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Punjab

BJP कभी भी आर्थिक तरक्की या विकास पर वोट नहीं मांगती, सिर्फ धर्म और जातिगत विभाजन, नफरत और राष्ट्रीय एकता को तोड़ने की कोशिशों के जरिए चुनाव लड़ती है: हरपाल सिंह चीमा

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आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज अमृतसर के खासा इलाके और जालंधर के बीएसएफ चौंक में हुए विस्फोटों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें आतंक फैलाने और पंजाब की मेहनत से कमाई गई शांति तथा सांप्रदायिक सौहार्द को तोड़ने की जानबूझकर की गई कोशिश बताया।

पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि भाजपा चुनावों से पहले सियासी फायदे के लिए पंजाब में डर और विभाजन का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “जहां कहीं भी विधानसभा चुनाव नजदीक आते हैं, चाहे वह पश्चिम बंगाल हो, केरल, तमिलनाडु या उत्तर प्रदेश, भाजपा लोगों में नफरत और विभाजन पैदा करने की रणनीति ही अपनाती है। आर्थिक स्थिति या गरीबों की हालत पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय, भाजपा जाति और धर्म के आधार पर वोटरों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करती है।”

उन्होंने जोर देकर कहा, “हिंसा भड़काकर और बेकसूर लोगों के खून से खेलकर, वे (भाजपा) किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहते हैं। ‘आप’ ऐसी राजनीति की सख्त निंदा करती है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में भारत के राष्ट्रपति के साथ हाल ही में हुई बैठक का जिक्र करते हुए, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “’आप’ नेतृत्व ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी के सामने तीन करोड़ पंजाबियों की चिंताओं और आवाज को बुलंद किया। इसके तुरंत बाद भाजपा नेताओं के बयानों से साफ हो गया कि पंजाब उनका अगला सियासी निशाना बन गया है। हाल ही में हुए विस्फोट इसी खतरनाक और विनाशकारी एजेंडे का सीधा प्रतिबिंब हैं।”

पंजाब की एकता और दृढ़ता की पुनः पुष्टि करते हुए, मंत्री ने कहा, “पंजाब गुरुओं, पीरों और बहादुर योद्धाओं की पवित्र धरती है। मैं पंजाब को बांटने की कोशिश कर रहे लोगों को याद दिलाना चाहता हूं कि इस धरती पर नफरत के बीज कभी नहीं उगे और ना ही कभी उगेंगे। पंजाबी हमेशा एकजुट रहे हैं और विभाजनकारी ताकतों को हराया है।”

देश के लिए पंजाबियों द्वारा दी गई महान कुर्बानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आजादी के संघर्ष से लेकर 1962, 1965 और 1971 की जंगों तक, देश की रक्षा में पंजाबियों ने बेमिसाल योगदान दिया है। कुर्बानी का जज्बा पंजाब के नौजवानों की रगों में दौड़ता है। यहां तक कि सरहद पर तनाव के हालिया दिनों में भी, पंजाब के छोटे बच्चे सरहद पर तैनात सैनिकों को दूध और भोजन मुहैया करवाने के लिए आगे आए थे।”

‘आप’ और भाजपा की राजनीति में अंतर बताते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में ‘आप’ काम और विकास आधारित राजनीति के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार विश्व स्तरीय शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बुनियादी ढांचा, मजबूत जन सेवाएं और सख्त कानून व्यवस्था बनाने पर केंद्रित है। दूसरी ओर, भाजपा लोकतंत्र को अस्थिर करने के लिए धर्म, जाति की राजनीति और चुने हुए प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त पर निर्भर करती है।”

अपने संबोधन के समापन पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पंजाब शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की हर कोशिश के खिलाफ मजबूती से एकजुट खड़ा है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समाज विरोधी तत्वों और उन्हें सियासी संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भगवंत मान सरकार किसी को भी पंजाब में आतंक फैलाने या इसके सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने की इजाजत नहीं देगी।”

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अमृतसर और जालंधर में हुए बम धमाके, पंजाब में भाजपा के चुनावी तैयारियों का हिस्सा : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा को कड़े शब्दों में आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि चुनावों के मद्देनजर भाजपा द्वारा पंजाब में डर और हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर और जालंधर में हाल ही में हुए बम धमाके, बेअदबी विरोधी कानून पास होने के बाद सूबे में अस्थिरता फैलाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। पश्चिम बंगाल से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए चुनाव वाले राज्यों में सांप्रदायिक तनाव, आतंक और अशांति पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि शांतिप्रिय पंजाबी कभी भी भगवा पार्टी को सियासी फायदे के लिए पंजाब की मुश्किल से हासिल की गई शांति को बर्बाद करने की इजाजत नहीं देंगे।

शुक्राना यात्रा के मौके पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ”भाजपा चुनावों से पहले बंगाल की तर्ज पर पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब के लोग राजनीतिक तौर पर जागरूक हैं और ऐसी साजिशों के खिलाफ एकजुट हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”हिंसा, फूट डालना और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण भगवा पार्टी की राजनीति का अभिन्न अंग है। भाजपा आगामी चुनाव जीतने के लिए बंगाल की तर्ज पर पंजाब में हिंसा और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।” उन्होंने कहा कि भाजपा के नापाक मंसूबे पंजाब में कभी सफल नहीं होंगे क्योंकि पंजाब की जर्खेज़ (उपजाऊ) धरती पर कुछ भी उग सकता है, लेकिन यहां नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते।

‘आप’ सरकार की शांति, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर पंजाबी दिन की शुरुआत सर्वभले की अरदास (प्रार्थना) से करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से भाईचारे, प्रेम और उदारता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है और इस माहौल को नुकसान पहुंचाने वाली हर कोशिश का सरकार और लोगों द्वारा डटकर विरोध किया जाएगा।

सूबे में हाल ही में हुए बम धमाकों की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं भाजपा की संकीर्ण राजनीतिक सोच को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य आतंक और दहशत का माहौल बनाकर समाज का ध्रुवीकरण करना और वोट हासिल करना है। उन्होंने कहा, ”भाजपा द्वारा चुनाव वाले हर राज्य में चुनावी लाभ लेने के लिए यह फूट डालने वाली राजनीति की जा रही है। ये लोग पहले ही बेअदबी विरोधी कानून पास होने के कारण परेशान हैं और भाजपा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और लोगों को आपस में लड़ाने के लिए बेअदबी की घटनाओं का फायदा उठाना चाहती है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास होने से ऐसी साजिशों को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ”अब जब जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास हो गया है, तो वे अपने नापाक मंसूबों को पूरा नहीं कर सकेंगे। इससे बौखला कर भाजपा अब पंजाब की मुश्किल से कमाई गई शांति भंग करने की चालें चल रही है, लेकिन ऐसी चालों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये घटनाएं स्पष्ट तौर पर आगामी चुनावों से पहले पंजाब को अस्थिर करने की कोशिशों को दर्शाती हैं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ”पंजाब एक शांतिप्रिय राज्य है और पंजाबी राजनीतिक तौर पर सतर्क हैं। वे ऐसी चालों के पीछे छिपे फूट डालने वाले एजेंडे को भली-भांति समझते हैं।”

पंजाब की सुरक्षा और अखंडता को खतरा पैदा करने वाली हरकतों के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि धमाकों के जिम्मेदार लोगों को जल्द बेनकाब करके न्याय की कटहरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा, ”मानवता के खिलाफ इस घिनौने अपराध में शामिल सभी लोगों को जल्द ही मिसाली सजा दिलवाकर सलाखों के पीछे डाला जाएगा। इन लोगों के लिए सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी, क्योंकि पंजाब सरकार राज्य की शांति, सुरक्षा और अखंडता को खतरा पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि के लिए जीरो टॉलरेंस का रुख रखती है।”

हालिया चुनाव परिणामों और दूसरे राज्यों में चुनावों को लेकर लग रहे आरोपों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत चुनाव आयोग के कामकाज और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक है। उन्होंने कहा, ”चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवाल लोकतंत्र के लिए घातक हैं। चुनाव प्रक्रिया को लेकर शंकाओं का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए और चुनाव आयोग को ऐसे भ्रम दूर करने के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि ऐसे मुद्दे लोकतंत्र पर हमला हैं। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के कत्ल से कम नहीं है।”

पारदर्शिता, न्याय और जनकल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों से, सूबे के सद्भावना को भंग करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट और सचेत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है और भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई और खुशहाली के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।

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Punjab

Punjab पुलिस के ‘युवा सांझ कार्यक्रम’ ने 2,358 भटके हुए युवाओं की Online पहचान कर उन्हें गैंगस्टरों के प्रभाव में आने से बचाया

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कम्युनिटी पुलिसिंग को अगले स्तर पर ले जाते हुए पंजाब पुलिस ने अपने ‘युवा सांझ कार्यक्रम’ के तहत भटके हुए युवाओं तक पहुंच को और तेज किया है। यह पहल ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के साथ-साथ एक अहम भूमिका निभा रही है। जनवरी से अब तक, कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सी.ए.डी.) की स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गुरप्रीत कौर देओ के नेतृत्व में कई बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनका उद्देश्य अधिकारियों और सामुदायिक भागीदारों को कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में जागरूक करना है।

‘गैंगस्टरों ते वार’ के निवारक पहलू के रूप में स्थापित यह कार्यक्रम युवाओं को आतंकवाद, गन कल्चर, नशाखोरी और अन्य नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने के लिए सकारात्मक विकल्प प्रदान करता है। पिछले चार महीनों में पांच संवाद सत्र आयोजित किए गए हैं और अगले आठ महीनों में 11 और सत्र आयोजित करने की योजना है, ताकि इसकी पहुंच का दायरा और बढ़ाया जा सके।

इस पहल के तहत पंजाब पुलिस सामुदायिक स्तर पर उन युवाओं की पहचान करती है, जो ऑनलाइन आतंकवाद, हिंसा या गैंगस्टर संस्कृति से प्रभावित हो सकते हैं। अब तक 2,358 युवाओं की पहचान सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से की गई है, जिनमें से 1,519 की प्रोफाइल राज्य स्तरीय ‘युवा सांझ सॉफ्टवेयर’ पर तैयार की गई हैं।

पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने कहा, “पंजाब पुलिस एक संतुलित दो-आयामी रणनीति पर काम कर रही है—‘गैंगस्टरों ते वार’ के माध्यम से सख्त कार्रवाई और ‘युवा सांझ’ के माध्यम से लगातार संपर्क व निगरानी। मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग, संरचित काउंसलिंग और परिवार की भागीदारी इस पहल का आधार हैं। जिन मामलों में गहन हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, उन्हें उप-मंडल स्तर के सामुदायिक केंद्रों को भेजा जाता है ताकि निरंतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—अपराधी नेटवर्क को तोड़ना और युवाओं को उनसे दूर रखना।”

अब तक 1,490 युवाओं को जागरूक किया गया है, जबकि 1,109 ने काउंसलिंग सत्रों में भाग लिया है। कुल मिलाकर 1,836 युवाओं की जिला खुफिया इकाइयों द्वारा काउंसलिंग की गई है, जबकि जिला टीमों द्वारा 522 अन्य ऐसे युवाओं की पहचान की गई है।

जमीनी स्तर पर, जिला ‘युवा सांझ’ समितियों का नेतृत्व कमिश्नर ऑफ पुलिस/सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस द्वारा नामित सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस/डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के अधिकारी करते हैं। इन समितियों के माध्यम से सिविल सोसायटी के सदस्य, सेवानिवृत्त अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, एनजीओ और सामुदायिक प्रतिनिधि मिलकर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।

स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गुरप्रीत कौर देओ ने कहा, “जहां ‘गैंगस्टरों ते वार’ का उद्देश्य संगठित अपराध को समाप्त करना है, वहीं ‘युवा सांझ’ का उद्देश्य भटके हुए युवाओं की प्रारंभिक पहचान कर उन्हें सही मार्ग पर लाना है। हम आवश्यकता के अनुसार सख्ती या नरमी से पेश आते हैं, ताकि समय रहते हस्तक्षेप कर किसी युवा के जीवन की दिशा बदली जा सके।”

पुनर्वास की व्यवस्था सीपी/एसएसपी के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन और अन्य साझेदार संस्थाओं के सहयोग से की जाती है। इसमें कौशल विकास, रोजगार से जोड़ना और आवश्यकता अनुसार वित्तीय सहायता शामिल है, ताकि युवाओं को नकारात्मक प्रभावों से दूर रखकर स्थिर और खुशहाल जीवन की ओर प्रेरित किया जा सके।

फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा,“इस पहल ने न केवल जमीनी स्तर पर अपराध दर को कम करने में मदद की है, बल्कि राज्य के युवाओं को असामाजिक तत्वों के साथ जुड़ने से भी रोका है। यह देश में किसी भी राज्य पुलिस द्वारा शुरू की गई अपनी तरह की एक अनोखी पहल हो सकती है। पंजाब पुलिस ने युवाओं को अपने भ्रम दूर करने और वास्तविकता से रूबरू होने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान किया है।”

उन्होंने आगे कहा,“हमारे जिले में ही हमने कानून का पालन करने वाले युवाओं का एक मजबूत समूह तैयार किया है, जो राज्य की ताकत को और मजबूत करता है।

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Politics

बेअदबी के दोषियों को बचाने वाले पुराने शासक जल्द सलाखों के पीछे होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पिछली सरकारों के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को बचाने वालों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने अब ऐतिहासिक ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ के माध्यम से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के दोषियों के लिए सख्त कानूनी सजा सुनिश्चित की है।

शुक्राना यात्रा के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कानून बेअदबी के खिलाफ स्थायी रोक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पंजाब की शांति और भाईचारे को भंग करने की हिम्मत न करे। कानून लागू कर मानवता की सेवा करने का अवसर मिलने पर उन्होंने परमात्मा का धन्यवाद करते हुए कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ लागू करने की सेवा बख्शी, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाएं और यह सुनिश्चित करें कि हर व्यक्ति को पता हो कि बेअदबी में शामिल किसी भी व्यक्ति को अब सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, “सजा के डर से अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल सहित विपक्ष के कई शीर्ष नेता पहले ही भाग रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पुराने शासकों का बेअदबी रोकने के लिए कानून बनाने का न तो इरादा था और न ही इच्छाशक्ति, जिसके कारण उनके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं बार-बार हुईं। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने अब ऐसा कानून पारित किया है, जो इसे हमेशा के लिए खत्म कर देगा क्योंकि कोई भी दोबारा ऐसा घिनौना अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।” अकाली नेतृत्व की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में बेअदबी की घटनाओं का विरोध कर रहे निर्दोष लोगों पर गोली चलाने के आदेश दिए गए थे।

नशों के खतरे को लेकर अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अकालियों पर पीढ़ियों की नस्लकुशी का मामला दर्ज होना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशों के व्यापार को संरक्षण दिया, जो उनके लंबे कुशासन के दौरान फलता-फूलता रहा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नेताओं के हाथ पंजाब के युवाओं के खून से रंगे हुए हैं क्योंकि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी संरक्षण में नशे का प्रसार हुआ और कई युवा इसकी चपेट में आए। उन्होंने कहा, “इनके गुनाह माफ नहीं किए जा सकते और पंजाब के लोग पीढ़ियों को तबाह करने वाले इन नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे।”

बेअदबी की घटनाओं के माध्यम से पंजाबियों की भावनाओं को आहत करने के लिए अकाली दल की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने गुरबाणी के नाम पर वोट मांगे और साथ ही गुरु की वाणी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अकाली नेता अक्सर अपने कार्यकाल के विकास का दावा करते हैं, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य घटनाओं को जानबूझकर नजरअंदाज करते हैं, जहां बेअदबी हुई और मासूम लोगों की जानें गईं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और ऐसे माफिया को संरक्षण दिया जिसने राज्य को सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर किया। उन्होंने कहा, “अकालियों ने पंजाबियों को भावनात्मक रूप से तोड़ा और माफिया को बचाया, जिन्होंने पंजाब को बर्बाद कर दिया। अपने शासनकाल के दौरान नशे के व्यापार को बढ़ावा देना लोगों के साथ विश्वासघात के बराबर है।”

सुखबीर सिंह बादल पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने जनता में अपना आधार पूरी तरह खो दिया है और अब रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए भुगतान किए गए लोगों को बुलाया जाता है। उन्होंने कहा, “हर अकाली रैली में वही चेहरे नजर आते हैं।” उन्होंने कहा कि जो नेता कभी 25 साल तक शासन करने का दावा करते थे, उन्हें अब पंजाब के जागरूक और बहादुर लोगों ने राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया है। उन्होंने अकाली नेतृत्व को अवसरवादी बताते हुए कहा कि वे अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपना रुख और विचारधारा बदलते रहते हैं।

एक उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के लिए जिम्मेदार नेता एक बार श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए थे और अपनी गलतियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था, लेकिन बाद में जब यह उनके राजनीतिक हितों के अनुकूल नहीं रहा तो वे अपने बयान से मुकर गए। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग उनका असली चेहरा जानते हैं और समझते हैं कि उन्होंने राजनीतिक चालों के जरिए जनता को बार-बार गुमराह किया है।” उन्होंने आगे कहा कि जो नेता कभी अजेय माने जाते थे, आज उन्हें पार्टी की कमेटी बनाने के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को याद दिलाया कि पुराने शासकों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और नशा तस्करों को बचाया, जिससे पंजाब के युवाओं को नशे की ओर धकेला गया। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग इन अपराधों के लिए अकालियों को कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें एक और कड़ा सबक सिखाएंगे।” उन्होंने कहा कि बार-बार चुने जाने के बावजूद अकालियों ने पंजाब के साथ विश्वासघात किया और लोगों की पीठ में छुरा घोंपा। उन्होंने कहा, “उन्होंने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।”

इस कानून की महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार खुद को भाग्यशाली मानती है कि उसे ऐसा ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी पंजाब में शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की गहरी साजिश का हिस्सा थी।” उन्होंने कहा कि यह कानून दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए मिसाल कायम करने वाली सजा सुनिश्चित करता है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकेगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि दुनियाभर में लोग इस कानून के लागू होने पर खुशी और आभार व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “इस ऐतिहासिक एक्ट को पारित करने के लिए हमें शक्ति और साहस देने पर परमात्मा का धन्यवाद करने हेतु मैंने श्री आनंदपुर साहिब से यह शुक्राना यात्रा शुरू की है।” उन्होंने बताया कि 9 मई तक वे तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में मत्था टेकेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य पंजाब सरकार को इस महत्वपूर्ण कानून को लागू करने योग्य बनाने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करना है। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे जनता की सेवा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “दूसरे नेता मौसम देखकर बाहर निकलते हैं, लेकिन मैं लोगों की भलाई के लिए हमेशा उनके बीच रहता हूं।”

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