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भगवंत सिंह मान का 2027 में दोबारा पंजाब का मुख्यमंत्री बनना तय: अरविंद केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बठिंडा नगर निगम चुनावों में ‘आप’ की शानदार जीत का श्रेय भगवंत मान सरकार के चार वर्षों के ईमानदार शासन और जनहितैषी कार्यों को दिया है। उन्होंने दावा किया कि मेगा रोड शो के दौरान लोगों की भारी भीड़ और उत्साहपूर्ण समर्थन सरकार के प्रति पंजाब के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

बठिंडा के लोगों द्वारा दिए गए बड़े जनादेश के लिए उनका धन्यवाद करते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि इस फैसले ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के स्वच्छ और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन में जनता के विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने आगे कहा कि जहां पंजाब के हर पुराने मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा, वहीं भगवंत सिंह मान या उनकी सरकार के किसी भी सदस्य के खिलाफ एक भी आरोप सामने नहीं आया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के कामकाज से खुश लोगों का लगातार मिल रहा समर्थन 2027 में भगवंत सिंह मान की मुख्यमंत्री के रूप में वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ कर चुका है। इस अवसर पर ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, ‘आप’ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा तथा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।

रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज पंजाब में चार पार्टियां हैं। एक पार्टी को लोग गुस्से में ‘चिट्टा पार्टी’ के नाम से जानते हैं। इसके शासनकाल में नशे बहुत ज्यादा बिके और हर घर तक पहुंच गए। लोग इसे ‘बेअदबी पार्टी’ भी कहते हैं क्योंकि इसके कार्यकाल के दौरान बेअदबी की कई घटनाएं हुई थीं।”

उन्होंने आगे कहा, “दूसरी ‘झगड़ा पार्टी’ है। इसके नेता हमेशा आपस में ही लड़ते रहते हैं। तीसरी ‘ईडी पार्टी’ है। यह लोगों को ईडी की धमकियां देती है और उनके पीछे एजेंसियां लगाती है। चौथी आम आदमी पार्टी है, आपकी अपनी पार्टी, ‘जनता की पार्टी’, वह पार्टी जो जनता के लिए काम करती है।”

विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “मुझे बताया गया है कि चुनाव फरवरी की बजाय नवंबर में होंगे। अब केवल चार महीने बचे हैं। अब हम सबका एक ही काम है। हमें भगवंत सिंह मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है। उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनना चाहिए।”

‘आप’ प्रमुख ने नगर निगम चुनावों में इतनी शानदार जीत दिलाने के लिए लोगों का तहेदिल से धन्यवाद भी किया। उन्होंने आगे कहा, “जब हम रोड शो के दौरान यहां आ रहे थे, मैं लोगों के चेहरे देख रहा था। हमारी सरकार बने चार साल हो गए हैं। जब पिछली सरकारें सत्ता में होती थीं तो लोग उन्हें भगाने के लिए हाथों में जूते लेकर खड़े रहते थे। हमने चार साल पूरे कर लिए हैं और आज लोगों के चेहरों पर इतनी खुशी है। यह देखकर मुझे सचमुच बहुत संतोष हुआ।”

राजनीति में आने के अपने उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “हम लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आए हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि चार साल बाद लोग हमारे काम की सराहना कर रहे हैं। आपने बठिंडा में हमें शानदार जीत दिलाकर हमारे काम पर मुहर लगा दी है। रोड शो के दौरान यहां आते समय आपके चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी यह दर्शाती है कि आप ‘आप’ सरकार से बहुत खुश हैं।”

2022 के चुनावों के दौरान अपने दौरे को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “मैं 2022 के चुनावों के दौरान बठिंडा आया था। उस समय मुझे बताया गया था कि बठिंडा के लोगों को ‘जोजो टैक्स’ देना पड़ता था। अब कोई भी यह टैक्स वसूल नहीं करता और अब कोई लूट-खसोट तथा जबरन वसूली नहीं है। अब आपसे कोई पैसे नहीं मांगता। यह भगवंत मान की ईमानदार सरकार है।”

पंजाब के मुख्यमंत्री के रिकॉर्ड की सराहना करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “पिछले 75 वर्षों में पंजाब ने कई मुख्यमंत्री, कई मंत्री देखे हैं। लेकिन भगवंत मान जितना ईमानदार कोई नहीं रहा। इससे पहले आने वाले हर मुख्यमंत्री पर आरोप लगे। लोगों ने कहा कि फलां मुख्यमंत्री ने इतने पैसे कमाए, यह घोटाला किया, वह घोटाला किया, उनके परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार में शामिल थे, उनके मंत्री भ्रष्टाचार में शामिल थे। ऐसे आरोप हर मुख्यमंत्री पर लगे थे।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार वर्षों में भगवंत मान पर एक पैसे के भ्रष्टाचार का भी आरोप नहीं लगा। एक भी आरोप नहीं। क्या आपको लगता है कि अगर कोई आरोप होता तो प्रधानमंत्री मोदी भगवंत मान को छोड़ देते? ईडी और सीबीआई ने यहां भी छापेमारी कर दी होती। लेकिन उनके खिलाफ, उनके परिवार के खिलाफ या उनके किसी भी मंत्री के खिलाफ एक भी आरोप नहीं है।”

सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, “सरकार ने जनता का पैसा बचाया और लोगों के लिए बिजली मुफ्त की। इसने 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया। अब 1 जुलाई से हर मां-बहन के खाते में 1,000 और 1,500 रुपये पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इतना काम किया गया है। अब हम सबका एक ही काम है। हमें भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है ताकि बाकी बचे सभी काम भी पूरे किए जा सकें।”

‘आप’ को रोकने के लिए भाजपा, कांग्रेस और अकालियों की संयुक्त कोशिशों के बावजूद पंजाबियों ने उन्हें किनारे कर दिया; यह जनादेश ईमानदार शासन में विश्वास को दर्शाता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों पता होना चाहिए कि हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान भाजपा, अकाली और कांग्रेस मिलकर लड़े थे। उन्होंने अपने संसाधन एकत्र किए, अपनी रणनीतियां तय कीं और पंजाब सरकार के खिलाफ अंदरखाते एकजुट होकर प्रचार चलाया। वे सामूहिक रूप से एक ईमानदार सरकार से डरे हुए थे जो लोगों की सेवा कर रही है। इन पार्टियों को एहसास हो गया है कि यदि ‘आप’ ने जनसेवा का अपना सफर इसी तरह जारी रखा तो उनकी भ्रष्टाचार की दुकानें स्थायी रूप से बंद हो जाएंगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के राजनीतिक रूप से जागरूक और दूरदर्शी लोगों ने इस गठबंधन को पहचान लिया और ‘आप’ के पक्ष में निर्णायक जनादेश दिया। उन्होंने कहा, “लोगों ने झाड़ू उठाया और स्थानीय चुनावों में तीनों पार्टियों का पूरी तरह सफाया कर दिया। यह जनादेश ईमानदार राजनीति में लोगों के विश्वास को दर्शाता है और उन पार्टियों को नकारता है जो बार-बार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां यह स्वीकार करने में असमर्थ हैं कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति सफलतापूर्वक पंजाब का नेतृत्व कर रहा है और इसके लोगों की भलाई के लिए अथक काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “ये नेता हमेशा यह मानते थे कि पंजाब पर शासन करना केवल उनका ही अधिकार है। यही कारण है कि वे इस बात को पचा नहीं पा रहे कि एक आम आदमी सरकार को कुशलता और ईमानदारी से चला रहा है। दशकों तक उन्होंने झूठे वादों और प्रचार के माध्यम से लोगों को गुमराह किया, लेकिन पंजाबी अब ऐसी चालों में आने वाले नहीं हैं।”

सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि करदाताओं का पैसा अब कमीशन और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने के बजाय ईमानदारी से विकास कार्यों, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। 67,000 से अधिक युवाओं ने एक रुपया भी रिश्वत दिए बिना पूरी तरह योग्यता (मेरिट) के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। हमने पंजाब भर में कई टोल प्लाजा भी बंद किए हैं, जिससे लोगों के प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये बच रहे हैं।”

कृषि को पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराती रहेगी। उन्होंने कहा, “किसान देश के अन्नदाता हैं और वे सरकार से उच्च स्तर के सहयोग के हकदार हैं। मैं हर किसान को भरोसा दिलाता हूं कि वे अपने खेतों में जितना चाहें नहरी पानी उपयोग कर सकते हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सिंचाई के पानी की बिल्कुल भी कमी न रहे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में नहर नेटवर्क को पुनर्जीवित किया है, जिससे उन अंतिम छोरों तक भी नहरी पानी पहुंचाया गया है जो पिछले तीन दशकों से अधिक समय से सूखे पड़े थे। उन्होंने आगे कहा, “हम इस नेटवर्क का और विस्तार करते रहेंगे ताकि हर खेत तक आवश्यक पानी पहुंच सके। इससे ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुमूल्य भूजल को बचाने में मदद मिलेगी।”

पंजाब के लोगों के अटूट विश्वास और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक समृद्ध, प्रगतिशील और स्वस्थ ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “मैं पूरी निष्ठा से लोगों की सेवा करता रहूंगा। ‘आप’ सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अथक कार्य कर रही है और पंजाब तथा उसके लोगों की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।”

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं है, यह लाखों श्रद्धालुओं, किसानों, व्यापारियों और रोजाना यात्रियों के लिए एक लाइफलाइन है: कंग

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श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और बंगा–गढ़शंकर–श्री आनंदपुर साहिब–नैना देवी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को जोरदार तरीके से दोहराया। मुलाकात के दौरान कंग ने इस सड़क की सामरिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व पर चर्चा की और केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने की अपील की।

कंग ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ एक सड़क बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए एक लाइफलाइन है। उन्होंने बताया कि यह सड़क सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक श्री आनंदपुर साहिब, जहाँ 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, को हिमाचल प्रदेश स्थित माता नैना देवी जी के मंदिर से जोड़ती है। हर साल लाखों श्रद्धालु, संगतें और पर्यटक इस मार्ग से यात्रा करते हैं।

‘आप’ सांसद ने आगे कहा कि यह सड़क पंजाब को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के साथ-साथ हजारों रोजाना यात्रियों, किसानों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की भी सेवा करती है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने से संपर्क में बड़ा सुधार होगा, यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और कारोबार मजबूत होगा और पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

कंग ने कहा कि पहले मंजूरियों और घोषणाओं (जिनमें 2019 में रखा गया शिलान्यास भी शामिल है) के बावजूद, पिछले वर्षों में इस प्रोजेक्ट में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करके और समय पर विकास एवं रख-रखाव के लिए इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन लाकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी की जाए।

मुलाकात पर संतोष व्यक्त करते हुए कंग ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक भरोसा दिया है और इस लंबे समय से लटकती आ रही मांग के महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कंग ने कहा कि वे तब तक इस मुद्दे को उठाते रहेंगे जब तक कि इस क्षेत्र को आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचा नहीं मिल जाता, जिसका यह हकदार है। उन्होंने कहा, “बेहतर संपर्क ही विकास की नींव है, और जब तक यह महत्वपूर्ण मांग पूरी नहीं हो जाती, मैं लोगों की आवाज बुलंद करता रहूंगा।”

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