Punjab
केंद्र की VB-G RAM G योजना पर भड़के मुख्यमंत्री मान, मनरेगा में बदलाव को बताया गरीबों पर हमला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को बदलकर VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) योजना लाने के फैसले पर गुरुवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने इसे गरीबों की आजीविका पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि बीजेपी सरकार महात्मा गांधी का नाम हटाने के साथ-साथ योजना की मूल भावना को ही खत्म करने पर तुली है। मान ने घोषणा की कि राज्य सरकार जनवरी के दूसरे सप्ताह में पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी, जिसमें इस मुद्दे पर पंजाबियों की आवाज बुलंद की जाएगी। यह निर्णय आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित शीर्ष नेताओं की बैठक के बाद लिया गया है।
केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री मान ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “केंद्र की भाजपा सरकार रेलवे स्टेशनों और शहरों के नाम बदलने में व्यस्त है। मुझे डर है कि कहीं वे देश का नाम भी बदलकर दीनदयाल उपाध्याय नगर न कर दें।” मान ने ज़ोर देकर कहा कि बदलाव सिर्फ नाम बदलने से नहीं आता, बल्कि वास्तविक काम करने से आता है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी पत्रकार का नाम मेसी रख दिया जाए, तो क्या लोग उसे देखने चंडीगढ़ आ जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना का नाम कुछ भी रखें, लेकिन मज़दूरों को समय पर मजदूरी मिलनी चाहिए और वह सही व्यक्ति के पास जानी चाहिए।
लोकसभा ने गुरुवार को लगभग 14 घंटे की बहस के बाद विपक्ष के तीव्र विरोध के बीच VB-G RAM G विधेयक को पारित कर दिया। इस नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार गारंटी दिया जाएगा। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि यह बदलाव सिर्फ कागजों पर है। वास्तव में, योजना के वित्त पोषण मॉडल में बदलाव किया गया है, जहां पहले केंद्र सरकार 100 प्रतिशत खर्च वहन करती थी, अब राज्यों को 40 प्रतिशत हिस्सेदारी देनी होगी। यह 60:40 के अनुपात में केंद्र-राज्य फंड शेयरिंग मॉडल पंजाब जैसे आर्थिक रूप से तंग राज्यों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
राजनीतिक नाटकों के जरिए जनता को गुमराह किया
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने इस बिल को “सुनियोजित धोखा” करार दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने लगातार खोखले नारों और राजनीतिक नाटकों के जरिए जनता को गुमराह किया है, जबकि समाज के सबसे गरीब वर्गों के लिए कल्याणकारी गारंटी को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जा रहा है। गर्ग ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ नाम बदलने या महात्मा गांधी का नाम हटाने का मुद्दा नहीं है, बल्कि केंद्र ने वास्तव में मनरेगा की मौत की घंटी बजा दी है और मजदूर विरोधी एजेंडे को टीवी बहस और विचलन के पीछे छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब ग्रामीण मजदूर रोजगार तक कैसे पहुंचेंगे।
नए बिल में कई अहम बदलाव किए गए हैं जो चिंता का विषय बन गए हैं। पहला, मांग आधारित बजट आवंटन को बदलकर “नॉर्मेटिव फंडिंग” लाया गया है, जिसमें केंद्र सरकार पूर्व निर्धारित मानदंडों के आधार पर राज्यवार बजट तय करेगी। दूसरा, अनिवार्य 60 दिन की “नो वर्क पीरियड” लागू की गई है ताकि कृषि श्रम की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। तीसरा, केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित क्षेत्रों में ही रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे कानूनी गारंटी कमजोर हो जाएगी। चौथा, बेरोजगारी भत्ता 15 दिन के भीतर काम न मिलने पर अनिवार्य होगा, लेकिन इसका कार्यान्वयन संदिग्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव अधिकार आधारित योजना को विवेकाधीन योजना में बदल देंगे।
पूरे पंजाब में विभिन्न संगठनों ने मनरेगा के प्रतिस्थापन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बुधवार को पंजाब खेत मजदूर यूनियनों ने बठिंडा, मोगा, मुक्तसर, फरीदकोट और संगरूर में इसके विरोध में केंद्र सरकार के पुतले फूंके। पंजाब खेत मजदूर यूनियन के महासचिव लक्ष्मण सिंह सेवेवाल ने कहा कि योजना में बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों में सुनिश्चित रोजगार छिन जाएगा और इसे महात्मा गांधी की विरासत को मिटाने के लिए लाया जा रहा है। मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर यह बिल लागू हुआ तो ग्रामीण गरीबों की आखिरी सुरक्षा रेखा भी खत्म हो जाएगी।
विपक्षी दलों ने भी बिल का विरोध किया
विपक्षी दलों ने भी संसद में इस बिल का तीव्र विरोध किया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह बिल सिर्फ मनरेगा का नाम बदलने के बारे में नहीं है, बल्कि बीजेपी-आरएसएस की मनरेगा को खत्म करने की साजिश है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अगर कुछ राजनीतिक दल राष्ट्रीय आइकन का सम्मान करने में विफल रहते हैं, तो उनकी सरकार ऐसा करेगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने भी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में प्रस्तावित बदलावों के माध्यम से गरीबों की आजीविका को कमजोर करने का आरोप लगाया।
मनरेगा योजना की स्थापना 2005 में यूपीए सरकार के तहत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में की गई थी। इस योजना ने पिछले 20 वर्षों में ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों को रोजगार की गारंटी प्रदान की है। 2006 से अब तक लगभग 11 लाख करोड़ रुपये सीधे ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के रूप में दिए गए हैं और 1200 करोड़ व्यक्ति-दिवस का रोजगार उत्पन्न हुआ है। हर साल औसतन 5 करोड़ परिवारों को रोजगार मिला है। विश्व बैंक ने 2014 की अपनी रिपोर्ट में मनरेगा को “ग्रामीण विकास का शानदार उदाहरण” बताया था। अब इस योजना के भविष्य पर सवाल उठ गए हैं।
पंजाब सरकार के सूत्रों के अनुसार, जनवरी में होने वाले विशेष सत्र में राज्य सरकार केंद्र से मांग करेगी कि या तो बिल को वापस लिया जाए या राज्यों की चिंताओं को दूर किया जाए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब की सरकार गरीबों के अधिकारों के लिए लड़ेगी और इस “अत्याचार” के खिलाफ पंजाबियों की आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का नाम बदलना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ग्रामीण मजदूरों को उनका हक मिले और रोजगार की गारंटी बनी रहे।
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अकाली-भाजपा शासन के दौरान पंजाब ने नशे की सबसे बड़ी मार झेली: चीमा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नशे के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए मान सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पंजाब में नशे की समस्या ने सबसे गंभीर रूप धारण किया और चिट्टे का कारोबार पूरे राज्य में फैल गया। इसके साथ ही बेअदबी की घटनाओं का दौर भी उसी समय शुरू हुआ।
हरपाल चीमा ने कहा कि एक तरफ कुछ राजनीतिक दलों पर नशा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य को नशे की मार से बचाना और युवाओं को सुरक्षित भविष्य देना है।
चीमा ने बताया कि सरकार द्वारा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। चीमा ने दावा किया कि मान सरकार के प्रयासों से नशा माफिया पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है और आने वाले समय में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।
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बिक्रम सिंह मजीठिया को अदालत से बड़ी राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर
पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमृतसर की जिला अदालत ने एफआईआर नंबर 91 से जुड़े मामले में मजीठिया की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला मजीठा पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 91 से संबंधित है, जिसमें बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके कुछ समर्थकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना और इसके बाद अपना फैसला सुनाया।
अदालत द्वारा अग्रिम जमानत दिए जाने से मजीठिया को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। इस फैसले के साथ पिछले कुछ दिनों से चल रही कानूनी चर्चाओं और राजनीतिक अटकलों पर भी काफी हद तक विराम लग गया है।
फैसले की खबर सामने आते ही शिरोमणि अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखने को मिली। पार्टी से जुड़े नेताओं ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया, जबकि मजीठिया के समर्थकों ने भी अदालत के निर्णय का स्वागत किया।
राजनीतिक हलकों में अब इस फैसले को पंजाब की राजनीति के एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ी मेहनत से पंजाब को काले दौर से बाहर निकाला; अब हमें अच्छे कामों को रुकने नहीं देना चाहिए: अरविंद केजरीवाल
नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के लिए पंजाब के लोगों का धन्यवाद करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को मोहाली में एक मेगा रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के शासनकाल के दौरान पंजाब को बर्बादी की ओर धकेल दिया गया था, उस समय पूरे प्रांत में नशे फैल गए थे और पंजाब पर एक काला दौर छा गया था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को उस मुश्किल दौर से बाहर निकालकर फिर से तरक्की के रास्ते पर लाने के लिए दिन-रात मेहनत की है।
लोगों से इस बदलाव को और मजबूत करने की अपील करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब को भगवंत मान सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों को रुकने नहीं देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के इतिहास में किसी भी सरकार को साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद इतना प्यार और जनता का समर्थन नहीं मिला, जितना आज ‘आप’ सरकार को मिल रहा है। पिछली सरकारों से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि वे सरकारें लोगों का भरोसा इतनी हद तक खो चुकी थीं कि सत्ता में इतना समय बीत जाने के बाद लोग अपने नेताओं को गाँवों में घुसने तक नहीं देते थे।
रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मोहाली के लोगों ने नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जीत दिलाई है। मैं दिल्ली से खास तौर पर यहाँ आप सभी का धन्यवाद करने आया हूँ, जिस तरह से आपने आम आदमी पार्टी के कामों पर मुहर लगाई है।”
सरकार को मिले जनसमर्थन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार को सत्ता में आए करीब साढ़े चार साल हो गए हैं। पंजाब में पहले कभी भी किसी पार्टी को चार साल के कार्यकाल के बाद इतना प्यार नहीं मिला। इससे पहले कांग्रेस की सरकारें, भाजपा की सरकारें और अकाली दल की सरकारें रही हैं। जब वे सत्ता में तीन या चार साल पूरे करते थे तो लोग उन्हें गाँवों में घुसने भी नहीं देते थे। जब वे जनता के बीच जाते थे तो लोग उन्हें मारने के लिए हाथों में जूते लेकर खड़े हो जाते थे।”
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “पिछले चार सालों में आम आदमी पार्टी ने आपके लिए बहुत कुछ किया है। बिजली मुफ्त कर दी गई है। आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है। महिलाओं को अब उनके बैंक खातों में 1,000 और 1,500 रुपये मिलने शुरू हो जाएंगे। पूरे पंजाब में सड़कें बन रही हैं। गाँवों में नहरी सुओ तक पानी पहुँचना शुरू हो गया है। गाँवों के किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है। कामों की सूची बहुत लंबी है। लोग बहुत खुश हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब हम रोड शो के दौरान यहाँ आ रहे थे, मैं लोगों के भाव देख रहा था। वे हमें देखकर बहुत खुश थे। यह एक बहुत बड़ी बात है कि सरकार में चार साल रहने के बाद भी लोग अपने नेताओं को देखकर इतने खुश हैं।”
अगले चुनाव के लिए समर्थन की मांग करते हुए ‘आप’ मुखिया ने कहा, “अब हमारे पास सिर्फ एक ही काम बाकी है। हमने पाँच सालों में बहुत काम किया है, लेकिन अभी भी बहुत सारा काम करना बाकी है। हमें भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाना होगा।”
लोगों से अपने इलाकों में प्रचार करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “आपको अपनी गलियों, मोहल्लों और गाँवों में जाकर सभी को बताना चाहिए कि इस बार भगवंत मान को फिर से भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनाना है। हमें एक बड़ा बहुमत हासिल करना है। बाकी बचे कामों को भी पूरा करना होगा।”
मौजूदा सरकार की पिछली सरकारों से तुलना करते हुए अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा, “उनकी सरकारों के दौरान पूरे पंजाब में नशे बिक रहे थे। उनके राज में पंजाब बर्बादी की ओर बढ़ रहा था। पंजाब एक काले दौर में प्रवेश कर चुका था। यह केवल गुरु साहिब की कृपा और आशीर्वाद से ही संभव हुआ कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और पंजाब को भगवंत मान जैसा मुख्यमंत्री मिला। अब अच्छे काम शुरू हो गए हैं। ये रुकने नहीं चाहिए। आपको एक बार फिर भगवंत मान को भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनाना है। उन्हें अपना आशीर्वाद और अपना प्यार दीजिए, जैसा आप हमेशा देते आए हैं।”
सरबजीत सिंह को मेयर बनने पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरबजीत सिंह लोगों की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। मैं उन्हें बधाई देता हूँ और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देता हूँ। मुझे विश्वास है कि वे अपने पिता के नक्शे-कदमों पर चलेंगे और समर्पण भाव से लोगों की सेवा करते रहेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों द्वारा दिया जा रहा प्यार दुनिया की किसी भी मुद्रा से नहीं मापा जा सकता। उन्होंने कहा, “हम प्रांत भर में जहाँ भी जाते हैं, हमें लोगों द्वारा बहुत प्यार और समर्थन मिल रहा है। दुकानदार अपने कारोबारों में और किसान अपनी फसलें बोने में लगे हुए हैं, फिर भी बड़ी संख्या में लोग अपना समर्थन दिखाने के लिए आ रहे हैं। मैं इस प्यार के लिए तहे दिल से धन्यवादी हूँ। एक तरफ हमारे लिए लोगों का प्यार दिनों-दिन बढ़ रहा है और दूसरी तरफ लोगों के साथ धोखा करने वाले राजनीतिक नेताओं के प्रति लोगों का विश्वास टूट रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे के हितों की रक्षा करते हुए दशकों तक पंजाब पर शासन किया है। उन्होंने कहा, “सालों तक इन पार्टियों ने पंजाब को लूटा और इस तरह काम किया कि सत्ता उन्हीं के दायरे में बनी रहे। पहले लोगों के सामने केवल दो पार्टियों के विकल्प थे और दोनों ने बारी-बारी सत्ता हासिल कर पंजाब को लूटा। उन्होंने लोगों की पीठ में छुरा घोंपा और पंजाब की दौलत को लूटा। आज लोग झाड़ू का समर्थन कर रहे हैं, जो राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को साफ कर रहा है।”
बदलते राजनीतिक माहौल के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज न तो सुखबीर सिंह बादल, न अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और न ही प्रताप सिंह बाजवा लोगों के बीच दिखाई दे रहे हैं क्योंकि पंजाब के लोग राज्य सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। लोगों ने बार-बार अपना समर्थन व्यक्त किया है और विपक्ष को राजनीतिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा है क्योंकि पंजाब के समझदार लोगों ने उन्हें नकार दिया है। अंततः सच की जीत होती है और झूठ अपनी ताकत खो देता है। श्री गुरु नानक देव जी की कृपा से लोगों ने ईमानदार और अच्छे शासन को पहचान लिया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्ष पंजाब में हो रहे विकास को सहन करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा, “हम पंजाब के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं और इससे विपक्ष हैरान है। वे इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे कि आम लोगों की भलाई और पंजाब की प्रगति अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। उनकी निराशा हमारे खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा से स्पष्ट दिखाई देती है। मुझे लोगों के पैसे लूटने का अनुभव नहीं है, लेकिन मैं यह जरूर जानता हूं कि आम लोगों का दर्द कैसे साझा किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए। मेरी एकमात्र प्राथमिकता पंजाब की खुशहाली और लोगों का कल्याण है।”
2022 के ऐतिहासिक जनादेश को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पुराने राजनीतिक परिवारों की सत्ता को नकारते हुए ईमानदार शासन को चुना। उन्होंने आगे कहा, “2022 के विधानसभा चुनावों में सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को राज्यवासियों ने पूरी तरह नकार दिया और एक ईमानदार सरकार को मौका दिया। इस ऐतिहासिक जनादेश ने पंजाब को पूरी तरह बदल दिया है और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में मदद की है।”
सिंचाई सुधारों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने जल प्रबंधन में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष पंजाब ने बेहतर सिंचाई व्यवस्था के माध्यम से 96 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया, जिससे राज्य भर के किसानों को लाभ हुआ। पहले यह पानी बर्बाद हो जाता था। हमारी सरकार ने किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर पाइप और खालें बनाई हैं तथा इनके माध्यम से 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह दो भाखड़ा नहरों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पानी के बराबर है और पंजाब के किसान भाईचारे को बड़ा लाभ पहुंचाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर को सुधारने के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, “इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में जल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। इसे बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य विकास कार्यों के माध्यम से लोगों को वापस किया जा रहा है। हमने टोल प्लाजा भी बंद कर दिए हैं, जिससे पंजाब के लोगों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।”
कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग केवल लोगों के हित में किया जाए। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व कदम है। ऐसे समय में जब देशभर में लोगों की संपत्तियों को चुनिंदा कॉरपोरेट हितों को सौंपा जा रहा है, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रच दिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ शुरू की है। उन्होंने कहा, “18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये दिए जाएंगे। सामान्य परिवारों, विशेषकर गरीब परिवारों के लिए यह राशि अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है। इस योजना के कारण महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान मुझे अत्यंत संतोष देती है।”
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। उन्होंने कहा, “पंजाब का हर परिवार अब सालाना 10 लाख रुपये तक के नकद रहित चिकित्सा उपचार का हकदार है। पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इस प्रकार की व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है और साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हुई हैं। अब तक राज्यवासियों ने इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त किया है।”
आज मोहाली में आयोजित मेगा रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही नेताओं के वाहन शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरे, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर एकत्र हो गए और बालकनियों से फूल बरसाकर उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। समर्थकों ने नारे लगाए और पार्टी के झंडे लहराए, जिससे रोड शो जनसमर्थन के उत्सव में बदल गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ आप नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और बरिंदर कुमार गोयल, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग तथा कई अन्य नेता उपस्थित थे।
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