Punjab
नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए CM भगवंत सिंह मान; कहा, “हम पंजाब से नशे का कलंक मिटा देंगे”
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार हर हाल में प्रदेश से “नशे का कलंक” मिटाकर रहेगी। उन्होंने कहा कि चल रहे युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान ने पहले ही नशा तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है, जिसके तहत सिर्फ 437 दिनों में 63,707 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और पंजाब भर में नशे के पैसे से बनी अवैध संपत्तियों को गिराया जा रहा है।
बटाला में संत त्रिलोचन दास जी महाराज के 38वें गुरुगद्दी दिवस को समर्पित नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशों और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई अब जन आंदोलन बन गई है, जिसमें हर पंजाबी पंजाब सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने पिछले 112 दिनों में गैंगस्टरों पर वार अभियान के तहत की गई कार्रवाइयों, महिलाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए चल रहे कल्याणकारी कार्यों और प्रदेश में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी विरोधी सख्त कानून जैसी पहलकदमियों पर भी प्रकाश डाला।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान को 400 से अधिक दिन हो गए हैं और इस अभियान को शानदार सफलता मिली है। हमने नशे के कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है और इस अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया गया है। नशों के खिलाफ यह कार्रवाई पूरी ताकत से तब तक जारी रहेगी, जब तक इस बुराई का पंजाब से पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता।”
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत पंजाब सरकार ने न केवल नशों की सप्लाई लाइन तोड़ दी है, बल्कि पीड़ितों के पुनर्वास को भी सुनिश्चित किया है। इसके साथ ही तस्करों की संपत्तियों को गिराया और जब्त भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर पंजाबी पंजाब को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ इरादा रखते हैं तो कोई भी ताकत हमें इस मिशन को पूरा करने से नहीं रोक सकती। मैं इस लड़ाई को जन आंदोलन में बदलने के लिए लोगों से पूरे समर्थन और सहयोग की मांग करता हूं।”
पंजाब की आध्यात्मिक विरासत को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह हमारे शहीदों की धरती है और इसका कोना-कोना महान गुरुओं, संतों, पीर-पैगम्बरों की चरण-छोह प्राप्त है, जिन्होंने हमें जुल्म, बेइंसाफी और अत्याचार के खिलाफ खड़े होना सिखाया। हमारे गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरित होकर ही हमने नशों के खिलाफ यह युद्ध शुरू किया, जिसके नतीजे अब जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। वह दिन दूर नहीं, जब पंजाब पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को हमेशा देश का अन्न भंडार और खड़ग भुजा के रूप में जाना जाता रहा है और यहां के लोग दुनिया भर में अपनी हिम्मत, सिर्फ और उद्यमी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने पंजाब के विकास को अनदेखा किया, जिसके कारण युवाओं को मजबूरी में पंजाब छोड़कर विदेशों की ओर जाना पड़ा। इसके विपरीत आज हमारी सरकार ‘रंगले पंजाब’ की प्राचीन शान बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”
लोगों की भलाई पर केंद्रित प्रशासन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा लोगों का है और हम इस पैसे को उनकी भलाई पर पूरी समझदारी से खर्च कर रहे हैं। अब लोगों का पैसा भ्रष्टाचार और लूट में बेकार नहीं जाता, बल्कि स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास पर लगाया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है और बिना किसी भ्रष्टाचार के प्रदेश के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने सड़कों को बेहतर बनाया है, टोल प्लाजा बंद किए हैं, लोगों को रोजाना लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है और प्रदेश भर में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को धान के सीजन के दौरान आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली दी गई है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।”
स्वास्थ्य सुरक्षा में किए गए सुधारों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है।” उन्होंने कहा कि 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं, जबकि 1.65 लाख लोगों ने इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करवाया है। उन्होंने आगे कहा, “मैं लोगों से इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करता हूं।”
महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा ‘मांवां-धियां सतिकार योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत अनुसूचित जाति की हर महिला को प्रति माह 1,500 रुपये और अन्य वर्गों की हर महिला को प्रति माह 1,000 रुपये मिलेंगे।” उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए योग्य होंगी। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा और पंजाब सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”
जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम 2026 का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वाहिगुरू की कृपा से इस ऐतिहासिक कानून को लागू करके मुझे मानवता की सेवा करने का अवसर मिला है, जिसमें बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।”
उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने के उद्देश्य से शुरू की गई गहरी साजिश के तहत करवाई गई थीं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और उनकी मर्यादा को बनाए रखना हमारा पवित्र कर्तव्य है।” उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बसने वाले सिखों द्वारा इस कानून के लिए धन्यवाद दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस अधिनियम को पारित करने की सेवा गुरु साहिब ने खुद मुझसे ली है। वाहिगुरू ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है और मैं सिर्फ एक निमाणा (विनम्र) सेवक हूं, जिसे यह जिम्मेदारी मिली है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी के खिलाफ सख्त कानूनों की मांग कर रहे थे।
गुरबानी की तुक “पवणु गुरू पाणी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महान गुरुओं ने सदियों पहले मानवता को प्रकृति का सम्मान करने और सौहार्द के साथ रहने की शिक्षा दी थी। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हमारे जीवित गुरु हैं और हर पंजाबी, खासकर हर सिख, श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज हर शब्द का सम्मान करता है और उसका पालन करता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि यहां सब कुछ उग सकता है, लेकिन नफरत और दुश्मनी की यहां कोई जगह नहीं है। गुरुओं, संतों और पीरों की इस पवित्र धरती ने हमेशा प्यार, शांति और सहनशीलता का संदेश दिया है। पंजाब के सांप्रदायिक सद्भाव को ढहाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन ऐसी सभी साजिशें असफल रहीं क्योंकि यह सौभाग्यशाली धरती है।”
नशों के खिलाफ पंजाब सरकार की निरंतर कार्रवाई जन आंदोलन में बदल रही है
संत त्रिलोचन दास जी महाराज के 38वें गुरुगद्दी दिवस के अवसर पर सचखंड नानक धाम, दर्शन दरबार, बटाला में करवाया गया नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम, नशों और संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए अभियान के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश भर में शुरू किए गए अभियान “युद्ध नशियां विरुद्ध” में तेजी लाई गई है। इस अभियान के तहत सिर्फ 437 दिनों में 63,707 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही नशीले पदार्थों के नेटवर्क को बर्बाद किया गया है, नशीले पदार्थों की कमाई से बनी अवैध संपत्तियों को गिरा दिया गया है और पीड़ित युवाओं के लिए पुनर्वास सुनिश्चित किया गया है।
इसके साथ ही पंजाब सरकार के “गैंगस्टरों ते वार” अभियान के तहत गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स और जिला पुलिस टीमों के समन्वय से संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक जंग शुरू की गई है। पंजाब सरकार ने नशा छुड़ाऊ इलाज, कौशल विकास और पुनर्वास पर भी ध्यान केंद्रित किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पीड़ित युवाओं को सम्मान और रोजगार के अवसरों के साथ समाज की मुख्य धारा में फिर से शामिल किया जा सके।
National
जहां भी भाजपा का शासन है, वहां अपराध, गैंगस्टर और गुंडागर्दी आम हो गई है: हरपाल सिंह चीमा
भाजपा की केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा शासन वाले राज्यों में क्राइम, गैंगस्टर और लॉ एंड ऑर्डर की हालत लंबे समय से खराब हो गई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के डेटा का हवाला देते हुए, मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े भाजपा राज का “असली चेहरा” दिखाते हैं, जहाँ नफरत, डर और हिंसा का इस्तेमाल सत्ता पाने और बनाए रखने के लिए राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दिल्ली, जहाँ भाजपा ने हाल ही में एजेंसियों और दिल्ली पुलिस का गलत इस्तेमाल करके सत्ता हथिया ली है, 1602 प्रति लाख आबादी के क्राइम रेट के साथ देश के क्राइम चार्ट में सबसे ऊपर है। गुजरात, जहाँ भाजपा ने लगभग 30 साल तक राज किया है, वहाँ क्राइम रेट 806, हरियाणा में 739.2, मणिपुर में 627.8, मध्य प्रदेश में 570.3, महाराष्ट्र में 470.4, ओडिशा में 431.2, राजस्थान में 390.4 और चंडीगढ़ में 338.9 है। इसके उलट, पंजाब का क्राइम रेट 227.1 बहुत कम है, जो साफ तौर पर साबित करता है कि भगवंत मान की पंजाब सरकार ने क्राइम और गैंगस्टर नेटवर्क को कामयाबी से कंट्रोल किया है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा जहां भी जाती है, वहां लॉ एंड ऑर्डर सिस्टम खत्म हो जाता है। भाजपा राजनीतिक सत्ता पाने के लिए नफरत फैलाती है, लोगों को बांटती है और डर का माहौल बनाती है। यही वजह है कि पूरे देश में क्राइम तेजी से बढ़ रहा है।
हाल ही में चंडीगढ़ में एक 18 साल के नौजवान की दिनदहाड़े हुई हत्या का जिक्र करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह घटना भाजपा के कंट्रोल वाले प्रशासन की पूरी नाकामी दिखाती है। चंडीगढ़ कभी ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के नाम से जाना जाता था, लेकिन आज यह क्राइम के लिए जाना जाने लगा है क्योंकि भाजपा ने वहां लॉ एंड ऑर्डर को खत्म कर दिया है। चूंकि चंडीगढ़ सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंडर आता है, इसलिए भाजपा बिगड़ते हालात की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
गैंगस्टर नेटवर्क का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकारें पूरे देश में गैंगस्टरवाद और देश विरोधी तत्वों को बढ़ावा दे रही हैं। बदनाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की जेल में बंद है, जो दशकों से भाजपा का राज वाला राज्य रहा है। कई राज्यों की पुलिस को जांच के लिए वॉन्टेड होने के बावजूद, उसकी कस्टडी ट्रांसफर पर रोक लगा दी गई है। गैंगस्टर गुजरात की जेलों से नेटवर्क चला रहे हैं, धमकियां दे रहे हैं और जबरन वसूली के रैकेट चला रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार दूसरी तरफ देख रही है।
भगवंत मान सरकार की कोशिशों की तारीफ करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक खास ‘एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स’ बनाकर और बड़े गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे भेजकर संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के राज में पंजाब को बहुत नुकसान हुआ है, जहां टारगेट किलिंग, गैंगस्टरों का महिमामंडन और राजनीतिक हिंसा की घटनाएं आम हो गई थीं।
भाजपा पंजाब और देश की प्रभावशाली शख्सियतों को पार्टी में शामिल होने के लिए डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है: हरपाल सिंह चीमा
चीमा ने कहा कि भाजपा पंजाबी आवाजों और प्रभावशाली हस्तियों को डरा-धमकाकर उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर कर रही है। दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से मना करने के बाद, उनसे जुड़े लोगों को निशाना बनाकर उनके आसपास डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई। भाजपा हर मजबूत पंजाबी आवाज को डरा-धमकाकर चुप कराना और कंट्रोल करना चाहती है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा नेता हमेशा पंजाब के मामलों में दखल देने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन अपने राज्यों में क्राइम कंट्रोल करने में पूरी तरह असफल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा न सिर्फ विपक्ष शासित राज्यों के खिलाफ बल्कि उन सभी के खिलाफ भी एजेंसियों और हिंसा का इस्तेमाल कर रही है जो उनके आगे झुकने से मना करते हैं। भाजपा का पंजाब विरोधी और लोकतंत्र विरोधी चेहरा अब देश के सामने पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है।
National
केजरीवाल की बड़ी जीत, आबकारी केस से हटीं जज स्वर्ण कांता शर्मा
तथाकथित आबकारी केस से अंततः जज स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को अलग कर लिया। आम आदमी पार्टी ने जज स्वर्ण कांता शर्मा के आबकारी केस से अलग हटने के फैसले को अरविंद केजरीवाल की बड़ी जीत बताया है। “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी केस से हटने के फैसले पर कहा कि सत्य की जीत हुई। गांधी जी के सत्याग्रह की एक बार फिर जीत हुई।
“आप” का कहना है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत अन्य लोगों ने हितों का टकराव बताते हुए जज स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी केस से खुद को अलग करने का अनुरोध किया था। इस बाबत अरविंद केजरीवाल ने एक पत्र लिख कर 10 वाजिब वजहें बताई थीं और उम्मीद जताई थी कि जज खुद को इस केस से अलग कर लेंगी। लेकिन जज स्वर्ण कांता शर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए इस केस से अलग नहीं होने का फैसला सुनाया था। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने राजघाट जाकर गांधी समाधि पर नतमस्तक हुए और उनके सत्याग्रह के मार्ग पर चलते हुए इस केस में उनकी कोर्ट में पेश न होने का फैसला लिया था।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उनकी कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह स्वीकार होगा और उस पर वह अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी केस से हटने के लिए दस कारण बताए थे। इनमें से एक प्रमुख कारण यह है कि न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में हैं और आबकारी केस में सीबीआई की तरफ से वकील सॉलिसिटर जनरल हैं जो जज के दोनों बच्चों बाॅस के तौर पर केस आवंटित करते हैं और उसके बदले में मोटी फीस भी सरकार की तरफ से दी जाती है। पिछले कुछ सालों में उनके बच्चों को सबसे ज्यादा केस आवंटित किया गया। अरविंद केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि जब जज के बच्चों के करियर सॉलिसिटर जनरल के हाथ में है तो वह उनके खिलाफ फैसला क्या दे सकती है?
आम आदमी पार्टी ने कहा कि दूसरा प्रमुख कारण जज स्वर्ण कांता शर्मा का आरएसएस के अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में जाना है। अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में कई बार जज स्वर्ण कांता शर्मा के जाने की वजह से अरविंद केजरीवाल ने न्याय न मिलने आशंका जताई थी। इन प्रमुख वाजिब कारण बताने के बाद भी जज स्वर्ण कांता शर्मा ने केस से नहीं हटने का फैसला सुनाया।
इसके बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी की समाधि पर नतमस्तक हुए और सत्याग्रह की राह दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन करते हुए सत्याग्रह के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि हम न्यायपालिका का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं कि हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।
उधर, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अवमानना नोटिस पर कहा कि खबर आ रही है कि हाई कोर्ट की माननीय जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और मेरे खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है। अपने फैसले के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने बार-बार दो बातें दोहराईं। पहली बात जो वे बार-बार कहती रहीं कि वे यह अपनी किसी नाराजगी की वजह से नहीं कर रही हैं, बल्कि न्यायपालिका की साख और प्रतिष्ठा बचाने के लिए कर रही हैं। यह बात उन्होंने बार-बार दोहराई कि वे यह खुद के लिए नहीं कर रही हैं। दूसरी बात उन्होंने यह कही कि उनके पास दो रास्ते थे। एक आसान रास्ता और एक मुश्किल रास्ता और उन्होंने हर बार मुश्किल रास्ता चुना। इस विषय में मैं एक-दो बातें कहना चाहता हूं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पहली बात तो यह है कि फैसले के दौरान जस्टिस शर्मा ने मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस और मेरे एक्स हैंडल का जिक्र किया। मुझे खुशी हुई कि वे मेरी प्रेस वार्ता देखती हैं। मैं पिछले एक हफ्ते से तीन साल की बच्ची के रेप का मामला उठा रहा हूं, जिसमें निचली अदालत के जज ने 57 साल के आरोपी को जमानत दे दी है। मुझे खुशी होती कि उन प्रेस वार्ताओं या मीडिया में चलती हुई क्लिपिंग से वे इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई करतीं, क्योंकि यह बहुत संजीदा मामला था।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि मैंने प्रेस वार्ता करके बताया था कि कैसे दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रेखा गुप्ता ने एक मीडिया पर ऑन रिकॉर्ड बोला कि राउस एवेन्यू के स्पेशल सीबीआई जज ने अरविंद केजरीवाल और अन्य को आबकारी मामले में जो दोषमुक्त किया, वह मामला सेट करके हुआ है। इसका साफ मतलब है कि उन्होंने एक मौजूदा जज को भ्रष्टाचारी कह दिया। हमने इसके ऊपर प्रेस वार्ता में और वीडियो बनाकर भी कई बार बात रखी। मुझे खुशी होती अगर न्यायपालिका को बचाने के लिए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा इस मामले में भाजपा की मुख्यमंत्री के ऊपर अवमानना की कार्यवाही शुरू करतीं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इसके अलावा मैंने 31 मार्च को हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को बाकायदा सबूतों के साथ लिखा था कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने न्यायपालिका के एक जज को सेट बताया है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैं सिर्फ जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को यह बताना चाहता हूं कि कानून यह नहीं कहता कि आसान या मुश्किल में से आसान रास्ते को छोड़कर मुश्किल को चुनना है। कानून की किताब में ऐसा कहीं नहीं है। जज को सिर्फ न्याय का रास्ता चुनना होता है। वे बार-बार कहती हैं कि उनके पास दो रास्ते थे, लेकिन न्याय की मंजिल में सिर्फ एक ही रास्ता होता है और वह सत्य व न्याय का रास्ता है। उसमें आसान या मुश्किल रास्ते नहीं होते।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर मुश्किल रास्ता चुनना ही है, तो भाजपा की मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्यवाही की होती तो माना जाता कि यह मुश्किल रास्ता है। आम आदमी पार्टी या विपक्षी दल के नेताओं के ऊपर अवमानना का मामला चलाना मुश्किल रास्ता है, यह मैं नहीं मानता। न्यायपालिका की साख को बचाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए थी। यह बात एक्स, यूट्यूब सहित पूरे सोशल मीडिया व मीडिया में बार-बार हम लोगों ने उठाई है। मुझे अच्छा लगता अगर वे इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेतीं और उस पर कार्रवाई करतीं, क्योंकि हम लोग अगर उसकी शिकायत करेंगे तो हमें उसके लिए केंद्र सरकार की इजाजत लेनी पड़ेगी और वह सरकार इजाजत देगी नहीं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के ऊपर अवमानना की कार्यवाही तभी चल सकती है जब हाई कोर्ट या स्वयं सुप्रीम कोर्ट इसमें स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज करे। लेकिन अफसोस की बात है कि इस मुश्किल रास्ते पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा अब तक चलती हुई नहीं दिखी हैं।
वहीं, वहीं, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के लिए यह एक बड़ी जीत है, क्योंकि अंततः जस्टिस स्वर्ण कांता ने आबकारी नीति मामले से खुद को अलग कर लिया है!
Punjab
चुनाव आयोग की निष्पक्षता खतरे में, भाजपा चुनावों को प्रभावित करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है: अमन अरोड़ा
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की आजादी और निष्पक्षता पर गंभीर चिंता जताते हुए, आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेताओं और पंजाब के मंत्रियों अमन अरोड़ा और हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा के राज में देश की संवैधानिक संस्थाएं तेजी से अपनी निष्पक्षता खो रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में चुनाव नतीजों को प्रभावित करने के लिए इन संस्थाओं का लगातार गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
मीडिया से बात करते हुए, आप पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग कार्यप्रणाली ने हाल ही में हुए चुनाव की मिसाल देते हुए पूरे देश में गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि हमने दिल्ली विधानसभा चुनावों में देखा कि कैसे हजारों वोट भाजपा के पक्ष में डाले गए और ‘आप’ के असली वोट काट दिए गए।
पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम का हवाला देते हुए, अमन अरोड़ा ने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे पहले 91 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए और बाद में 60 लाख लोगों को गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया। चुनावों के बाद भी, टीएमसी के अनुसार, 31 निर्वाचन क्षेत्र ऐसे थे जहाँ भाजपा की जीत का अंतर हटाए गए वोटों की संख्या से कम था।
अमन अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि पक्षपातपूर्ण मानसिकता और गलत इरादों के साथ किया गया कोई भी चुनाव प्रक्रिया अपना लोकतांत्रिक अर्थ खो देती है। उन्होंने कहा कि कोई भी मुश्किल या बाधा हमें पंजाब के लिए काम करने से नहीं रोक सकती। लेकिन प्रक्रिया साफ, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पंजाब सरकार के कामों पर रोशनी डालते हुए, आप पंजाब के प्रधान ने कहा कि सरकार ने ईमानदार प्रशासन और लोगों के लिए अच्छी पॉलिसी से लोगों का भरोसा और प्यार जीता है। उन्होंने कहा कि हमें एसआईआर से कोई दिक्कत नहीं है। हम लोगों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं और पंजाब के लोगों ने मान सरकार को अपना दिल दे दिया है। लेकिन चुनाव साफ, ईमानदार और ट्रांसपेरेंट तरीके से होने चाहिए। लोगों के वोट लूटे नहीं जाने चाहिए, चाहे वह एसआईआर के ज़रिए हो या किसी अथॉरिटी के नाम पर। एसआईआर और आने वाले सभी चुनावों में बराबर मौके और पूरी पारर्दशिता की मांग दोहराते हुए, अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर इलेक्शन पैनल भेदभाव से काम करता रहा तो लोकतंत्र जिंदा नहीं रह सकता।
इस बीच, आप के सीनियर लीडर और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा उन राज्यों में चुनाव आयोग को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है, जहां वह अपने दम पर लोकतांत्रिक तरीके से नहीं जीत सकती।
उन्होंने कहा कि भाजपा पहले वोटर लिस्ट ठीक करने के बहाने एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर ज़ोर देती है और बाद में चुनावी फायदे के लिए बड़े पैमाने पर वोटरों को काटने के लिए उनका इस्तेमाल करती है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग एकजुट होकर भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को सामने लाएंगे और राज्य को राजनीतिक और संवैधानिक रूप से कमजोर करने की हर कोशिश का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा वोटर लिस्ट में हेरफेर करके पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहती है और पंजाब के अधिकारों और संस्थाओं को भी कमजोर करना चाहती है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा वोटरों को बांटने और पंजाब में सत्ता हथियाने के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर अभ्यास का इस्तेमाल करना चाहती है। उनका बड़ा एजेंडा पंजाब का नदियों का पानी छीनना, बीबीएमबी पर कब्जा करना, पंजाब के फेडरल अधिकारों को कमजोर करना और पंजाबियों से चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी भी छीनना है।
उन्होंने आगे कहा कि तीन करोड़ पंजाबी भाजपा की साजिशों के खिलाफ एकजुट होंगे और पार्टी को ऐतिहासिक सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग भाजपा की पंजाब विरोधी राजनीति को पूरी तरह से नकार देंगे और इस बार पंजाबी यह पक्का करेंगे कि भाजपा का राज्य से राजनीतिक रूप से सफाया हो जाए।
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Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |