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केजरीवाल की एफिडेविट में उठाए गए प्रमुख तथ्यों में से किसी पर भी CBI को आपत्ति नहीं: आप
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तथाकथित शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा अपनी रिक्यूजल अर्जी के तहत दाखिल किए गए नए हलफनामे पर दिल्ली हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। अपने जवाब में, सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल द्वारा रिकॉर्ड पर रखे गए किसी भी प्रमुख तथ्य का खंडन नहीं किया है, फिर भी उसका दावा है कि इसमें हितों का कोई टकराव नहीं है।
अरविंद केजरीवाल ने इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष पेश होकर एक अतिरिक्त हलफनामा दायर किया था, जिसमें बताया गया था कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के दोनों बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में शामिल हैं। हलफनामे में यह भी कहा गया था कि भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो इस मामले में सीबीआई की तरफ से पेश होते हैं, उन्हें ऐसे मामले सौंपते हैं जिनके लिए उन्हें फीस मिलती है। इसमें आगे कहा गया कि 2022 में पैनल में शामिल होने के बाद से बेटे को 5,500 से अधिक मामले आवंटित किए गए हैं, जो एक युवा वकील के लिए असाधारण रूप से बड़ी संख्या है और पैनल में शामिल होना और मामलों का यह आवंटन माननीय न्यायाधीश के हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल के दौरान ही हुआ है। हलफनामे में कहा गया है कि ये तथ्य किसी भी वादी के मन में पक्षपात की उचित आशंका पैदा करते हैं।
अपने जवाब में सीबीआई ने इस बात से इनकार नहीं किया है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के दोनों बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में शामिल हैं। उसने इस बात का भी खंडन नहीं किया है कि भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो इस मामले में सीबीआई के लिए पेश होते हैं, उन्हें फीस वाले मामले सौंपते हैं। सीबीआई ने आगे इस बात से भी इनकार नहीं किया है कि 2022 में पैनल में शामिल होने के बाद से बेटे को 5,500 से अधिक मामले आवंटित किए गए हैं, जो एक युवा वकील के लिए असाधारण रूप से बड़ी संख्या है। उसने इस बात का भी खंडन नहीं किया है कि पैनल में यह नियुक्ति और मुकदमों का यह आवंटन माननीय न्यायाधीश के हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल के दौरान ही हुआ है। अगर यह हितों का टकराव नहीं है, तो फिर क्या है?
सीबीआई का कहना है कि यह हितों का टकराव नहीं है। क्या देश में इसी तरह से काम होता है? ये कोई कोरी चिंताएं नहीं हैं। ये रिकॉर्ड पर मौजूद स्पष्ट तथ्य हैं जो निष्पक्षता और संस्थागत ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
सीबीआई ने आगे यह तर्क दिया है कि इस लॉजिक को स्वीकार करने का मतलब यह होगा कि जिन जजों के रिश्तेदार सरकारों या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) के पैनल में शामिल हैं, उन्हें ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। यह ध्यान भटकाने की कोशिश है। मुद्दा पैनल में शामिल होना नहीं है। मुद्दा यह है कि मामले में पेश हो रहे वही सॉलिसिटर जनरल जज के निकटतम परिवार को हजारों फीस वाले मामले आवंटित कर रहे हैं।
यह सभी जजों के बारे में नहीं है। यह विशिष्ट और निर्विवाद तथ्यों वाले एक मामले के बारे में है। जब केस में बहस करने वाले एक ही कानून अधिकारी द्वारा 5,500 से अधिक मामले आवंटित किए जाते हैं, तो यह कोई रूटीन काम नहीं है। इसे सामान्य कहना गंभीर सवाल खड़े करता है।
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London की संसद में बिहार के डॉक्टर का सम्मान, होम्योपैथी में योगदान को मिला अंतरराष्ट्रीय पहचान
बिहार के गया जिले के लिए गर्व की बात सामने आई है। फतेहपुर ब्लॉक के प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक Dr. Raghvendra Kumar Rakesh को लंदन की British Parliament में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न सिर्फ गया बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान
यह सम्मान ‘Holistic Medicine Conference 2026’ के दौरान दिया गया, जो 10 से 13 अप्रैल 2026 तक लंदन में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में दुनिया भर से स्वास्थ्य विशेषज्ञ, सांसद और मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रण
डॉ. राघवेंद्र कुमार राकेश को इस प्रतिष्ठित मंच पर विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्हें होम्योपैथी और होलिस्टिक मेडिसिन के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जो उनके कार्य की वैश्विक स्तर पर सराहना को दर्शाता है।
किन संस्थाओं ने किया आयोजन
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 1928 Institute और India All-Party Parliamentary Group के संयुक्त सहयोग से किया गया। सम्मेलन के दौरान आधुनिक और वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों के भविष्य पर विस्तृत चर्चा हुई।
बिहार में खुशी की लहर
डॉ. राकेश की इस उपलब्धि से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। मेडिकल जगत में भी उनकी खूब सराहना हो रही है। उन्हें देश-विदेश से लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं। उनकी यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
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संजीव अरोड़ा के घर ED की रेड पर भड़के सीएम भगवंत मान, कहा- हम डरने वाले नहीं हैं
पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा और सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहली प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि हम ईडी से डरने नहीं वाले हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कांफ्रेंस में ED की छापेमारी पर कहा कि बीजेपी से वह कहना चाहते हैं कि 2027 के चुनाव की तैयारी करनी है तो जनता के बीच जाओ न कि ED और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधी नेताओं के खिलाफ करो. मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता इससे डरने वाले नहीं हैं.
सीएम मान ने कहा कि हमारे देश को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है. यहां लोग अपनी सरकार चुनते हैं. पिछले कुछ समय से लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है. जहां भाजपा की सरकारें नही है वहां केंद्र सरकार ग्रांट रोक देती है. आम आदमी पार्टी के साथ तो कुछ ज्यादा ही हो रहा है क्योंकि यह पार्टी कुछ ही समय में नेशनल पार्टी बन गई. पिछले कुछ दिनों से लोकतंत्र का गला धीरे-धीरे करके दबाया जा रहा है.
ED, सीबीआई, इलेक्शन कमीशन के माध्यम से जीत रही बीजेपी- मान
सीएम ने कहा कि आम आदमी पार्टी सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली पार्टी है इससे डर कर बीजेपी पहले भी हमारे नेताओं को डराने और धमकाने की कोशिश की गई. बीजेपी इलेक्शन अपने दम पर नहीं जीती ये ED, सीबीआई, इलेक्शन कमीशन के माध्यम से जीत रही है.
उन्होंने लोकतंत्र की हत्या हो रही है हम इसकी निंदा करते है. ये कारवाई सिर्फ और सिर्फ विपक्ष के नेता पर होती है ये डेमोक्रेसी नहीं डिक्टेटरशिप है.
संजीव अरोड़ा पर छापे को लेकर आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी के नेता के यहाँ तीन दिन में ये दूसरी ED की रेड है. केजरीवाल ने पूछा कि क्या प्रधान मंत्री जी बतायेंगे कि अभी तक “आप” नेताओं के यहाँ जो इतनी सारी अनगिनत रेड की हैं, उनमे कितना काला पैसा मिला? एक रुपया भी मिला? पूरा देश देख रहा है कि आप केवल सत्ता के लिए कितनी ओछी राजनीति कर रहे हैं.
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बटाला के विकास को लगे पंख, सीएम भगवंत मान ने दी 177 करोड़ की सौगात; विरोधियों पर साधा निशाना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ऐतिहासिक नगर बटाला के सर्वांगीण विकास के लिए 177 करोड़ रुपये की भारी-भरकम परियोजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे को मजबूत कर शहर की सूरत बदलना है। इस निवेश योजना के तहत नगर निगम बटाला 95.72 करोड़ रुपये, मंडी बोर्ड 16.05 करोड़ रुपये और लोक निर्माण विभाग 65.09 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च करेंगे। इसके अतिरिक्त, सड़कों के नवीनीकरण के लिए भी करोड़ों रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
ट्रैफिक और कनेक्टिविटी पर जोर
शहरवासियों को ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने बटाला में एक नए बस अड्डे के निर्माण का वादा किया। इसके साथ ही क्षेत्र में संपर्क को बेहतर बनाने के लिए हंसाली नाले, कसूर नाले और कोटला मूसा नाले पर नए पुल बनाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने नई पुलिस लाइन के लिए 14.81 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है।
बेअदबी के खिलाफ कड़ा कानून
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर बेअदबी के खिलाफ जानबूझकर कमजोर कानून बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ‘जगत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित किया है। इस नए कानून में बेअदबी के दोषियों के लिए अत्यंत कठोर सजा का प्रावधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पवित्र ग्रंथों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पारंपरिक पार्टियों पर तीखा हमला
अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि 2022 में जनता ने तीन पीढ़ियों की लूट का अंत किया था और 2027 में भी इन पार्टियों की वापसी मुमकिन नहीं है। उन्होंने अकालियों की ‘बचाओ यात्रा’ को ‘परिवार बचाओ यात्रा’ करार दिया और आरोप लगाया कि पारंपरिक पार्टियों के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हैं। उन्होंने माफिया राज और नशे के व्यापार को संरक्षण देने के लिए अकालियों को ‘पीढ़ियों के नरसंहार’ का दोषी बताया।
लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लेखा-जोखा
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के 90% घरों का बिजली बिल शून्य आ रहा है और 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 10 लाख रुपये के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने महिलाओं के लिए ‘मावां-धियां सतिकार योजना’ के तहत दी जा रही वित्तीय सहायता का भी जिक्र किया।
लोकतंत्र और जवाबदेही
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया ने भगवंत मान को देश का सबसे चहेता मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि मान सरकार लालच के बजाय लोगों के हितों के लिए काम कर रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, विधायक शेरी कलसी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि भ्रष्टाचार और गद्दारी करने वाले नेताओं के लिए जनता के दिलों के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं।
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