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विधानसभा सत्र की शुरुआत, राज्यपाल बोले – कैंसर इलाज के लिए विशेष योजना लाने वाला पहला राज्य बना Punjab

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पंजाब विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का संबोधन जारी है। उन्होंने “सत श्री अकाल” कहकर अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि बजट सत्र को संबोधित करना उनके लिए गर्व की बात है और पंजाब की तरक्की के लिए यह बजट महत्वपूर्ण योगदान देगा।

राज्यपाल के भाषण शुरू होते ही कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामा करने वाले विधायकों से राज्यपाल ने अपील की कि वे अपने मुद्दे बाद में उठाएं। उन्होंने कहा कि विरोध करना आपका अधिकार है, लेकिन सही समय पर विरोध जताएं, आपको पूरा समय दिया जाएगा।

इस दौरान ‘आप’ के मंत्री हरभजन सिंह ETO विधानसभा में बैंड-बाजे के साथ पहुंच गए। AAP के इस प्रदर्शन के खिलाफ कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस और राज्यपाल को शिकायत देकर सुरक्षा में चूक (सिक्योरिटी ब्रीच) का आरोप लगाया।

अपने भाषण में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना एक कल्याणकारी योजना है। इस योजना के तहत लोगों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है। इसके जरिए चंडीगढ़ और पंजाब के पैनल में शामिल अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि पटियाला और अमृतसर मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जाएगी। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब में 800 से अधिक आम आदमी क्लीनिक बनाए जा चुके हैं, जहां मुफ्त जांच और दवाइयां दी जा रही हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था शुरू करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है। पहले लोगों को इलाज के लिए दूर-दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब राज्य में ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डिप्टी कमिश्नरों को समय सीमा से पहले बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे करने के निर्देश दिए; कहा—सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है

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Punjab News: आगामी मानसून सीजन के मद्देनज़र मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज डिप्टी कमिश्नरों को बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए और किसी भी तरह की लापरवाही पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी। एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने नालों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत सफाई, गाद निकालने, प्रदूषण नियंत्रण उपायों को तेज करने और लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश से पहले सभी प्रबंध पूरे हो सकें।

पंजाब में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, जिनके साथ राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल भी मौजूद थे, ने पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रेनों और नदियों की योजना सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ समन्वय करके तैयार की जानी चाहिए, ताकि नियमित रूप से डी-सिल्टिंग, सफाई और मजबूती सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इससे मानसून के दौरान लोगों को बाढ़ के खतरे से बचाने में मदद मिलेगी और हर अधिकारी इस कार्य के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा। उन्होंने गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल समेत अन्य संभावित बाढ़ स्थलों की शीघ्र सफाई के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

बुड्डा नाले की सफाई के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि पवित्र बुड्डा नाले के पानी को लुधियाना शहर के शुरुआती बिंदु तक साफ कर दिया गया है और आगे का कार्य जारी है। उन्होंने डेयरियों से नाले में जाने वाले गोबर की सख्ती से जांच करने और नगर निगम द्वारा उसके उचित निस्तारण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

2.5 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाए

बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हेबोवाल में सीबीजी प्लांट को जल्द चालू किया जाए और ताजपुर में प्रस्तावित प्लांट के लिए 2.5 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाए। औद्योगिक गंदे पानी के उचित उपचार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

पानी के प्रवाह और प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टी वेईं में 200 क्योसिक पानी छोड़ने के लिए सिम्बली में रेगुलेटर चालू किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर पुलों में तकनीकी सुधार और काला संघियां ड्रेन में प्रदूषण कम करने के लिए बिस्त दोआब नहर से 100 क्योसिक पानी छोड़े जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आगे कहा कि स्टोन लायनिंग का कार्य पूरा हो गया है।

सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना का मामला केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा

मुख्यमंत्री ने डेयरी अपशिष्ट को नालों में डालने पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इस संबंध में जिम्मेदारी तय की जाएगी। सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना का मामला केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा, जिसे 117.75 करोड़ की लागत के साथ नाबार्ड के सहयोग से पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि लुधियाना के बुड्डा नाला, काला संघियां ड्रेन और सतलुज के धुसी बांध की सफाई को लेकर संत बलबीर सिंह सीचेवाल की हाज़री में जालंधर और लुधियाना के उपायुक्तों के साथ विशेष बैठक की गई है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सतलुज और अन्य मौसमी नदियों के कमजोर बांधों को मजबूत करने तथा बुद्धा नाले के लिए एसटीपी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाई देंगे और सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।

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Punjab में फूटा आप कार्यकर्ताओं का गुस्सा: सांसद हरभजन सिंह और राजेंद्र गुप्ता के घर की दीवारों पर लिखा-गद्दार

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राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद, आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी गुस्सा है। उनके घरों और यहां तक कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भी उन्हें “गद्दार” कहने वाले नारे लिखे गए हैं, जो लोगों के गुस्से का स्तर को दिखाते हैं।

कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने “पंजाब के गद्दार” के नारे लगाए, जो लोगों में गहरे गुस्से और विश्वासघात की भावना का संकेत देते है। बहुत सारे लोगों ने पंजाब के जनादेश के साथ इस धोखे पर निराशा जताई है, और कुछ ने तो विरोध में अपने बच्चों को एलपीयू में एडमिशन न करवाने की भी घोषणा कर दी है।

जालंधर में आप के सीनियर नेता पवन कुमार टीनू ने कहा कि आप सरकार 2027 में पंजाब में सत्ता में वापस आएगी और भाजपा के पास खड़े होने के लिए कोई राजनीतिक ज़मीन नहीं बचेगी। हताशा में, भाजपा ने आप के राज्यसभा सदस्यों को अपनी तरफ करने का सहारा लिया है। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने आप के खिलाफ एक नापाक गठबंधन बनाया है, जिसके कारण उनके नेता आप विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बारे में एक जैसे बयान दे रहे हैं।

इस बीच, आप पंजाब यूथ विंग के कार्यकारी प्रधान परमिंदर गोल्डी ने राजिंदर गुप्ता के घर के बाहर एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं ने “पंजाब दे गद्दार मुर्दाबाद” के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस धोखे को कभी माफ नहीं करेंगे। भाजपा अरविंद केजरीवाल की विकास और शासन की राजनीति से बुरी तरह घबराई हुई है और साजिशों के जरिए आप को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। लेकिन, ये कोशिशें नाकाम होंगी क्योंकि आप का हर कार्यकर्ता पार्टी लीडरशिप और उसके विज़न के साथ मज़बूती से खड़ा है।

आप नेताओं ने दोहराया कि पार्टी एकजुट है और पंजाब के लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब  के भरोसे तो तोड़ने वालों को अंत में राज्य के लोगों के सामने जवाबदेह होना पड़ेगा।

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अमेरिका का बड़ा एक्शन: चीन की रिफाइनरी और 40 जहाजों पर प्रतिबंध

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति एक बार फिर आक्रामक मोड में दिख रही है. अमेरिका और ईरान के बीच नए दौर की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने चीन की एक बड़ी ‘टीपॉट’ रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया तनाव खड़ा हो गया है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बताया कि डालियान स्थित हेंगली पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी पर कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वह ईरान से अरबों डॉलर का कच्चा तेल खरीद रही थी. इसके साथ ही ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने ईरान के ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े करीब 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं.

ईरान पर एक्शन के लिए चीन पर शिकंजा

 

अमेरिका के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क ईरान के तेल को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का गुप्त रास्ता है. इसी के जरिए ईरानी की कमाई होती है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, ‘ट्रेजरी ईरान सरकार पर फाइनेंशियल स्ट्रैंगलहोल्ड लगा रहा है और हम उन जहाजों, बिचौलियों और खरीदारों के नेटवर्क को लगातार कमजोर करेंगे जिनके जरिए ईरान अपना तेल बेचता है.’

टीपॉट रिफाइनरी क्या होती हैं?

अब सवाल उठता है कि ये ‘टीपॉट रिफाइनरी’ आखिर होती क्या है? दरअसल, चीन में छोटे और स्वतंत्र निजी तेल रिफाइनरी को ‘टीपॉट’ कहा जाता है. ये बड़ी सरकारी कंपनियों के मुकाबले छोटे पैमाने पर काम करती हैं, सीमित मुनाफे पर चलती हैं और अक्सर सस्ते या प्रतिबंधित स्रोतों से कच्चा तेल खरीदती हैं. चीन की कुल रिफाइनिंग क्षमता का करीब एक चौथाई हिस्सा इन्हीं टीपॉट रिफाइनरी के पास है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन रिफाइनरी पर पहले भी प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं, जिससे उन्हें कच्चा तेल खरीदने और अपने उत्पाद बेचने में दिक्कतें आई थीं. कई बार इन्हें अपने उत्पाद अलग नाम से बेचने पड़े.

इस पूरे घटनाक्रम पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह व्यापार और टेक्नोलॉजी मुद्दों को राजनीतिक हथियार बनाना बंद करे और चीनी कंपनियों को निशाना बनाने के लिए प्रतिबंधों का दुरुपयोग न करे.’

ईरान से कितना तेल लेता है चीन?

डेटा एनालिटिक्स फर्म Kpler के मुताबिक, 2025 में ईरान के निर्यातित तेल का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा चीन खरीद रहा है. ऐसे में अमेरिकी प्रतिबंध सीधे इस सप्लाई चेन को प्रभावित करते हैं. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि छोटे स्वतंत्र रिफाइनरी पर इन प्रतिबंधों का असर सीमित रहता है, क्योंकि उनका अमेरिकी वित्तीय सिस्टम से सीधा जुड़ाव कम होता है. कुल मिलाकर, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए अब उसके अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को भी निशाने पर ले रहा है.

 

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