Punjab
Ludhiana का बड़ा खुलासा: Instagram Influencer Kartik Baggan की हत्या में तीन गिरफ्तार, पांच Accused अब भी फरार
24 अगस्त 2024 की रात को लुधियाना के सुंदर नगर इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब जाने-माने इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर कार्तिक बग्गन को एक्टिवा पर अपने दोस्त के साथ लौटते समय घेरकर गोलियों से भून दिया गया। इस वारदात ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया।
पुलिस की 22 दिन की कड़ी मेहनत के बाद अब इस हत्याकांड का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
क्या हुआ था उस रात
कार्तिक बग्गन अपने दोस्त के साथ एक्टिवा पर कहीं जा रहा था। तभी अचानक आठ लोगों का गैंग मोटरसाइकिल और स्कूटी पर आ पहुंचा और कार्तिक को घेर लिया।
साहिल नाम के शख्स ने पहले से ही कार्तिक की लोकेशन की जानकारी आरोपियों को दे दी थी।
जैसे ही कार्तिक वहां पहुंचा, उस पर कई राउंड फायरिंग की गई।
कार्तिक को इतनी गोलियां लगीं कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या की वजह – कार पार्किंग विवाद और दोस्ती में दरार
इस वारदात की शुरुआत 20 अगस्त 2024 को हुई थी।
कार्तिक और अमनदीप सिंह उर्फ सैम के बीच कार पार्किंग को लेकर झगड़ा हो गया।
पहले दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी, लेकिन इस विवाद के बाद रिश्ते बिगड़ गए।
सैम ने इस झगड़े के बाद कार्तिक से बदला लेने का फैसला किया।
- साहिल – कार्तिक का दोस्त था, लेकिन उसके साथ भी मनमुटाव हो गया।
- गौतम – कार्तिक और साहिल दोनों का पुराना दोस्त, लेकिन वो भी अब उनके खिलाफ हो गया।
- विक्की निहंग – फिरोजगांधी मार्केट में रिकवरी का काम करता था और सैम के संपर्क में था।
- तरनप्रीत सिंह – सैम के पिता के पार्किंग ठेके में काम करता था।
24 अगस्त की रात सैम ने सभी को इकट्ठा किया।
पहली प्लानिंग किसी और ग्रुप के व्यक्ति को मारने की थी, लेकिन मौके पर फोन पर समझौता हो गया।
इसके बाद सैम ने कहा –
“अब सब इकट्ठा हैं, तो कार्तिक को ही खत्म कर देते हैं।”
योजना बदलते ही ये गैंग सुंदर नगर की ओर बढ़ गया।
साहिल लगातार उन्हें फोन पर कार्तिक की लोकेशन अपडेट देता रहा।
जैसे ही कार्तिक वहां पहुंचा, उस पर गोलियां बरसा दी गईं।
सोशल मीडिया का कनेक्शन
- कार्तिक इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव था और उसे इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर के रूप में जाना जाता था।
- आरोपी भी सोशल मीडिया पर एक्टिव थे।
- कार्तिक और विक्की निहंग के बीच इंस्टाग्राम पर गाली-गलौज हुई थी।
- हत्या के अगले दिन इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली गई, जिसमें गोपी घनशामपुरिया गैंग का नाम लिखा गया।
- जांच में यह फर्जी साबित हुआ, लेकिन यह पता चला कि विक्की निहंग का इस गैंग के कुछ लोगों से संपर्क जरूर था।
पुलिस की कार्रवाई और बड़ी गिरफ्तारी
कार्तिक की हत्या के बाद आरोपी हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, गोवा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भागते रहे।
पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए इनका पीछा किया।
सीआईए 1 इंचार्ज अवतार सिंह और उनकी टीम ने लगातार 40 घंटे तक गाड़ियों में ड्राइव की और आखिरकार महाराष्ट्र के हजूर साहिब गुरुद्वारा नांदेड़ में पहुंचकर दो आरोपियों को पकड़ा।
उस समय आरोपी वहां सेवा कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी:
- अमनदीप सिंह उर्फ सैम (मुख्य आरोपी)
- गुरविंदर सिंह उर्फ गौतम
- साहिल (पहले ही गिरफ्तार किया गया था)
बरामद हथियार:
- एक .32 बोर पिस्तौल
- एक .315 बोर का देसी कट्टा
- चार कारतूस
- 12 बोर का देसी हथियार (विक्की निहंग द्वारा सप्लाई किया गया)
बरामद सभी हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
मृतक के शरीर से निकली गोलियों का मिलान बरामद हथियारों से किया जाएगा।
फरार आरोपी और उनकी भूमिका
- गुरप्रीत सिंह उर्फ विक्की निहंग – हथियार सप्लाई करने वाला और सैम का खास आदमी
- तरनप्रीत सिंह – पार्किंग ठेके पर काम करता था, वारदात में शामिल
- अन्य तीन अज्ञात आरोपी – जिनकी तलाश जारी है
कुल आठ लोग इस हत्याकांड में शामिल थे, जिनमें से पांच अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस अधिकारियों की टीम
- कमिश्नर ऑफ पुलिस (CP): स्वप्न शर्मा
- डीसीपी: हरपाल सिंह
- एडीसीपी: समीर वर्मा
- सीआईए इंचार्ज: अवतार सिंह
- स्पेशल सेल इंचार्ज: नवदीप सिंह
वारदात से लेकर गिरफ्तारी तक की टाइमलाइन
- 20 अगस्त 2024: कार्तिक और सैम के बीच कार पार्किंग को लेकर झगड़ा।
- 24 अगस्त 2024: सुंदर नगर में कार्तिक की गोली मारकर हत्या।
- 25 अगस्त 2024: आरोपी फरार, पुलिस जांच शुरू।
- 26 अगस्त – 14 सितंबर: पुलिस ने पांच राज्यों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
- 15 सितंबर 2024: महाराष्ट्र के हजूर साहिब से सैम और गौतम गिरफ्तार।
- 16 सितंबर 2024: दोनों को अदालत में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड मिला।
- अब तक: तीन आरोपी गिरफ्तार, पांच फरार।
अभी तक की जांच में सामने आई बड़ी बातें
- कार्तिक की हत्या कार पार्किंग विवाद और पुरानी रंजिश के चलते हुई।
- कार्तिक का साहिल, सैम और गौतम के साथ पहले दोस्ताना रिश्ता था।
- हत्या में शामिल सभी आरोपी और कार्तिक एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे।
- विक्की निहंग ने उत्तर प्रदेश से हथियार मंगवाए थे।
- हत्या की पहली प्लानिंग किसी और को मारने की थी, लेकिन समझौते के बाद कार्तिक को टारगेट किया गया।
- सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम के जरिए गाली-गलौज और झगड़े भी हुए थे।
पुलिस का अगला कदम
पुलिस का कहना है कि बाकी पांच आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हथियारों की फोरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल डाटा की जांच के बाद केस को मजबूत किया जाएगा।
सीपी स्वप्न शर्मा ने कहा:
“इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
फरार लोगों को पकड़ने के लिए हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं।”
कार्तिक बग्गन की हत्या कोई गैंगवार नहीं थी, बल्कि दोस्तों के बीच मनमुटाव और पार्किंग विवाद ने इसे खतरनाक अंजाम तक पहुंचाया।
इस केस ने दिखा दिया कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ झगड़ा असल जिंदगी में खून-खराबे तक जा सकता है।
पुलिस की तेज कार्रवाई से तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन जब तक बाकी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक इस केस की जांच पूरी नहीं मानी जाएगी।
NOTE: NEWS SOURCE AVP News Punjab
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केंद्र सरकार मंडियों में जगह की कमी दूर करने के लिए जरूरी सहयोग नहीं दे रही: लाल चंद कटारूचक्क
पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने अनाज भंडारण को लेकर मंडियों में पैदा हो रही जगह की कमी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मंडियों में भंडारण संकट को हल करने के लिए केंद्र सरकार जरूरी सहयोग नहीं दे रही, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लंबे समय से यह मामला लगातार केंद्र के सामने उठा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि अप्रैल और मई 2026 के दौरान अनाज उठान के लिए केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) से 860 विशेष रेलगाड़ियां उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी, लेकिन जरूरत के मुताबिक ट्रेनें उपलब्ध नहीं करवाई गईं। इसके चलते एक ही सप्ताह में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की भारी आवक होने से मंडियों में फसल के ढेर लग गए हैं।
कटारूचक्क ने कहा कि अप्रैल महीने के दौरान केवल 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही रेल, सड़क और कंटेनरों के जरिए सीधे मंडियों से उठाया गया। वहीं मई 2026 की शुरुआत से अब तक रोजाना सिर्फ 3 से 5 विशेष रेलगाड़ियां ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने खरीद सीजन को सुचारू रूप से जारी रखा है और 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने के करीब पहुंच चुका है।
मंत्री के अनुसार अब तक पंजाब की मंडियों में 121.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, जिसमें से 120.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए गेहूं में से विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने 119.56 लाख मीट्रिक टन और व्यापारियों ने 1,33,203.15 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।
लाल चंद कटारूचक्क ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों द्वारा मेहनत से उगाए गए अनाज का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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अमृतसर और जालंधर में हुए बम धमाके, पंजाब में भाजपा के चुनावी तैयारियों का हिस्सा : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा को कड़े शब्दों में आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि चुनावों के मद्देनजर भाजपा द्वारा पंजाब में डर और हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर और जालंधर में हाल ही में हुए बम धमाके, बेअदबी विरोधी कानून पास होने के बाद सूबे में अस्थिरता फैलाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। पश्चिम बंगाल से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए चुनाव वाले राज्यों में सांप्रदायिक तनाव, आतंक और अशांति पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि शांतिप्रिय पंजाबी कभी भी भगवा पार्टी को सियासी फायदे के लिए पंजाब की मुश्किल से हासिल की गई शांति को बर्बाद करने की इजाजत नहीं देंगे।
शुक्राना यात्रा के मौके पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ”भाजपा चुनावों से पहले बंगाल की तर्ज पर पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब के लोग राजनीतिक तौर पर जागरूक हैं और ऐसी साजिशों के खिलाफ एकजुट हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, ”हिंसा, फूट डालना और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण भगवा पार्टी की राजनीति का अभिन्न अंग है। भाजपा आगामी चुनाव जीतने के लिए बंगाल की तर्ज पर पंजाब में हिंसा और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।” उन्होंने कहा कि भाजपा के नापाक मंसूबे पंजाब में कभी सफल नहीं होंगे क्योंकि पंजाब की जर्खेज़ (उपजाऊ) धरती पर कुछ भी उग सकता है, लेकिन यहां नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते।
‘आप’ सरकार की शांति, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर पंजाबी दिन की शुरुआत सर्वभले की अरदास (प्रार्थना) से करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से भाईचारे, प्रेम और उदारता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है और इस माहौल को नुकसान पहुंचाने वाली हर कोशिश का सरकार और लोगों द्वारा डटकर विरोध किया जाएगा।
सूबे में हाल ही में हुए बम धमाकों की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं भाजपा की संकीर्ण राजनीतिक सोच को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य आतंक और दहशत का माहौल बनाकर समाज का ध्रुवीकरण करना और वोट हासिल करना है। उन्होंने कहा, ”भाजपा द्वारा चुनाव वाले हर राज्य में चुनावी लाभ लेने के लिए यह फूट डालने वाली राजनीति की जा रही है। ये लोग पहले ही बेअदबी विरोधी कानून पास होने के कारण परेशान हैं और भाजपा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और लोगों को आपस में लड़ाने के लिए बेअदबी की घटनाओं का फायदा उठाना चाहती है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास होने से ऐसी साजिशों को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ”अब जब जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पास हो गया है, तो वे अपने नापाक मंसूबों को पूरा नहीं कर सकेंगे। इससे बौखला कर भाजपा अब पंजाब की मुश्किल से कमाई गई शांति भंग करने की चालें चल रही है, लेकिन ऐसी चालों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये घटनाएं स्पष्ट तौर पर आगामी चुनावों से पहले पंजाब को अस्थिर करने की कोशिशों को दर्शाती हैं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ”पंजाब एक शांतिप्रिय राज्य है और पंजाबी राजनीतिक तौर पर सतर्क हैं। वे ऐसी चालों के पीछे छिपे फूट डालने वाले एजेंडे को भली-भांति समझते हैं।”
पंजाब की सुरक्षा और अखंडता को खतरा पैदा करने वाली हरकतों के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि धमाकों के जिम्मेदार लोगों को जल्द बेनकाब करके न्याय की कटहरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा, ”मानवता के खिलाफ इस घिनौने अपराध में शामिल सभी लोगों को जल्द ही मिसाली सजा दिलवाकर सलाखों के पीछे डाला जाएगा। इन लोगों के लिए सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी, क्योंकि पंजाब सरकार राज्य की शांति, सुरक्षा और अखंडता को खतरा पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि के लिए जीरो टॉलरेंस का रुख रखती है।”
हालिया चुनाव परिणामों और दूसरे राज्यों में चुनावों को लेकर लग रहे आरोपों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत चुनाव आयोग के कामकाज और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक है। उन्होंने कहा, ”चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवाल लोकतंत्र के लिए घातक हैं। चुनाव प्रक्रिया को लेकर शंकाओं का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए और चुनाव आयोग को ऐसे भ्रम दूर करने के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि ऐसे मुद्दे लोकतंत्र पर हमला हैं। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के कत्ल से कम नहीं है।”
पारदर्शिता, न्याय और जनकल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों से, सूबे के सद्भावना को भंग करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट और सचेत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है और भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई और खुशहाली के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।
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Punjab पुलिस के ‘युवा सांझ कार्यक्रम’ ने 2,358 भटके हुए युवाओं की Online पहचान कर उन्हें गैंगस्टरों के प्रभाव में आने से बचाया
कम्युनिटी पुलिसिंग को अगले स्तर पर ले जाते हुए पंजाब पुलिस ने अपने ‘युवा सांझ कार्यक्रम’ के तहत भटके हुए युवाओं तक पहुंच को और तेज किया है। यह पहल ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के साथ-साथ एक अहम भूमिका निभा रही है। जनवरी से अब तक, कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सी.ए.डी.) की स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गुरप्रीत कौर देओ के नेतृत्व में कई बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनका उद्देश्य अधिकारियों और सामुदायिक भागीदारों को कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में जागरूक करना है।
‘गैंगस्टरों ते वार’ के निवारक पहलू के रूप में स्थापित यह कार्यक्रम युवाओं को आतंकवाद, गन कल्चर, नशाखोरी और अन्य नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने के लिए सकारात्मक विकल्प प्रदान करता है। पिछले चार महीनों में पांच संवाद सत्र आयोजित किए गए हैं और अगले आठ महीनों में 11 और सत्र आयोजित करने की योजना है, ताकि इसकी पहुंच का दायरा और बढ़ाया जा सके।
इस पहल के तहत पंजाब पुलिस सामुदायिक स्तर पर उन युवाओं की पहचान करती है, जो ऑनलाइन आतंकवाद, हिंसा या गैंगस्टर संस्कृति से प्रभावित हो सकते हैं। अब तक 2,358 युवाओं की पहचान सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से की गई है, जिनमें से 1,519 की प्रोफाइल राज्य स्तरीय ‘युवा सांझ सॉफ्टवेयर’ पर तैयार की गई हैं।
पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने कहा, “पंजाब पुलिस एक संतुलित दो-आयामी रणनीति पर काम कर रही है—‘गैंगस्टरों ते वार’ के माध्यम से सख्त कार्रवाई और ‘युवा सांझ’ के माध्यम से लगातार संपर्क व निगरानी। मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग, संरचित काउंसलिंग और परिवार की भागीदारी इस पहल का आधार हैं। जिन मामलों में गहन हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, उन्हें उप-मंडल स्तर के सामुदायिक केंद्रों को भेजा जाता है ताकि निरंतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—अपराधी नेटवर्क को तोड़ना और युवाओं को उनसे दूर रखना।”
अब तक 1,490 युवाओं को जागरूक किया गया है, जबकि 1,109 ने काउंसलिंग सत्रों में भाग लिया है। कुल मिलाकर 1,836 युवाओं की जिला खुफिया इकाइयों द्वारा काउंसलिंग की गई है, जबकि जिला टीमों द्वारा 522 अन्य ऐसे युवाओं की पहचान की गई है।
जमीनी स्तर पर, जिला ‘युवा सांझ’ समितियों का नेतृत्व कमिश्नर ऑफ पुलिस/सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस द्वारा नामित सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस/डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के अधिकारी करते हैं। इन समितियों के माध्यम से सिविल सोसायटी के सदस्य, सेवानिवृत्त अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, एनजीओ और सामुदायिक प्रतिनिधि मिलकर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गुरप्रीत कौर देओ ने कहा, “जहां ‘गैंगस्टरों ते वार’ का उद्देश्य संगठित अपराध को समाप्त करना है, वहीं ‘युवा सांझ’ का उद्देश्य भटके हुए युवाओं की प्रारंभिक पहचान कर उन्हें सही मार्ग पर लाना है। हम आवश्यकता के अनुसार सख्ती या नरमी से पेश आते हैं, ताकि समय रहते हस्तक्षेप कर किसी युवा के जीवन की दिशा बदली जा सके।”
पुनर्वास की व्यवस्था सीपी/एसएसपी के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन और अन्य साझेदार संस्थाओं के सहयोग से की जाती है। इसमें कौशल विकास, रोजगार से जोड़ना और आवश्यकता अनुसार वित्तीय सहायता शामिल है, ताकि युवाओं को नकारात्मक प्रभावों से दूर रखकर स्थिर और खुशहाल जीवन की ओर प्रेरित किया जा सके।
फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा,“इस पहल ने न केवल जमीनी स्तर पर अपराध दर को कम करने में मदद की है, बल्कि राज्य के युवाओं को असामाजिक तत्वों के साथ जुड़ने से भी रोका है। यह देश में किसी भी राज्य पुलिस द्वारा शुरू की गई अपनी तरह की एक अनोखी पहल हो सकती है। पंजाब पुलिस ने युवाओं को अपने भ्रम दूर करने और वास्तविकता से रूबरू होने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान किया है।”
उन्होंने आगे कहा,“हमारे जिले में ही हमने कानून का पालन करने वाले युवाओं का एक मजबूत समूह तैयार किया है, जो राज्य की ताकत को और मजबूत करता है।
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