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कांग्रेस विधायक खैरा के परिवार ने रामगढ़ में पंचायत की ज़मीन हड़पी, गांव के विकास में डाली रुकावट: AAP के हरसिमरन घुम्मण
आम आदमी पार्टी (आप) के भुलत्थ के हलका इंचार्ज एडवोकेट हरसिमरन सिंह घुम्मण ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा पर तीखा हमला करते हुए उनके परिवार पर गांव रामगढ़ में पंचायत की ज़मीन पर गैर-कानूनी कब्ज़ा करने और जानबूझकर इलाके में विकास के कामों में रुकावट डालने का आरोप लगाया है।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घुम्मण ने कहा कि जब भी कोई गलत काम उनके ध्यान में आता है, तो वह मीडिया के ज़रिए भुलत्थ और पूरे पंजाब के लोगों तक सच्चाई लाना अपना फ़र्ज़ समझते हैं। रामगढ़ में हाल ही में हुए विवाद का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पंचायती ज़मीन पर गैर-कानूनी कब्ज़ों के विरूद्ध कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है, लेकिन सबसे गंभीर बात यह है कि ऐसी गतिविधियाँ चुनाव क्षेत्र के विकास में एक बड़ी रुकावट बन रही हैं।
घुम्मण ने पंचायती राज विभाग द्वारा साइन की गई ऑफिशियल लिस्ट के साथ डॉक्यूमेंट्री सबूत जमा किए गए, जिसमें बताया गया था कि पंजाब सरकार की ग्रामीण विकास स्कीम के तहत मंज़ूर 28 खेल के मैदानों में से एक रामगढ़ गाँव को भी अलाट किया गया था। हालाँकि, 31 मार्च की समय सीमा से पहले पंचायती ज़मीन की निशानदेही में रुकावट के कारण निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ सका।
उन्होंने आरोप लगाया कि खैरा ने अपने परिवार के गैर-कानूनी कब्ज़े को बचाने के लिए किसान यूनियनों की आड़ में कुछ लोगों को इकट्ठा करके हंगामा किया और निशानदेही की प्रक्रिया को रोक दिया। घुम्मण ने कहा कि उन्होंने यह दावा करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश की कि सरकार किसानों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जबकि असल में वे अपनी गैर-कानूनी ज़मीन हड़पने की कार्रवाई को छिपा रहे थे।
गांव रामगढ़ में 46 एकड़ पंचायती ज़मीन के बारे में आरटीआई दस्तावेजों और कब्जा वारंट का हवाला देते हुए, घुम्मण ने दावा किया कि खैरा के परिवार के सदस्यों पर पंचायती ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए लंबे समय से जांच चल रही है। उन्होंने खैरा के रिश्तेदारों, तरिंदरजीत सिंह उर्फ तजिंदर सिंह बेटे गुरदयाल सिंह और हरि सिंह बेटे हरभजन सिंह का नाम लेते हुए कहा कि रिकॉर्ड से साफ़ तौर पर इस कब्ज़े से उनके संबंधों की पुष्टि करता है।
दूसरी गड़बड़ियों के बारे में बताते हुए घुम्मण इशारा किया कि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, गांव का तालाब करीब 24 कनाल में फैला है, जबकि अभी के अंदाजे से पता चलता है कि सिर्फ 9 कनाल ही बचा है। उन्होंने पूछा, “बाकी 15 कनाल कहां गायब हो गए? यह वह सवाल है जिसका जवाब खैरा को देना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि गायब जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा किया गया है।
इस मुद्दे को उठाते हुए घुम्मण ने खैरा और कांग्रेस नेताओं को जमीन की पारदर्शी और लाइव निशानदेही के लिए खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि मैं खुद सारे दस्तावेज लेकर प्रताप सिंह बाजवा के घर जाऊंगा और उन्हें मीडिया के साथ निशानदेही के लिए तारीख तय करने के लिए बुलाऊंगा। यह सब लाइव हो ताकि सच सबके सामने आ जाए।
उन्होंने आगे भरोसा दिलाया कि निशानदेही किसी भी खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाए बिना जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल की जाएगी। घुम्मण ने ऐलान किया कि अगर किसी किसान को कोई नुकसान होता है, तो वह अपनी जेब से नुकसान का चार गुना मुआवजा देंगे।
तीखा राजनीतिक हमला करते हुए घुम्मण ने कहा कि जो व्यकित अपने गांव का वफादार नहीं हो सका, उस पर लोग भरोसा नहीं कर सकते। गांव की सेवा करने के बजाय, खैरा के परिवार ने उसके साधनों को लूटा है।
पारदर्शिता और ग्रामीण विकास के लिए आप का प्रतिबद्धता दोहराते हुए, घुम्मण ने कहा कि पार्टी पंचायत की ज़मीन को गैर-कानूनी कब्ज़ों से मुक्त कराने और सार्वजनिक साधनों का प्रयोग गांववालों के फायदे के लिए हो।
उन्होंने मीडिया और जनता से अपील की कि जब भी तारीख तय हो, वे निशादेही की प्रक्रिया का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि “यह सिर्फ़ एक गांव का मामला नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब के लोगों के अधिकारों की रक्षा का मामला है।
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पंजाब में फिर बढ़ने लगी गर्मी, पारा पहुंचा 43 डिग्री
पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर गर्मी बढ़ने लगी है। मंगलवार के मुकाबले तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि यह सामान्य से 1.9 डिग्री कम बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार हिमाचल प्रदेश से सटे तीन जिलों — पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में आज बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने येलो वेदर वार्निंग जारी की है। कल भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। वहीं इस महीने अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश में तापमान फिर तेजी से बढ़ने लगा है। दो जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। फरीदकोट में सबसे अधिक 43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा 40.1 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा फाजिल्का में 39.7 डिग्री, फिरोजपुर में 37.4 डिग्री, लुधियाना में 36.8 डिग्री, पटियाला में 36.7 डिग्री, पठानकोट में 36.6 डिग्री और अमृतसर में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके असर से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 15 मई से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंचने की संभावना है, जिससे बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 14 मई तक पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। अगले सात दिनों में पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। आज और कल कुछ इलाकों में बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
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पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी को पीछे धकेलने की साजिश, भाजपा की सोच पंजाब विरोधी: दीपक बाली
आम आदमी पार्टी (आप) के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने केंद्र की भाजपा सरकार पर पंजाब विरोधी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को पीछे धकेलने और संस्कृत को प्राथमिकता देने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “पंजाबियत खत्म करने की साजिश” बताया।
दीपक बाली ने कहा कि पंजाब में स्थित आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को चौथे स्थान पर लाकर संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से पंजाब की भाषा, संस्कृति और पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
बाली ने कहा कि भाजपा लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिनसे पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाबी केवल एक भाषा नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, इतिहास और संस्कृति की पहचान है। ऐसे में पंजाबी भाषा को शिक्षा व्यवस्था में कमजोर करना सीधे तौर पर पंजाब और पंजाबियत पर हमला है।
उन्होंने कहा, “यह पंजाब की धरती है और पंजाबी यहां के लोगों की मातृभाषा है। भाजपा द्वारा पंजाबी को शिक्षा व्यवस्था में पीछे धकेलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।”
दीपक बाली ने कहा कि पंजाब भाषा एक्ट स्पष्ट रूप से कहता है कि पंजाब में पंजाबी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक पंजाबी विषय जरूरी है और यह कानूनन व्यवस्था का हिस्सा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर ऐसी नीतियां लागू कर रही है जिनसे पंजाबी भाषा का महत्व कम हो और नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर हो जाए।
‘आप’ नेता ने कहा कि पंजाबी हमारे गुरुओं की भाषा है और इसका सम्मान करना हर पंजाबी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और भाजपा की किसी भी “साजिश” को सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में ऐसा कोई स्कूल नहीं होने दिया जाएगा जहां पंजाबी भाषा अनिवार्य न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर जोरदार विरोध करेगी और पंजाब सरकार ऐसे स्कूलों पर तुरंत एक्शन लेगी।
दीपक बाली ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार हर समय पंजाब को कमजोर करने की मानसिकता से काम करती दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अपनी भाषा और संस्कृति के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे और पंजाबी भाषा के सम्मान की लड़ाई हर स्तर पर जारी रहेगी।
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सीबीआई और ईडी के छापे राजनीति से प्रेरित, भाजपा विरोधी आवाज़ों और सरकारों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है: अमन अरोड़ा
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री और ‘आप’ पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि यह कार्रवाई भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विरोधी आवाज़ों और उन सरकारों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का योजनाबद्ध तरीके से दुरुपयोग किया जा रहा है, जो केंद्र के सामने झुकने से इनकार करती हैं।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बजाय अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का खुलकर इस्तेमाल कर रही है। ये छापे राजनीति से प्रेरित हैं और इनका मकसद पंजाब के प्रशासन पर दबाव बनाना है। पंजाब की धरती पर भ्रष्टाचार को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन किसी भी जांच में उचित प्रक्रिया और स्थापित नियमों का पालन होना चाहिए।
संवैधानिक चिंताओं पर जोर देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि संघीय ढांचे की अपनी मर्यादा और संतुलन होता है, जिसे केंद्र सरकार जानबूझकर कमजोर कर रही है। उन्होंने समन्वय व्यवस्था को नजरअंदाज करने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब को दूसरे राज्यों की तरह डराया या नियंत्रित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र ने संस्थागत मर्यादाओं को पूरी तरह तोड़ दिया है और सीबीआई के हस्तक्षेप के जरिए पंजाब विजिलेंस को निशाना बनाया जा रहा है। पंजाब सरकार अपने अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सत्ता के दुरुपयोग या डराने-धमकाने की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से संवैधानिक सीमाओं का सम्मान करने और राजनीतिक बदले की भावना से जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को बंद करने की अपील की।
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