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भाजपा ने पंजाब के साथ सौतेली मां जैसा बर्ताव जारी रखा; CM भगवंत मान बोले- केंद्रीय बजट ने फिर निराश किया

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि केंद्रीय बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है. उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए एमएसपी की कोई गारंटी नहीं है, युवाओं के लिए रोज़गार का कोई भरोसा नहीं है और उद्योगों या टैक्स प्रणाली को कोई राहत नहीं दी गई है. केंद्र ने पंजाब की आर्थिकता को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे राज्य और यहां के लोगों के साथ एक बार फिर नाइंसाफ़ी हुई है. सीएम मान ने कहा कि पंजाबी मेहनती और जज्बे वाले हैं और केंद्र की बार-बार अनदेखी के बावजूद आप सरकार और पंजाब के लोग एकजुट होकर अपने दम पर पंजाब को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाएंगे.

केंद्रीय बजट ने पंजाब और हरियाणा के किसानों को फिर दिया धोखा


पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज़ चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया है, जिससे किसान-हितैषी होने के उसके खोखले दावों की पोल खुल गई है. चीमा ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस मदद की गई है, जिससे कृषि प्रधान राज्यों को अपने भरोसे छोड़ दिया गया है.

उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान देश का पेट भरता है, फिर भी केंद्र सरकार उन प्रणालियों में निवेश को लेकर उपेक्षा कर रही है, जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं. वित्त मंत्री ने अधिक कीमत वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए अपनाए गए चयनात्मक पहुँच की भी आलोचना की. जबकि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवे जैसी फसलों का ज़िक्र है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ नहीं है जो अपने खेतीबाड़ी के मौसम के हिसाब से फसलों पर निर्भर करता हैं.

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट स्पष्ट तौर पर केंद्र के भेदभाव और अनाज पैदा करने वाले राज्यों, खासकर पंजाब के किसानों के प्रति उसकी लगातार उदासीनता को दिखाता है. ये किसान सम्मान, सहयोग और सही उचित निवेश के हकदार हैं, खोखले नारों के नहीं.

केंद्रीय बजट ने पंजाब के अन्नदाता से मुंह मोड़ा: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां


पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने केंद्रीय बजट की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि देश का अन्न भंडार भरने के बावजूद, पंजाब के किसानों के हाथ एक बार फिर खाली रह गए हैं. उन्होंने कहा कि बजट में गेहूं और धान के अलावा एमएसपी के लिए कोई साफ़ रोडमैप नहीं दिया गया, जो किसानों की आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र की गंभीरता की कमी को दिखाता है.

खुडियां ने इशारा किया कि फ़सल डाइवर्सिफिकेशन के लिए कोई ठोस पैकेज नहीं दिया गया, जो पंजाब में टिकाऊ कृषि के लिए बहुत ज़रूरी है, और न ही बार-बार आने वाली बाढ़ से प्रभावित किसानों को कोई आर्थिक सहायता दी गई. उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने एक बार फिर देश के अन्नदाताओं की मुश्कलों को नज़रअंदाज़ करके और खोखले वादे करके उनसे मुंह मोड़ लिया है. मंत्री ने कहा कि पंजाब के किसान सच्ची सहायता और निष्पक्ष नीतियों के हकदार हैं, न कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार अनदेखी के.

केंद्रीय बजट लोगों के लिए सिर्फ निराशा लेकर आया: अमन अरोड़ा


मंत्री अमन अरोड़ा ने संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हर साल की तरह इस बार भी इसने देश के लोगों को बहुत निराश किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं या आम नागरिकों के लिए कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाया गया. अरोड़ा ने विशेष तौर पर कहा कि पंजाब के साथ एक बार फिर सौतेली माँ जैसा बर्ताव किया गया है. आज़ादी से लेकर देश का पेट भरने तक और मुश्किल समय में हमेशा सबसे आगे रहने में पंजाब के ऐतिहासिक योगदान के बावजूद, राज्य के लिए कोई बड़े प्रोजेक्ट का कोई प्रबंध नहीं किया गया.

उन्होंने केंद्र के इस रवैये को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पंजाब की लगातार हो रही अनदेखी बर्दाश्त के बाहर है. अमन अरोड़ा ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से पंजाब के साथ भेदभाव बंद करने की अपील की. उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब देश का एक अभिन्न अंग है और उसे निषपक्ष, सम्मान और बनती सहायता का हकदार है.

केंद्रीय बजट पंजाब के साथ बड़ा भेदभाव दिखाता है: कुलदीप सिंह धालीवाल


आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्रीय बजट की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है. उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों, युवाओं या विकास के लिए कुछ न देकर राज्य के साथ एक बार फिर धोखा किया है. बजट में न तो एमएसपी पर कोई कानूनी गारंटी है, न युवाओं के लिए रोजगार का कोई भरोसा और न ही पंजाब के किसी बड़े प्रोजेक्ट को कोई मंजूरी दी गई है.

धालीवाल ने याद दिलाया कि पंजाब ने आजादी की लड़ाई से लेकर आज देश की सीमाओं की रक्षा करने तक देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं. इसके बावजूद, केंद्र सरकार लगातार फंड रोककर और राज्य की जरूरतों को अनदेखा करके पंजाब को उसका हक देने से मना कर रही है. उन्होंने कहा कि पंजाबी मेहनती और दिलेर हैं और अपने पैरों पर खड़े रहेंगे, लेकिन केंद्र को एक दिन अपनी लगातार अनदेखी का जवाब देना होगा. धालीवाल ने पंजाब के साथ बार-बार अन्याय करने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री की कड़ी आलोचना की और इसे बेहद दुखदाई और बर्दाश्त के बाहर बताया.

केंद्रीय बजट ने पंजाब के किसानों को उनके अधिकारों से वंचित रखा: भुल्लर


केंद्रीय बजट की निंदा करते हुए पंजाब के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्र ने एक बार फिर पंजाब के किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को नज़रअंदाज़ किया है. उन्होंने कहा कि बजट में एमएसपी, फसल विविधीकरण या किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं किया गया है. भुल्लर ने कहा कि भाजपा शासित केंद्र सरकार को पंजाब के किसानों की जायज़ मांगों को बार-बार खारिज करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि किसानों को सुरक्षा और मदद देने से इनकार करके, केंद्र ने एक बार फिर उनके अधिकारों को कुचला है और अपनी किसान विरोधी मानसिकता को उजागर किया है.

केंद्रीय बजट में पंजाब के किसानों के लिए कोई विज़न नहीं: लाल चंद कटारुचक


पंजाब के मंत्री लाल चंद कटारुचक ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे है, उसे कोई दिशा या कल्याणकारी सहायता नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि बजट में न तो एमएसपी का भरोसा है, न ही फसल डायवर्सिफिकेशन का कोई प्लान है और न ही प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए कोई स्कीम है. कटारुचक ने दावा किया कि यह बजट स्पष्ट रूप से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच और पंजाब और उसके किसानों की लगातार अनदेखी को साफ दिखाता है.

पंजाब के अधिकारों पर केंद्र चुप, बजट में कोई खास सहायता नहीं: डॉ. रवजोत


मंत्री डॉ. रवजोत ने कहा कि जब भी पंजाब के अधिकारों की बात आती है, तो केंद्र सरकार हमेशा चुप्पी साध है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पर बड़े-बड़े दावों के बावजूद, केंद्रीय बजट में पंजाब को कोई खास सहायता नहीं दी गई है. डॉ. रवजोत ने कहा कि यह तरीका न तो सही है और न ही न्यायापूर्ण, बल्कि यह पंजाब और उसके लोगों की जानबूझकर अनदेखी का साफ मामला है.

केंद्रीय बजट के बड़े दावे, लेकिन असलियत में खोखले: नील गर्ग


‘आप’ के सीनियर नेता नील गर्ग ने केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसकी तुलना पंजाबी कहावत “पटिया पहाड़, निकलेआ चूहा” से की है. उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी घोषणाओं और शानदार आंकड़ों के बावजूद बजट में एक भी ऐसी घोषणा नहीं है जिससे पंजाब को असली राहत मिले. गर्ग ने कहा कि पिछले साल बाढ़ से भारी नुकसान झेलने वाले पंजाब के किसान खास सहायता की उम्मीद थी और एमएसपी पर कानूनी गारंटी की आस लगा बैठे थे, लेकिन बजट में उनके हाथ कुछ नहीं दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के युवा एक बार फिर निराश हुए हैं, क्योंकि रोजगार गारंटी के लंबे समय से किए जा रहे वादे सिर्फ नारे बनकर रह गए हैं. उन्होंने इशारा किया कि उद्योग जगत पंजाब में विकास बढ़ाने और नौकरियां पैदा करने के लिए खास छूट की उम्मीद थी, लेकिन ऐसी किसी मदद की घोषणा नहीं की गई. ऐसे समय में जब आम आदमी बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है, बजट में कोई खास राहत नहीं दी गई है.

नील गर्ग ने आरोप लगाया कि बजट स्पष्ट रूप से अंबानी और अडानी जैसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है, जबकि किसानों, मज़दूरों और आम नागरिकों को नज़रअंदाज़ किया गया है. उन्होंने कहा कि जिन पंजाबियों ने देश को खाना खिलाया है और देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी कुर्बानी दी है, वे आज ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. गर्ग ने ज़ोर देकर कहा कि लोगों को खोखली घोषणाओं की नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर असली राहत की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह नाकाम रहा है.

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केंद्र सरकार मंडियों में जगह की कमी दूर करने के लिए जरूरी सहयोग नहीं दे रही: लाल चंद कटारूचक्क

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पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने अनाज भंडारण को लेकर मंडियों में पैदा हो रही जगह की कमी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मंडियों में भंडारण संकट को हल करने के लिए केंद्र सरकार जरूरी सहयोग नहीं दे रही, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लंबे समय से यह मामला लगातार केंद्र के सामने उठा रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि अप्रैल और मई 2026 के दौरान अनाज उठान के लिए केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) से 860 विशेष रेलगाड़ियां उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी, लेकिन जरूरत के मुताबिक ट्रेनें उपलब्ध नहीं करवाई गईं। इसके चलते एक ही सप्ताह में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की भारी आवक होने से मंडियों में फसल के ढेर लग गए हैं।

कटारूचक्क ने कहा कि अप्रैल महीने के दौरान केवल 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही रेल, सड़क और कंटेनरों के जरिए सीधे मंडियों से उठाया गया। वहीं मई 2026 की शुरुआत से अब तक रोजाना सिर्फ 3 से 5 विशेष रेलगाड़ियां ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने खरीद सीजन को सुचारू रूप से जारी रखा है और 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने के करीब पहुंच चुका है।

मंत्री के अनुसार अब तक पंजाब की मंडियों में 121.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, जिसमें से 120.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए गेहूं में से विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने 119.56 लाख मीट्रिक टन और व्यापारियों ने 1,33,203.15 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।

लाल चंद कटारूचक्क ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों द्वारा मेहनत से उगाए गए अनाज का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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अमृतसर और जालंधर में हुए बम धमाके, पंजाब में भाजपा के चुनावी तैयारियों का हिस्सा : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा को कड़े शब्दों में आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि चुनावों के मद्देनजर भाजपा द्वारा पंजाब में डर और हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर और जालंधर में हाल ही में हुए बम धमाके, बेअदबी विरोधी कानून पास होने के बाद सूबे में अस्थिरता फैलाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। पश्चिम बंगाल से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए चुनाव वाले राज्यों में सांप्रदायिक तनाव, आतंक और अशांति पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि शांतिप्रिय पंजाबी कभी भी भगवा पार्टी को सियासी फायदे के लिए पंजाब की मुश्किल से हासिल की गई शांति को बर्बाद करने की इजाजत नहीं देंगे।

शुक्राना यात्रा के मौके पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ”भाजपा चुनावों से पहले बंगाल की तर्ज पर पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब के लोग राजनीतिक तौर पर जागरूक हैं और ऐसी साजिशों के खिलाफ एकजुट हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”हिंसा, फूट डालना और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण भगवा पार्टी की राजनीति का अभिन्न अंग है। भाजपा आगामी चुनाव जीतने के लिए बंगाल की तर्ज पर पंजाब में हिंसा और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।” उन्होंने कहा कि भाजपा के नापाक मंसूबे पंजाब में कभी सफल नहीं होंगे क्योंकि पंजाब की जर्खेज़ (उपजाऊ) धरती पर कुछ भी उग सकता है, लेकिन यहां नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते।

‘आप’ सरकार की शांति, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर पंजाबी दिन की शुरुआत सर्वभले की अरदास (प्रार्थना) से करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से भाईचारे, प्रेम और उदारता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है और इस माहौल को नुकसान पहुंचाने वाली हर कोशिश का सरकार और लोगों द्वारा डटकर विरोध किया जाएगा।

सूबे में हाल ही में हुए बम धमाकों की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं भाजपा की संकीर्ण राजनीतिक सोच को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य आतंक और दहशत का माहौल बनाकर समाज का ध्रुवीकरण करना और वोट हासिल करना है। उन्होंने कहा, ”भाजपा द्वारा चुनाव वाले हर राज्य में चुनावी लाभ लेने के लिए यह फूट डालने वाली राजनीति की जा रही है। ये लोग पहले ही बेअदबी विरोधी कानून पास होने के कारण परेशान हैं और भाजपा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और लोगों को आपस में लड़ाने के लिए बेअदबी की घटनाओं का फायदा उठाना चाहती है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास होने से ऐसी साजिशों को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ”अब जब जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास हो गया है, तो वे अपने नापाक मंसूबों को पूरा नहीं कर सकेंगे। इससे बौखला कर भाजपा अब पंजाब की मुश्किल से कमाई गई शांति भंग करने की चालें चल रही है, लेकिन ऐसी चालों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये घटनाएं स्पष्ट तौर पर आगामी चुनावों से पहले पंजाब को अस्थिर करने की कोशिशों को दर्शाती हैं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ”पंजाब एक शांतिप्रिय राज्य है और पंजाबी राजनीतिक तौर पर सतर्क हैं। वे ऐसी चालों के पीछे छिपे फूट डालने वाले एजेंडे को भली-भांति समझते हैं।”

पंजाब की सुरक्षा और अखंडता को खतरा पैदा करने वाली हरकतों के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि धमाकों के जिम्मेदार लोगों को जल्द बेनकाब करके न्याय की कटहरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा, ”मानवता के खिलाफ इस घिनौने अपराध में शामिल सभी लोगों को जल्द ही मिसाली सजा दिलवाकर सलाखों के पीछे डाला जाएगा। इन लोगों के लिए सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी, क्योंकि पंजाब सरकार राज्य की शांति, सुरक्षा और अखंडता को खतरा पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि के लिए जीरो टॉलरेंस का रुख रखती है।”

हालिया चुनाव परिणामों और दूसरे राज्यों में चुनावों को लेकर लग रहे आरोपों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत चुनाव आयोग के कामकाज और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक है। उन्होंने कहा, ”चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवाल लोकतंत्र के लिए घातक हैं। चुनाव प्रक्रिया को लेकर शंकाओं का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए और चुनाव आयोग को ऐसे भ्रम दूर करने के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि ऐसे मुद्दे लोकतंत्र पर हमला हैं। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के कत्ल से कम नहीं है।”

पारदर्शिता, न्याय और जनकल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों से, सूबे के सद्भावना को भंग करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट और सचेत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है और भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई और खुशहाली के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।

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Punjab पुलिस के ‘युवा सांझ कार्यक्रम’ ने 2,358 भटके हुए युवाओं की Online पहचान कर उन्हें गैंगस्टरों के प्रभाव में आने से बचाया

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कम्युनिटी पुलिसिंग को अगले स्तर पर ले जाते हुए पंजाब पुलिस ने अपने ‘युवा सांझ कार्यक्रम’ के तहत भटके हुए युवाओं तक पहुंच को और तेज किया है। यह पहल ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के साथ-साथ एक अहम भूमिका निभा रही है। जनवरी से अब तक, कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सी.ए.डी.) की स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गुरप्रीत कौर देओ के नेतृत्व में कई बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनका उद्देश्य अधिकारियों और सामुदायिक भागीदारों को कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में जागरूक करना है।

‘गैंगस्टरों ते वार’ के निवारक पहलू के रूप में स्थापित यह कार्यक्रम युवाओं को आतंकवाद, गन कल्चर, नशाखोरी और अन्य नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने के लिए सकारात्मक विकल्प प्रदान करता है। पिछले चार महीनों में पांच संवाद सत्र आयोजित किए गए हैं और अगले आठ महीनों में 11 और सत्र आयोजित करने की योजना है, ताकि इसकी पहुंच का दायरा और बढ़ाया जा सके।

इस पहल के तहत पंजाब पुलिस सामुदायिक स्तर पर उन युवाओं की पहचान करती है, जो ऑनलाइन आतंकवाद, हिंसा या गैंगस्टर संस्कृति से प्रभावित हो सकते हैं। अब तक 2,358 युवाओं की पहचान सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से की गई है, जिनमें से 1,519 की प्रोफाइल राज्य स्तरीय ‘युवा सांझ सॉफ्टवेयर’ पर तैयार की गई हैं।

पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने कहा, “पंजाब पुलिस एक संतुलित दो-आयामी रणनीति पर काम कर रही है—‘गैंगस्टरों ते वार’ के माध्यम से सख्त कार्रवाई और ‘युवा सांझ’ के माध्यम से लगातार संपर्क व निगरानी। मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग, संरचित काउंसलिंग और परिवार की भागीदारी इस पहल का आधार हैं। जिन मामलों में गहन हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, उन्हें उप-मंडल स्तर के सामुदायिक केंद्रों को भेजा जाता है ताकि निरंतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—अपराधी नेटवर्क को तोड़ना और युवाओं को उनसे दूर रखना।”

अब तक 1,490 युवाओं को जागरूक किया गया है, जबकि 1,109 ने काउंसलिंग सत्रों में भाग लिया है। कुल मिलाकर 1,836 युवाओं की जिला खुफिया इकाइयों द्वारा काउंसलिंग की गई है, जबकि जिला टीमों द्वारा 522 अन्य ऐसे युवाओं की पहचान की गई है।

जमीनी स्तर पर, जिला ‘युवा सांझ’ समितियों का नेतृत्व कमिश्नर ऑफ पुलिस/सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस द्वारा नामित सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस/डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के अधिकारी करते हैं। इन समितियों के माध्यम से सिविल सोसायटी के सदस्य, सेवानिवृत्त अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, एनजीओ और सामुदायिक प्रतिनिधि मिलकर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।

स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गुरप्रीत कौर देओ ने कहा, “जहां ‘गैंगस्टरों ते वार’ का उद्देश्य संगठित अपराध को समाप्त करना है, वहीं ‘युवा सांझ’ का उद्देश्य भटके हुए युवाओं की प्रारंभिक पहचान कर उन्हें सही मार्ग पर लाना है। हम आवश्यकता के अनुसार सख्ती या नरमी से पेश आते हैं, ताकि समय रहते हस्तक्षेप कर किसी युवा के जीवन की दिशा बदली जा सके।”

पुनर्वास की व्यवस्था सीपी/एसएसपी के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन और अन्य साझेदार संस्थाओं के सहयोग से की जाती है। इसमें कौशल विकास, रोजगार से जोड़ना और आवश्यकता अनुसार वित्तीय सहायता शामिल है, ताकि युवाओं को नकारात्मक प्रभावों से दूर रखकर स्थिर और खुशहाल जीवन की ओर प्रेरित किया जा सके।

फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा,“इस पहल ने न केवल जमीनी स्तर पर अपराध दर को कम करने में मदद की है, बल्कि राज्य के युवाओं को असामाजिक तत्वों के साथ जुड़ने से भी रोका है। यह देश में किसी भी राज्य पुलिस द्वारा शुरू की गई अपनी तरह की एक अनोखी पहल हो सकती है। पंजाब पुलिस ने युवाओं को अपने भ्रम दूर करने और वास्तविकता से रूबरू होने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान किया है।”

उन्होंने आगे कहा,“हमारे जिले में ही हमने कानून का पालन करने वाले युवाओं का एक मजबूत समूह तैयार किया है, जो राज्य की ताकत को और मजबूत करता है।

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