Connect with us

Sports

India ने Pakistan को 6 wickets से हराया, No Handshake controversy में आया नया twist

Published

on

21 सितंबर 2025 को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए एशिया कप 2025 के सुपर-4 मैच में भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने टूर्नामेंट में पाकिस्तान को दूसरी बार मात दी। मैच जितने के साथ ही नो हैंडशेक (No Handshake) विवाद में भी नया मोड़ आया।

मैच का सार

पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 171 रन बनाए। साहिबज़ादा फ़रहान ने 58 रन की अहम पारी खेली। भारत की तरफ से शिवम दुबे ने 2 विकेट लिए, जबकि कुलदीप यादव और हार्दिक पांड्या ने 1-1 विकेट लिए।

भारत की बल्लेबाजी की शुरूआत शानदार रही। शुभमन गिल ने 47 रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा ने 74 रन की निडर पारी खेली। दोनों की 105 रनों की साझेदारी ने भारत को आसानी से 172 रन के लक्ष्य तक पहुँचाया और मैच भारत के नाम रहा।

नो हैंडशेक विवाद

मैच से पहले टॉस के दौरान भी ये विवाद शुरू हुआ। सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया और सीधे प्रेजेंटर रवि शास्त्री और रेफरी की ओर बढ़ गए।

मैच खत्म होने के बाद भी कुछ खिलाड़ी, जैसे तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या, सीधे ड्रेसिंग रूम चले गए और पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया।

कोच गौतम गंभीर का कदम

इस मामले में इस बार खिलाड़ी या ICC अधिकारी नहीं, बल्कि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर सुर्खियों में रहे। मैच खत्म होने के बाद गंभीर ने खिलाड़ियों को मैदान पर वापस बुलाया और उन्हें केवल अंपायरों से हाथ मिलाने का निर्देश दिया। खिलाड़ी अंपायरों से हाथ मिलाकर लौट गए, जिससे पाकिस्तान टीम हैरान रह गई।

गौतम गंभीर ने इस मौके पर इंस्टाग्राम पर भारतीय खिलाड़ियों की तस्वीर शेयर की और सिर्फ एक शब्द लिखा – “Fearless” (निडर)

भारत ने न सिर्फ शानदार खेल दिखाया बल्कि नो हैंडशेक विवाद में भी अपने अंदाज से नया ट्विस्ट दिया। मैच के नतीजे, खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस और कोच गंभीर के फैसले ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराकर जीता पहला टेस्ट

Published

on

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराकर पहला महिला टेस्ट मैच अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स के 142 साल के टेस्ट इतिहास में यह पहला अवसर था, जब यहां महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज कर इसे यादगार बना दिया।

भारत ने चौथे दिन सुबह इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समेट दी। मेजबान टीम के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। भारत को आखिरी दिन जीत के लिए सिर्फ चार विकेट चाहिए थे, जिन्हें टीम ने पहले ही सत्र में हासिल कर लिया।

इस ऐतिहासिक मुकाबले से पहले भारतीय टीम को एक खास सरप्राइज भी मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय ड्रेसिंग रूम पहुंचे और कप्तान हरमनप्रीत कौर, खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने इसे भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक पल बताया। मैच खत्म होने के बाद भी सचिन ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। इस दौरान आईसीसी चेयरमैन जय शाह भी लॉर्ड्स में मौजूद रहे।

मैच की बात करें तो भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की अहम बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 147/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया। तीसरे दिन के अंत तक इंग्लैंड का स्कोर 130/6 था और चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने बाकी चार विकेट भी जल्दी लेकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

Continue Reading

Punjab

चंडीगढ़ में खेल पुरस्कार समारोह: CM भगवंत मान ने 87 खिलाड़ियों को किया सम्मानित

Published

on

पंजाब सरकार ने आज चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 87 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड से सम्मानित किया। समारोह के दौरान खिलाड़ियों को कुल 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि भी वितरित की गई।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पंजाब और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। भारतीय हॉकी टीम और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पंजाब से जुड़े खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देना और युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करना है। महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड को पंजाब का सर्वोच्च खेल सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार बनने के बाद पंजाब में खिलाड़ियों को नई पहचान और सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें 3,000 गांवों में खेल मैदान और 6,000 गांवों में जिम स्थापित करने जैसी पहल शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री का पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए धन्यवाद करती हूं। हमने एक टीम के रूप में खेलकर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। एशियन ट्रॉफी जीतना मेरे लिए बेहद गर्व की बात रही। पिछले 15-20 वर्षों से मैं खेल से जुड़ी हूं और हमेशा यह सपना था कि पंजाब के खिलाड़ियों को दुनियाभर में सम्मान मिले। जिस तरह राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, उससे नए खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलेगा और वे पंजाब के लिए पदक जीतने के लिए प्रेरित होंगे।”

Continue Reading

Punjab

पंजाब के Gurindervir Singh ने रचा इतिहास, 100 मीटर में बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, जीता गोल्ड मेडल

Published

on

भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में शुक्रवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता के दूसरे दिन पंजाब के स्टार स्प्रिंटर Gurindervir Singh ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में नया इतिहास रच दिया। गुरिंदरवीर ने सिर्फ 10.09 सेकंड में रेस पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह 10.10 सेकंड से कम समय में 100 मीटर दौड़ पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

गुरिंदरवीर का यह प्रदर्शन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया में चर्चा का विषय बन गया है। उनका यह समय इस सीजन का एशिया का दूसरा सबसे तेज समय माना जा रहा है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी और पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक Animesh Kujur को पीछे छोड़ते हुए शानदार जीत दर्ज की।

यह मुकाबला भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद रोमांचक रहा। ओडिशा के Animesh Kujur ने पिछले साल 10.18 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन इस बार गुरिंदरवीर ने पहले अपनी सेमीफाइनल हीट में 10.17 सेकंड का समय निकालकर नया रिकॉर्ड कायम किया।

हालांकि, सिर्फ पांच मिनट बाद ही Animesh Kujur ने दूसरी सेमीफाइनल हीट में 10.15 सेकंड का समय निकालकर रिकॉर्ड फिर अपने नाम कर लिया। इस तरह कुछ ही मिनटों में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड दो बार टूटा।

लेकिन असली मुकाबला फाइनल में देखने को मिला, जहां Gurindervir Singh ने 10.09 सेकंड का धमाकेदार समय निकालकर न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना दिया। वह अनीमेश से 0.11 सेकंड तेज रहे और फिनिश लाइन पर लगभग दो फीट आगे नजर आए।

गुरिंदरवीर सिंह की यह सफलता उनके वर्षों के संघर्ष और मेहनत का नतीजा है। दो साल पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कई बार उनके पास अच्छे जूते खरीदने या फूड सप्लीमेंट लेने तक के पैसे नहीं होते थे। उस समय उनके कोच और गांव के लोगों ने उनकी मदद की। यहां तक कि कई बार प्रतियोगिताओं में जाने का खर्च भी गांव वालों ने मिलकर उठाया।

आज वही Gurindervir Singh देश के सबसे तेज धावक बन चुके हैं और उनकी यह उपलब्धि पंजाब समेत पूरे भारत के लिए गर्व की बात बन गई है।

Continue Reading

Trending