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CM भगवंत सिंह मान ने आदमपुर के स्कूल ऑफ एमिनेंस में विद्यार्थियों से की मुलाकात

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा स्थापित स्कूल ऑफ एमिनेंस विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत मंच के रूप में उभर रहे हैं, जो उनके भविष्य को नई दिशा देने के साथ-साथ उनके सपनों को साकार करने के लिए नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। आदमपुर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में विद्यार्थियों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और समाज में मौजूद असमानताओं को खत्म करने का सबसे प्रभावी साधन शिक्षा ही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानने आदमपुर के स्कूल ऑफ एमिनेंस में विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार विश्व स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण कर रही है, ताकि पंजाब के हर क्षेत्र से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने का समान अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने के उद्देश्य से राज्य भर में स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना की गई है।

उन्होंने बताया कि ये हाई-टेक स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक संसाधनों का लाभ मिल सके और वे जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये संस्थान विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने और उन्हें नई संभावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा को प्राथमिकता देने के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस क्षेत्र को सर्वोच्च महत्व दिया है और युवाओं का भविष्य संवारने के लिए कई अभिनव कदम उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मुफ्त योजनाएँ या रियायती कार्ड गरीबी और सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकते। शिक्षा ही वह माध्यम है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर उन्हें गरीबी के चक्र से बाहर निकाल सकती है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानने आदमपुर के स्कूल ऑफ एमिनेंस में विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने और जीवन में समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और लगन से ही उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे शॉर्टकट अपनाने के बजाय जमीनी स्तर पर मेहनत करने की आदत विकसित करें, क्योंकि वास्तविक सफलता उन्हीं को मिलती है जो धैर्य और परिश्रम के साथ आगे बढ़ते हैं।

विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ते हैं, उनके लिए सफलता की कोई सीमा नहीं होती। वहीं जो लोग दूसरों पर निर्भर रहते हैं, वे कुछ समय बाद असफलता का सामना करते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि सफलता मिलने के बाद भी विनम्र बने रहना चाहिए। उपलब्धियों पर घमंड करने के बजाय आगे की बड़ी उपलब्धियों के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल सफल ही नहीं, बल्कि एक अच्छा और जिम्मेदार इंसान बनने का भी प्रयास करना चाहिए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठोर परिश्रम ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य प्राप्त होने तक निरंतर प्रयास करते रहने और हार न मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

दुनिया भर के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर अपनी लगन और मेहनत से असाधारण सफलता हासिल करते हैं। विद्यार्थियों को ऐसी प्रेरणादायक कहानियों से सीख लेकर अपनी प्रतिभा को विकसित करना चाहिए और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनानी चाहिए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानने आदमपुर के स्कूल ऑफ एमिनेंस में विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री ने पंजाब की गौरवशाली विरासत का भी उल्लेख किया और कहा कि यह राज्य देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ साहस और वीरता का प्रतीक भी है। पंजाब के लोग दुनिया भर में अपनी मेहनत, बहादुरी और उद्यमशीलता के लिए जाने जाते हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती को महान गुरुओं, संतों, फकीरों और शहीदों का आशीर्वाद प्राप्त है, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा दी है।

विद्यार्थियों को उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले वर्षों में अपने जीवन में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम में विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि यही सफलता की वास्तविक कुंजी है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानने आदमपुर के स्कूल ऑफ एमिनेंस में विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री ने सरकार की भूमिका की तुलना हवाई अड्डे के रनवे से करते हुए कहा कि जैसे रनवे विमान को सुरक्षित उड़ान भरने में मदद करता है, उसी तरह राज्य सरकार युवाओं को उनके सपनों को साकार करने के लिए अवसर और मंच उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि युवाओं की आकांक्षाओं को पंख मिल सकें और वे अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें।

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National

लिवासा अस्पताल द्वारा लुधियाना में 360 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा: संजीव अरोड़ा

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राज्य के मजबूत मेडिकल बुनियादी ढांचे और तृतीयक स्तर के अस्पतालों की बढ़ती संख्या के कारण पंजाब उत्तरी भारत में एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में उभर रहा है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज घोषणा की कि लिवासा अस्पताल द्वारा 360 करोड़ रुपये के निवेश से लुधियाना में एक नया मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। यह पंजाब की स्वास्थ्य सेवा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

उन्होंने बताया कि लिवासा अस्पताल द्वारा लुधियाना में 368 बेडों वाला मल्टी-स्पेशलिटी तृतीयक देखभाल अस्पताल बनाने के लिए प्राइमवॉक इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के साथ दीर्घकालिक समझौता किया गया है।

यह अस्पताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित शेरपुर चौक के पास बनाया जा रहा है, ताकि लुधियाना और आसपास के जिलों के मरीजों की आसान पहुंच सुनिश्चित की जा सके। यह अस्पताल फिलहाल निर्माणाधीन है और अगले 18 महीनों में चरणबद्ध तरीके से चालू हो जाएगा।

परियोजना के पैमाने के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस अस्पताल का निर्मित क्षेत्र 2.3 लाख वर्ग फुट से अधिक होगा और इसे 9,500 से अधिक वर्ग गज फ्रीहोल्ड जमीन पर विकसित किया जाएगा। लिवासा समूह इस परियोजना में लगभग 235 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है और भूमि मालिकों के योगदान सहित कुल निवेश 360 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इस परियोजना को पीरामल समूह और बेन कैपिटल की स्पेशल सिचुएशन टीम के संयुक्त उद्यम इंडिया रिसर्जेंस फंड (प्दकपंत्थ्) का समर्थन प्राप्त है।

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह निवेश पंजाब के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र और आर्थिक क्षमता में निवेशकों के मजबूत संस्थागत विश्वास को दर्शाता है।

लिवासा अस्पताल पहले से ही पंजाब में मोहाली (फ्लैगशिप सेंटर), अमृतसर, एसबीएस नगर (नवांशहर), होशियारपुर और खन्ना में अस्पतालों के साथ एक मजबूत क्षेत्रीय नेटवर्क संचालित कर रहा है। इस नए प्रोजेक्ट के साथ लिवासा का लक्ष्य पंजाब में अपनी कुल क्षमता को 2,000 बेडों तक बढ़ाना है, जिससे राज्य के उन्नत स्वास्थ्य सेवा ढांचे को और मजबूती मिलेगी।

लिवासा अस्पताल के सीईओ अनुराग यादव ने बताया कि हम 38 से अधिक मेडिकल स्पेशलिटी, 800 से अधिक बेड, 250 से अधिक वरिष्ठ सलाहकार, 280 आईसीयू बेड, 20 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और 6 एडवांस कैथ लैब के साथ तकनीक-आधारित तृतीय और चतुर्थ स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमारी विशेष सेवाओं में कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और एडवांस कैंसर केयर, न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक ऑर्थाेपेडिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और लिवर केयर, किडनी ट्रांसप्लांट और नेफ्रोलॉजी तथा 24×7 गंभीर और आपातकालीन देखभाल शामिल हैं।

संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह निवेश बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगा, जिससे लोगों को अपने घर के नजदीक उन्नत तृतीयक चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी और उन्हें इलाज के लिए दिल्ली या अन्य महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस अस्पताल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सैकड़ों कुशल और अर्ध-कुशल नौकरियां उपलब्ध होंगी।

मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पंजाब को एक मेडिकल हब के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है और इस परियोजना के माध्यम से पंजाब उत्तरी भारत में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में उभरेगा।

पंजाब सरकार आधुनिक मेडिकल बुनियादी ढांचे, उन्नत तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली क्लिनिकल सेवाओं में निवेश को प्रोत्साहित करके एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार की परियोजनाएं जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती हैं, वहीं राज्य के निवेश इकोसिस्टम को भी मजबूत बनाती हैं।

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Punjab

मोहाली की महिला को सेहत योजना के तहत समय पर दिल का इलाज, ₹4 लाख के खर्च से बचाव

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जब मोहाली की एक महिला को अचानक दिल से जुड़ी गंभीर परेशानी हुई, तब तुरंत इलाज जरूरी था। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उनका इलाज बिना किसी आर्थिक देरी के कराया गया। इससे परिवार को ऐसे मुश्किल समय में लगभग ₹४ लाख के संभावित खर्च से राहत मिली।

माणिकपुर गांव की रहने वाली सुखविंदर कौर को तेज सीने में दर्द और मधुमेह से जुड़ी दिक्कतों के बाद एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि दिल में गंभीर समस्या है और तुरंत स्टेंट डालना जरूरी है। इलाज और अस्पताल में भर्ती का खर्च लगभग ₹3 से ₹4 लाख तक आ सकता था, इतनी बड़ी राशि का इंतजाम परिवार के लिए इतनी जल्दी करना आसान नहीं था।

योजना के तहत उनकी पात्रता की पुष्टि होते ही जरूरी प्रक्रिया जल्दी पूरी की गई और उनका इलाज योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पताल में किया गया। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना ₹10 लाख तक का इलाज कवर मिलता है। एक हफ्ते तक निगरानी में रखने के बाद उन्हें स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार ने कहा, “हमारी सबसे बड़ी चिंता उनकी सेहत थी। इतनी बड़ी रकम का तुरंत इंतजाम करना बहुत मुश्किल होता। इस योजना की वजह से हम पैसों की चिंता छोड़कर उनके ठीक होने पर ध्यान दे सके।”

यह मामला मुख्यमंत्री सेहत योजना की बढ़ती पहुंच को भी दिखाता है। पूरे पंजाब में अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। राज्य के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में 70% से ज्यादा मरीजों को इस योजना के तहत मुफ्त इलाज मिल रहा है।

पंजाब सरकार ने दावों का समय पर भुगतान और बिना रुकावट कैशलेस इलाज जारी रखने के लिए बीमा कंपनी को ₹500 करोड़ जारी किए हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में दिल की सर्जरी, कैंसर का इलाज और किडनी से जुड़ी बीमारियों समेत कई बड़े इलाज कवर किए जाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना का मकसद साफ है – कोई भी पात्र परिवार पैसों की कमी की वजह से जरूरी इलाज में देरी न करे। सरकार की लगातार आर्थिक मदद से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बड़े इलाज तक कैशलेस पहुंच लोगों के लिए एक भरोसा बन सके।”

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Politics

महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां और भद्दी शब्दावली बिल्कुल भी बर्दाश्त योग्य नहीं; कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा तुरंत माफी मांगें: Harpal Singh Cheema

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भुल्लथ से कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर की गई अत्यंत अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। वित्त मंत्री ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर से भी अपील की कि यदि सुखपाल सिंह खैहरा अपनी भद्दी शब्दावली और असंसदीय भाषा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

सदन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा ने पंजाब की महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं और जब मैं उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताने के लिए खड़ा हुआ तो उन्होंने मुझे ‘बंधुआ मजदूर’ कहकर मेरे ऊपर भी व्यक्तिगत हमला किया। उन्होंने कहा कि ऐसी शब्दावली किसी भी हाल में बर्दाश्त योग्य नहीं है और यह किसी विधायक को बिल्कुल भी शोभा नहीं देती।

सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कांग्रेसी विधायक द्वारा मजदूर समुदाय और महिलाओं के प्रति इस्तेमाल की गई भद्दी शब्दावली के संबंध में पूरी कांग्रेस पार्टी से भी अपने सदस्य के इस घटिया व्यवहार के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांगने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व अपने सदस्य के इस शर्मनाक व्यवहार की जिम्मेदारी ले।

सुखपाल सिंह खैहरा के इस घटिया व्यवहार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वित्त मंत्री ने इस मामले में स्पीकर से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं सदन के स्पीकर से इस संबंध में सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अपील करता हूं और यदि सुखपाल सिंह खैहरा अपनी अत्यंत निंदनीय और असंसदीय भाषा के लिए बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो विधानसभा में उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए।

अपने पृष्ठभूमि पर किए गए व्यक्तिगत हमले पर रोष प्रकट करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन को श्रम की गरिमा और मजदूर वर्ग की सम्मानित विरासत की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मैं इस सदन के सदस्यों, खासकर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों से अपने पृष्ठभूमि में झांकने की अपील करता हूं। उन्होंने कहा कि बहुत से चुने हुए प्रतिनिधि मजदूर और मेहनतकश परिवारों से संबंधित होने का गर्व रखते हैं। वित्त मंत्री ने सवाल किया कि क्या उनमें से कोई भी ‘बंधुआ मजदूर’ कहे जाने को स्वीकार करेगा? उन्होंने कहा कि ऐसी भद्दी शब्दावली न केवल एक व्यक्ति बल्कि पंजाब के मेहनतकश लोगों के सम्मान को गहरी ठेस पहुंचाती है।

व्यक्तिगत टिप्पणियों से ऊपर उठते हुए वित्त मंत्री ने देश की लोकतांत्रिक नींव और भारत के संविधान द्वारा हर किसी को दी गई स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मुझे अपने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बहुत गर्व है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारत का संविधान लिखा और यही संविधान साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी ऊंचे पदों पर पहुंचकर जनता की सेवा करने की शक्ति देता है।”

उन्होंने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का उन पर विश्वास जताने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का मेरे ऊपर विश्वास जताने और मुझे पंजाब के वित्त मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए दिल से आभारी हूं।”

सरकार में अपने काम को उजागर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें जनसेवा के अपने रिकॉर्ड पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने पंजाब की माताओं, बेटियों, युवाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और उद्योगपतियों के कल्याण और समृद्धि के लिए समर्पित राज्य के पांच व्यापक बजट पेश किए हैं।”

अपने खिलाफ की गई टिप्पणियों का कड़ा जवाब देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सुखपाल सिंह खैहरा को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करवाने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां करने के बजाय सुखपाल सिंह खैहरा को पहले अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करवानी चाहिए, क्योंकि भुल्लथ के विधायक का स्वयं का शैक्षणिक और करियर पृष्ठभूमि भी संदिग्ध रही है।

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