Connect with us

Politics

महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां और भद्दी शब्दावली बिल्कुल भी बर्दाश्त योग्य नहीं; कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा तुरंत माफी मांगें: Harpal Singh Cheema

Published

on

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भुल्लथ से कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर की गई अत्यंत अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। वित्त मंत्री ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर से भी अपील की कि यदि सुखपाल सिंह खैहरा अपनी भद्दी शब्दावली और असंसदीय भाषा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

सदन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा ने पंजाब की महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं और जब मैं उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताने के लिए खड़ा हुआ तो उन्होंने मुझे ‘बंधुआ मजदूर’ कहकर मेरे ऊपर भी व्यक्तिगत हमला किया। उन्होंने कहा कि ऐसी शब्दावली किसी भी हाल में बर्दाश्त योग्य नहीं है और यह किसी विधायक को बिल्कुल भी शोभा नहीं देती।

सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कांग्रेसी विधायक द्वारा मजदूर समुदाय और महिलाओं के प्रति इस्तेमाल की गई भद्दी शब्दावली के संबंध में पूरी कांग्रेस पार्टी से भी अपने सदस्य के इस घटिया व्यवहार के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांगने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व अपने सदस्य के इस शर्मनाक व्यवहार की जिम्मेदारी ले।

सुखपाल सिंह खैहरा के इस घटिया व्यवहार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वित्त मंत्री ने इस मामले में स्पीकर से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं सदन के स्पीकर से इस संबंध में सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अपील करता हूं और यदि सुखपाल सिंह खैहरा अपनी अत्यंत निंदनीय और असंसदीय भाषा के लिए बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो विधानसभा में उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए।

अपने पृष्ठभूमि पर किए गए व्यक्तिगत हमले पर रोष प्रकट करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन को श्रम की गरिमा और मजदूर वर्ग की सम्मानित विरासत की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मैं इस सदन के सदस्यों, खासकर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों से अपने पृष्ठभूमि में झांकने की अपील करता हूं। उन्होंने कहा कि बहुत से चुने हुए प्रतिनिधि मजदूर और मेहनतकश परिवारों से संबंधित होने का गर्व रखते हैं। वित्त मंत्री ने सवाल किया कि क्या उनमें से कोई भी ‘बंधुआ मजदूर’ कहे जाने को स्वीकार करेगा? उन्होंने कहा कि ऐसी भद्दी शब्दावली न केवल एक व्यक्ति बल्कि पंजाब के मेहनतकश लोगों के सम्मान को गहरी ठेस पहुंचाती है।

व्यक्तिगत टिप्पणियों से ऊपर उठते हुए वित्त मंत्री ने देश की लोकतांत्रिक नींव और भारत के संविधान द्वारा हर किसी को दी गई स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मुझे अपने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बहुत गर्व है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारत का संविधान लिखा और यही संविधान साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी ऊंचे पदों पर पहुंचकर जनता की सेवा करने की शक्ति देता है।”

उन्होंने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का उन पर विश्वास जताने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का मेरे ऊपर विश्वास जताने और मुझे पंजाब के वित्त मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए दिल से आभारी हूं।”

सरकार में अपने काम को उजागर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें जनसेवा के अपने रिकॉर्ड पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने पंजाब की माताओं, बेटियों, युवाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और उद्योगपतियों के कल्याण और समृद्धि के लिए समर्पित राज्य के पांच व्यापक बजट पेश किए हैं।”

अपने खिलाफ की गई टिप्पणियों का कड़ा जवाब देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सुखपाल सिंह खैहरा को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करवाने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां करने के बजाय सुखपाल सिंह खैहरा को पहले अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करवानी चाहिए, क्योंकि भुल्लथ के विधायक का स्वयं का शैक्षणिक और करियर पृष्ठभूमि भी संदिग्ध रही है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

‘मेरा खून खौल उठता है, जब मैं देखता हूं कि…’: Arvind Kejriwal ने चीनी वस्तुओं के आयात पर जताई नाराजगी

Published

on

आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को पंजाब में इंडस्ट्री को चीन के साथ मैन्युफैक्चरिंग में मुकाबला करने के लिए पूरी मदद का वादा किया। उन्होंने कहा कि जब वह चीन से प्लास्टिक की बाल्टियों और देवी-देवताओं की मूर्तियों जैसी चीजों का इंपोर्ट होते देखते हैं, तो उनका खून खौल उठता है। पार्टी के नेशनल कन्वीनर ‘प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026’ के पहले दिन एक सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “भगवान ने इस देश को सब कुछ दिया है। जब भगवान ने धरती बनाई, तो सबसे खुशहाल और सुंदर जमीन उन्होंने ‘भारतवर्ष’ के रूप में बनाई। हमारे पास पहाड़, नदियां, जड़ी-बूटियां, खनिज, लोहा, कोयला और अनगिनत दूसरे संसाधन हैं। लेकिन मुझे बहुत दुख होता है जब हम चीन से खिलौने, प्लास्टिक की बाल्टियां और स्टेशनरी इंपोर्ट करते हैं”

केजरीवाल ने कहा कि हमारी रसोई में मसाले रखने वाले प्लास्टिक के डिब्बे भी चीन से ही आते हैं। मेरा खून खौल उठता है, जब मैं देखता हूं कि आजादी के 75 साल बाद भी हम चीन से प्लास्टिक की बाल्टियां और फोन चार्जर इंपोर्ट कर रहे हैं। हम अपनी लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां भी खुद नहीं बना सकते। यह देशभक्ति का मामला है। आपको देश के लिए यह करना ही होगा।

AAP नेता ने आगे कहा, “हमें बताइए कि आपको किस चीज की जरूरत है और चीन को एक्सपोर्ट करना शुरू कीजिए। आपको जिस तरह के माहौल की जरूरत होगी, हम वह आपको देंगे। यह कोई खोखला वादा नहीं है।”

‘पंजाबियों को मौका दें, वे चीन से भी सस्ती चीजें बनाकर दिखाएंगे’

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या ऐसी चीजें अपने देश में और सस्ती कीमत पर नहीं बनाई जा सकतीं? उन्होंने जोर देकर कहा, “पंजाबियों को मौका दीजिए, वे चीन से भी सस्ती चीजें बनाकर दिखाएंगे और उन्हें एक्सपोर्ट भी करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आजादी के 75 सालों में किसी भी सरकार ने अपने ही लोगों की काबिलियत पर भरोसा नहीं किया।

उन्होंने कहा, “हमारा सिस्टम इतना कमजोर रहा है कि वह किसी को कुछ भी करने ही नहीं देता। हमें मौके मिलने चाहिए। भारत को नंबर एक बनना ही होगा और हमें चीन को हराना ही होगा। आज मैं आपको यह प्रस्ताव दे रहा हूं और (मुख्यमंत्री भगवंत) मान साहब मेरे साथ हैं, पूरी पंजाब सरकार मेरे साथ है। हमें बताइए कि चीन को हराने के लिए आपको किस चीज़ की जरूरत है, हम वह आपको पंजाब में ही उपलब्ध कराएंगे।”

Continue Reading

Politics

‘मानसिक इलाज कराओ इनका…’, पंजाब मंत्री हरपाल चीमा की MLA सुखपाल खैहरा पर तल्ख टिप्पणी

Published

on

पंजाब विधानसभा में ‘शून्य काल’ हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। विवाद की शुरुआत तब हुई जब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

वित्त मंत्री चीमा ने बेहद कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा ने उन्हें बंधुआ मजदूर कहकर संबोधित किया है, जो बेहद अपमानजनक है। चीमा ने मांग की कि खैहरा को सदन में बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा उनकी सदस्यता रद की जाए।

उन्होंने खैहरा पर निजी हमला बोलते हुए कहा कि वे जिस भी पार्टी में रहे हैं, वहां का माहौल खराब करते रहे हैं। सत्ता पक्ष के विधायकों ने खैहरा की डिग्रियों को जाली बताते हुए उनकी मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाए और यहाँ तक कह दिया कि उन्हें ‘इलाज’ की जरूरत है।

प्रताप सिंह बाजवा ने किया बचाव

जवाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा का बचाव किया। बाजवा ने कहा कि उन्होंने कल भी गुजारिश की थी कि पहले सदस्य को अपनी बात रखने दी जाए, उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाए। इसी गहमागहमी के बीच बाजवा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की, जिसे स्पीकर ने सिरे से खारिज कर दिया। स्पीकर ने टिप्पणी की कि विपक्ष केवल अपने सदस्य को बचाने के लिए (शील्ड करने के लिए) यह प्रस्ताव ला रहा है, जिसे मंजूरी नहीं दी जा सकती।

वेल में आईं महिला विधायक

हंगामा तब और बढ़ गया जब आम आदमी पार्टी की सभी महिला विधायक सदन के बीचों-बीच (वेल) में आ गईं और नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल को अनियंत्रित होता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। सदन के भीतर की इस तल्खी ने आज फिर साफ कर दिया कि बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट चरम पर है।

Continue Reading

National

पंजाब सरकार को मिला कांग्रेस-शिअद का साथ, India-US व्यापार समझौते के खिलाफ की केंद्र सरकार की आलोचना

Published

on

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ पंजाब विधानसभा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव पर कांग्रेस व शिअद भी साथ दिखे।

नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को समझौते के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा होना चाहिए। कांग्रेस समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां छोटे किसान है, जबकि अमेरिका में एक किसान के पास 50 से लेकर 200 एकड़ जमीन है। अमेरिका साढ़े चार से पांच लाख करोड़ रुपये तक किसानों को सब्सिडी देता है। वहां पर फसलों का 100 प्रतिशत बीमा है, जबकि हमारे ऐसा कुछ नहीं।

कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने भी निंदा प्रस्ताव का समर्थन तो किया लेकिन साथ ही कहा कि सरकार का काम इलाज करना होता है। समझौते का असर कैटल फीड बनाने वाली इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा। अभी पंजाब में बने कैटल फीड की मांग दक्षिण भारत में भी है, लेकिन इस समझौते से नुकसान होगा।

समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर: चीमा

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बजट बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि व्यापार समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। इससे भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ देश के किसानों को अनुचित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि 2024 में भारत के साथ अमेरिका के कृषि व्यापार में 1.3 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ था। भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और आज का समझौता इस घाटे को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।

वित्त मंत्री ने भाजपा नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह भारत के लोगों के हितों से अधिक विदेशी कॉरपोरेट के हितों को प्राथमिकता दे रही है।”

कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है: भुल्लर

कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने प्रस्तावित समझौता पंजाब की कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका से सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों के बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति दी गई तो इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है।

Continue Reading

Trending