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Ludhiana का बड़ा खुलासा: Instagram Influencer Kartik Baggan की हत्या में तीन गिरफ्तार, पांच Accused अब भी फरार
24 अगस्त 2024 की रात को लुधियाना के सुंदर नगर इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब जाने-माने इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर कार्तिक बग्गन को एक्टिवा पर अपने दोस्त के साथ लौटते समय घेरकर गोलियों से भून दिया गया। इस वारदात ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया।
पुलिस की 22 दिन की कड़ी मेहनत के बाद अब इस हत्याकांड का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
क्या हुआ था उस रात
कार्तिक बग्गन अपने दोस्त के साथ एक्टिवा पर कहीं जा रहा था। तभी अचानक आठ लोगों का गैंग मोटरसाइकिल और स्कूटी पर आ पहुंचा और कार्तिक को घेर लिया।
साहिल नाम के शख्स ने पहले से ही कार्तिक की लोकेशन की जानकारी आरोपियों को दे दी थी।
जैसे ही कार्तिक वहां पहुंचा, उस पर कई राउंड फायरिंग की गई।
कार्तिक को इतनी गोलियां लगीं कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या की वजह – कार पार्किंग विवाद और दोस्ती में दरार
इस वारदात की शुरुआत 20 अगस्त 2024 को हुई थी।
कार्तिक और अमनदीप सिंह उर्फ सैम के बीच कार पार्किंग को लेकर झगड़ा हो गया।
पहले दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी, लेकिन इस विवाद के बाद रिश्ते बिगड़ गए।
सैम ने इस झगड़े के बाद कार्तिक से बदला लेने का फैसला किया।
- साहिल – कार्तिक का दोस्त था, लेकिन उसके साथ भी मनमुटाव हो गया।
- गौतम – कार्तिक और साहिल दोनों का पुराना दोस्त, लेकिन वो भी अब उनके खिलाफ हो गया।
- विक्की निहंग – फिरोजगांधी मार्केट में रिकवरी का काम करता था और सैम के संपर्क में था।
- तरनप्रीत सिंह – सैम के पिता के पार्किंग ठेके में काम करता था।
24 अगस्त की रात सैम ने सभी को इकट्ठा किया।
पहली प्लानिंग किसी और ग्रुप के व्यक्ति को मारने की थी, लेकिन मौके पर फोन पर समझौता हो गया।
इसके बाद सैम ने कहा –
“अब सब इकट्ठा हैं, तो कार्तिक को ही खत्म कर देते हैं।”
योजना बदलते ही ये गैंग सुंदर नगर की ओर बढ़ गया।
साहिल लगातार उन्हें फोन पर कार्तिक की लोकेशन अपडेट देता रहा।
जैसे ही कार्तिक वहां पहुंचा, उस पर गोलियां बरसा दी गईं।
सोशल मीडिया का कनेक्शन
- कार्तिक इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव था और उसे इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर के रूप में जाना जाता था।
- आरोपी भी सोशल मीडिया पर एक्टिव थे।
- कार्तिक और विक्की निहंग के बीच इंस्टाग्राम पर गाली-गलौज हुई थी।
- हत्या के अगले दिन इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली गई, जिसमें गोपी घनशामपुरिया गैंग का नाम लिखा गया।
- जांच में यह फर्जी साबित हुआ, लेकिन यह पता चला कि विक्की निहंग का इस गैंग के कुछ लोगों से संपर्क जरूर था।
पुलिस की कार्रवाई और बड़ी गिरफ्तारी
कार्तिक की हत्या के बाद आरोपी हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, गोवा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भागते रहे।
पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए इनका पीछा किया।
सीआईए 1 इंचार्ज अवतार सिंह और उनकी टीम ने लगातार 40 घंटे तक गाड़ियों में ड्राइव की और आखिरकार महाराष्ट्र के हजूर साहिब गुरुद्वारा नांदेड़ में पहुंचकर दो आरोपियों को पकड़ा।
उस समय आरोपी वहां सेवा कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी:
- अमनदीप सिंह उर्फ सैम (मुख्य आरोपी)
- गुरविंदर सिंह उर्फ गौतम
- साहिल (पहले ही गिरफ्तार किया गया था)
बरामद हथियार:
- एक .32 बोर पिस्तौल
- एक .315 बोर का देसी कट्टा
- चार कारतूस
- 12 बोर का देसी हथियार (विक्की निहंग द्वारा सप्लाई किया गया)
बरामद सभी हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
मृतक के शरीर से निकली गोलियों का मिलान बरामद हथियारों से किया जाएगा।
फरार आरोपी और उनकी भूमिका
- गुरप्रीत सिंह उर्फ विक्की निहंग – हथियार सप्लाई करने वाला और सैम का खास आदमी
- तरनप्रीत सिंह – पार्किंग ठेके पर काम करता था, वारदात में शामिल
- अन्य तीन अज्ञात आरोपी – जिनकी तलाश जारी है
कुल आठ लोग इस हत्याकांड में शामिल थे, जिनमें से पांच अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस अधिकारियों की टीम
- कमिश्नर ऑफ पुलिस (CP): स्वप्न शर्मा
- डीसीपी: हरपाल सिंह
- एडीसीपी: समीर वर्मा
- सीआईए इंचार्ज: अवतार सिंह
- स्पेशल सेल इंचार्ज: नवदीप सिंह
वारदात से लेकर गिरफ्तारी तक की टाइमलाइन
- 20 अगस्त 2024: कार्तिक और सैम के बीच कार पार्किंग को लेकर झगड़ा।
- 24 अगस्त 2024: सुंदर नगर में कार्तिक की गोली मारकर हत्या।
- 25 अगस्त 2024: आरोपी फरार, पुलिस जांच शुरू।
- 26 अगस्त – 14 सितंबर: पुलिस ने पांच राज्यों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
- 15 सितंबर 2024: महाराष्ट्र के हजूर साहिब से सैम और गौतम गिरफ्तार।
- 16 सितंबर 2024: दोनों को अदालत में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड मिला।
- अब तक: तीन आरोपी गिरफ्तार, पांच फरार।
अभी तक की जांच में सामने आई बड़ी बातें
- कार्तिक की हत्या कार पार्किंग विवाद और पुरानी रंजिश के चलते हुई।
- कार्तिक का साहिल, सैम और गौतम के साथ पहले दोस्ताना रिश्ता था।
- हत्या में शामिल सभी आरोपी और कार्तिक एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे।
- विक्की निहंग ने उत्तर प्रदेश से हथियार मंगवाए थे।
- हत्या की पहली प्लानिंग किसी और को मारने की थी, लेकिन समझौते के बाद कार्तिक को टारगेट किया गया।
- सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम के जरिए गाली-गलौज और झगड़े भी हुए थे।
पुलिस का अगला कदम
पुलिस का कहना है कि बाकी पांच आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हथियारों की फोरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल डाटा की जांच के बाद केस को मजबूत किया जाएगा।
सीपी स्वप्न शर्मा ने कहा:
“इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
फरार लोगों को पकड़ने के लिए हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं।”
कार्तिक बग्गन की हत्या कोई गैंगवार नहीं थी, बल्कि दोस्तों के बीच मनमुटाव और पार्किंग विवाद ने इसे खतरनाक अंजाम तक पहुंचाया।
इस केस ने दिखा दिया कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ झगड़ा असल जिंदगी में खून-खराबे तक जा सकता है।
पुलिस की तेज कार्रवाई से तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन जब तक बाकी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक इस केस की जांच पूरी नहीं मानी जाएगी।
NOTE: NEWS SOURCE AVP News Punjab
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आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी की पढ़ाई जारी रहेगी, संस्कृत लागू करने का फैसला वापस
आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी भाषा की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES), जालंधर ने अपने उस पहले के फैसले को वापस ले लिया है, जिसमें स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही गई थी। अब छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी पहले की तरह अपनी मातृभाषा पंजाबी की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
इस फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब चेतना मंच के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर सिंह जौहल, महासचिव सतनाम सिंह मानक और संगठन सचिव प्रिंसिपल गुरमीत सिंह पलाही ने कहा कि नए नियमों के तहत छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पंजाबी या संस्कृत में से किसी एक भाषा का चयन करने की स्वतंत्रता होगी। इसके साथ ही वे अंग्रेजी और हिंदी से जुड़े निर्धारित विषयों का भी चयन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नौवीं कक्षा में अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत के विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जबकि दसवीं कक्षा की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
डॉ. जौहल ने पंजाबी भाषा को बचाने के लिए चलाए गए अभियान का समर्थन करने वाले सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष तरलोचन सिंह और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे गए उनके पत्र ने इस मामले के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा पंजाबी भाषा से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी लगातार इस मुद्दे को उठाया। कानूनी और सामाजिक स्तर पर किए गए प्रयासों के साथ-साथ केंद्रीय पंजाबी लेखक संघ के नेतृत्व में चंडीगढ़ में प्रदर्शन भी किए गए। पंजाब चेतना मंच ने पंजाब के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखकर स्कूलों में पंजाबी भाषा को बनाए रखने की मांग की थी। अब इस फैसले को पंजाबी भाषा के संरक्षण और उसके अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के प्रकाश पर्व पर श्री हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर गुरिंदर सिंह देवीदासपुरा ने समस्त संगत को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने बहुत कम आयु में ही मानवता की सेवा, दया, विनम्रता और परोपकार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी पूरी मानवता को सेवा, प्रेम और करुणा का संदेश देती हैं। उन्होंने संगत से गुरु साहिब के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने और जरूरतमंदों की सेवा के लिए सदैव आगे आने की अपील की।
प्रकाश पर्व के विशेष अवसर पर रात्रि के समय सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में विशेष रोशनी और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। रोशनी से जगमगाता श्री हरिमंदिर साहिब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और इस पावन पर्व की रौनक को और भी भव्य बना देगा।
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नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब ने केरल को पछाड़ा; शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में चार सालों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया
प्रदेश में शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव का दावा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज कहा कि पंजाब ने केरल को पछाड़कर ‘नीति आयोग स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स 2026’ में शीर्ष स्थान हासिल किया है। जहां वर्ष 2022 में 8,000 स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी और लगभग 4 लाख विद्यार्थी ताटों (चटाइयों) पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे, वहीं आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है और पंजाब पहली से 12वीं कक्षा तक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को मुख्य विषय के रूप में शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। यह वह बदलाव है जिसका वादा आप की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने किया था।
विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा द्वारा लाए गए शिक्षा संबंधी प्रस्ताव पर बहस में भाग लेते हुए, स्कूल शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने जुलाई 2022 में पदभार संभालने के समय स्कूलों की खराब स्थिति को याद करवाया।
बुनियादी ढांचे के प्रारंभिक सर्वेक्षण के नतीजों के बारे में बताते हुए स. बैंस ने कहा कि 8,000 से अधिक स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी, 3,200 में उपयोग योग्य बाथरूम नहीं थे और लगभग 4 लाख बच्चे जमीन पर बैठने को मजबूर थे। पाठ्यपुस्तकें अक्टूबर-नवंबर में स्कूलों तक पहुंचती थीं, जिससे शैक्षणिक सत्र के कई महीने बर्बाद हो जाते थे।
किसी भी सरकारी शिक्षक से इसकी पुष्टि करने की चुनौती देते हुए उन्होंने आगे कहा, “अब वही पाठ्यपुस्तकें 15 फरवरी तक जिला मुख्यालयों तक पहुंच जाती हैं और 31 मार्च तक वितरित कर दी जाती हैं।”
अपने शासन मॉडल के बारे में बताते हुए स. बैंस ने कहा कि उन्होंने पंजाब के हर जिले के 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का निजी तौर पर दौरा किया है, जिनमें सीमावर्ती स्कूल, जीरो-लाइन से सटे गांव और दूर-दराज के क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने सदन को बताया कि सरकार का प्रमुख ‘मिशन समरथ’ भारत के सबसे बड़े बुनियादी शिक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभरा है। इसके लेवल बेस्ड टीचिंग मॉडल के तहत, हर बच्चे को अच्छी तरह पढ़ना, लिखना और गणित सिखाना सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों को ग्रेड के बजाय उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार समूहों में बांटा जाता है।
स. हरजोत बैंस ने कहा, “जब मैंने सितंबर-अक्टूबर 2022 में स्कूलों का दौरा किया, तो मैंने 8वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी भी देखे जो सामान्य वाक्य भी नहीं लिख सकते थे। कुछ विद्यार्थी सामान्य जोड़ और घटाव नहीं कर सकते थे। हमने इन विद्यार्थियों की पहचान की और इन्हें तीसरी कक्षा के सिलेबस के स्तर से पढ़ाया। आज वे बहुत सुधार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब सालाना लगभग 12 लाख विद्यार्थियों और 70,000 से अधिक शिक्षकों को कवर किया जाता है।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन में हुए सुधार के बारे में स. हरजोत बैंस ने सदन को बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों से नीट-यू.जी. परीक्षा पास करने वालों की संख्या वर्ष 2021 में मात्र 80 से बढ़कर वर्ष 2026 में 882 हो गई है। उन्होंने कहा कि ये नतीजे ‘पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस’ (पेस) पहल का स्पष्ट परिणाम हैं।
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति ने विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है।” स. बैंस ने आगे कहा कि मजीठा में सरकारी स्कूलों के छह विद्यार्थियों और दीनानगर में 17 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है। ये कोई प्राइवेट कोचिंग के आंकड़े नहीं, बल्कि हमारे सरकारी स्कूलों की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
उन्होंने एक साधारण परिवार से संबंधित लड़की हरनूरप्रीत कौर का विशेष जिक्र किया, जिसने अपनी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक 3140 हासिल की, जो आज के सरकारी स्कूलों की काबिलियत को दर्शाता है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने पलटवार किया, “अगर आप चाहते हैं तो मुझे व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाएं। सरकारी स्कूलों को क्यों निशाना बना रहे हो? कुछ नकारात्मक सोच वाले लोगों द्वारा गढ़े गए झूठे प्रचार ने लोगों को पहले ही सरकारी स्कूलों से दूर कर दिया है।”
सरकारी स्कूलों में घटती दाखिला दर से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए स. बैंस ने कहा कि यह रुझान सिर्फ पंजाब तक ही सीमित नहीं था, बल्कि कोविड के बाद देश भर में देखा गया है।
उन्होंने आगे कहा, “ऑल इंडिया आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले की संख्या 1.76 करोड़ तक घटी है। कोविड के दौरान, सरकारी स्कूलों में दाखिला वास्तव में बढ़ा था। परंतु उसके बाद, हर जगह यह संख्या घटी है।”
उदाहरण देते हुए स. बैंस ने कहा कि बिहार में 2.49 करोड़ विद्यार्थी थे, जो पहले घटकर 2.13 करोड़ रह गए और इस साल यह और घटकर 1.95 करोड़ रहने का अनुमान है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में, यह संख्या पहले 4.44 करोड़ से घटकर 4.16 करोड़ हो गई है, जो इस साल 4.1 करोड़ रहने का अनुमान है। इसके अलावा महाराष्ट्र में यह संख्या 2.32 करोड़ से घटकर 2.13 करोड़ रह गई।
स. बैंस ने कहा, “उन्होंने भारत सरकार की 2023 में शुरू की गई अपार आई.डी. पहल का भी हवाला दिया। ‘अब हर विद्यार्थी के पास एक अनोखी आई.डी. है। पहले एक बच्चा छह स्कूलों में दाखिल होता था परंतु किसी में भी नहीं पढ़ रहा था। इसी कारण अब ये आंकड़े सही हो रहे हैं।’”
शिक्षा मंत्री ने विस्तार से बताया कि 19,125 सरकारी स्कूलों में 2,638 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के काम किए गए हैं। इस साल विश्व बैंक से और सुधारों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी ली गई है।
स. हरजोत बैंस ने कई ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की सूची दी, जिनका पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। उन्होंने लुधियाना के शहीद सुखदेव थापर के नाम पर बने स्कूल ऑफ एमिनेंस का हवाला दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि कभी इसे पूरी तरह उपेक्षित कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “आज इस स्कूल को विश्व स्तरीय बनाने के लिए 18 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस साल स्कूल के 17 विद्यार्थी नीट परीक्षा भी पास कर चुके हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को आखिरी विकल्प से पहली पसंद में बदल रही है। हम यहीं नहीं रुक रहे। हम हर साल और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।
स. बैंस ने कहा, “शिक्षकों को अब सरकारी स्कूल चलाने के लिए फंड मांगने की जरूरत नहीं। हमने स्कूलों के लिए आवश्यक फंड मुहैया करवाए हैं, पिछली सरकारों की तरह नहीं जब शिक्षकों को फंड मांगने जाना पड़ता था। अपमान का दौर अब खत्म हो गया है।”
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