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सीएम भगवंत मान ने विरोधियों पर साधा निशाना:मोहाली में बोले-पहली सरकारें की बच्चों की पढ़ाई के पैसे खा गई, हमने 63 हजार नौकरियां दीं

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पंजाब सीएम भगवंत मान ने मोहाली में आयोजित एक प्रोग्राम में नवनियुक्त 916 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए। इस मौके पर उन्होंने विरोधी दलों को घेरते हुए कहा कि हमने चार साल में 63 हजार से अधिक नौकरियां दी हैं, लेकिन विरोधी इसमें भी ऐतराज उठाते हैं। खामियां निकालते हैं। वह आपका डोमेसाइल मांगते हैं। कहते हैं कि बाहरी लोगों को नौकरियां दी है। पहले वाली सरकारें तो बच्चों की स्कॉलरशिप के पैसे खा जाती थीं।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आदत होती है कमियां निकालने की, ऐसे में वे ऐसा करेंगे ही। लेकिन जो जिम्मेदारी आपको दी गई है, उसे पूरी तनदेही से पूरा करें।

नौकरी हासिल करने वाली युवती अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए।

नौकरी हासिल करने वाली युवती अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए।

8 पॉइंट में जानिए सीएम मान ने क्या कहा…

1. अब तक 63,943 नौकरियां दी

सीएम मान ने कहा कि अब 63,943 नौकरियां दे चुके हैं। कल को गिनती बढ़ेगी तो उतनी और जोड़ दी जाएंगी। 77वां संविधान का जन्मदिन 26 जनवरी को मनाया गया है। संविधान के अंदर जो हमें सारे हक दिए गए हैं, लेकिन बाहर हमें वे नहीं मिले हैं। उन हकों को छीना गया या उन पर डाका मारा गया।

देश की आजादी के लिए कितनी ही कुर्बानियां पंजाब से दी गईं। हमारे शहीदों ने कभी नहीं सोचा होगा कि अंग्रेजों के जाने के बाद अपने लोग उनसे भी ज्यादा धक्का करेंगे। भगत सिंह ने कहा था कि, मुझे यह चिंता नहीं है कि देश आजाद कब होगा, मुझे चिंता इस बात की है कि आजादी के बाद देश किन हाथों में जाएगा।

2. हमारे बाद आजाद हुए देश कहां से कहां पहुंच गए

सीएम ने कहा कि अपने देश के बाद आजाद हुए देश सिंगापुर और यूक्रेन कहां से कहां तक पहुंच गए, लेकिन हम अभी तक वहीं खड़े हैं। हमें शहीदों के सपनों का सेनानी बनना होगा। अपने यहां तो अभी तक सीवरेज के ढक्कन पूरे नहीं हो पाए हैं। सीएम ने विरोधियों से कहा कि इसलिए वे हमें अब गालियां निकालते फिरते हैं, क्योंकि हमने काम किए हैं।

3. समाज के लिए अपनना करियर छोड़ा

मैं भी आपमें से एक हूं। मुझे कलाकार के रूप में अगर मंजूर नहीं किया जाता, तो मैं भी रोजगार दफ्तरों के चक्कर काट रहा होता। मैं गरीबी की नहर से निकल गया, सारी दुनिया घूम ली। समाज ने मुझे बहुत कुछ दिया, लेकिन मन में आया कि समाज के लिए मैंने क्या किया। इसके लिए मैंने अपना करियर छोड़ दिया। इसका घरवालों ने विरोध भी किया। फिर शहीदों को देखा, जिन्होंने तो अपना जीवन तक न्योछावर कर दिया।

4. पहले की सरकार बच्चों की पढ़ाई खा गई

जालंधर में आज दस हजार एससी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप जारी की गई। इससे पहले भी सरकारें बच्चों की पढ़ाई के पैसे खा गईं। उसके बाद नौकरियां और अपॉइंटमेंट भी खा जाती थीं। कितने चांस इन्हें हम देंगे। पहली बात पढ़ने का मौका दो, उसके बाद पढ़ाई के मुताबिक रोजगार दो। पहले आधे से अधिक लोग वे नौकरियां कर रहे थे, जो वे करना नहीं चाहते थे। अगर मनपसंद नौकरी मिल जाए तो आप शिद्दत से काम करेंगे। जिस कुर्सी पर आप बैठने लगे हो, उसकी आंखें सब कुछ दिखा देती हैं।

सीएम मान को सम्मानित करते हुए सेहत मंत्री व कृषि मंत्री

सीएम मान को सम्मानित करते हुए सेहत मंत्री व कृषि मंत्री

5. 10 लाख का बीमा, सारी बीमारियां शामिल

हमने दस लाख वाले बीमा योजना में कोई शर्त नहीं लगाई है। पहले पंखा, स्कूटर समेत कई शर्तें लगा दी जाती थीं। हमने सारे परिवारों को इस स्कीम में शामिल किया है। पेंशनर भी इसमें शामिल होंगे। एक साल में जितना पैसा खर्च होगा, उसके बाद नए साल में फिर दस लाख आ जाएंगे। सारी बीमारियां इसमें शामिल कर दी गई हैं।

6. पहले वाले तो मुझे रोज ही गालियां निकाले हैं

हमें डॉक्टर और नर्स रखने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि हमने अस्पताल बनाए हैं। दस लाख की स्वास्थ्य बीमा योजना में फोर्टिस, मैक्स और अपोलो भी आते हैं। पहले भी स्कीमें थीं, लेकिन अस्पताल वाले ऐसे मरीजों को लेने से कतराते थे, क्योंकि उन्हें पैसे नहीं पहुंचते थे। इसी तरह स्कॉलरशिप में कॉलेज बच्चों को पढ़ाने से कतराते हैं, क्योंकि वहां भी पैसे नहीं पहुंचते। वे डीएमसी या रोल नंबर रोक लेते हैं।

आप अन्य राजनेताओं से पूछकर देख लेना कि डीएमसी क्या होता है, रोल नंबर क्या होता है। कभी रोका हो तो पता लगे। हम पहाड़ों वाले स्कूलों में पढ़े हैं, वहां कभी नहीं रोका गया। वह घर में ही आ जाता था। वे बापू-दादा की कमाई खाते हैं और गालियां हमें निकालते हैं।

7. जो खामियां निकातते, निकालने दो

इसमें मेरा क्या कसूर है। मैं पहले कौन सा कुछ था। अगर आप अच्छे निकल आते तो मुझे आने की क्या जरूरत थी। लेकिन वे ठीक नहीं निकले, इसलिए हमें आना पड़ा। अब जब ठीक कर रहे हैं तो कहते हैं ऐसा क्यों कर रहे हो। मैंने यहां राजनीतिक बातें नहीं करनी हैं, लेकिन इतना बताना चाहता हूं कि यहां अच्छा काम करो तो भी गालियां खानी पड़ेंगी और गलत काम करो तो भी। उन्होंने कभी यह नहीं बताया होगा कि बिजली फ्री हो गई, 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए। कोई फौजी शहीद हो जाए तो एक करोड़ दिए जाते हैं।

यह भी नहीं बताते कि 63 हजार नौकरियां दे दी गई हैं। बल्कि आपका डेमोसाइल मांगते हैं और कहते हैं कि बाहर के लोगों को नौकरियां दे दी गईं। पंजाबियों को ही नौकरियां दी गई हैं। उन्हें लगता है कि सब उनके जैसे ही होंगे। इन्हें खामियां निकालनी हैं, निकालने दो।

8. कमी तो कुत्ते में निकाल दी

दस लाख के बीमे में भी कमियां निकालेंगे। एक आदमी के पास कुत्ता था, वह कुत्ता तैरता नहीं था बल्कि पानी में चल लेता था। उसका एक दोस्त था जो हर बात में कमियां निकालता था। सुखबीर बादल को लगा लो, कांग्रेसियों में एक-आधा लगा लो, बीजेपी वालों में भी। ये कमियां निकालने वाले हैं। कहते हैं बड़ी मुश्किल हो गई, यह किसी चीज की तारीफ नहीं करता।

अब कुत्ते में क्या कमी निकालेंगे। कहते हैं यह कुत्ता पानी में तैरता नहीं, चलता है। अब देखना क्या कमी निकालता है। जब कुत्ते को छप्पड़ के एक साइड से छोड़ा तो वह चलकर दूसरी साइड पहुंच गया। उससे पूछा कि अब बता क्या कमी है। कहता है, मुझे समझ आ गया, कुत्ते को तैरना नहीं आता। ऐसे में जिसने कमी निकालनी है, वह निकाल ही लेगा। लेकिन जो नौकरी आपको मिली है, उसे अच्छी तरह पूरा करें।

सीएम भगवंत मान नौकरी हासिल करने वालों को नियुक्ति पत्र देने के बाद संबोधित करते हुए।

सीएम भगवंत मान नौकरी हासिल करने वालों को नियुक्ति पत्र देने के बाद संबोधित करते हुए।

जल्दी ही दह से आठ नए मेडिकल कॉलेज बनेंगे

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि आज जिन कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, वे सभी स्वास्थ्य विभाग में जॉइन करेंगे। यह 75 साल में पहली बार हुआ है कि किसी मुख्यमंत्री ने चार साल में 64 हजार नौकरियां दी हैं।

उन्होंने सभी कर्मचारियों से कहा कि मरीज का इलाज करने से पहले उसका दर्द जरूर सुनें, इससे मरीज का आधा दर्द अपने आप कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पंजाब में छह से आठ मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री छह महीने के भीतर इनका नींव पत्थर रखेंगे।

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‘बेअदबी’ पार्टी (अकाली दल) अपनी प्रतिष्ठा खो चुकी है, अब वह राजनीति में वापसी के लिए भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रही है: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि बेअदबी पार्टी (अकाली दल) और उसके प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार अपने राजनीतिक स्टैंड से समझौता किया है और अब वे भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “आज सुखबीर सिंह बादल कह रहे हैं कि वह केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे कुछ बिलों से पूरी तरह सहमत हैं। लेकिन पंजाब के लोगों को अच्छी तरह याद है कि जब कृषि कानून लाए गए थे, तो पूरा बादल परिवार उन कानूनों के पक्ष में वीडियो बनाता हुआ नजर आया था।”

बलतेज पन्नू ने कहा कि बड़े स्तर पर लोगों के गुस्से का सामना करने के बाद ही बादलों ने अपना रुख बदला और खुद को किसानों का हमदर्द दिखाने की कोशिश में कृषि कानूनों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।

अकाली दल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “‘बेअदबी’ अकाली दल पंजाब के लोगों के दिलों से पूरी तरह गायब हो चुका है। अब वह भाजपा के साथ समझौता करके अपनी राजनीति को फिर से ज़िंदा करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।”

सुखबीर बादल के भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के बारे में पहले दिए गए बयान को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “मैं सुखबीर सिंह बादल को उनकी ही बातें याद दिलाना चाहता हूं। उन्होंने कहा था कि जो लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उन्हें अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए, लेकिन जब सुखबीर बादल ने खुद यह बयान दिया, तो आज इसका जिक्र करना बनता है।”

उन्होंने कहा कि बादल परिवार के बार-बार लिए गए यू-टर्न ने अकाली दल की राजनीति का असली चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन लोगों के बीच साफ फर्क समझ सकते हैं जो अपने उसूलों पर अड़े रहते हैं और जो राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अपना रुख बदलते हैं।

बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के लोग पहले ही अकाली दल की राजनीति को नकार चुके हैं और भाजपा के साथ राजनीतिक समझौता करने की उसकी नई कोशिशों से गुमराह नहीं होंगे।

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मुक्तसर की तियां में पहुंचीं डॉ. गुरप्रीत कौर मान, महिलाओं ने चुनाव की तारीख पूछनी शुरू कर दी

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मुक्तसर विधानसभा में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं के उत्साह से सराबोर तियां का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान जी की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुक्तसर की बड़ी संख्या में माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने महिलाओं से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। बातचीत में मावा दीया योजना को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने बताया कि उनके खातों में ₹4,500 और ₹3,000 की राशि पहुंचने से उन्हें काफी राहत और खुशी मिली है।

महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान सरकार की योजनाओं को लेकर उनका उत्साह इतना स्पष्ट था कि बात सिर्फ योजना के लाभ तक सीमित नहीं रही—महिलाएं चुनाव की तारीख और अगला चुनाव कब होगा, यह पूछने लगीं।

माहौल ऐसा था कि मान साहब से ज्यादा अब पंजाब की इन माताओं-बहनों को चुनाव की जल्दी दिखाई दी, क्योंकि उनका कहना था कि वे जल्द से जल्द चुनाव चाहती हैं, ताकि उन्हें एक बार फिर भगवंत मान जी को अपना समर्थन देकर पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने और उनकी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने का मौका मिले।

मुक्तसर की तियां में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं की खुशियों के साथ-साथ महिलाओं के मन की राजनीतिक इच्छा भी खुलकर सामने आई—उन्हें अब चुनाव का इंतजार है।

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‘गैंगस्टरां ते वार’ ने ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता सिद्ध की; गैंगस्टरों के लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं : DGP गौरव यादव

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पंजाब पुलिस का प्रमुख एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य में चलाए जा रहे सबसे व्यापक और निरंतर अभियानों में से एक के रूप में उभरते हुए अपने 200 दिन पूरे कर चुका है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1,09,087 छापेमारियाँ कीं, 1,532 घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स) को गिरफ़्तार किया, 58,212 अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की, भारी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ बरामद किए तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक ख़ुफ़िया सूचना-आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जाँच तथा तकनीक-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध गिरोहों का पूरी तरह सफाया करना है।

इस अवसर पर, डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान अब बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जो केवल गैंगस्टरों ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले पूरे तंत्र को भी निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, “‘गैंगस्टरां ते वार’ के पहले 200 दिनों ने निरंतर और ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। हमारी रणनीति केवल गिरफ़्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित अपराध को सक्षम बनाने वाले पूरे नेटवर्क—सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, रसद व्यवस्था, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों—को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के भीतर या बाहर कहीं भी संचालित होने वाले गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे।”

इन 200 दिनों के दौरान 1,532 घोषित अपराधियों (पीओ) को गिरफ़्तार किया गया, जबकि 58,212 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें 853 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।

निवारक पुलिसिंग के तहत 28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 27,624 वांछित अपराधी शामिल थे; वहीं 18,514 व्यक्तियों का वेरिफिकेशन कर उन्हें बाद में रिहा किया गया, जिनमें 1,529 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 16,985 वांछित अपराधी शामिल थे। कुल मिलाकर अभियान के दौरान 1,04,927 व्यक्ति अभियान के दौरान पुलिस कार्रवाई के दायरे में आए जिनमें 2,959 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं।

गिरफ़्तारियों के अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों की हथियारों, मादक पदार्थों, वित्तीय संसाधनों और रसद व्यवस्था तक पहुँच को समाप्त कर उनकी अपराध करने की क्षमता को कमज़ोर करना भी रहा।

इस अभियान ने संगठित अपराध गिरोहों की मारक क्षमता को भी बड़ा झटका दिया।अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए, जिससे आपराधिक गिरोहों की मारक क्षमता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया गया।

साथ ही, पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करते हुए 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त भूसी तथा 26,91,455 नशीली गोलियाँ बरामद कीं। पुलिस ने 1,73,41,965 रुपये की ड्रग मनी, 1,80,54,446 रुपये नकद तथा 413.85 ग्राम सोना भी ज़ब्त किया, जिससे संगठित अपराध और मादक पदार्थों के कारोबार को वित्तीय सहायता देने वाले स्रोतों पर प्रभावी प्रहार हुआ।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस प्रमोद बान ने कहा कि अब अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा, “आज का संगठित अपराध वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे संचालकों के माध्यम से संचालित होता है। इसी कारण हमारी जाँच में फील्ड ऑपरेशन के साथ-साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय शामिल है। इसी रणनीति के कारण पंजाब पुलिस रंगदारी गिरोहों का पर्दाफाश करने, विदेशों में बैठे संचालकों की पहचान करने तथा वांछित अपराधियों के निर्वासन (डीपोर्टेशन) और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सफल रही है। साथ ही यह अभियान युवाओं को यह संदेश भी देता है कि गैंगस्टर संस्कृति का तथाकथित आकर्षण केवल एक भ्रम है, जिसका अंत अपराध और विनाश में होता है।”

अभियान को पड़ोसी राज्यों तथा केंद्रीय जाँच एवं ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय का भी भरपूर सहयोग मिला, जिससे सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान और संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त अभियानों को गति मिली।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में से एक फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा, पुत्र हीरा लाल, निवासी मकान नंबर 15, अंदरूनी दिल्ली गेट, फिरोज़पुर, को मध्य एशिया से तथा गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाना रहा। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने ओएफटीईसी पंजाब तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इससे यह सिद्ध हुआ कि पंजाब पुलिस अब राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर भी वांछित अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने में सक्षम है।

गैंगस्टरों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई के अतिरिक्त अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें तथा 926 पेटियाँ बरामद कर नष्ट की गईं। इसके अलावा अपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी ज़ब्त किए गए। इन कार्रवाइयों ने आपराधिक ढाँचे को कमज़ोर करने, संगठित अपराध के नेटवर्क को बाधित करने और पूरे पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 93946-93946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन भी शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे संबंधित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी गोपनीय और गुमनाम रूप से साझा कर सकते हैं। इस पहल के ज़रिए लोग अपनी पहचान उजागर होने के डर के बिना गोपनीय रूप से महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा कर सकते हैं, जिससे एजीटीएफ को गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों का जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ़्तार करने में मदद मिलेगी।

जनसहभागिता को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एजीटीएफ ने एक इनाम नीति भी लागू की है, जिसके तहत वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में सहायक विश्वसनीय सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा तथा उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस पहल से पंजाब में संगठित अपराध के विरुद्ध ख़ुफ़िया-आधारित अभियानों को और अधिक मज़बूती मिलने की उम्मीद है।

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