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भाजपा ने भारत की शिक्षा प्रणाली को पेपर लीक और भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है: डॉ. बलबीर सिंह

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पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बार-बार हो रहे नीट-यूजी पेपर लीक घोटालों को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजनाबद्ध तरीके से देश की शिक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रही है और कथित रूप से भाजपा नेताओं से जुड़े “मेडिकल माफिया” के फायदे के लिए लाखों मेहनती विद्यार्थियों को निराशा की ओर धकेल रही है।

बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि लगभग 22 लाख विद्यार्थी नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भारी दबाव में दिन-रात तैयारी करते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पता चलता है कि पेपर पहले ही लीक हो चुका था। उन्होंने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे भाजपा शासित ‘डबल इंजन’ राज्यों में ये पेपर बेचे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर शुरुआत में पांच लाख रुपए में बेचा गया और बाद में परीक्षा से कुछ समय पहले यह 30,000 रुपए की मामूली कीमत पर बांटा गया।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि काबिल और होनहार विद्यार्थियों को कुचला जा रहा है, जबकि अयोग्य उम्मीदवार लीक हुए पेपरों के जरिए मेडिकल पेशे में अपनी जगह बना रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि देश की नई पीढ़ी, जिसने भारत के भविष्य का डॉक्टर बनना है, उसके साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि अगर पेपर खरीदकर डॉक्टर बनने वाले लोग सिस्टम में आएंगे, तो हम किस तरह की स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार कर रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि पेपर लीक का यह रैकेट 2015 से चल रहा है और सुधारों के बार-बार वादों के बावजूद भाजपा सरकार के कार्यकाल में इसका और विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के गठन के बाद भी कम से कम 16 पेपर लीक हुए, जिसके बाद 2021, 2024 और अब फिर 2026 में बड़े घोटाले सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण में इन लीकों को अंजाम देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संगठित आपराधिक नेटवर्कों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार हर घोटाले के बाद रस्मी तौर पर नई एजेंसियां और समितियां बनाने का ऐलान कर देती है, लेकिन न तो कोई असली जवाबदेही तय होती है और न ही बड़े दोषियों को सजा मिलती है। उन्होंने कहा कि सीबीआई मामला दर्ज करती है, सरकार बयान जारी करती है, लेकिन कोई जेल नहीं जाता। ऐसे मामलों में गवाहों तक की मौत हो चुकी है, फिर भी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई। यह देश का सबसे बड़ा शिक्षा घोटाला बन गया है।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा से जुड़े नेताओं और निजी मेडिकल कॉलेजों के मालिकों ने देशव्यापी “मेडिकल माफिया” बनाया है, जो पेपर लीक और महंगे दाखिलों से मुनाफा कमा रहा है। पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल दाखिलों से जुड़े हालिया नीतिगत फैसलों का हवाला देते हुए डॉ. बलबीर ने सवाल किया कि शून्य अंक पाने वाले विद्यार्थियों को MD/MS में दाखिले के लिए योग्य कैसे माना जा सकता है। उन्होंने पूछा कि अगर शून्य अंक स्वीकार्य हैं, तो लाखों विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए क्यों कष्ट दिया जा रहा है।

मंत्री ने आरोप लगाया कि पेपर लीक में शामिल यही गठजोड़ विद्यार्थियों की आर्थिक लूट भी कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि 2019 से 2024 के बीच विद्यार्थियों से अतिरिक्त फीस के नाम पर करीब 450 करोड़ रुपए अधिक वसूले गए, जबकि केंद्रीय एजेंसियां चुप रहीं, क्योंकि कई संस्थाएं कथित रूप से भाजपा नेताओं और उनके फंडरों (फंड देने वाले) से जुड़ी हुई हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने ईडी और सीबीआई समेत केंद्रीय एजेंसियों पर भी हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि ईडी राजनीतिक कारणों से विपक्षी नेताओं पर छापेमारी करती है, लेकिन उसे वे लोग क्यों नहीं दिखते जो परीक्षा के पेपर बेचकर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। क्या ईडी अंधी हो गई है? क्या इनकम टैक्स विभाग को नहीं पता कि इन मेडिकल कॉलेजों का पैसा कहां से आता है?

भगवंत मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार की तारीफ करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि जब से ‘आप’ सरकार सत्ता में आई है, पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, क्योंकि यहां कड़ी प्रणालियां और आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी लागू की गई है।

सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए मंत्री ने पेपर लीक नेटवर्क में शामिल सभी नेताओं, बिचौलियों और “मेडिकल माफिया” के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सीधे दखल देने, गिरफ्तारियों के आदेश देने और जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने की अपील की।

डॉ. बलबीर सिंह ने देशभर के विद्यार्थियों से शिक्षा प्रणाली की तबाही के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और उसके लाखों डॉक्टरों को मेडिकल शिक्षा में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने मेरिट को तबाह कर दिया है और शिक्षा को कारोबार में बदल दिया है। यह सिर्फ विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ धोखा नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के साथ विश्वासघात है। अगर आप शिक्षा को तबाह करते हैं, तो आप देश का भविष्य तबाह कर देते हैं।

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‘बेअदबी पार्टी’ पूरी तरह से ‘ईडी पार्टी’ और ED की प्रवक्ता बन चुकी है: हरपाल सिंह चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर लीडर हरपाल सिंह चीमा ने बेअदबी पार्टी’ (शिरोमणि अकाली दल) और ‘ईडी पार्टी’ (भाजपा) पर तीखा हमला किया। उन्होंने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) के बीच हुए लेटर के बारे में अकाली दल के बयानों की कड़ी निंदा की।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “‘चिट्टा पार्टी’ (अकाली दल) ने अपने सभी उसूल छोड़ दिए हैं और अब ‘ईडी पार्टी’ (भाजपा) और सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों के लिए माउथपीस के तौर पर काम कर रही है। यह हैरानी की बात है कि अकाली दल ईडी द्वारा डीजीपी को भेजे गए लेटर को आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “इससे साफ पता चलता है कि शिरोमणि अकाली दल भाजपा की एक विंग और माउथपीस के तौर पर काम कर रहा है, जो अपनी खोई हुई राजनितिक ज़मीन वापस पाने की बेकार कोशिश कर रही है।”

2007 से 2017 के बुरे दौर को याद करते हुए, उन्होंने पंजाब के सामाजिक ताने-बाने, अर्थव्यवस्था और युवाओं को बर्बाद करने के लिए सीधे तौर पर उस समय की अकाली-भाजपा सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग ड्रग्स (चिट्टा) की बीमारी, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार को नहीं भूले हैं, जिसकी वजह से राज्य को ‘उड़ता पंजाब’ की दर्दनाक पीड़ा झेलनी पड़ी।”

मंत्री ने दावा किया, “अकाली-भाजपा के 10 साल के शासन में, पंजाब हर तरह से बर्बाद हो गया। माता-पिता को अपनी ज़मीन, घर और ज़िंदगी भर की कमाई बेचकर अपने बच्चों को विदेश भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा, इस डर से कि सरकार द्वारा पाले-पोसे गए ड्रग माफिया उनका भविष्य बर्बाद कर देंगे।”

केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए, आप नेता ने डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को केंद्र द्वारा योजनाबद्ध तरीके से नुकसान पहुंचाने की निंदा की। उन्होंने कहा, “ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी सेंट्रल एजेंसियों का इस्तेमाल अक्सर विपक्षी नेताओं को डराने, स्थानीय प्रशासन को धमकाने और देश भर में चुनी हुई राज्य सरकारों को गिराने के लिए किया जाता है, जैसा कि पश्चिम बंगाल, बिहार में किया जा रहा है और आप लीडरशिप को टारगेट किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “भाजपा का डेमोक्रेटिक वैल्यू या संविधान में कोई भरोसा नहीं है। जब भी चुनाव पास आते हैं या कोई विपक्षी सरकार मज़बूती से सत्ता में होती है, तो सेंट्रल एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और सरकारों को गिराने के लिए किया जाता है।”

अपने भाषण के अंत में, हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग अकाली दल की मौकापरस्त राजनीति और भाजपा के साथ उसके ऐतिहासिक गठबंधन को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा, “जो पार्टी कभी पंजाब के हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती थी, वह अब अपनी राजनीतिक खाल बचाने के लिए सेंट्रल एजेंसियों के इशारों पर चल रही है। पंजाब के लोग इन सस्ती राजनीतिक चालों को अच्छी तरह समझते हैं। न तो ईडी और न ही अकाली दल पंजाबियों को गुमराह करने या आप सरकार के प्रगतिशील शासन को पटरी से उतारने में कामयाब होगा।”

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मालेरकोटला में बेटियों के लिए 5 मंजिला सरकारी स्कूल का उद्घाटन

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मालेरकोटला में लड़कियों के लिए नए 5 मंजिला सरकारी स्कूल का उद्घाटन किया गया। इस प्रोजेक्ट को 6.34 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। खास बात यह है कि निर्माण कार्य के दौरान सरकारी खजाने के 5.25 लाख रुपये भी बचाए गए हैं। इसे बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

इस मौके पर कहा गया कि आजादी के 80वें वर्ष के अवसर पर यह स्कूल पंजाब की बेटियों के लिए खास तोहफा है। सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में लगातार किए जा रहे प्रयासों के चलते पंजाब को देशभर में शिक्षा के मामले में पहले स्थान पर होने का दावा किया गया है।

सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों का NEET और 361 विद्यार्थियों का JEE पास करना शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलाव की बड़ी मिसाल के तौर पर सामने आया है। सरकार का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है।

बेटियों की पढ़ाई बीच में न रुके, इसके लिए 15 हजार से अधिक छात्राओं को विशेष बस सेवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार के अनुसार, स्कूलों में बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ छात्राओं के लिए सुरक्षित और आसान परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने से उनकी शिक्षा को लगातार जारी रखने में मदद मिलेगी।

नए 5 मंजिला स्कूल को मालेरकोटला की बेटियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि पंजाब के बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

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Politics

जगतार सिंह हवारा की पैरोल को लेकर CM भगवंत मान की राज्यपाल से मुलाकात, 10 दिन की पैरोल की मांग

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मामले को लेकर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। मुख्यमंत्री राजभवन पहुंचे और इस दौरान उन्होंने हवारा की पैरोल से जुड़े मामले पर राज्यपाल के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक में पंजाब सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई और पैरोल से संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी बातचीत हुई।

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि राज्यपाल की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि पैरोल से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करके केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। पंजाब सरकार की ओर से जगतार सिंह हवारा के लिए 10 दिन की पैरोल की मांग की गई है।

CM मान ने कहा कि इस मामले को मानवीय आधार पर भी देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, हवारा की मां पिछले लंबे समय से अपने बेटे की प्रतीक्षा कर रही हैं। इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने पैरोल की मांग रखी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी जिम्मेदारी और सुरक्षा की गारंटी दी है। यदि पैरोल मंजूर होती है तो इस दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो, इसके लिए सरकार की ओर से आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

CM भगवंत मान ने कहा कि अब इस मामले में अगली कार्रवाई केंद्र सरकार की ओर से की जानी है। राज्यपाल द्वारा दस्तावेज केंद्र को भेजे जाने के बाद ही पैरोल को लेकर आगे का फैसला होगा।

जगतार सिंह हवारा फिलहाल जेल में बंद है और उसकी पैरोल को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की राज्यपाल से हुई इस मुलाकात के बाद अब पूरे मामले की अगली प्रक्रिया केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी।

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