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Punjab

Doonewala में भारत माला प्रोजेक्ट विवाद, किसानों और प्रशासन के बीच बढ़ा तनाव

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बठिंडा के गांव Doonewala में भारत माला प्रोजेक्ट अब विवाद का रूप ले चुका है। जमीन पर कब्जे को लेकर किसानों और पंजाब पुलिस के बीच तनातनी जारी है। दोनों पक्ष जमीन के अधिकार पर अड़े हुए हैं। कल हुई झड़प के बाद जहां किसान धरने पर डटे हुए हैं, वहीं भारी पुलिस बल स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए तैनात है। ताजा जानकारी के अनुसार, मामले के समाधान के लिए आज किसानों और प्रशासन के बीच बैठक हो सकती है।

किसानों की मांग

गांव Doonewala के किसानों का कहना है कि उन्हें भी उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए, जैसे अन्य किसानों को दिया गया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने पुलिस बल के सहारे उनकी जमीन का अधिग्रहण कर लिया। इस अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प हुई। इस झड़प में कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

किसानों पर मामले दर्ज

शनिवार को हुई झड़प के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 प्रमुख किसान नेताओं सहित 250 से 300 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। संगत मंडी थाने में भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के जोगिंदर सिंह उगराहां, झंडा सिंह जेठूके, शिंगारा सिंह मान, हरजिंदर सिंह बग्गी, हरजिंदर सिंह घराचों और अजीपाल घुड़ा के नाम शामिल हैं।

किसानों में रोष

पुलिस की कार्रवाई, लाठीचार्ज, और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है। इसके जवाब में भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) ने आज एक बड़ी सभा आयोजित करने और विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

प्रशासन की तैयारी

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दूसरे जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

समाधान की कोशिशें

हालांकि, कल की झड़प के बाद आज दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि वे किसानों के साथ बैठकर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।

भारत माला प्रोजेक्ट को लेकर दूनेवाला में जमीन विवाद गहराता जा रहा है। जहां एक तरफ किसान मुआवजे की मांग को लेकर डटे हैं, वहीं पुलिस और प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती बरत रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बातचीत से इस विवाद का कोई समाधान निकलता है या नहीं।

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पंजाब कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, Harpal Cheema को ट्रांसपोर्ट और Dr. Ravjot Singh को जेल विभाग की जिम्मेदारी

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पंजाब कैबिनेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। यह अहम फैसला कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की अचानक हुई गिरफ्तारी के तुरंत बाद लिया गया, ताकि सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

सरकार द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अधिकार क्षेत्र में विस्तार किया गया है। उन्हें अब ट्रांसपोर्ट विभाग की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग के साथ-साथ अब चीमा राज्य के परिवहन तंत्र, सरकारी बस सेवाओं के संचालन, नीतिगत फैसलों और विभागीय सुधारों की निगरानी भी करेंगे। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और समन्वय बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को भी नई जिम्मेदारी देते हुए जेल विभाग का प्रभार सौंपा गया है। राज्य में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के पुनर्वास और सुधार से जुड़े मुद्दों के कारण यह विभाग बेहद अहम माना जाता है। डॉ. रवजोत सिंह अब जेल प्रशासन को और मजबूत बनाने तथा सुधारात्मक कदमों को लागू करने की दिशा में काम करेंगे।

उल्लेखनीय है कि लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद कैबिनेट में एक तरह का सियासी खालीपन पैदा हो गया था, जिसे भरने के लिए सरकार को तुरंत यह कदम उठाना पड़ा। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में जनकल्याण योजनाएं, विकास कार्य और प्रशासनिक प्रक्रियाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।

सरकार ने साफ किया है कि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित और प्रभावी फैसले लिए जा रहे हैं, ताकि राज्य की व्यवस्था पहले की तरह सुचारू रूप से चलती रहे।

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धनौला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

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पंजाब के बरनाला जिले में धनौला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस की वर्दी और एक इनोवा कार भी बरामद की गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर धनौला पुलिस ने नाका लगाकर चेकिंग शुरू की।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक इनोवा कार को रोका, जिसमें तीन व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठे हुए थे। शक होने पर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप कुमार (चक्क महंता वाला), अजय (मुनके उताड़) और गुरप्रीत सिंह (मुनके उताड़) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना धनौला में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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राजनेताओं ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: CM भगवंत मान

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शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन देश के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानी को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलकर ही एक मजबूत और खुशहाल पंजाब का निर्माण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं, बल्कि उनके विचारों और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने शहीदों को भारत रत्न न दिए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर देश की बागडोर आजादी के शुरुआती वर्षों में ऐसे नौजवानों के हाथ में होती, तो भारत की तस्वीर अलग होती।

उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देती है। समाज से बुराइयों को खत्म करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का सबसे बड़ा हथियार शिक्षा है। पंजाब सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों ने सत्ता या लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपनी जान न्यौछावर की। उनकी कुर्बानी के कारण ही आज हमें वोट देने का अधिकार मिला है, इसलिए हर नागरिक को अपने मताधिकार का सही उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी और एकता के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं। देश की कुल आबादी का केवल 2% होने के बावजूद, आजादी की लड़ाई में 80% शहीद पंजाब से थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीदों की विरासत को संभालने और उनके सपनों का पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हुसैनीवाला में 24.99 करोड़ रुपये की लागत से ‘विरासत प्रोजेक्ट’ शुरू किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां शहीदों के इतिहास और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के रास्ते पर चलें और देश की सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट की ताकत सबसे बड़ी ताकत है और सही नेतृत्व चुनकर ही देश में असली बदलाव लाया जा सकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और राज्य को तरक्की और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ाती रहेगी।

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