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BJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़

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BJP will contest Lok Sabha polls on its own in Punjab

सुनील जाखड़ ने कहा कि यह निर्णय समाज के सभी वर्गों और पंजाब के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। (twitter)

BJP भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पुराने सहयोगियों शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के 2024 के आम चुनाव से पहले फिर से हाथ मिलाने की अटकलों के बीच, भाजपा ने दोनों दलों के बीच किसी भी गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मंगलवार को घोषणा की कि भाजपा पंजाब में आगामी संसदीय चुनाव अकेले लड़ेगी। पार्टी ने पंजाब के लोगों, कार्यकर्ताओं और नेताओं के सुझाव पर विचार करने के बाद सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह निर्णय समाज के सभी वर्गों और पंजाब के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए 1 जून को मतदान होगा।

श्री जाखड़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 1 जून को पंजाब की जनता भाजपा को और मजबूत बनाएगी और राष्ट्र निर्माण में पंजाब के योगदान को बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बहुत काम हुआ है, जो किसी से छिपा नहीं है। किसानों की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। इसके अलावा, करतारपुर गलियारा (जो पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारे को भारत के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक मंदिर से जोड़ता है) शुरू करने की पहल भाजपा द्वारा पंजाब समर्थक अन्य फैसलों के बीच की गई थी।

भाजपा की घोषणा के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनकी पार्टी संख्या से संचालित संगठन नहीं है, बल्कि पंजाब और ‘खालसा पंथ’ के स्पष्ट दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध एक आंदोलन है (Sikhs). उन्होंने कहा, “हमारी कोर कमेटी पहले ही दृढ़ता से कह चुकी है कि शिअद के लिए सिद्धांत हमेशा राजनीति से ऊपर होते हैं।

Also Read:  भाजपा ने हरियाणा में उम्मीदवारों की सूची जारी की, इस सीट पर नवीन जिंदल को टिकट दिया गया।

एसएडी और भाजपा 1996 से गठबंधन सहयोगी रहे हैं, हालांकि, केंद्र के अब निरस्त किए गए कृषि क्षेत्र के कानूनों पर विवाद के बीच, एसएडी-भाजपा के सबसे पुराने सहयोगियों में से एक, ने 2020 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) गठबंधन से अलग होने का फैसला किया। एसएडी ने बाद में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया (BSP).

इस बीच, कांग्रेस पार्टी को एक झटका लगा क्योंकि उसके वरिष्ठ नेता और लुधियाना से लोकसभा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए (BJP). वे दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं।

वह नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वोनिद तावड़े की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। सूत्रों ने कहा कि तीन बार के सांसद बिट्टू लुधियाना निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए भाजपा के उम्मीदवार हो सकते हैं, जिसका वह वर्तमान में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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अमरीका के कृषि वस्तुओ के लिए Zero-tax entry भारतीय किसानों को बर्बाद कर देगी, भाजपा अपना किसान विरोधी एजेंडा आगे बढ़ा रही है: धालीवाल

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कथित “गुप्त व्यापारिक समझौते” को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यह डील भारत के किसानों को तबाह करने और देश की कृषि अर्थव्यवस्था को खत्म करने की एक सुनियोजित साज़िश है।

बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि यह बेहद चौंकाने और अपमानजनक है कि जब यह मुद्दा देश के भविष्य और 80 करोड़ से अधिक लोगों की रोज़ी-रोटी से जुड़ा है, तब इसकी जानकारी प्रधानमंत्री संसद या देश की जनता को नहीं दे रहे, बल्कि ट्रंप के ट्वीट्स के ज़रिए सामने आ रही है।

धालीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के लोगों के लिए ट्रंप कौन हैं? वे प्रधानमंत्री मोदी के मित्र हो सकते हैं, लेकिन जब प्रधानमंत्री खुद चुप हैं तो ट्रंप सोशल मीडिया पर भारत की नीतियों की जानकारी क्यों दे रहे हैं? पर्दे के पीछे आखिर कौन-सी डील हुई है और उसे देश से क्यों छुपाया जा रहा है?

आप प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि इस समझौते के तहत भाजपा सरकार ज़ीरो टैक्स पर अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारत के दरवाज़े खोलने की तैयारी कर रही है। इससे सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय बाज़ार में भर जाएंगे और देश के किसान बुरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह व्यापार नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण है। यह भाजपा की भारतीय कृषि को खत्म करने की योजना है, ताकि उनके पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाया जा सके।

धालीवाल ने अमेरिकी कृषि उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स को लेकर स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह सौदा भारत को रूस से सस्ता तेल खरीदने से रोककर अमेरिका से महंगा तेल आयात करने के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे महंगाई बेकाबू हो जाएगी। तेल महंगा होगा तो हर चीज़ महंगी होगी और इसका असर हर घर पर पड़ेगा।

उन्होंने पंजाब भाजपा लीडरशिप को भी कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि वे राज्य की रीढ़ कृषि को सीधे खतरे में डालने वाले इस मुद्दे पर आपराधिक चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। धालीवाल ने सवाल किया कि क्या पंजाब भाजपा के नेता किसानों को यह बताने की हिम्मत रखते हैं कि जब अमेरिकी गेहूं, मक्का, सोयाबीन, कपास, डेयरी उत्पाद, मछली, मीट और अन्य वस्तुएं लगभग ज़ीरो ड्यूटी पर भारत में आएंगी और स्थानीय बाज़ार को तबाह कर देंगी, तब हमारे किसान कहां जाएंगे?

उन्होंने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है। यदि यह सौदा लागू हुआ, तो गेहूं बेल्ट, कपास बेल्ट, डेयरी किसान और मछली पालन से जुड़े लोग पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। पंजाब भाजपा को जवाब देना चाहिए कि तब राज्य का भविष्य क्या बचेगा।

कुलदीप धालीवाल ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुरंत इस पूरे समझौते को सभी शर्तों के साथ लोकसभा और देश की जनता के सामने सार्वजनिक करें।

उन्होंने ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और इस “किसान विरोधी, पंजाब विरोधी और भारत विरोधी” सौदे के खिलाफ संसद से लेकर सड़कों तक संघर्ष करेगी, जब तक इसे पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता। पार्टी ने दोहराया कि पंजाब भारत की कृषि की रीढ़ है और इस डील के लागू होने से पंजाब को भारी नुकसान पहुंचेगा। आप भाजपा को राजनीतिक फायदे और कॉर्पोरेट मुनाफे के लिए देश के किसानों को बेचने नहीं देगी।

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BJP ने फिर रची किसानों को बर्बाद करने की साजिश, Modi-Trump के बीच क्या समझौता हुआ जनता को बताए केंद्र सरकार: तलबीर गिल

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता तलबीर गिल ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार एक बार फिर देश के अन्नदाता के खिलाफ साजिश रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की मेहनत और भविष्य को दांव पर लगाकर कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की तैयारी में है।

बुधवार को आप नेता गुरप्रताप सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तलबीर गिल ने कहा कि भाजपा सरकार इससे पहले भी तीन काले कृषि कानून किसानों पर थोपने की कोशिश कर चुकी है, जिसका पंजाब सहित पूरे देश के किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर डटकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उस ऐतिहासिक आंदोलन में शायद ही कोई ऐसा किसान परिवार रहा हो जो शामिल न हुआ हो।

तलबीर गिल ने कहा कि भाजपा सरकार ने हर संभव कोशिश की कि किसी तरह किसानी को खत्म किया जा सके, लेकिन किसानों की एकता और संघर्ष के आगे उसे झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज हालात एक बार फिर वैसे ही बनते नजर आ रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद हैरानी की बात है कि देश से जुड़ी अहम डील पर जानकारी जनता को नहीं, बल्कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट से मिल रही है और प्रधानमंत्री मोदी उनका स्वागत कर रहे हैं। गिल ने पूछा कि आखिर मोदी सरकार पर्दे के पीछे ऐसी कौन-सी डील कर रही है, जिसे देश की जनता से छुपाया जा रहा है?

तलबीर गिल ने मांग की कि इस समझौते को तुरंत सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि यह गुप्त समझौता एक बार फिर उन्हीं ‘काले कानूनों’ की वापसी की ओर इशारा कर रहा है, जो किसानों के अस्तित्व को खत्म करने की सोची-समझी साजिश थे।

भाजपा पर हमला तेज करते हुए गिल ने कहा कि मोदी सरकार का एकमात्र लक्ष्य अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाना है। भाजपा दिन-रात मेहनत करने वाले किसानों की कीमत पर बड़े-बड़े कारपोरेट घरानों की तिजोरियां भरने की साजिश रच रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह समझौता लागू होता है, तो यह देश की फसलों और किसानी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला साबित होगा। तलबीर गिल ने पंजाब और देश की जनता से अपील की कि अब समय आ गया है कि सभी लोग एकजुट होकर भाजपा की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों।

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अकाली लीडरशिप और बादल परिवार ने मजीठिया का साथ छोड़ा: Baltej Pannu

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को मिली जमानत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मजीठिया को शिरोमणि अकाली दल (बादल) की लीडरशिप और बादल परिवार ने पूरी तरह अकेला छोड़ दिया है।

बलतेज पन्नू ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जब बिक्रमजीत सिंह मजीठिया नाभा जेल से बाहर आए, तो वे भले ही बाहर आकर बड़ी-बड़ी बातें करते नजर आए, लेकिन सच्चाई यह है कि उन्हें अपनी ही पार्टी की लीडरशिप का कोई समर्थन नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि सिर्फ पार्टी लीडरशिप ही नहीं, बल्कि मजीठिया के करीबी रिश्तेदार और अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल भी जेल के बाहर उन्हें लेने नहीं पहुंचे। यह साफ दर्शाता है कि मजीठिया अपने ही परिवार और पार्टी में पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं।

बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि आज मजीठिया के जेल से बाहर आने के मौके पर हालात यह थे कि शिरोमणि अकाली दल (बादल) का एक भी पूर्व मंत्री या पूर्व विधायक नाभा जेल के बाहर नजर नहीं आया। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि अकाली दल की लीडरशिप खुद मजीठिया से दूरी बना रही है।

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