल ने रकू यूनिवर्सिटी और इसके अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का भी दौरा किया. पंजाब सरकार की ओर से पहले ही तीन बैचों के माध्यम से 216 प्राइमरी अध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जा चुका है. पहला बैच 20 अक्टूबर से 8 नवंबर, 2024 को, दूसरा बैच 17 से 28 मार्च, 2025 को, तीसरा बैच 17 से 18 नवंबर, 2025 को भेजा गया था और 72 अध्यापकों का चौथा बैच 18 मई, 2026 को भेजा जाएगा.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने पंजाब को दुनिया भर में सबसे पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में प्रस्तुत किया है. पहले जापान और कोरिया के दौरे के सार्थक नतीजे सामने आए क्योंकि राज्य सरकार इन दोनों देशों से निवेश आकर्षित करने में सफल रही थी. मुझे उम्मीद है कि नीदरलैंड और फिनलैंड की यह यात्रा भी राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन देगी.” इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे.

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भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत, महिला टी-20 विश्व कप का धमाकेदार आगाज़

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महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हरा दिया। बर्मिंघम में खेले गए ग्रुप-1 के इस मुकाबले में भारत की जीत की नायिका स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा रहीं। मंधाना ने बल्ले से कमाल दिखाया, जबकि दीप्ति ने गेंद से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए, लेकिन वह 6 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गईं और भारत ने 18 रन पर दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।

मुश्किल समय में स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन की अहम साझेदारी की। मंधाना ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। हरमनप्रीत ने भी संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 17 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। दीप्ति शर्मा ने भी नाबाद 12 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट हासिल करती रहीं। पाकिस्तान की ओर से मुनीबा अली ने कुछ संघर्ष जरूर किया और 41 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला।

भारत की गेंदबाजी की स्टार दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके। उनके साथ श्री चरणी ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। शेफाली वर्मा को भी एक सफलता मिली।

भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 17 ओवर में 106 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने अपने पहले ही मुकाबले में 64 रन की बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में जोरदार शुरुआत की।

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फ्रांस पहुंचे PM मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे के तहत फ्रांस के शहर नीस पहुंच गए हैं। नीस पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की, एक बच्चे को गोद में उठाकर स्नेह जताया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।

आज प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य-तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया जाएगा।

भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों के संभावित सौदे पर भी अहम चर्चा होगी। भारत इन विमानों में अपने हथियारों और तकनीकी प्रणालियों को जोड़ने के लिए अधिक लचीलापन चाहता है। हालांकि इस सौदे को अभी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।

प्रधानमंत्री का फ्रांस दौरा नीस, एवियन और पेरिस—तीन चरणों में होगा। 16 और 17 जून को वे एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। दोनों नेता लगभग 16 महीने बाद आमने-सामने मिलेंगे।

18 जून को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ पेरिस में आयोजित VivaTech सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद वे स्लोवाकिया जाएंगे, जहां वे प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी।

इस दौरे के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, केंद्र सरकार ने किया ऐलान

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केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। वह भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे। वर्तमान में वह उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद पर कार्यरत हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। जनरल द्विवेदी ने 30 जून 2024 को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। नियमों के अनुसार सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले हो।

दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के पास लगभग चार दशक का व्यापक सैन्य अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने रेगिस्तानी इलाकों, जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी सीमा पर विभिन्न ऑपरेशनल एवं कमांड जिम्मेदारियां संभाली हैं।

धीरज सेठ उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कमांडों का नेतृत्व किया है। इसके अलावा वे दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अंगोला मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और सेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। सेना की क्षमता विकास, रणनीतिक योजना और आधुनिकीकरण से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी धीरज सेठ का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला, भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC) वेलिंगटन तथा नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया था और DSSC में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर का मेडल भी हासिल किया था।

देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

भारतीय सेना की कमान संभालने जा रहे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ से उम्मीद की जा रही है कि वे देश की सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण और रणनीतिक क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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