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यूपी के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में ‘डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक’ की शुरुआत

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योगी सरकार यूपी के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में के नई पहल करने जा रही है | इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश के इलाकों में ‘डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक’ की स्थापना की जाएगी |
डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक की शुरुआत के माध्यम से, अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के सभी निवासी अपनी ही ग्राम पंचायत में एमबीबीएस डॉक्टरों से चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा में रक्त परीक्षण का प्रावधान शामिल होगा, जो न्यूनतम 20 रुपये की लागत पर उपलब्ध होगा।

परीक्षण रिपोर्ट का तुरंत कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा विश्लेषण किया जाएगा, जिससे परामर्शदाता डॉक्टर को सीधे परामर्श प्रदान किया जा सकेगा। मरीजों को 3 मिनट के अंदर रिपोर्ट मिल जाएगी।

ओबीडीयू डिजिटल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ संजय कुमार ने शुक्रवार को यहां कहा कि उनकी कंपनी सरकार की नीतियों के अनुपालन में डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक को धरातल पर लाने के लिए काम कर रही है।

कथित तौर पर डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक, टेलीमेडिसिन के सिद्धांतों पर काम करने वाली भारत की पहली परियोजना है, जिसका लक्ष्य टेलीमेडिसिन को शामिल करके गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार करना है और स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए साइट पर स्वास्थ्य संबंधी कर्मचारी की उपस्थिति है। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था.

नई पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए क्लिनिक का लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य प्रणाली को बेहतर बनाने और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इलाज के दौरान मृत्यु दर को कम करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ब्लॉक चेन जैसी उच्च तकनीक का उपयोग करना है।

सीईओ ने कहा कि यूपी सरकार के साथ समझौते के तहत कंपनी ने पहले चरण में 350 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं. मांग और जमीनी स्तर पर सफलता को देखते हुए एमओयू को बढ़ाकर 3350 करोड़ रुपये कर दिया गया है. पूरे प्रोजेक्ट से राज्य में 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होगा.

उन्होंने कहा कि रोजगार के दृष्टिकोण से यह परियोजना राज्य के युवाओं के लिए 190,000 नौकरियों के साथ-साथ प्रतिनिधि रोजगार भी प्रदान करेगी।

योगी सरकार यूपी के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में के नई पहल करने जा रही है | इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश के इलाकों में ‘डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक’ की स्थापना की जाएगी |
डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक की शुरुआत के माध्यम से, अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के सभी निवासी अपनी ही ग्राम पंचायत में एमबीबीएस डॉक्टरों से चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा में रक्त परीक्षण का प्रावधान शामिल होगा, जो न्यूनतम 20 रुपये की लागत पर उपलब्ध होगा।

परीक्षण रिपोर्ट का तुरंत कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा विश्लेषण किया जाएगा, जिससे परामर्शदाता डॉक्टर को सीधे परामर्श प्रदान किया जा सकेगा। मरीजों को 3 मिनट के अंदर रिपोर्ट मिल जाएगी।

ओबीडीयू डिजिटल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ संजय कुमार ने शुक्रवार को यहां कहा कि उनकी कंपनी सरकार की नीतियों के अनुपालन में डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक को धरातल पर लाने के लिए काम कर रही है।

कथित तौर पर डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक, टेलीमेडिसिन के सिद्धांतों पर काम करने वाली भारत की पहली परियोजना है, जिसका लक्ष्य टेलीमेडिसिन को शामिल करके गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार करना है और स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए साइट पर स्वास्थ्य संबंधी कर्मचारी की उपस्थिति है। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था.

नई पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए क्लिनिक का लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य प्रणाली को बेहतर बनाने और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इलाज के दौरान मृत्यु दर को कम करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ब्लॉक चेन जैसी उच्च तकनीक का उपयोग करना है।

सीईओ ने कहा कि यूपी सरकार के साथ समझौते के तहत कंपनी ने पहले चरण में 350 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं. मांग और जमीनी स्तर पर सफलता को देखते हुए एमओयू को बढ़ाकर 3350 करोड़ रुपये कर दिया गया है. पूरे प्रोजेक्ट से राज्य में 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होगा.

उन्होंने कहा कि रोजगार के दृष्टिकोण से यह परियोजना राज्य के युवाओं के लिए 190,000 नौकरियों के साथ-साथ प्रतिनिधि रोजगार भी प्रदान करेगी।

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अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, पेट्रोल-डीजल भी हो सकता है सस्ता!

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीदों ने वैश्विक तेल बाजार को राहत दी है। इसके साथ ही भारत में भी लोगों की नजरें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिकी हुई हैं।

हाल ही में पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला और इसका असर भारत समेत कई देशों के ईंधन बाजार पर भी पड़ा।

अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल परिवहन सामान्य होने की संभावनाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। वैश्विक बाजार में WTI कच्चा तेल घटकर 80.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत गिरकर 83.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं इंडियन बास्केट में भी कच्चे तेल की कीमत लगभग 93.19 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च और तेल कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है।

यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहती हैं और तेल कंपनियों को लागत में स्थायी राहत मिलती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार यदि ब्रेंट क्रूड की कीमत मौजूदा स्तर से नीचे बनी रहती है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1 से 3 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती संभव है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला तेल विपणन कंपनियों और सरकार की कर नीति पर निर्भर करेगा।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी का सीधा लाभ आम लोगों को मिल सकता है। इससे परिवहन लागत कम होगी, महंगाई पर दबाव घटेगा और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी स्थिरता आ सकती है। इसके अलावा हवाई किराए, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक उत्पादन की लागत में भी कमी आ सकती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिल सकता है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई यह नरमी भारतीय उपभोक्ताओं को कब और कितनी राहत दिला पाती है।

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अकाली दल को बड़ा झटका! मनप्रीत इयाली ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल

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पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दाखा से शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली मंगलवार को औपचारिक रूप से ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल हो गए। उनके इस फैसले को पंजाब की पंथक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

संगठन में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त और पद की अपेक्षा के इस मंच का साथ चुना है। उनका उद्देश्य पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाना है।

इयाली ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी और तकनीकी रूप से वह अभी भी शिरोमणि अकाली दल के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ फिलहाल एक सामाजिक और संगठनात्मक मंच है, न कि चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल, इसलिए विधायक पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।

उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें राज्य के पानी का मुद्दा, पंजाबी भाषी क्षेत्रों का मामला, चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार और अन्य क्षेत्रीय हित शामिल हैं। इन मुद्दों को नई ऊर्जा और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

मनप्रीत इयाली ने कहा कि पंजाब, पंजाबी पहचान और पंथक विचारधारा को मजबूत करने के लिए समान सोच रखने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आने की जरूरत है। उनके इस कदम के बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

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पंजाब की बेटियों ने बढ़ाया देशभर में मान, अमन अरोड़ा ने किया सम्मानित

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रक्षा सेवाओं में अपने परिवार और पंजाब का नाम रोशन करने वाली होनहार बेटियों महिकप्रीत कौर और कोमलप्रीत कौर को आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सम्मानित किया।

रूपनगर जिले के पपराली गांव के एक किसान परिवार से संबंध रखने वाली महिकप्रीत कौर ने एयर फोर्स अकादमी की मेरिट सूची में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर पंजाब का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

वहीं, अमृतसर के शाहूरा गांव की रहने वाली और सैन्य परिवार से संबंध रखने वाली कोमलप्रीत कौर ने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) प्रवेश परीक्षा में देशभर में 18वां रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है।

इस अवसर पर अमन अरोड़ा ने दोनों बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि महिकप्रीत और कोमलप्रीत पंजाब की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता यह साबित करती है कि पंजाब की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अवसर मिलने पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

उन्होंने बताया कि माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट से अब तक 377 से अधिक युवा देश की सशस्त्र सेनाओं में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है, जहां लड़कियों के लिए रक्षा सेवाओं की तैयारी हेतु विशेष संस्थान संचालित किया जा रहा है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य युवाओं, खासकर बेटियों को रक्षा सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए हर संभव अवसर और सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश सेवा के अपने सपनों को साकार कर सकें।

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