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पंजाब के परिवहन क्षेत्र के विकास को और तेज किया, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने PRTC फ्लीट में 250 नई बसों को दिखाई हरी झंडी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  पटियाला में 250 नई पी.आर.टी.सी. बसों को हरी झंडी दिखाकर इसे सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, रोजगार सृजन और पूरे पंजाब में विकास की गति तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुनियादी ढांचे के विस्तार और लोक-केंद्रित शासन की अपनी सरकार की दोहरी पहुंच को उजागर किया।

बस फ्लीट में वृद्धि के विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पटियाला में 250 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर पी.आर.टी.सी. फ्लीट में शामिल किया गया। यह सिर्फ परिवहन सुविधाओं में सुधार नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर, सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्रा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। आने वाले दिनों में 300 से अधिक अन्य बसें पी.आर.टी.सी. फ्लीट में शामिल की जाएंगी। सरकार सार्वजनिक सुविधा के विस्तार और पंजाब को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

विस्तार के पैमाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि मई 2026 के अंत तक पी.आर.टी.सी. के बेड़े में 254 साधारण और 100 मिनी बसें शामिल की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि 309 अन्य बसों के लिए टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिससे राज्य के परिवहन नेटवर्क को बड़ी मजबूती मिलेगी।

रोजगार की संभावनाओं के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘इससे 681 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का रास्ता भी प्रशस्त होगा।‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘2024 के दौरान पी.आर.टी.सी. के बेड़े में लगभग 110 बसें शामिल की गईं, जिससे 165 व्यक्तियों को रोजगार मिला था।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘309 अन्य बसों को शामिल करने के लिए भी टेंडर जारी कर दिया गया है, जिससे 928 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।‘‘

निगम की सुधरी वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पी.आर.टी.सी. ने कुल राजस्व में 53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो वित्तीय वर्ष 2021-22 में 607.09 करोड़ रुपये के मुकाबले 2024-25 में बढ़कर 927.83 करोड़ रुपये हो गया है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में, पी.आर.टी.सी. के कुल राजस्व के 950 करोड़ रुपये पार करने की उम्मीद है, जो लगभग 57 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।‘‘

‘आप‘ सरकार की कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘2022 से, पी.आर.टी.सी. ने 1574 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब की 34.63 करोड़ महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत, पी.आर.टी.सी. ने 2.21 करोड़ की मुफ्त एच.वी.ए.सी. बस यात्रा की सुविधा प्रदान की, जिससे 9,529 यात्रियों को पंजाब के भीतर और बाहर धार्मिक स्थानों के दर्शन करने का सौभाग्य मिला।‘‘

परिवहन के विस्तार को व्यापक विकास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘बस बेड़े के विस्तार से, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग सुरक्षित और आरामदायक यात्रा कर सकेंगे।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि पंजाब तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और सरकार दशकों के अंतराल को पूरा करने के प्रयासों में और तेजी ला रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘हमारी सरकार पंजाब को ‘रंगला पंजाब‘ बनाकर इसकी पुरानी शान बहाल करने के लिए बहुआयामी विकास कर रही है।‘‘

क्षेत्र में विकास कार्यों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पंजाब की कमान संभालने के बाद हमारी सरकार ने पटियाला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे इसकी समग्र सूरत ही बदल गई है।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2022 से बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये का निवेश निरंतर किया गया है।

कृषि के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘कृषि क्षेत्र को फिर से लाभदायक बनाने के लिए हमारी सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से विभिन्न पहलों पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।‘‘

स्वास्थ्य सेवा में सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से तीन परियोजनाओं पर 7.91 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि इस समय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर अतिरिक्त 14.54 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।‘‘

शिक्षा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पंजाब के बच्चों को विश्व स्तरीय स्कूली शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से, सरकार ने वर्ष 2022 और वर्ष 2026 के बीच स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से आठ परियोजनाओं पर 825.22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके अलावा इस समय 80.92 करोड़ रुपये की कई अन्य परियोजनाएँ चल रही हैं।‘‘

बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘लोक निर्माण विभाग के माध्यम से 17 कार्यों पर 6.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 21.02 करोड़ रुपये की लागत से 11 अन्य कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा 21 अन्य परियोजनाओं पर 23.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।‘‘

ग्रामीण बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, ‘‘पंजाब मंडी बोर्ड के माध्यम से आठ कार्यों पर 12.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें मरम्मत, नया निर्माण और मंडी बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल है। इसके अतिरिक्त कार्य प्रगति पर हैं।‘‘

बाढ़ रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘वर्ष 2022 से नदियों की सफाई और बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर 1.27 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और कई अन्य परियोजनाएँ चल रही हैं।‘‘

शहरी और सीवरेज बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘सीवरेज बोर्ड के माध्यम से दो कार्यों पर 1.34 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 366 करोड़ रुपये की दो बड़ी परियोजनाएँ प्रगति पर हैं।‘‘

शहरी विकास के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों में नगर निगम के माध्यम से वार्डों में 114 कार्यों पर 42.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा कई परियोजनाएँ चल रही हैं और कई प्रगति पर हैं।‘‘

जल संरक्षण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘भूमि संरक्षण विभाग के माध्यम से भूमिगत पाइपलाइनों और जल संरक्षण कार्यों पर 1.24 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही चल रही और नई परियोजनाओं से इसे और मजबूती मिलेगी।‘‘

उन्होंने ग्रामीण विकास, पटियाला विकास प्राधिकरण, पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड, पंचायती राज, और जल आपूर्ति एवं स्वच्छता सहित विभागों में निवेश को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर काम चल रहे हैं।

लोगों से समर्थन की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, ‘‘इन विकास कार्यों को उसी गति से जारी रखने के लिए हमें आप सभी के समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि जिस प्रकार आपने पिछले चुनावों में हमारी पार्टी को दिल से समर्थन दिया था, उसी प्रकार 2027 के चुनावों में भी देंगे।‘‘

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पंजाब में महिलाओं को भगवंत सिंह मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सुरक्षित एवं समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच का लाभ

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स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA), पंजाब के आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत किए गए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) मामलों में से 57 प्रतिशत गर्भावस्था के पहले आठ सप्ताह के भीतर किए गए। अब तक दर्ज 323 कैशलेस प्रक्रियाओं, जिनकी कुल लागत 14.86 लाख रुपये रही, में से 185 मामले शुरुआती गर्भावस्था के दौरान किए गए। यह राज्य भर के 800 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में समय पर और सुरक्षित प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ती पहुँच को दर्शाता है।

गर्भपात का निर्णय कई व्यक्तिगत, चिकित्सकीय और सामाजिक-आर्थिक कारणों से प्रभावित होता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पहले आठ सप्ताह के भीतर किए गए एमटीपी मामलों की संख्या कुल मामलों के आधे से अधिक रही, जिससे यह योजना के अंतर्गत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली श्रेणी बन गई है।

ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत गर्भसमापन (एमटीपी) सेवाओं की कैशलेस सुविधा का दायरा बढ़ाया है। अब महिलाएँ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी बिना ख़र्च किए ये सेवाएँ प्राप्त कर सकती हैं, जिससे पूरे पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुँच और आसान हो गई है।

आंकड़े संकेत देते हैं कि अधिकांश लाभार्थी गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में ही गर्भपात सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जब चिकित्सकीय प्रक्रियाएँ कम जटिल होती हैं और स्वास्थ्य ज़ोखिम भी कम होते हैं।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के 800 से अधिक सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में एमटीपी सेवाएँ कैशलेस उपलब्ध हैं। इस योजना का उद्देश्य लोगों के जेब से होने वाले ख़र्च को कम करना और समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाना है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सूचीबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों के हालिया विस्तार का उद्देश्य सेवाओं तक पहुँच को आसान बनाना और उपचार में होने वाली देरी को कम करना है। उन्होंने कहा, “सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस सेवाएँ उपलब्ध करवाने का उद्देश्य समय पर उपचार सुनिश्चित करना और देरी से हस्तक्षेप के कारण उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को कम करना है।”

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सकीय निगरानी में समय पर गर्भपात सेवाओं तक पहुँच स्वास्थ्य ज़ोखिमों को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। माता कौशल्या अस्पताल की सीनियर प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रमिता अग्रवाल ने कहा कि निर्धारित गर्भकाल सीमा के भीतर चिकित्सकीय निगरानी में किया गया गर्भसमापन सुरक्षित और प्रभावी होता है।

उन्होंने कहा कि उपचार लेने में देरी अक्सर आर्थिक कठिनाइयों, जागरूकता की कमी और सामाजिक बाधाओं से जुड़ी होती है, जिसके कारण कई बार महिलाएँ असुरक्षित तरीकों या स्वयं दवा लेने का सहारा लेती हैं। उन्होंने कहा, “सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी दवा या प्रक्रिया से पहले प्रत्येक मामले का उचित चिकित्सकीय मूल्यांकन आवश्यक है।”

डॉ. रमिता अग्रवाल ने गर्भपात करवाने के कुछ सामान्य कारण भी साझा किए:

गर्भनिरोधक साधनों का प्रभावी न होना : कंडोम, आईयूडी या अन्य गर्भनिरोधक साधनों का अपेक्षित रूप से प्रभावी न होना।

अनियोजित या अनचाहा गर्भधारण: जब महिला या दंपत्ति बच्चे के लिए तैयार न हों।

आर्थिक कारण: प्रसव और बच्चे के पालन-पोषण से जुड़े ख़र्चों को लेकर चिंताएँ ।

माँ के स्वास्थ्य संबंधी ज़ोखिम: गर्भावस्था जारी रहने से महिला के शारीरिक स्वास्थ्य पर ख़तरा होना।

भ्रूण में गंभीर असामान्यताएँ : भ्रूण में गंभीर जन्मजात या चिकित्सकीय समस्याओं का पता चलना।

व्यक्तिगत, शैक्षणिक या करियर संबंधी कारण: गर्भावस्था का पढ़ाई, नौकरी या जीवन की अन्य योजनाओं पर प्रभाव पड़ना।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का विस्तार प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। यह आर्थिक बाधाओं को कम करके और संस्थागत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने में मदद कर रहा है।

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Punjab की महिला को 1 जुलाई को 3 हजार और दलित महिला को साढ़े चार हजार मिलने की योजना दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से महिलाओं के खाते में तीन महीने का पैसा एक साथ भेजने के एलान का स्वागत किया है। अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की सभी मां, बहनों और बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि सीएम भगवंत मान का यह कदम की तारीफ की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समान्य महिला को 1 हजार और दलित महिला को 1500 रुपए महीना देने की भगवंत मान सरकार की योजना दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है। एक जुलाई को भगवंत मान सरकार सभी पात्र महिलाओं के खाते में तीन महीने का पैसा एक साथ डालेगी।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि 1 जुलाई को उनके खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आयेंगे। हर जनरल केटेगरी की महिला को तीन हज़ार और हर एससी केटेगरी की महिला को 4500 रुपए मिलेंगे। एक परिवार में यदि एक से अधिक महिला हैं तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी। पूरी दुनिया का ये सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है।

गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब हलके के चनार्थल कलां में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में एक साथ तीन महीने का पैसा भेजने का एलान किया था। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से पूछा था कि उन्हें हर महीने हजार या डेढ हजार रुपए चाहिए या फिर दो-तीन महीने का पैसा एक साथ चाहिए। इस पर महिलाओं ने तीन महीने का पैसा एक साथ देने की मांग की थी। महिलाओं की मांग को स्वीकार करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा था कि अब माताओं और बहनों के खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आएंगे। एक जुलाई को समान्य वर्ग की महिला के खाते में तीन हजार रुपए आएंगे, जबकि दलित समाज की महिला के खाते में 4500 रुपए आएंगे। अगर एक परिवार में एक से अधिक महिला पात्र है तो सभी को इसी तरह 3 हजार या 4500 रुपए मिलेंगे।

भगवंत मान ने यह भी कहा था कि एक हजार रुपए मिलने से महिलाएं अमीर नहीं बन जाएंगी, बल्कि यह उनके छोटे-मोटे रीति-रिवाजों और जरूरतों को पूरा करने के लिए है। जब कोई पोता-नाती घर आता है या बेटियां आती हैं, तो उनके हाथ पर पैसे या खिलौना रखने के लिए या उनसे मिलने जाते वक्त शहर से फल ले जाने के लिए यह पैसा काम आएगा। यह पूरी तरह से माताओं और बहनों के मान-सम्मान की बात है। हर इंसान अपने घर में राजा होता है, बस कई बार आर्थिक रूप से इस मान-सम्मान की कमी रह जाती है, जिसे देना सरकार का फर्ज है।

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कैबिनेट ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए रियायतों संबंधी दिशा- निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने तथा प्रशासनिक पहुंच में सुधार लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। कैबिनेट ने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी, औद्योगिक रियायतों संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन किया, स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म लागू करने की स्वीकृति दी तथा जिला होशियारपुर के अंतर्गत आने वाले दसूहा उपमंडल के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) और सहायक स्टाफ के पद सृजित करने को मंजूरी दी।

निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगाम

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस में की जाने वाली अनावश्यक और अनुचित बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को लाने को मंजूरी दे दी है।

यह अध्यादेश ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट, 2016’ में संशोधन करके लाया गया है।

इस कदम का उद्देश्य फीस वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण रखना, विद्यार्थियों और अभिभावकों को मनमानी फीस बढ़ोतरी से सुरक्षा प्रदान करना, फीसों के ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा उनके हितों की रक्षा करना है।

इन संशोधनों के तहत फीस, फीस वृद्धि और कुल फीस वृद्धि की परिभाषाओं को अधिक स्पष्ट बनाया गया है। साथ ही, निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा वार्षिक फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत तय की गई है। 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने के लिए संबंधित नियामक संस्था की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने राज्य की औद्योगिक नीतियों के तहत कैपिटल सब्सिडी एवं निवेश प्रोत्साहनों के वितरण के लिए 13 नवंबर 2019 के दिशानिर्देशों में संशोधन को भी मंजूरी दी।

इन संशोधनों का उद्देश्य सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना तथा पात्र औद्योगिक इकाइयों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है। संशोधित व्यवस्था के अनुसार, दिशानिर्देशों की धारा 1.1 और 1.2 में छूट मिलने के बाद पात्र बनने वाली औद्योगिक इकाइयों को आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित शर्तों की पूर्ति के आधार पर कैपिटल सब्सिडी जारी की जाएगी।

पंजाब में स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म लागू करने को मंजूरी

राज्य के विभिन्न विभागों के अनेक डेटाबेसों को आपस में जोड़ने, किसी भी दोहराव को समाप्त करने और मौजूदा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट ने पंजाब में स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म (एसडीआईपी) लागू करने को मंजूरी दी है। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन-स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी। इस संचालन समिति में पंजाब के मुख्य सचिव चेयरपर्सन होंगे, प्रशासनिक सचिव (गुड गवर्नेंस) मैंबर कनवीनर होंगे तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

दसूहा उपमंडल के लिए एडीसी (जनरल) और सहायक स्टाफ के पदों को मंजूरी

कैबिनेट ने जिला होशियारपुर के अंतर्गत आने वाले दसूहा उपमंडल के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) तथा अन्य सहायक स्टाफ के पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से क्षेत्र के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें जिला स्तरीय प्रशासनिक कार्यों, अनुमतियों, राजस्व मामलों तथा जन शिकायतों के निपटारे के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी तथा जनहित से जुड़े मामलों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा।

इसलिए जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला होशियारपुर के अंतर्गत दसूहा उपमंडल में अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) सहित सहायक स्टाफ के कुल पांच पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

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