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धर्मशाला में भारत-साउथ अफ्रीका का महामुकाबला: Surya-Gill की फॉर्म पर सवाल, सीरीज बराबरी पर

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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच टी-20 मैचों की सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में खेला जाएगा और यह मैच दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। पहले मैच में भारत ने 101 रनों की शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 51 रनों से पलटवार करते हुए सीरीज को रोमांचक मोड़ पर ला दिया। ऐसे में आज का मैच सीरीज में बढ़त बनाने के लिहाज से। बेहद अहम होने वाला है, जहां दोनों टीमें अपनी पूरी ताकत झोंक देंगी।

सूर्यकुमार और शुभमन की खराब फॉर्म चिंता का विषय

भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और उप कप्तान शुभमन गिल की मौजूदा फॉर्म टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। दोनों ही बल्लेबाज पिछली 15 से अधिक टी-20 पारियों से अर्धशतक लगाने। में नाकाम रहे हैं, जो उनके कद के खिलाड़ियों के लिए असामान्य है। सूर्यकुमार यादव ने अपना आखिरी अर्धशतक 2024 में हैदराबाद में बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था।उसके बाद से वह 20 पारियों में 50 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए हैं, जिससे उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी पर सवाल उठ रहे हैं और एक ऐसे खिलाड़ी से, जो अपनी 360 डिग्री बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है, टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद रहती है, खासकर ऐसे महत्वपूर्ण मैचों में। वहीं, युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल भी लंबी पारी खेलने में संघर्ष कर रहे हैं और उन्होंने अपनी पिछली 17 टी-20 पारियों से कोई अर्धशतक नहीं लगाया है। गिल की आखिरी फिफ्टी भी 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में आई थी और उनकी फॉर्म में गिरावट टीम की सलामी साझेदारी पर असर डाल रही है, जिससे मध्यक्रम पर दबाव बढ़ रहा है। इन दोनों प्रमुख बल्लेबाजों का फॉर्म में लौटना भारत के लिए सीरीज जीतने की राह में बेहद महत्वपूर्ण होगा। आज के मैच में सभी की निगाहें इन दोनों पर होंगी कि। क्या वे अपनी फॉर्म वापस पाकर टीम को जीत दिला पाते हैं।

धर्मशाला में 3 साल बाद टी-20 इंटरनेशनल

भारतीय टीम तीन साल के लंबे अंतराल के बाद धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में कोई टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलने जा रही है। इस मैदान पर भारत ने आखिरी टी-20 मैच 2022 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था, जिसमें टीम को शानदार जीत मिली थी और यह मैदान अपनी सुरम्य पृष्ठभूमि और तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। लंबे समय बाद यहां वापसी कर रही भारतीय टीम इस मैदान पर अपने पिछले रिकॉर्ड को दोहराना चाहेगी। दर्शकों को भी इस खूबसूरत स्टेडियम में एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।

सीरीज का रोमांचक मोड़

पांच मैचों की टी-20 सीरीज में 1-1 की बराबरी के साथ, तीसरा मैच ‘करो या मरो’ की स्थिति जैसा हो गया है। पहले मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका को 101 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था, जिससे लग रहा था कि सीरीज एकतरफा हो सकती है और हालांकि, दूसरे मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने शानदार वापसी करते हुए भारत को 51 रनों से मात दी और सीरीज को बराबरी पर ला खड़ा किया। इस तरह, आज का मैच सीरीज में मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण होगा और जो टीम यह मैच जीतेगी, वह सीरीज में 2-1 की बढ़त बना लेगी और बाकी बचे दो मैचों में आत्मविश्वास के साथ उतरेगी।

भारत बनाम साउथ अफ्रीका: हेड-टू-हेड आंकड़े

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक कुल 33 मुकाबले खेले गए हैं। इन मैचों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है, जिसने 19 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, साउथ अफ्रीका ने 13 मैच अपने नाम किए हैं, जबकि एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकल सका। घरेलू पिचों पर दोनों टीमों के बीच 14 मैच खेले गए हैं और इनमें से भारत ने 6 मैच जीते हैं, जबकि साउथ अफ्रीका ने 7 मुकाबलों में जीत हासिल की है। एक मैच बेनतीजा रहा। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका ने भारत को। कड़ी टक्कर दी है, जिससे आज का मैच और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

आज बन सकते हैं 3 बड़े रिकॉर्ड

आज के मैच में कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी दांव पर होंगे, जो मुकाबले को और भी दिलचस्प बना देंगे:

हार्दिक पंड्या का 100 विकेट क्लब:

भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या टी-20 इंटरनेशनल में 100 विकेट पूरे करने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। अगर वह आज के मैच में एक विकेट लेने में कामयाब होते हैं, तो वह अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गजों के क्लब में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने भारत के लिए टी-20 में 100 या उससे अधिक विकेट लिए हैं। यह उनके ऑलराउंड प्रदर्शन में एक और मील का पत्थर होगा।

वरुण चक्रवर्ती के 50 विकेट:

मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती भी टी-20 इंटरनेशनल में 50 विकेट पूरे करने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। आईसीसी फुल मेंबर टीमों के खिलाड़ियों में वरुण का गेंदबाजी औसत 15. 38 है, जो बेहद प्रभावशाली है। उनसे बेहतर औसत के साथ 50 या उससे ज्यादा विकेट सिर्फ कुलदीप यादव, राशिद खान, अजंथा मेंडिस और इमरान ताहिर जैसे विश्व स्तरीय स्पिनर ही ले सके हैं। यह उपलब्धि उन्हें एक विशिष्ट समूह में शामिल कर देगी।

लुंगी एनगिडी का रिकॉर्ड:

साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी के नाम टी-20 इंटरनेशनल में 76 विकेट हैं। वह अपने हमवतन कगिसो रबाडा से सिर्फ एक विकेट पीछे हैं। अगर वह आज रबाडा को पीछे छोड़ते हैं, तो वह साउथ अफ्रीका के लिए। टी-20 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में ऊपर आ जाएंगे। साथ ही, वह साउथ अफ्रीका से टी-20 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज तबरेज शम्सी से महज 13 विकेट दूर हैं, जो भविष्य में एक बड़ा रिकॉर्ड हो सकता है।

भारत के प्रमुख खिलाड़ी

इस सीरीज में भारत की ओर से युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा सबसे सफल रहे हैं। उन्होंने अब तक खेले गए 2 मैचों में 88 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 133. 33 का रहा है और तिलक ने एक शानदार अर्धशतक भी लगाया है, जो उनकी फॉर्म और आत्मविश्वास को दर्शाता है। गेंदबाजी में, वरुण चक्रवर्ती ने दमदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2 मैचों में 4 विकेट झटके हैं, जिससे उनकी मिस्ट्री स्पिन विपक्षी बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इन दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

साउथ अफ्रीका के टॉप स्कोरर

साउथ अफ्रीका की ओर से सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने। अब तक हुए 2 टी-20 मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उनके नाम 90 रन दर्ज हैं और उनका स्ट्राइक रेट 187. 50 का प्रभावशाली रहा है। डी कॉक ने एक अर्धशतक भी लगाया है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। गेंदबाजी में, तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने टीम के लिए अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने 2 मैचों में 5 विकेट लिए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 31 रन देकर 3 विकेट रहा है। एनगिडी की गति और स्विंग भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश कर रही है।

पिच रिपोर्ट: HPCA स्टेडियम, धर्मशाला

HPCA स्टेडियम की पिच टी-20 क्रिकेट में आमतौर पर संतुलित मानी जाती है। यह ऐसी पिच है जो बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मौका देती है। नई गेंद से यहां तेज गेंदबाजों को अच्छा बाउंस और स्विंग मिलती है, खासकर मैच की शुरुआत में और शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को संभलकर खेलना पड़ता है, क्योंकि गेंद हवा में और पिच से हरकत करती है। हालांकि, एक बार बल्लेबाज सेट हो जाने के बाद, यहां रन बनाना आसान हो जाता है और बाउंड्री भी आसानी से मिलती हैं। धर्मशाला में अब तक कुल 10 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और इनमें से 4 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 4 मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को जीत मिली है। 2 मैचों का कोई नतीजा नहीं निकल सका और इस मैदान का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर 200/3 है, जो साउथ अफ्रीका ने 2015 में भारत के खिलाफ ही बनाया था। यह दर्शाता है कि यहां बड़े स्कोर भी बन सकते हैं, खासकर अगर बल्लेबाज पिच पर टिक जाएं।

मौसम का हाल

धर्मशाला में रविवार को मौसम ठंडा रहने की संभावना है, जो खिलाड़ियों के लिए थोड़ी चुनौती पेश कर सकता है। यहां तापमान 8 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हवा करीब 9 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिससे तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल सकती है। अच्छी खबर यह है कि बारिश का कोई चांस नहीं है, जिससे दर्शकों को पूरे 40 ओवर का खेल देखने को मिलेगा और मैच में कोई बाधा नहीं आएगी। ठंडे मौसम में खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस और ऊर्जा स्तर को बनाए रखना होगा।

National

गुजरात टाइटंस ने पंजाब किंग्स को 4 विकेट से हराया, Punjab की लगातार दूसरी हार

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Gujarat Titans ने रविवार को अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए रोमांचक मुकाबले में Punjab Kings को 4 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत में गेंदबाजों का दमदार प्रदर्शन और Sai Sudharsan की संयमित अर्धशतकीय पारी निर्णायक साबित हुई।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी Punjab Kings की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को पहले ही ओवर में प्रियांश आर्य (2) और कूपर कोनॉली (0) के रूप में दो बड़े झटके लगे। इसके बाद प्रभसिमरन सिंह ने पारी संभालने की कोशिश की और कप्तान Shreyas Iyer (19) के साथ 33 रन की साझेदारी की, लेकिन उनका विकेट गिरने के बाद टीम दबाव में आ गई और 47 रन पर 5 विकेट गंवा बैठी।

इस मुश्किल स्थिति में सुर्यांश शेडगे ने शानदार अर्धशतक जड़ते हुए टीम को संभाला। उनकी पारी की बदौलत पंजाब ने 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 163 रन बनाए। गुजरात की ओर से Jason Holder सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट झटके। इसके अलावा Mohammed Siraj और Kagiso Rabada ने 2-2 विकेट लिए, जबकि Rashid Khan को 1 सफलता मिली।

164 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी Gujarat Titans की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और कप्तान Shubman Gill सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद Sai Sudharsan और Jos Buttler ने दूसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़कर पारी को संभाला। बटलर ने 26 रन का योगदान दिया।

साई सुदर्शन ने इसके बाद भी जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचाया। उन्होंने 41 गेंदों में 57 रन की शानदार पारी खेली। अंत में गुजरात ने 19.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 167 रन बनाते हुए मुकाबला जीत लिया।

इस जीत के साथ Gujarat Titans ने प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। टीम ने 10 में से 6 मैच जीतकर 12 अंक हासिल कर लिए हैं और अंक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। वहीं Punjab Kings को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है।

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Art & Culture

Punjab में ‘खेल क्रांति’ से बड़ा बदलाव: International Hockey Tournament की मेजबानी के साथ राज्य बना Sports Hub

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम के तहत खेल विभाग का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि उनकी सरकार की “खेल क्रांति” ने राज्य की खेल व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है और पंजाब को अंतरराष्ट्रीय खेल नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाई है। उन्होंने बताया कि पहली बार पंजाब को हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी मिली है, जिसमें भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन जैसी शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर में मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आयोजित होगा, जहां मैचों के साथ-साथ पंजाबी संस्कृति को दर्शाने के लिए भांगड़ा और गिद्धा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी में शानदार इतिहास होने के बावजूद पंजाब को पहले कभी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं मिली थी, इसलिए यह उपलब्धि राज्य के लिए बेहद खास है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लगभग 40 वर्षों बाद पंजाब को राष्ट्रीय बैडमिंटन अंडर-13 चैंपियनशिप की मेजबानी भी मिली है, जो जालंधर में आयोजित होगी और इससे राज्य में खेलों को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने खेलों के क्षेत्र में किए गए बड़े सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने खेल बजट को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1791 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2458 कर दी गई है और नए कोचों की भर्ती की गई है, जिनमें कई पूर्व खिलाड़ी भी शामिल हैं। खिलाड़ियों को ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है, जबकि ओलंपिक, पैरा-ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपये तक का इनाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में करीब 100 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है और कई खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ योजना के तहत खेलों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों की संख्या डेढ़ लाख से बढ़कर पांच लाख तक पहुंच चुकी है और हर साल हजारों खिलाड़ियों को पदक व नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में 3100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, 3000 जिम आधुनिक उपकरणों से लैस किए जा रहे हैं और खिलाड़ियों को 17,000 खेल किट वितरित की गई हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए डाइट अलाउंस बढ़ाकर 480 रुपये किया गया है और 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बेहतर पोषण सुविधाएं दी जा रही हैं। खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी एस्ट्रोटर्फ बदले गए हैं और मोहाली में नया सिंथेटिक ट्रैक भी बनाया गया है। स्पोर्ट्स मेडिसिन को बढ़ावा देने के लिए 113 पद सृजित किए गए हैं, जिनमें डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट को प्रमुख शहरों में तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब की समृद्ध खेल विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने हरमनप्रीत सिंह, शुभमन गिल, हरमनप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह संधू और अर्शदीप सिंह जैसे कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं और पंजाबी खिलाड़ियों के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना अधूरी है। उन्होंने बताया कि 50 से अधिक पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं और कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर साल चार देशों का हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे राज्य में खेलों का स्तर और ऊंचा होगा। उन्होंने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले खेल संस्कृति को नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब उनकी सरकार इसे फिर से पटरी पर ला रही है। अंत में उन्होंने कहा कि खेल नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेलों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, इसलिए सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि पंजाब देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स हब बन सके।

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Punjab को मिला इंटरनेशनल हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का बड़ा मौका, CM भगवंत मान ने किया ऐलान

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पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबलों की मेजबानी करेगा। राज्य को पुरुष एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का अवसर मिला है। इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी मिलना पंजाब के लिए गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष 6 टीमें हिस्सा लेंगी और भारत के भी इसमें भाग लेने की पूरी उम्मीद है।

टूर्नामेंट के मुकाबले 26-27 अक्टूबर से शुरू होंगे, जिनका आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। इससे पहले 1997 में जालंधर में पाकिस्तान के साथ एक टेस्ट मैच खेला गया था। आयोजन से पहले संबंधित टीम द्वारा सभी तैयारियों का निरीक्षण भी किया जा चुका है।

इसके अलावा, हॉकी टीम ने हर साल चार देशों के टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिसे भविष्य में इस आयोजन के साथ जोड़ा जा सकता है।

खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि के तहत पंजाब को 44 साल बाद बैडमिंटन अंडर-13 राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी का अधिकार भी मिला है। इस प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जालंधर में आयोजित किए जाएंगे।

यह उपलब्धि पंजाब को खेलों के क्षेत्र में एक नए मुकाम तक ले जाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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