Punjab
Ludhiana का बड़ा खुलासा: Instagram Influencer Kartik Baggan की हत्या में तीन गिरफ्तार, पांच Accused अब भी फरार
24 अगस्त 2024 की रात को लुधियाना के सुंदर नगर इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब जाने-माने इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर कार्तिक बग्गन को एक्टिवा पर अपने दोस्त के साथ लौटते समय घेरकर गोलियों से भून दिया गया। इस वारदात ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया।
पुलिस की 22 दिन की कड़ी मेहनत के बाद अब इस हत्याकांड का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
क्या हुआ था उस रात
कार्तिक बग्गन अपने दोस्त के साथ एक्टिवा पर कहीं जा रहा था। तभी अचानक आठ लोगों का गैंग मोटरसाइकिल और स्कूटी पर आ पहुंचा और कार्तिक को घेर लिया।
साहिल नाम के शख्स ने पहले से ही कार्तिक की लोकेशन की जानकारी आरोपियों को दे दी थी।
जैसे ही कार्तिक वहां पहुंचा, उस पर कई राउंड फायरिंग की गई।
कार्तिक को इतनी गोलियां लगीं कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या की वजह – कार पार्किंग विवाद और दोस्ती में दरार
इस वारदात की शुरुआत 20 अगस्त 2024 को हुई थी।
कार्तिक और अमनदीप सिंह उर्फ सैम के बीच कार पार्किंग को लेकर झगड़ा हो गया।
पहले दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी, लेकिन इस विवाद के बाद रिश्ते बिगड़ गए।
सैम ने इस झगड़े के बाद कार्तिक से बदला लेने का फैसला किया।
- साहिल – कार्तिक का दोस्त था, लेकिन उसके साथ भी मनमुटाव हो गया।
- गौतम – कार्तिक और साहिल दोनों का पुराना दोस्त, लेकिन वो भी अब उनके खिलाफ हो गया।
- विक्की निहंग – फिरोजगांधी मार्केट में रिकवरी का काम करता था और सैम के संपर्क में था।
- तरनप्रीत सिंह – सैम के पिता के पार्किंग ठेके में काम करता था।
24 अगस्त की रात सैम ने सभी को इकट्ठा किया।
पहली प्लानिंग किसी और ग्रुप के व्यक्ति को मारने की थी, लेकिन मौके पर फोन पर समझौता हो गया।
इसके बाद सैम ने कहा –
“अब सब इकट्ठा हैं, तो कार्तिक को ही खत्म कर देते हैं।”
योजना बदलते ही ये गैंग सुंदर नगर की ओर बढ़ गया।
साहिल लगातार उन्हें फोन पर कार्तिक की लोकेशन अपडेट देता रहा।
जैसे ही कार्तिक वहां पहुंचा, उस पर गोलियां बरसा दी गईं।
सोशल मीडिया का कनेक्शन
- कार्तिक इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव था और उसे इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर के रूप में जाना जाता था।
- आरोपी भी सोशल मीडिया पर एक्टिव थे।
- कार्तिक और विक्की निहंग के बीच इंस्टाग्राम पर गाली-गलौज हुई थी।
- हत्या के अगले दिन इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली गई, जिसमें गोपी घनशामपुरिया गैंग का नाम लिखा गया।
- जांच में यह फर्जी साबित हुआ, लेकिन यह पता चला कि विक्की निहंग का इस गैंग के कुछ लोगों से संपर्क जरूर था।
पुलिस की कार्रवाई और बड़ी गिरफ्तारी
कार्तिक की हत्या के बाद आरोपी हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, गोवा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भागते रहे।
पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए इनका पीछा किया।
सीआईए 1 इंचार्ज अवतार सिंह और उनकी टीम ने लगातार 40 घंटे तक गाड़ियों में ड्राइव की और आखिरकार महाराष्ट्र के हजूर साहिब गुरुद्वारा नांदेड़ में पहुंचकर दो आरोपियों को पकड़ा।
उस समय आरोपी वहां सेवा कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी:
- अमनदीप सिंह उर्फ सैम (मुख्य आरोपी)
- गुरविंदर सिंह उर्फ गौतम
- साहिल (पहले ही गिरफ्तार किया गया था)
बरामद हथियार:
- एक .32 बोर पिस्तौल
- एक .315 बोर का देसी कट्टा
- चार कारतूस
- 12 बोर का देसी हथियार (विक्की निहंग द्वारा सप्लाई किया गया)
बरामद सभी हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
मृतक के शरीर से निकली गोलियों का मिलान बरामद हथियारों से किया जाएगा।
फरार आरोपी और उनकी भूमिका
- गुरप्रीत सिंह उर्फ विक्की निहंग – हथियार सप्लाई करने वाला और सैम का खास आदमी
- तरनप्रीत सिंह – पार्किंग ठेके पर काम करता था, वारदात में शामिल
- अन्य तीन अज्ञात आरोपी – जिनकी तलाश जारी है
कुल आठ लोग इस हत्याकांड में शामिल थे, जिनमें से पांच अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस अधिकारियों की टीम
- कमिश्नर ऑफ पुलिस (CP): स्वप्न शर्मा
- डीसीपी: हरपाल सिंह
- एडीसीपी: समीर वर्मा
- सीआईए इंचार्ज: अवतार सिंह
- स्पेशल सेल इंचार्ज: नवदीप सिंह
वारदात से लेकर गिरफ्तारी तक की टाइमलाइन
- 20 अगस्त 2024: कार्तिक और सैम के बीच कार पार्किंग को लेकर झगड़ा।
- 24 अगस्त 2024: सुंदर नगर में कार्तिक की गोली मारकर हत्या।
- 25 अगस्त 2024: आरोपी फरार, पुलिस जांच शुरू।
- 26 अगस्त – 14 सितंबर: पुलिस ने पांच राज्यों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
- 15 सितंबर 2024: महाराष्ट्र के हजूर साहिब से सैम और गौतम गिरफ्तार।
- 16 सितंबर 2024: दोनों को अदालत में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड मिला।
- अब तक: तीन आरोपी गिरफ्तार, पांच फरार।
अभी तक की जांच में सामने आई बड़ी बातें
- कार्तिक की हत्या कार पार्किंग विवाद और पुरानी रंजिश के चलते हुई।
- कार्तिक का साहिल, सैम और गौतम के साथ पहले दोस्ताना रिश्ता था।
- हत्या में शामिल सभी आरोपी और कार्तिक एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे।
- विक्की निहंग ने उत्तर प्रदेश से हथियार मंगवाए थे।
- हत्या की पहली प्लानिंग किसी और को मारने की थी, लेकिन समझौते के बाद कार्तिक को टारगेट किया गया।
- सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम के जरिए गाली-गलौज और झगड़े भी हुए थे।
पुलिस का अगला कदम
पुलिस का कहना है कि बाकी पांच आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हथियारों की फोरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल डाटा की जांच के बाद केस को मजबूत किया जाएगा।
सीपी स्वप्न शर्मा ने कहा:
“इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
फरार लोगों को पकड़ने के लिए हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं।”
कार्तिक बग्गन की हत्या कोई गैंगवार नहीं थी, बल्कि दोस्तों के बीच मनमुटाव और पार्किंग विवाद ने इसे खतरनाक अंजाम तक पहुंचाया।
इस केस ने दिखा दिया कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ झगड़ा असल जिंदगी में खून-खराबे तक जा सकता है।
पुलिस की तेज कार्रवाई से तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन जब तक बाकी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक इस केस की जांच पूरी नहीं मानी जाएगी।
NOTE: NEWS SOURCE AVP News Punjab
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आप पंजाब ने पंजाब के विधायकों पर “भेड़-बकरी” वाली टिप्पणी के लिए भाजपा की निंदा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की माफी की मांग
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता द्वारा पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना “भेड़-बकरियों” से करने वाली विवादित टिप्पणी की सख्त शब्दों में निंदा की। आप नेताओं ने इस बयान को न केवल चुने हुए प्रतिनिधियों का बल्कि पंजाब के लगभग तीन करोड़ लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश का भी घोर अपमान बताया है।
आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप के सभी विधायक और मंत्री पार्टी लीडरशिप और पंजाब के लोगों के साथ एकजुट हैं। हाल के गुमराह करने वाली मुहिम का जिक्र करते हुए, धालीवाल ने कहा कि आप विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली गए थे ताकि सरकार के काम के लिए अपनी एकता और समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने भाजपा नेता के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “शर्मनाक, अपमानजनक और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान” बताया।
धालीवाल ने ऐलान किया कि ‘आप’ इस तरह की भद्दी भाषा के इस्तेमाल के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास आधिकारिक शिकायत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दिखाते हैं और चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस तरह के घमंड का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा के राजनीतिक दबदबे को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत के अभियान को पूरी तरह से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाजपा के घमंड और पंजाब विरोधी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कड़ा राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा।
धालीवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ लड़ने का रहा है और वह एक बार फिर भाजपा को हराने और देशभर में एक स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होगा।
मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा का पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना पशुओं से करना बिल्कुल शर्मनाक है। आप सिर्फ नेताओं का ही अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।
पंजाब की मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को “भेड़-बकरी” कहकर भाजपा ने पंजाब की पूरी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी इस घमंड को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे,” और पीएम मोदी से बिना किसी देरी के माफी मांगने की अपील की।
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को उजागर करती है और यह तीन करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आगे कहा कि ऐसी भाषा भाजपा की “घटिया सोच” को दिखाती है और कहा कि पंजाबी इस तरह की बेअदबी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
डॉ. बलबीर सिंह, रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत, लाल चंद कटारूचक, गुरमीत सिंह खुडियां और बरिंदर कुमार गोयल सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर टिप्पणी की निंदा की और जवाबदेही की मांग की।
आप पंजाब ने दोहराया कि चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करना पंजाब के लोगों का अपमान करने जैसा है और भाजपा को भविष्य में ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि वह राजनीतिक हमलों की परवाह किए बिना एकजुट हैं और लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप के सभी विधायक और मंत्री पार्टी लीडरशिप और पंजाब के लोगों के साथ एकजुट हैं। हाल के गुमराह करने वाली मुहिम का जिक्र करते हुए, धालीवाल ने कहा कि आप विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली गए थे ताकि सरकार के काम के लिए अपनी एकता और समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने भाजपा नेता के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “शर्मनाक, अपमानजनक और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान” बताया।
धालीवाल ने ऐलान किया कि ‘आप’ इस तरह की भद्दी भाषा के इस्तेमाल के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास आधिकारिक शिकायत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दिखाते हैं और चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस तरह के घमंड का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा के राजनीतिक दबदबे को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत के अभियान को पूरी तरह से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाजपा के घमंड और पंजाब विरोधी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कड़ा राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा।
धालीवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ लड़ने का रहा है और वह एक बार फिर भाजपा को हराने और देशभर में एक स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होगा।
मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा का पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना पशुओं से करना बिल्कुल शर्मनाक है। आप सिर्फ नेताओं का ही अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।
पंजाब की मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को “भेड़-बकरी” कहकर भाजपा ने पंजाब की पूरी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी इस घमंड को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे,” और पीएम मोदी से बिना किसी देरी के माफी मांगने की अपील की।
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को उजागर करती है और यह तीन करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आगे कहा कि ऐसी भाषा भाजपा की “घटिया सोच” को दिखाती है और कहा कि पंजाबी इस तरह की बेअदबी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
डॉ. बलबीर सिंह, रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत, लाल चंद कटारूचक, गुरमीत सिंह खुडियां और बरिंदर कुमार गोयल सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर टिप्पणी की निंदा की और जवाबदेही की मांग की।
आप पंजाब ने दोहराया कि चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करना पंजाब के लोगों का अपमान करने जैसा है और भाजपा को भविष्य में ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि वह राजनीतिक हमलों की परवाह किए बिना एकजुट हैं और लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
National
पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्व
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए की जा रही है, जिसने उन्हें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा की व्यवस्था करने वाला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ प्रकट हुआ था, उससे ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू हुई है। बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की पवित्र जिम्मेदारी हमें बख्शने के लिए गुरु साहिब के चरणों में शुक्राना किया जा रहा है। पंजाब की शांति और ‘सर्बत्त के भला’ के लिए अरदासें जारी रहेंगी।”
पवित्र तख्त साहिब में माथा टेकते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा। हम भाग्यशाली हैं कि हमें इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की जिम्मेदारी मिली, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को खत्म करने में मददगार होगा।”उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब की शांति, भाईचारक साझ और एकता को तोड़ना था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। यह कानून निवारक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा गुनाह करने की हिम्मत नहीं करेगा।”
सिखों की श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ आध्यात्मिक साझ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम पर खुशी प्रकट कर रहे हैं और धन्यवाद कर रहे हैं।” शुक्राना यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब के बाद वे 9 मई तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगे। उन्होंने अत्यधिक गर्मी के बावजूद यहां एकत्रित हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “इस यात्रा का एकमात्र मंतव्य इस महत्वपूर्ण एक्ट को पास करने के लिए ताकत और बख्शने के लिए परमात्मा का शुक्राना करना है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम तो एक माध्यम हैं, जिसे गुरु साहिब ने यह पवित्र जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। मैं इस एक्ट को पास करने वाला कोई नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है। मैं गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक हूं, जिसे यह कार्य सौंपा गया है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस एक्ट का एकमात्र उद्देश्य पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण लोगों की अशांत हुई भावनाओं को शांत करना है। इस कानून के पीछे कोई भी राजनीतिक मंतव्य नहीं है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस पहल के लिए हमारा धन्यवाद करने के लिए रोजाना फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति इस एक्ट का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका नाखुश हैं। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस पवित्र मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें जल्दी अपने गुनाहों के नतीजे भुगतने पड़ेंगे।” लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ मिलकर छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि देने के मामले की सदन में सफलतापूर्वक पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उस समय को शोक के महीने के रूप में मनाता है क्योंकि छोटे साहिबजादों को जालिम शासकों ने जिंदा नींव में चिनवा दिया था। मुझसे पहले 190 से अधिक सांसदों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी संसद में यह मुद्दा नहीं उठाया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, बेइंसाफी और दमन के खिलाफ जूझने के लिए प्रेरित करती रहेगी। श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ प्रकट किया था, जो इतिहास को नया मोड़ देने वाली घटना थी। इसी दिन हमारी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पास किया है।”मुख्यमंत्री ने यह भी चेताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पंजाब विधानसभा गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक हुई। इस विशेष सत्र के दौरान विधानसभा ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।”
पंजाब में सिखी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सिखों के पांच तख्तों में से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) – पंजाब में पड़ते हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की लंबे समय से लटकती मांग को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। इन शहरों के समग्र विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।”
यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद थीं।
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