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Karnataka High Court का बड़ा फैसला: महिला पर भी लग सकते हैं POCSO के तहत Serious Charges

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बेंगलुरु से आई एक अहम खबर ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) पूरी तरह से gender-neutral है। यानी यौन शोषण (sexual assault) का आरोप केवल पुरुषों पर ही नहीं, बल्कि महिलाओं पर भी लग सकता है। अदालत ने 52 साल की एक महिला की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि उसके खिलाफ दर्ज केस चलेगा।

मामला क्या है?

यह केस बेंगलुरु का है। आरोप है कि 2020 में अर्चना (Archana Patil) नाम की एक महिला, जो पेशे से आर्टिस्ट है और पीड़ित लड़के की पड़ोसी भी थी, ने करीब 13 साल 10 महीने के एक नाबालिग लड़के के साथ दो बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।

जानकारी के मुताबिक, अर्चना का लड़के की मां से परिचय था। उसने लड़के की मां से कहा कि वह उसके बेटे को अपने घर भेज दे ताकि वह उसकी पेंटिंग्स को Instagram पर अपलोड करने में मदद कर सके। इसी दौरान महिला ने लड़के को अपने जाल में फंसाया और यौन संबंध बनाए।

उस समय (मई से जून 2020) लड़के के माता-पिता विदेश (दुबई) में थे। जब कुछ समय बाद उन्हें बेटे के बर्ताव में बदलाव दिखा तो उसने पूरी सच्चाई बताई। इसके बाद भारत लौटकर परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच कर महिला पर POCSO एक्ट और IPC की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की।

महिला की दलीलें और हाईकोर्ट का जवाब

महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केस रद्द करने की मांग की थी। उसका कहना था कि POCSO एक्ट केवल पुरुषों पर लागू होता है क्योंकि कानून में कई जगह “he” शब्द लिखा है।

लेकिन हाईकोर्ट ने यह दलील खारिज करते हुए कहा:

  • POCSO एक्ट पूरी तरह gender-neutral है। इसमें महिला या पुरुष का फर्क नहीं किया गया है।
  • “he” शब्द का मतलब केवल पुरुष नहीं बल्कि सभी लिंगों पर लागू समझा जाएगा।
  • कोर्ट ने कहा कि यह सोचना कि सेक्स में केवल पुरुष ही “active” होता है और महिला “passive”, एक पुरानी और बेकार सोच (archaic thinking) है।

शिकायत में देरी पर भी टिप्पणी

महिला ने यह भी कहा कि शिकायत चार साल बाद दर्ज की गई, इसलिए उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता।
लेकिन अदालत ने साफ कहा कि child sexual abuse के मामलों में देरी होना आम बात है। पीड़ित बच्चे या उसके परिवार को हिम्मत जुटाने में समय लगता है। इसलिए केवल देर से शिकायत दर्ज करने की वजह से केस खत्म नहीं किया जा सकता।

शारीरिक प्रतिक्रियाओं से जुड़े तर्क

महिला के वकीलों ने यह तर्क भी दिया कि लड़के के शरीर में “erection” जैसी प्रतिक्रिया होना साबित करता है कि वह शोषण नहीं बल्कि सहमति से था।
लेकिन हाईकोर्ट ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि शारीरिक प्रतिक्रिया (physical reaction) कई बार अनजाने और अनैच्छिक (involuntary) होती है, इसका मतलब यह नहीं कि पीड़ित ने सहमति दी।

अब आगे क्या होगा?

हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि महिला पर लगे आरोप गंभीर हैं और prima facie साबित होते हैं। अब ट्रायल कोर्ट में मुकदमा चलेगा और वहां गवाहियों व सबूतों के आधार पर फैसला होगा।

यह फैसला बेहद अहम है क्योंकि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि POCSO एक्ट बच्चों की सुरक्षा के लिए है और इसमें आरोपी का लिंग मायने नहीं रखता। चाहे पुरुष हो या महिला, अगर कोई नाबालिग से यौन शोषण करता है तो उस पर एक समान सजा का प्रावधान लागू होगा।

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पंजाब में मानसून सक्रिय, भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी

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पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई जिलों में हो रही बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं मौसम विभाग ने आज भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पठानकोट और पंजाब के कई अन्य हिस्सों में बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। अब राज्य का तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है।

पठानकोट में रातभर भारी बारिश हुई, जबकि चंडीगढ़ में सुबह 6 बजे से ही तेज बारिश हो रही है।

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने आज 22 जुलाई को पंजाब में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के सभी जिलों में तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया, जिसमें बठिंडा सबसे गर्म रहा।

पंजाब के कुल 20 जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। इनमें से 11 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), रूपनगर और मोहाली शामिल हैं, जहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना है। अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इस बीच, आधी रात से हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश जारी है। कुल्लू जिले में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं। स्थिति को देखते हुए कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज 22 जुलाई को आनी, बंजार और निरमंड सब-डिवीजनों के सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी का ऐलान किया है।

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जंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है, सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है, ये ठीक नहीं है- केजरीवाल

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देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठी चार्ज करने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है। ये ठीक नहीं है। मैं सरकार से अपील करता हूं कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय मांगने सड़कों पर उतरे हैं। प्रधानमंत्री जी, अहंकार छोड़िए और इनकी बात सुनिए। इन युवाओं का गुस्सा संभालिए। ये युवा आपका अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

पंजाब दौरे पर गए जंतर मंतर पर युवाओं के आंदोलन को लेकर “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कितने ज्यादा लोग इकट्ठे हो गए हैं। पूरा कनॉट प्लेस भर गया है, जनपथ भर गया है और जंतर-मंतर भी भर गया है। पूरे देश भर से हजारों-लाखों की संख्या में युवा आए हुए हैं और सरकार उन पर अपनी पूरी दमन शक्ति का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस उन पर लाठीचार्ज कर रही है और उन्हें पीट रही है। वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है और युवाओं को संसद जाने से रोका जा रहा है। यह बिल्कुल गलत है, युवा आखिर जाएं तो जाएं कहां?

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि पहले सरकार इनके पेपर लीक करा देती है, फिर जब पेपर दोबारा होता है तो उसके इवैल्यूएशन में पूरी गड़बड़ी हो जाती है। बच्चे शिकायत पर शिकायत करते हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। आखिर बच्चे जाएं कहां, सरकार ने तो उनका भविष्य ही बर्बाद कर दिया है। अब जब वे न्याय मांगने के लिए सड़क पर उतरते हैं, तो उन पर लाठीचार्ज करवाया जाता है। यह बिल्कुल सही नहीं है और बच्चों में इसे लेकर बहुत ज्यादा गुस्सा है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि आप बच्चों के गुस्से को संभालें, नहीं तो यह आपके लिए बहुत भारी पड़ेगा। बच्चों के साथ बैठकर बात कीजिए, ये हमारे ही देश के बच्चे हैं। सरकार इनके साथ बैठकर बात क्यों नहीं करती, आखिर इतना अहंकार क्यों है? 

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो यह सोचते हैं कि किताब मेरी जिंदगी और मेरे परिवार का भविष्य बदल देगी और मैं किताब पढूंगा। बच्चे सुबह 3 बजे का अलार्म लगाकर पढ़ने बैठते हैं। उनकी 14-14 घंटे की सिटिंग होती है, तब जाकर कहीं वे नीट एग्जाम की तैयारी करते हैं। लेकिन परीक्षा से एक-दो दिन पहले पता चलता है कि पेपर तो लीक हो गया। बड़े-बड़े अमीर लोगों ने पेपर खरीद लिया है और अब केवल उन्हीं के बच्चे आगे आएंगे। यह बिल्कुल सही नहीं है। जंतर-मंतर पर हमारे छात्रों का जो प्रदर्शन चल रहा है, मैं उसका पूरा समर्थन करता हूं। हम सब छात्रों के साथ हैं।

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