Punjab
CM मान ने किया संत अतर सिंह जी महाराज अस्पताल का उद्घाटन, 15 गांवों के 50 हजार निवासियों को होगा लाभ
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गांव चीमा में संत अतर सिंह जी महाराज अस्पताल का उद्घाटन किया। उल्लेखनीय है कि 11.70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित और 30 बिस्तरों वाला यह अत्याधुनिक अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में हजारों लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि यह अस्पताल न केवल 15 गांवों के लगभग 50 हजार निवासियों को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की लगभग 35 से 40 हजार आबादी को भी किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराएगा।
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया, मरीजों का हालचाल पूछा और उनके परिवारों से भी बातचीत की।
अस्पतालों की बदलती तस्वीर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को अधिकतर संगरूर, पटियाला और लुधियाना रेफर किया जाता था, लेकिन अब मरीज स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक मशीनों और समर्पित इमरजेंसी तथा जच्चा-बच्चा वार्डों से सुसज्जित इस अस्पताल में इलाज करवा सकेंगे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “संत बाबा अतर सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा और राज्य सरकार ने इसके लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना और लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। इस परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”

इस नए अस्पताल के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “आज संत अतर सिंह जी महाराज के जन्म स्थान गांव चीमा में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया गया है। संत अतर सिंह जी महाराज ने शिक्षा और समाज सेवा में अमूल्य योगदान दिया और उनके सम्मान में इस केंद्र का नाम रखा जाना गर्व की बात है।” गौरतलब है कि 11.75 करोड़ रुपये की लागत वाला यह केंद्र 30 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा।
इस परियोजना के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह केंद्र 1975 में 10 बिस्तरों के साथ स्थापित किया गया था, जिसे बाद में 20 बिस्तरों तक बढ़ाया गया। अब क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए इसे 30 बिस्तरों तक विस्तारित किया गया है। लगभग 50 हजार लोगों को आपातकालीन और विशेष चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाला यह केंद्र क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। सड़क दुर्घटना के पीड़ितों और गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को यहां आपातकालीन देखभाल मिलेगी और सर्जिकल प्रक्रियाओं की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।”
अस्पताल में उपलब्ध डाक्टरी सेवाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “ईएनटी और दंत सेवाओं के साथ-साथ बच्चों के इलाज के लिए बाल रोग विशेषज्ञ भी उपलब्ध होंगे। मुफ्त जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवाएं, एक्स-रे और रक्त जांच की सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके अलावा नशा मुक्ति के लिए भी यहां उपचार उपलब्ध होगा।”
नशे के दुष्प्रभावों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने नशों को कानूनी मान्यता देने के विचार को खारिज करते हुए कहा, “यह तर्कहीन है क्योंकि एक नशा दूसरे की जगह नहीं ले सकता। इसके बजाय युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए। राज्य सरकार ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पहले ही कई पहल शुरू की हैं।”

राज्य में चल रही नशा विरोधी मुहिम के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान ने राज्य में नशे के कारोबार की कमर तोड़ दी है। नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, उनकी संपत्तियां जब्त की गई हैं और सप्लाई चेन को तोड़ा गया है। ‘आप’ सरकार जल्द ही उन बहादुर लोगों को सम्मानित करेगी जिन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ अहम जानकारी दी।”
प्रशासन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “‘आप’ सरकार ने हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे बड़े बदलाव आए हैं। जनता के टैक्स का पैसा जनता के हित में खर्च किया जा रहा है। विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से यह पैसा लोगों तक वापस पहुंच रहा है। सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, 65 हजार से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के रोजगार, बेहतर सड़कें और बंद किए गए टोल प्लाजा से रोजाना 70 लाख रुपये की बचत सुनिश्चित की है और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहे हैं।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक अमन अरोड़ा तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह भी उपस्थित थे।
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पंजाब में जारी होंगे QR कोड वाले राशन कार्ड, PDS की कमियां दूर करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला
पंजाब सरकार ने पीडीएस सिस्टम में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए क्यूआर कोड वाले राशन कार्ड का वितरण शुरू कर दिया है। पुरानी व्यवस्था में लाभार्थियों को राशन जारी करने में देरी हो रही थी। पंजाब में कुल 1.5 करोड़ लोगों इस व्यवस्था का लाभ उठाते हैं। राज्य में कुल 39 लाख राशन कार्ड हैं। सरकार का लक्ष्य मई से पहले 80% कवरेज हासिल करना है। मई के महीने से ही गेहूं वितरण का चक्र शुरू होता है।
सरकार के इस फैसले से उन लाभार्थियों को राहत मिल सकती है, जिनकी अंगुलियों के निशान धुंधले पड़ गए हैं, अंगूठे के निशान घिस गए हैं या ऐसे परिवार जो बार-बार ई-केवाईसी में फेल हो रहे हैं और ऐसे घर जहां बायोमेट्रिक बेमेल होने के कारण राशन वितरण में देरी हो रही है।
पहले ही छप गए 10 लाख कार्ड
लाभार्थियों को अब केवल क्यूआर-आधारित प्लास्टिक राशन कार्ड ले जाना होगी। अब राशन डिपो पर आधार कार्ड या अन्य पहचान प्रमाण ले जाने की जरूरत नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि तकनीक आधारित सुधारों का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है। अधिकारियों के अनुसार राज्य स्तर पर इस योजना के लागू होने से सभी लाभार्थी परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। क्यूआर आधारित पहले 10 लाख प्लास्टिक कार्ड पहले ही छप चुके हैं और इन्हें चरणबद्ध तरीके से डिपो को आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि शेष स्टॉक की आपूर्ति जिलावार जारी रहेगी। हालांकि 80% वितरण का लक्ष्य अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है, शेष 20% अनाज वितरण प्रक्रिया के साथ-साथ सौंपा जाता रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी परिवार इससे वंचित न रह जाए।
दूसरे डिपो पर भी आसानी से मिलेगा राशन
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि इस व्यवस्था को पारदर्शिता लाने और एक बेहतर सत्यापन तंत्र के माध्यम से लाभार्थियों को सशक्त बनाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, “लाभार्थियों को क्यूआर आधारित प्लास्टिक राशन कार्ड मिलने के बाद, उन्हें डिपो में कोई अन्य दस्तावेज नहीं ले जाना पड़ेगा। यदि कोई लाभार्थी मूल रूप से आवंटित डिपो के अलावा किसी अन्य डिपो पर पहुंचता है, तो भी कार्ड दिखाकर वहां से गेहूं ले सकता है। क्यूआर कोड वाली व्यवस्था के कारण इस सुविधा का लाभ भी लिया जा सकता है।” पोर्टेबिलिटी की यह सुविधा व्यापक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) ढांचे को दर्शाती है, जिसे पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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पंजाब में जारी रहेंगी सभी सब्सिडियां, वित्तमंत्री Harpal Cheema का बड़ा एलान
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की दी जा रही सब्सिडी वापस नहीं होगी और सभी सब्सिडियां जारी रहेंगी। वीरवार को यहां अपने निवास पर कुछ चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार की एक सामाजिक जिम्मेवारी भी होती है जो समाज के सभी वर्गों को एक समान लाने के लिए निभानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी सब्सिडी की जरूरत को पूरा करने के लिए आमदनी को लगातार बढ़ा रही है। मार्च के महीने में जीएसटी की ग्रोथ 12.5 प्रतिशत बढ़ने का उदाहरण देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राजस्व के हर सेक्टर के निर्धारित लक्ष्यों को हमने पूरा किया है।
विपक्षी पार्टियों की ओर से पंजाब की आर्थिक हालत को लेकर की जा रही आलोचना का जवाब देते हुए वित्तमंत्री ने पूर्व वित्तमंत्रियों को पंजाब के वित्तीय हालात पर बहस करने की खुली चुनौती दी। चीमा ने दावा किया कि देश में वित्तीय सुधारों के मामले में पंजाब ने कई पहलकदमियां की हैं की है, जिसके चलते राज्य को हाल ही में संपन्न हुए वित्त वर्ष में 400 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली है।
मां-बेटी सत्कार योजना के तहत जनरल कैटेगरी की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये देने के लिए रजिस्ट्रेशन 13 अप्रैल से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स देने वालों, सरकारी कर्मचारियों, सांसदों, विधायकों आदि की पत्नियों को इस योजना से बाहर रखा गया है, जबकि आंगनवाड़ी, मिड-डे मील वर्कर और प्राइवेट जाब करने वाली महिलाओं को इस योजना का फायदा मिलेगा।
सरकारी कर्मचारियों को डीए की किस्त देने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान लंबित 14,191 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं और सरकार अपनी सरकार के दौरान डीए देने और पुरानी पेंशन स्कीम पर विचार कर रही है। सरकार की ओर से कर्ज लेने पर चीमा ने कहा कि दूसरे राज्य भी लगातार कर्ज ले रहे हैं।
केंद्र सरकार पर 2014 में 55 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था जो अब बढ़कर 212 लाख करोड़ रुपये हो गया है। चीमा ने कहा कि जब आप सरकार सत्ता में आई थी, तो कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में 2,980 करोड़ रुपये थे और अब यह 10,738 करोड़ रुपये हो गया है। चीमा ने कहा कि आप सरकार के दौरान खजाना कभी बंद नहीं हुआ।
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पंजाब में पैसों की बारिश! जोगिंद्रा ग्रुप करेगा 1,100 करोड़ का महा-निवेश, युवाओं की खुलेगी किस्मत
पंजाब के औद्योगिक विकास और बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य के उद्योग जगत में एक नया अध्याय जोड़ते हुए प्रसिद्ध ‘जोगिंद्रा ग्रुप’ ने पंजाब में 1,100 करोड़ रुपये के रणनीतिक निवेश का शानदार ऐलान किया है. यह भारी-भरकम निवेश सूबे के स्टील उद्योग और ग्रीन (नवीकरणीय) ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर बदलकर रख देगा.
पंजाब के उद्योग और वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने इस बड़े कदम की जानकारी देते हुए बताया कि यह निवेश पंजाब की प्रगतिशील नीतियों और कारोबार के अनुकूल (Ease of Doing Business) माहौल पर निवेशकों के बढ़ते भरोसे की मुहर है.
स्टील और ग्रीन एनर्जी में बंपर निवेश
मंत्री संजीव अरोड़ा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जोगिंद्रा ग्रुप इस 1,100 करोड़ रुपये के मेगा-प्रोजेक्ट के तहत 700 करोड़ रुपये सीधे स्टील क्षेत्र में लगाएगा. यह निवेश मुख्य रूप से ‘जोगिंद्रा कास्टिंग्स’ और ‘वर्धमान आदर्श’ के जरिए किया जाएगा. इसके साथ ही, भविष्य की जरूरतों और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ‘जोगिंद्रा ग्रीन इंडिया’ के माध्यम से नवीकरणीय (ग्रीन) ऊर्जा क्षेत्र में भी 400 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जाएगा.
रोजगार की होगी बरसात, बढ़ेगा टर्नओवर
इस विस्तार के फायदों को रेखांकित करते हुए संजीव अरोड़ा ने बताया कि इससे राज्य में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे. कंपनी का वर्तमान टर्नओवर 3,000 करोड़ रुपये से उछलकर 5,000 करोड़ रुपये तक पहुँचने की उम्मीद है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के बाद कर्मचारियों की संख्या 1,800 से बढ़कर 3,000 हो जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा. इसके अलावा, ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 37 मेगावाट से कई गुना बढ़कर 120 मेगावाट हो जाएगी.
मंडी गोबिंदगढ़ बनेगा विकास का मुख्य केंद्र
साल 1992 में स्थापित जोगिंद्रा ग्रुप (जिसकी कमान सीएमडी आदर्श गर्ग, और डायरेक्टर संजय गुप्ता व निमित गुप्ता के हाथों में है) उत्तरी भारत का प्रमुख औद्योगिक समूह है. क्षेत्रीय प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री अरोड़ा ने कहा कि मंडी गोबिंदगढ़ हमेशा से पंजाब के स्टील उद्योग की रीढ़ रहा है. भगवंत मान सरकार के कुशल नेतृत्व में गोबिंदगढ़ नए निवेश, आधुनिकीकरण और अधिक कुशल उत्पादन के साथ अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है. यह निवेश मंडी गोबिंदगढ़ को एक बार फिर पंजाब की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का ‘पावरहाउस’ बना देगा.
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