Punjab
सीएम भगवंत मान ने विरोधियों पर साधा निशाना:मोहाली में बोले-पहली सरकारें की बच्चों की पढ़ाई के पैसे खा गई, हमने 63 हजार नौकरियां दीं
पंजाब सीएम भगवंत मान ने मोहाली में आयोजित एक प्रोग्राम में नवनियुक्त 916 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए। इस मौके पर उन्होंने विरोधी दलों को घेरते हुए कहा कि हमने चार साल में 63 हजार से अधिक नौकरियां दी हैं, लेकिन विरोधी इसमें भी ऐतराज उठाते हैं। खामियां निकालते हैं। वह आपका डोमेसाइल मांगते हैं। कहते हैं कि बाहरी लोगों को नौकरियां दी है। पहले वाली सरकारें तो बच्चों की स्कॉलरशिप के पैसे खा जाती थीं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आदत होती है कमियां निकालने की, ऐसे में वे ऐसा करेंगे ही। लेकिन जो जिम्मेदारी आपको दी गई है, उसे पूरी तनदेही से पूरा करें।

नौकरी हासिल करने वाली युवती अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए।
8 पॉइंट में जानिए सीएम मान ने क्या कहा…
1. अब तक 63,943 नौकरियां दी
सीएम मान ने कहा कि अब 63,943 नौकरियां दे चुके हैं। कल को गिनती बढ़ेगी तो उतनी और जोड़ दी जाएंगी। 77वां संविधान का जन्मदिन 26 जनवरी को मनाया गया है। संविधान के अंदर जो हमें सारे हक दिए गए हैं, लेकिन बाहर हमें वे नहीं मिले हैं। उन हकों को छीना गया या उन पर डाका मारा गया।
देश की आजादी के लिए कितनी ही कुर्बानियां पंजाब से दी गईं। हमारे शहीदों ने कभी नहीं सोचा होगा कि अंग्रेजों के जाने के बाद अपने लोग उनसे भी ज्यादा धक्का करेंगे। भगत सिंह ने कहा था कि, मुझे यह चिंता नहीं है कि देश आजाद कब होगा, मुझे चिंता इस बात की है कि आजादी के बाद देश किन हाथों में जाएगा।
2. हमारे बाद आजाद हुए देश कहां से कहां पहुंच गए
सीएम ने कहा कि अपने देश के बाद आजाद हुए देश सिंगापुर और यूक्रेन कहां से कहां तक पहुंच गए, लेकिन हम अभी तक वहीं खड़े हैं। हमें शहीदों के सपनों का सेनानी बनना होगा। अपने यहां तो अभी तक सीवरेज के ढक्कन पूरे नहीं हो पाए हैं। सीएम ने विरोधियों से कहा कि इसलिए वे हमें अब गालियां निकालते फिरते हैं, क्योंकि हमने काम किए हैं।
3. समाज के लिए अपनना करियर छोड़ा
मैं भी आपमें से एक हूं। मुझे कलाकार के रूप में अगर मंजूर नहीं किया जाता, तो मैं भी रोजगार दफ्तरों के चक्कर काट रहा होता। मैं गरीबी की नहर से निकल गया, सारी दुनिया घूम ली। समाज ने मुझे बहुत कुछ दिया, लेकिन मन में आया कि समाज के लिए मैंने क्या किया। इसके लिए मैंने अपना करियर छोड़ दिया। इसका घरवालों ने विरोध भी किया। फिर शहीदों को देखा, जिन्होंने तो अपना जीवन तक न्योछावर कर दिया।
4. पहले की सरकार बच्चों की पढ़ाई खा गई
जालंधर में आज दस हजार एससी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप जारी की गई। इससे पहले भी सरकारें बच्चों की पढ़ाई के पैसे खा गईं। उसके बाद नौकरियां और अपॉइंटमेंट भी खा जाती थीं। कितने चांस इन्हें हम देंगे। पहली बात पढ़ने का मौका दो, उसके बाद पढ़ाई के मुताबिक रोजगार दो। पहले आधे से अधिक लोग वे नौकरियां कर रहे थे, जो वे करना नहीं चाहते थे। अगर मनपसंद नौकरी मिल जाए तो आप शिद्दत से काम करेंगे। जिस कुर्सी पर आप बैठने लगे हो, उसकी आंखें सब कुछ दिखा देती हैं।

सीएम मान को सम्मानित करते हुए सेहत मंत्री व कृषि मंत्री
5. 10 लाख का बीमा, सारी बीमारियां शामिल
हमने दस लाख वाले बीमा योजना में कोई शर्त नहीं लगाई है। पहले पंखा, स्कूटर समेत कई शर्तें लगा दी जाती थीं। हमने सारे परिवारों को इस स्कीम में शामिल किया है। पेंशनर भी इसमें शामिल होंगे। एक साल में जितना पैसा खर्च होगा, उसके बाद नए साल में फिर दस लाख आ जाएंगे। सारी बीमारियां इसमें शामिल कर दी गई हैं।
6. पहले वाले तो मुझे रोज ही गालियां निकाले हैं
हमें डॉक्टर और नर्स रखने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि हमने अस्पताल बनाए हैं। दस लाख की स्वास्थ्य बीमा योजना में फोर्टिस, मैक्स और अपोलो भी आते हैं। पहले भी स्कीमें थीं, लेकिन अस्पताल वाले ऐसे मरीजों को लेने से कतराते थे, क्योंकि उन्हें पैसे नहीं पहुंचते थे। इसी तरह स्कॉलरशिप में कॉलेज बच्चों को पढ़ाने से कतराते हैं, क्योंकि वहां भी पैसे नहीं पहुंचते। वे डीएमसी या रोल नंबर रोक लेते हैं।
आप अन्य राजनेताओं से पूछकर देख लेना कि डीएमसी क्या होता है, रोल नंबर क्या होता है। कभी रोका हो तो पता लगे। हम पहाड़ों वाले स्कूलों में पढ़े हैं, वहां कभी नहीं रोका गया। वह घर में ही आ जाता था। वे बापू-दादा की कमाई खाते हैं और गालियां हमें निकालते हैं।
7. जो खामियां निकातते, निकालने दो
इसमें मेरा क्या कसूर है। मैं पहले कौन सा कुछ था। अगर आप अच्छे निकल आते तो मुझे आने की क्या जरूरत थी। लेकिन वे ठीक नहीं निकले, इसलिए हमें आना पड़ा। अब जब ठीक कर रहे हैं तो कहते हैं ऐसा क्यों कर रहे हो। मैंने यहां राजनीतिक बातें नहीं करनी हैं, लेकिन इतना बताना चाहता हूं कि यहां अच्छा काम करो तो भी गालियां खानी पड़ेंगी और गलत काम करो तो भी। उन्होंने कभी यह नहीं बताया होगा कि बिजली फ्री हो गई, 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए। कोई फौजी शहीद हो जाए तो एक करोड़ दिए जाते हैं।
यह भी नहीं बताते कि 63 हजार नौकरियां दे दी गई हैं। बल्कि आपका डेमोसाइल मांगते हैं और कहते हैं कि बाहर के लोगों को नौकरियां दे दी गईं। पंजाबियों को ही नौकरियां दी गई हैं। उन्हें लगता है कि सब उनके जैसे ही होंगे। इन्हें खामियां निकालनी हैं, निकालने दो।
8. कमी तो कुत्ते में निकाल दी
दस लाख के बीमे में भी कमियां निकालेंगे। एक आदमी के पास कुत्ता था, वह कुत्ता तैरता नहीं था बल्कि पानी में चल लेता था। उसका एक दोस्त था जो हर बात में कमियां निकालता था। सुखबीर बादल को लगा लो, कांग्रेसियों में एक-आधा लगा लो, बीजेपी वालों में भी। ये कमियां निकालने वाले हैं। कहते हैं बड़ी मुश्किल हो गई, यह किसी चीज की तारीफ नहीं करता।
अब कुत्ते में क्या कमी निकालेंगे। कहते हैं यह कुत्ता पानी में तैरता नहीं, चलता है। अब देखना क्या कमी निकालता है। जब कुत्ते को छप्पड़ के एक साइड से छोड़ा तो वह चलकर दूसरी साइड पहुंच गया। उससे पूछा कि अब बता क्या कमी है। कहता है, मुझे समझ आ गया, कुत्ते को तैरना नहीं आता। ऐसे में जिसने कमी निकालनी है, वह निकाल ही लेगा। लेकिन जो नौकरी आपको मिली है, उसे अच्छी तरह पूरा करें।

सीएम भगवंत मान नौकरी हासिल करने वालों को नियुक्ति पत्र देने के बाद संबोधित करते हुए।
जल्दी ही दह से आठ नए मेडिकल कॉलेज बनेंगे
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि आज जिन कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, वे सभी स्वास्थ्य विभाग में जॉइन करेंगे। यह 75 साल में पहली बार हुआ है कि किसी मुख्यमंत्री ने चार साल में 64 हजार नौकरियां दी हैं।
उन्होंने सभी कर्मचारियों से कहा कि मरीज का इलाज करने से पहले उसका दर्द जरूर सुनें, इससे मरीज का आधा दर्द अपने आप कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पंजाब में छह से आठ मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री छह महीने के भीतर इनका नींव पत्थर रखेंगे।
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Punjab हर जिले में 10 और 11 फरवरी को लगेंगे विशेष शिविर, निपटाई जाएंगी व्यापारियों की शिकायतें
पंजाब में व्यापारियों से जुड़ी स्थानीय शिकायतों व अन्य मसलों का हल विशेष शिविरों के माध्यम से होगा। ये शिविर हर जिले में 10 व 11 फरवरी को लगाए जाएंगे। जिला व्यापार समितियों के अध्यक्ष इन शिविरों में उपस्थित रहेंगे और व्यापारियों की समस्याओं को सुनेंगे। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर हो सकता है, उन्हें वहीं निपटाया जाएगा।
यह निर्णय पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को पंजाब भवन में पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) की एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। बैठक का मकसद व्यापारी समुदाय के साथ संबंधों को और मजबूत करने, शिकायत निवारण व्यवस्था को बेहतर बनाने व जिला स्तर पर तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित था।
इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला व्यापार समिति के अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से सक्रिय रूप से जुड़ें और जमीनी स्तर के मुद्दों पर फीडबैक लें। मंत्री ने कहा, विशेष शिविरों के दौरान जिला स्तर पर हल हो सकने वाले मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजी रूप में दर्ज किया जाए और शीघ्र समाधान के लिए पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाए।
चीमा ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक मजबूत तीन स्तरीय व्यवस्था स्थापित करना है जो व्यापारी समुदाय को सीधे प्रशासन से जोड़ती है, ताकि पंजाब के प्रत्येक व्यापारी को समय पर सहायता मिल सके और उनकी चिंताओं का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके।
बैठक में पीएसटीसी के उप चेयरमैन अनिल ठाकुर, वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल शामिल हुए। इस विचार-विमर्श के दौरान व्यापार समितियों के तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने जीएसटी फाइलिंग से संबंधित प्रमुख तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जिला समिति सदस्यों को नियामक आवश्यकताओं का पालन करने में व्यापारियों की सहायता के लिए आवश्यक जानकारी से लैस करना है।
इस पहल के पीछे व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह तीन-स्तरीय व्यवस्था पंजाब में व्यापार के लिए एक सुगम और जवाबदेह वातावरण सृजित करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने कहा, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य हर व्यापारी की मुश्किल सुनना और उस पर समय पर कार्रवाई करना सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जिला-स्तरीय पहुंच और राज्य स्तर पर मजबूत नीति के माध्यम से एक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
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Punjab News: भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें प्रकाश पर्व पर वर्षभर चलने वाले राज्य स्तरीय समारोहों की शुरुआत की, 2027 में ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों का हुआ आगाज़
Punjab News: श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज श्री खुरालगढ़ साहिब में प्रदेश स्तरीय समागम का शुभारंभ पूर्ण धार्मिक मर्यादा एवं उत्साह के साथ श्री अखंड साहिब जी के पाठ के आरंभ के साथ किया गया। यह भव्य समागम 6 फरवरी तक चलेगा तथा इसी दिन श्री अखंड साहिब जी के भोग डाले जाएंगे। समागम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान गुरु चरणों में हाजिरी लगाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं भाईचारे की कामना करेंगे।
संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे
इस अवसर पर तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब से संत केवल सिंह, प्रधान श्री गुरु साधु संप्रदाय सोसायटी पंजाब संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि धर्म मिशन संत सतविंदर हीरा, संत दयाल नाथ समुंदड़ा, संत जगीर सिंह नंदाचौर, धाम चानण पुरी सहौड़ा से संत धर्मपाल, तग्गड़ बराड़ा से बलकार सिंह, शेरपुर ढक्कों से संत रमेश दास, गांव चेता से संत मनप्रीत दास, ढिंगरियाँ से संत बलवंत सिंह, पंडोरी लध्धां से सतनाम सिंह, बसी मरुफ़ से संत कुलदीप सिंह के अलावा अन्य संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।
आज कैबिनेट मंत्रीओं हरपाल सिंह चीमा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, हरजोत सिंह बैंस, डॉ. रवजोत सिंह और लाल चंद कटारुचक्क के अलावा डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण रौड़ी, चेयरमैन एससी कमिशन जसवीर गढ़ी, विधायक डॉ. ईशांक कुमार, संस्कृति व पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली व अन्य शख्सियतों ने गुरु चरणों में शीश नवाया।
गुरु चरणों में शीश नवाने उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री पंजाब हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वर्ष 2027 में श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व ऐतिहासिक और भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 4 फरवरी से पूरे वर्ष चलने वाले समागमों की श्रृंखला आरंभ की है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की महान शिक्षाएं सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं, जिन्हें जन-जन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं से परिचित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु महाराज जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा इसके लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।
श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं
डिप्टी स्पीकर पंजाब विधानसभा जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशाल है और यहां आयोजित समागम सामाजिक एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि खुरालगढ़ साहिब में आयोजित होने वाला यह प्रदेश स्तरीय समागम सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनेगा।
कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब न केवल पंजाब बल्कि समूचे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महान केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं समाज में समानता, प्रेम और सेवा की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर संगत की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में गुरु जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार पूरा साल समागमों की श्रृंखला चला रही है।
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु रविदास महाराज जी का जीवन संघर्ष, तपस्या और मानव कल्याण का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनके विचार आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने संगत से गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप समाज में समरसता, भाईचारे और समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध है।
इस अवसर पर चेयरमैन पंजाब एससी कमीशन डॉ. जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं सामाजिक न्याय, समानता और मानव कल्याण की सशक्त प्रेरणा हैं। गुरु जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सब गुरु रविदास जी के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा अनुसूचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। ऐसे समागम समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।
गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है
विधायक चब्बेवाल डॉ. ईशांक कुमार चब्बेवाल ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब की पावन धरती पर आयोजित यह प्रदेश स्तरीय समागम संगत के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं हमें सत्य, करुणा, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस मौक़े पर अध्यक्ष एससी विंग पंजाब गुरप्रीत सिंह जी.पी., डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, पर्यटन विभाग के डायरेक्टर संजीव तिवाड़ी, एसएसपी संदीप कुमार मलिक, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) अमरबीर कौर भुल्लर, नगर निगम कमिश्नर ज्योति बाला, एसडीएम मुकेरियां ओएशी मंडल, एसडीएम गढ़शंकर संजीव कुमार, एसडीएम दसूहा कंवलजीत सिंह, एसडीएम टांडा लवप्रीत सिंह, सहायक कमिश्नर परमप्रीत सिंह के अलावा अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु महाराज जी के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की शांति, खुशहाली और तरक्की की कामना की।
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भगवंत सिंह मान सरकार ने Punjab के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने हेतु निवेश अभियान को और तेज किया
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुंबई में चल रहे निवेश रोडशो के दूसरे दिन को और अधिक गति प्रदान की. प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के हिस्से के रूप में, राज्य ने युवाओं के लिए निवेश को रोजगार के अवसरों में बदलने पर विशेष जोर दिया. विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत बनाने और उन्हें बड़े उद्योगों में परिवर्तित करने की रणनीतियां पेश की गईं. इन प्रयासों से पंजाब को युवा-केंद्रित औद्योगिक विकास और उद्यमिता-आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है.
प्रमुख उद्योगों के साथ उच्च-स्तरीय चर्चाएं
दिन की शुरुआत सनातन टेक्सटाइल और महिंद्रा ग्रुप जैसे प्रमुख कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों से हुई. इनमें कपड़ा, ऑटोमोटिव, कृषि उपकरण, रक्षा उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश पर गहन विचार-विमर्श किया गया. पंजाब के कुशल श्रमिकों, मजबूत औद्योगिक ढांचे और स्थिर नीतियों का लाभ उठाते हुए मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित रहा.
सीएक्सओ राउंडटेबल: एमएसएमई को सशक्त बनाना
दिन का मुख्य आकर्षण सीएक्सओ राउंडटेबल रहा, जिसमें प्रमुख निजी इक्विटी फर्मों और वित्तीय संस्थाओं ने भाग लिया. बेयरिंग प्राइवेट इक्विटी इंडिया, जेएम फाइनेंशियल, एवेंडस वेल्थ मैनेजमेंट, नियो वेल्थ, ओकेएस एसेट मैनेजमेंट, अल्वारेज एंड मार्सल तथा थिंक लॉ जैसी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.
बैठक में एमएसएमई को वैश्विक स्तर के बड़े उद्यमों में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, पूंजी निवेश और रणनीतिक मार्गदर्शन पर चर्चा हुई. इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ ने राज्य के सुधार-आधारित शासन, फास्टट्रैक सिंगल-विंडो सिस्टम और समयबद्ध अनुमतियों पर प्रस्तुति दी, जबकि निवेश प्रोत्साहन सचिव ने नीतिगत स्थिरता और निवेशक सुविधा की प्रतिबद्धता को उजागर किया. सत्र इंटरैक्टिव चर्चा और नेटवर्किंग लंच के साथ समाप्त हुआ.
लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में साझेदारियांरा
राउंडटेबल के बाद, प्रतिनिधिमंडल ने यूएई की डीपी वर्ल्ड के साथ लॉजिस्टिक्स, रेल-कनेक्टेड टर्मिनलों और बहुविध परिवहन ढांचे पर बातचीत की, ताकि पंजाब की निर्यात क्षमता बढ़ाई जा सके. इसके अलावा एवेन्यू सुपरमार्ट्स, यूपीएल लिमिटेड और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के साथ संगठित खुदरा, कृषि इनपुट, खाद्य प्रणाली तथा खेल शिक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ. इन चर्चाओं ने विनिर्माण, सेवाएं, कृषि-व्यापार और उभरते उद्योगों में पंजाब की विविध संभावनाओं को सामने लाया.
निवेश इंडिया की भागीदारी और भविष्य की योजनाएं
इन्वेस्ट इंडिया के प्रतिनिधि ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जो राज्य में घरेलू व वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा. मुंबई रोडशो निवेशकों और उद्योग जगत के लिए मजबूत मंच साबित हो रहा है, जहां उन्हें 2026 सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया. ये प्रयास पंजाब को स्थिर, निवेश-अनुकूल वातावरण में व्यवसाय विस्तार, अनुसंधान और वैश्विक बाजार एकीकरण के लिए तैयार दिखाते हैं.
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