Punjab
भगवंत सिंह मान का 2027 में दोबारा पंजाब का मुख्यमंत्री बनना तय: अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बठिंडा नगर निगम चुनावों में ‘आप’ की शानदार जीत का श्रेय भगवंत मान सरकार के चार वर्षों के ईमानदार शासन और जनहितैषी कार्यों को दिया है। उन्होंने दावा किया कि मेगा रोड शो के दौरान लोगों की भारी भीड़ और उत्साहपूर्ण समर्थन सरकार के प्रति पंजाब के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
बठिंडा के लोगों द्वारा दिए गए बड़े जनादेश के लिए उनका धन्यवाद करते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि इस फैसले ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के स्वच्छ और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन में जनता के विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने आगे कहा कि जहां पंजाब के हर पुराने मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा, वहीं भगवंत सिंह मान या उनकी सरकार के किसी भी सदस्य के खिलाफ एक भी आरोप सामने नहीं आया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के कामकाज से खुश लोगों का लगातार मिल रहा समर्थन 2027 में भगवंत सिंह मान की मुख्यमंत्री के रूप में वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ कर चुका है। इस अवसर पर ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, ‘आप’ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा तथा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।
रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज पंजाब में चार पार्टियां हैं। एक पार्टी को लोग गुस्से में ‘चिट्टा पार्टी’ के नाम से जानते हैं। इसके शासनकाल में नशे बहुत ज्यादा बिके और हर घर तक पहुंच गए। लोग इसे ‘बेअदबी पार्टी’ भी कहते हैं क्योंकि इसके कार्यकाल के दौरान बेअदबी की कई घटनाएं हुई थीं।”
उन्होंने आगे कहा, “दूसरी ‘झगड़ा पार्टी’ है। इसके नेता हमेशा आपस में ही लड़ते रहते हैं। तीसरी ‘ईडी पार्टी’ है। यह लोगों को ईडी की धमकियां देती है और उनके पीछे एजेंसियां लगाती है। चौथी आम आदमी पार्टी है, आपकी अपनी पार्टी, ‘जनता की पार्टी’, वह पार्टी जो जनता के लिए काम करती है।”
विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “मुझे बताया गया है कि चुनाव फरवरी की बजाय नवंबर में होंगे। अब केवल चार महीने बचे हैं। अब हम सबका एक ही काम है। हमें भगवंत सिंह मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है। उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनना चाहिए।”
‘आप’ प्रमुख ने नगर निगम चुनावों में इतनी शानदार जीत दिलाने के लिए लोगों का तहेदिल से धन्यवाद भी किया। उन्होंने आगे कहा, “जब हम रोड शो के दौरान यहां आ रहे थे, मैं लोगों के चेहरे देख रहा था। हमारी सरकार बने चार साल हो गए हैं। जब पिछली सरकारें सत्ता में होती थीं तो लोग उन्हें भगाने के लिए हाथों में जूते लेकर खड़े रहते थे। हमने चार साल पूरे कर लिए हैं और आज लोगों के चेहरों पर इतनी खुशी है। यह देखकर मुझे सचमुच बहुत संतोष हुआ।”
राजनीति में आने के अपने उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “हम लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आए हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि चार साल बाद लोग हमारे काम की सराहना कर रहे हैं। आपने बठिंडा में हमें शानदार जीत दिलाकर हमारे काम पर मुहर लगा दी है। रोड शो के दौरान यहां आते समय आपके चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी यह दर्शाती है कि आप ‘आप’ सरकार से बहुत खुश हैं।”
2022 के चुनावों के दौरान अपने दौरे को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “मैं 2022 के चुनावों के दौरान बठिंडा आया था। उस समय मुझे बताया गया था कि बठिंडा के लोगों को ‘जोजो टैक्स’ देना पड़ता था। अब कोई भी यह टैक्स वसूल नहीं करता और अब कोई लूट-खसोट तथा जबरन वसूली नहीं है। अब आपसे कोई पैसे नहीं मांगता। यह भगवंत मान की ईमानदार सरकार है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री के रिकॉर्ड की सराहना करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “पिछले 75 वर्षों में पंजाब ने कई मुख्यमंत्री, कई मंत्री देखे हैं। लेकिन भगवंत मान जितना ईमानदार कोई नहीं रहा। इससे पहले आने वाले हर मुख्यमंत्री पर आरोप लगे। लोगों ने कहा कि फलां मुख्यमंत्री ने इतने पैसे कमाए, यह घोटाला किया, वह घोटाला किया, उनके परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार में शामिल थे, उनके मंत्री भ्रष्टाचार में शामिल थे। ऐसे आरोप हर मुख्यमंत्री पर लगे थे।”
उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार वर्षों में भगवंत मान पर एक पैसे के भ्रष्टाचार का भी आरोप नहीं लगा। एक भी आरोप नहीं। क्या आपको लगता है कि अगर कोई आरोप होता तो प्रधानमंत्री मोदी भगवंत मान को छोड़ देते? ईडी और सीबीआई ने यहां भी छापेमारी कर दी होती। लेकिन उनके खिलाफ, उनके परिवार के खिलाफ या उनके किसी भी मंत्री के खिलाफ एक भी आरोप नहीं है।”
सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, “सरकार ने जनता का पैसा बचाया और लोगों के लिए बिजली मुफ्त की। इसने 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया। अब 1 जुलाई से हर मां-बहन के खाते में 1,000 और 1,500 रुपये पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इतना काम किया गया है। अब हम सबका एक ही काम है। हमें भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है ताकि बाकी बचे सभी काम भी पूरे किए जा सकें।”
‘आप’ को रोकने के लिए भाजपा, कांग्रेस और अकालियों की संयुक्त कोशिशों के बावजूद पंजाबियों ने उन्हें किनारे कर दिया; यह जनादेश ईमानदार शासन में विश्वास को दर्शाता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों पता होना चाहिए कि हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान भाजपा, अकाली और कांग्रेस मिलकर लड़े थे। उन्होंने अपने संसाधन एकत्र किए, अपनी रणनीतियां तय कीं और पंजाब सरकार के खिलाफ अंदरखाते एकजुट होकर प्रचार चलाया। वे सामूहिक रूप से एक ईमानदार सरकार से डरे हुए थे जो लोगों की सेवा कर रही है। इन पार्टियों को एहसास हो गया है कि यदि ‘आप’ ने जनसेवा का अपना सफर इसी तरह जारी रखा तो उनकी भ्रष्टाचार की दुकानें स्थायी रूप से बंद हो जाएंगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के राजनीतिक रूप से जागरूक और दूरदर्शी लोगों ने इस गठबंधन को पहचान लिया और ‘आप’ के पक्ष में निर्णायक जनादेश दिया। उन्होंने कहा, “लोगों ने झाड़ू उठाया और स्थानीय चुनावों में तीनों पार्टियों का पूरी तरह सफाया कर दिया। यह जनादेश ईमानदार राजनीति में लोगों के विश्वास को दर्शाता है और उन पार्टियों को नकारता है जो बार-बार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां यह स्वीकार करने में असमर्थ हैं कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति सफलतापूर्वक पंजाब का नेतृत्व कर रहा है और इसके लोगों की भलाई के लिए अथक काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “ये नेता हमेशा यह मानते थे कि पंजाब पर शासन करना केवल उनका ही अधिकार है। यही कारण है कि वे इस बात को पचा नहीं पा रहे कि एक आम आदमी सरकार को कुशलता और ईमानदारी से चला रहा है। दशकों तक उन्होंने झूठे वादों और प्रचार के माध्यम से लोगों को गुमराह किया, लेकिन पंजाबी अब ऐसी चालों में आने वाले नहीं हैं।”
सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि करदाताओं का पैसा अब कमीशन और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने के बजाय ईमानदारी से विकास कार्यों, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। 67,000 से अधिक युवाओं ने एक रुपया भी रिश्वत दिए बिना पूरी तरह योग्यता (मेरिट) के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। हमने पंजाब भर में कई टोल प्लाजा भी बंद किए हैं, जिससे लोगों के प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये बच रहे हैं।”
कृषि को पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराती रहेगी। उन्होंने कहा, “किसान देश के अन्नदाता हैं और वे सरकार से उच्च स्तर के सहयोग के हकदार हैं। मैं हर किसान को भरोसा दिलाता हूं कि वे अपने खेतों में जितना चाहें नहरी पानी उपयोग कर सकते हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सिंचाई के पानी की बिल्कुल भी कमी न रहे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में नहर नेटवर्क को पुनर्जीवित किया है, जिससे उन अंतिम छोरों तक भी नहरी पानी पहुंचाया गया है जो पिछले तीन दशकों से अधिक समय से सूखे पड़े थे। उन्होंने आगे कहा, “हम इस नेटवर्क का और विस्तार करते रहेंगे ताकि हर खेत तक आवश्यक पानी पहुंच सके। इससे ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुमूल्य भूजल को बचाने में मदद मिलेगी।”
पंजाब के लोगों के अटूट विश्वास और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक समृद्ध, प्रगतिशील और स्वस्थ ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “मैं पूरी निष्ठा से लोगों की सेवा करता रहूंगा। ‘आप’ सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अथक कार्य कर रही है और पंजाब तथा उसके लोगों की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।”
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मान कैबिनेट के बड़े फैसले, डिजिटल यूनिवर्सिटी से लेकर प्राइवेट स्कूल फीस तक कई प्रस्तावों को मंजूरी
पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
हरपाल चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने ‘द पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य में तीन नई डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी। इनमें एक होशियारपुर और दो पटियाला में बनाई जाएंगी। पटियाला के गांव फतेहपुर में एक यूनिवर्सिटी स्थापित होगी, जबकि विश्व प्रसिद्ध एजुकेशन ब्रांड फिजिक्स वाला पटियाला के गांव आनंदपुर केशव में डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलेगा। वहीं, होशियारपुर में क्लाउड यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जहां आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकार के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर लाने के लिए सरकार एक विशेष मनी बिल ला रही है। इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश कर पारित कराया जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि निजी स्कूलों में मनमाने फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए लाए गए अध्यादेश को विधेयक में बदलने की मंजूरी दे दी गई है। विधानसभा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। इसके तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि कोई स्कूल इससे अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे नियामक (रेगुलेटरी) संस्था से अनुमति लेनी होगी।
कैबिनेट ने ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ बिल’ को भी मंजूरी दी है। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति एक पेड़ काटता है तो उसे 10 नए पेड़ लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर पहली बार प्रति पेड़ 10 हजार रुपये, दूसरी बार 35 हजार रुपये और तीसरी बार 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने पंजाब लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविल पदों पर सीधी भर्ती को भी मंजूरी दे दी है, जिससे विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।
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पंजाब विधानसभा में रोजगार और औद्योगिक निवेश पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन ने रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान सरकार की रोजगार नीतियों, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और राज्य में आए बड़े औद्योगिक निवेश की सराहना की गई।
प्रस्ताव पेश करते हुए विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि 1 अप्रैल 2022 से अब तक योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर 68,228 सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च 2022 से 31 जुलाई 2026 तक पंजाब को 1,83,837 करोड़ रुपये के 9,899 औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके जरिए राज्य में 6,16,436 नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 16,316, गृह विभाग में 14,723, बिजली विभाग में 8,706, स्थानीय निकाय विभाग में 5,681 और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 4,758 नियुक्तियां की गई हैं।
धालीवाल ने कहा कि पहले पंजाब में सरकारी नौकरियां सिफारिश, राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार का शिकार थीं, जिससे योग्य युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठ चुका था। लेकिन मौजूदा सरकार ने पारदर्शी परीक्षाओं और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के जरिए इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।
उन्होंने कहा कि अब युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिल रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी की समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसलिए राज्य सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और नीतिगत स्थिरता के माध्यम से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया है।
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स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी है, जब ज़रूरत के समय लोगों तक उपचार पहुँच सके : डॉ. बलबीर सिंह
किसी भी स्वास्थ्य योजना की वास्तविक सफलता केवल इस बात से नहीं आँकी जा सकती कि उस पर कितना ख़र्च हुआ या कितने मामलों का निपटारा हुआ, बल्कि इस बात से तय होती है कि ज़रूरत के समय लोगों को समय पर उपचार मिल पाया या नहीं। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 8 जनवरी 2026 से अब तक 2,91,417 लाभार्थियों को उपचार का लाभ मिल चुका है, जो कि एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक लगभग ₹1,044 करोड़ मूल्य की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा चुकी हैं। इन आंकड़ों के पीछे हज़ारों ऐसे परिवार हैं, जिन्हें चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान इलाज के ख़र्च की चिंता किए बिना अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।
इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी मानी जाती है, जब वह ज़रूरत के समय लोगों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल आंकड़ों की योजना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि किसी भी मरीज़ को इलाज और आर्थिक बोझ के बीच चुनाव न करना पड़े। प्रत्येक लाभार्थी उस परिवार का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे कठिन समय में इस योजना का सहारा मिला।”
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने आगे कहा, “हम जानते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ लगातार बदल रही हैं और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाते रहें। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम कैशलेस उपचार को अधिक सुलभ बना रहे हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत कर रहे हैं तथा यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक इस योजना का लाभ पहुँचे।”
मुख्यमंत्री सेहत योजना से लाभान्वित अनेक लोगों ने इस योजना के प्रति संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। सुरेशपाल कौर ने बताया कि कठिन गर्भावस्था के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना उनके परिवार के लिए संबल बनी। उन्होंने कहा, “गर्भावस्था के दौरान मुझे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो गई थी और सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने की ज़रूरत थी। ऐसे समय में सेहत कार्ड हमारे लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुआ। जन्म के बाद मेरे बच्चे को विशेष नवजात चिकित्सा (नीओनेटल केयर) की आवश्यकता थी, जिसका पूरा उपचार भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के पैकेज के तहत उपलब्ध करवाया गया। इस योजना ने कठिन समय में हमारा साथ दिया और मेरे बच्चे को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिली।”
सुनाम की रूपिंदर कौर ने बताया कि कई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया था। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से घुटनों के गंभीर दर्द से पीड़ित थी, लेकिन ख़र्च की चिंता के कारण ऑपरेशन के बारे में सोच पाना भी मुश्किल था। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मेरा घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) नि:शुल्क हुआ। इस उपचार ने मुझे फिर से सामान्य और बेहतर जीवन जीने का अवसर दिया है।”
इसी प्रकार तरनतारन के बीर सिंह को हृदय संबंधी बीमारी का पता चलने पर मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर उपचार मिला। उनका एंजियोग्राफी के साथ पीटीसीए (परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी) किया गया।
बीर सिंह ने कहा, “डॉक्टरों ने बताया कि हृदय रोग के उपचार में देरी नहीं की जा सकती और इसका ख़र्च परिवार के लिए बहुत बड़ा बोझ बन सकता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के कारण मुझे समय पर आवश्यक उपचार मिल गया।”
मुख्यमंत्री सेहत योजना का प्रभाव अब पूरे पंजाब में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य के प्रत्येक ज़िले के लाभार्थी इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के ज़िला-वार आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,91,417 लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। ज़िलों में पटियाला 27,892 लाभार्थियों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बठिंडा में 22,584 तथा लुधियाना में 21,729 लाभार्थियों ने योजना का लाभ प्राप्त किया है। यह दर्शाता है कि सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में इसकी व्यापक माँग है।
योजना के अंतर्गत जालंधर (19,312), होशियारपुर (19,075), अमृतसर (16,550), संगरूर (16,549), श्री मुक्तसर साहिब (14,800), फिरोज़पुर (13,344) तथा गुरदासपुर (12,037) में भी बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त मोगा (11,669), फाज़िल्का (11,516), मानसा (10,539), फरीदकोट (10,309), बरनाला (8,773), तरनतारन (8,714), रूपनगर (8,574), एस.ए.एस. नगर (8,085), फतेहगढ़ साहिब (7,933), शहीद भगत सिंह नगर (6,999), कपूरथला (5,928), पठानकोट (5,844) तथा मालेरकोटला (2,472) के लाभार्थियों ने भी कैशलेस उपचार प्राप्त किया है। यह व्यापक पहुँच इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी ज़िलों में परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचा रही है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना का लगातार बढ़ता दायरा स्वास्थ्य सेवाओं में एक सरल लेकिन महत्त्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। अब लोगों को उपचार शुरू करवाने से पहले यह चिंता नहीं सताती कि वे इसका ख़र्च कैसे उठाएँगे। योजना का विस्तार लगातार जारी है और इसका उद्देश्य स्पष्ट है—पंजाब के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाना।
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