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पंजाब में ड्रग्स माफिया का खात्मा, भगवंत मान के एक्शन से 98000 क्रिमिनल अरेस्ट, हेरोइन जब्ती में 148% का भारी उछाल

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पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के प्रभावी, तेज और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं. ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि नशों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नशा तस्करी नेटवर्क को बड़े स्तर पर कमजोर किया गया है और दोषियों के खिलाफ सजा दर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है.

 

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 (अब तक) के दौरान 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाते हैं. गिरफ्तारियों की संख्या भी 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो राज्यभर में नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार और व्यापक कार्रवाई को दर्शाती है.

जब्तियों के आंकड़े इस अभियान की सफलता को और स्पष्ट करते हैं. हेरोइन की बरामदगी में 148% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है – 2022 से अब तक 5,979 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जबकि 2017–21 के दौरान यह मात्रा 2,412 किलोग्राम थी. अफीम की जब्ती में भी 43% से अधिक वृद्धि होकर यह 3,583 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है.

सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में विशेष रूप से उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है. ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की जब्ती 17 किलोग्राम से बढ़कर 93 किलोग्राम हो गई है, जो 447% की वृद्धि है. कोकीन की जब्ती 6,064 किलोग्राम रही, जो पहले के 6,852 किलोग्राम के लगभग बराबर है.

इस अभियान की पहुंच अब दवाइयों के दुरुपयोग तक भी बढ़ चुकी है. 2022–26 के दौरान 8.7 करोड़ गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जो खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सप्लाई चेन पर बड़े प्रहार का संकेत है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम न्याय प्रणाली में भी दिखाई दे रहे हैं. दोषियों के लिए सजा दर बढ़कर 89% तक पहुंच गई है, जो मजबूत जांच, साक्ष्य संग्रह और प्रभावी अभियोजन को दर्शाती है.

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “यह केवल कार्रवाई में वृद्धि नहीं, बल्कि नशे के खतरे से निपटने के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है. मामलों और जब्तियों में वृद्धि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को दर्शाती है, जबकि बढ़ती सजा दर यह दिखाती है कि मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा रहा है. सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी श्रृंखला पर लगातार दबाव बनाया गया है.”

उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई की व्यापकता और निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसके तहत ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान राज्यभर में सक्रिय और निर्णायक कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बन चुका है. हालांकि, जब्तियों में वृद्धि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य उद्देश्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और नशों की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके.

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वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारियों के लंबित मुद्दों के ठोस समाधान के लिए विभिन्न विभागों की कर्मचारी यूनियनों के साथ की बैठकें

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज विभिन्न विभागों की कर्मचारी यूनियनों के साथ उनकी शिकायतों और मांगों पर चर्चा करने तथा उनके मुद्दों के ठोस समाधान तलाशने के लिए अलग-अलग बैठकें कीं।

इन बैठकों में वेटरनरी फार्मासिस्ट एक्शन कमेटी, ओवरएज बेरोजगार यूनियन, आदर्श स्कूल टीचिंग एंड नॉन-टीचिंग एसोसिएशन, पंजाब एड्स कंट्रोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन तथा आशा वर्कर एवं आशा फैसिलिटेटर यूनियन के प्रतिनिधिमंडलों के साथ विचार-विमर्श किया गया।

कर्मचारी यूनियनों को पंजाब सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण का भरोसा दिलाते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के जायज मुद्दों का रचनात्मक ढंग से समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी उचित मांगों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर उनके समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।”

आशा वर्कर एवं आशा फैसिलिटेटर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को आशा वर्करों के लिए स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कवरेज उपलब्ध कराने हेतु एक व्यापक ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।

कर्मचारी यूनियनों द्वारा सौंपे गए मांगपत्रों की समीक्षा करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने लंबे समय से कार्यरत ठेका आधारित एवं अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने, आगामी मास्टर कैडर भर्तियों में आयु सीमा में छूट देने, वेतन संशोधन, पारदर्शी तबादला नीति तथा सेवा नियमों एवं कल्याणकारी लाभों की बहाली से संबंधित मुद्दों को गंभीरता से सुना। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद उन्होंने संबंधित प्रशासनिक विभागों को यूनियनों की सभी जायज मांगों के शीघ्र निपटारे के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठकों के दौरान वेटरनरी फार्मासिस्ट एक्शन कमेटी की ओर से दविंदरपाल सिंह लसोई, जसविंदर कुमार, मनप्रीत सिंह ढिल्लों और हरभजन सिंह; ओवरएज बेरोजगार यूनियन की ओर से रमन कुमार मलोट और ललिता; आदर्श स्कूल टीचिंग एंड नॉन-टीचिंग एसोसिएशन की ओर से सलीम मोहम्मद, अमरजोत जोशी, अमनदीप शास्त्री और बलविंदर सिंह; पंजाब एड्स कंट्रोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से जसमेल सिंह देओल, गुरजंट सिंह और रुपिंदर कौर; तथा आशा वर्कर एवं आशा फैसिलिटेटर यूनियन की ओर से सरोज बाला और सुरजिंदर कौर ने अपने-अपने मुद्दे प्रस्तुत किए।

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अगर सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने जुर्म कबूला था, तो आज वह इससे इनकार क्यों कर रहे हैं? बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि बहबल कलां फायरिंग केस में हुए नए खुलासों ने एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल लीडरशिप की बेअदबी की घटनाओं और उसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग के लिए जवाबदेही से बचने की कोशिशों को बेनकाब कर दिया है। एसआईटी के सामने अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान का हवाला देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब की मौजूदगी में बहबल कलां फायरिंग की घटना की जिम्मेदारी ली थी और माफी मांगी थी, जिसके कारण अब उनका इससे इनकार करना उनके अपने कबूलनामे के बिल्कुल उलट है।

आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा कि पंजाब बहबल कलां और कोटकपूरा फायरिंग की घटनाओं, बेअदबी के मामलों और उस समय की अकाली-भाजपा सरकार की भूमिका को नहीं भूला है, और यह साफ कर दिया है कि जिम्मेदार लोगों को जनता और कानून के सामने जवाब देना होगा। बलतेज पन्नू ने दावा किया कि सुखबीर सिंह बादल के कबूलनामे की वीडियो रिकॉर्डिंग श्री अकाल तख्त साहिब के पास सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सिखों की सर्वोच्च अदालत के सामने जुर्म कबूल करना और फिर सार्वजनिक रूप से इससे इनकार करना इस संस्था की गरिमा का अपमान है और उन पंजाबियों को गुमराह करने की कोशिश है जो एक दशक से ज़्यादा समय से न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं।

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि जब भी पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़ी घटनाएं हुईं, तब अकाली-भाजपा सरकारें सत्ता में थीं। उन्होंने आगे कहा कि न्याय के बजाय, उन सरकारों ने मामलों को दबाने और दोषियों को बचाने का काम किया।

वर्ष 1986 में नकोदर में हुई फायरिंग की घटना को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ शांति से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग में चार सिख नौजवान शहीद हो गए थे। अकाली राज में जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन की रिपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा रहस्यमय तरीके से गायब कर दिया गया था ताकि सच सामने न आ सके। उस समय जो अधिकारी अहम पदों पर तैनात थे, उन्हें बाद में अकाली दल ने सीनियर पोस्ट और राजनीतिक पद दिए।

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48 घंटे बारिश-तूफान का ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी

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पंजाब में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के अधिकांश जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 11 और 12 जून को कई इलाकों में तेज हवाएं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने के आसार हैं।

बुधवार को पंजाब का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 46.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा लुधियाना और पटियाला में 43.6 डिग्री, फिरोजपुर में 43.3 डिग्री, अमृतसर में 43.2 डिग्री, चंडीगढ़ और फाजिल्का में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को दिन के समय घरों से बाहर निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने से आज से मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो जाएगा। 11 जून को पूरे पंजाब में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 12 जून को भी अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट रहेगा और मौसम गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

13 जून से मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। 14 जून को भी सीमावर्ती और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में मौसम सक्रिय रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी।

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