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Social media पर लगी पाबंदी, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की घोषणा की है। आंध्र प्रदेश सरकार का यह फैसला कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की घोषणा के बाद आया है। इससे पहले कर्नाटक की सीएम ने बजट सत्र के दौरान राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने का ऐलान किया था। आंध्र प्रदेश के सीएम ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया है।

90 दिनों में होगा इंप्लिमेंट

सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार 6 मार्च को घोषणा किया है कि राज्य में 13 साल के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन किया जाएगा। इस बैन को अगले 90 दिनों में फेजवाइज इंप्लिमेंट किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए पॉलिसी बना ली है। हालांकि, चंद्रबाबू नायडू ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस पर विचार कर रही है कि प्रतिबंध को 13 साल से 16 साल तक के लिए एक्सटेंड किया जाए या नहीं। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह फैसला पॉलिसी रिव्यू और कंसल्टेशन के बाद लिया जाएगा।

शुक्रवार को कर्नाटक के सीएम ने भी बजट सत्र के दौरान 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की घोषणा की है। हालांकि, कर्नाटक सरकार की तरफ से यह घोषणा नहीं की गई है कि इसे कैसे इंप्लिमेंट किया जाएगा। पिछले दिनों कर्नाटक के सीएम ने राज्य के हायर एजुकेशन काउंसिल के वाइस चांसलर से बात करते हुए बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर चर्चा की थी।

अन्य राज्यों में भी लग सकता है बैन

आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलावा गोवा, बिहार, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को लेकर टास्क फोर्स गठित किया है। भारत सरकार ने भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर एज बेस्ड प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। सभी सरकारें ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए एज बेस्ड सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा रही हैं या फिर लगाने की तैयारी कर रही हैं।

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‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए Mann सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध — राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

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पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पंजाब सरकार ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए सेवा और विकास के रास्ते पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। 16वीं पंजाब विधानसभा के 12वें बजट सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा, उद्योग और जनसेवाओं में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया।

राज्यपाल ने बताया कि पंजाब में 23 जिला अस्पताल, 42 सब-डिविजनल अस्पताल, 162 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, 523 प्राइमरी हेल्थ सेंटर और 881 आम आदमी क्लीनिकों के जरिए लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। आम आदमी क्लीनिकों में 107 दवाइयां और 47 टेस्ट मुफ्त उपलब्ध हैं और अब तक करोड़ों लोग इन सेवाओं का लाभ ले चुके हैं।

उन्होंने कहा कि 2022 से अब तक 934 डॉक्टरों की भर्ती की जा चुकी है और 400 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

नशे के खिलाफ चलाई जा रही ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य में 548 ओट क्लीनिक और कई नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं, जहां लाखों मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने 13,765 शिक्षकों की भर्ती की है और सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ शुरू किए गए हैं। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।

कृषि क्षेत्र में नहरों और पाइपलाइनों के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं और किसानों को बीजों पर सब्सिडी सहित कई वित्तीय मदद दी जा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि पंजाब में निवेश बढ़ाने के लिए देश और विदेश की कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है और इससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर क्षेत्र में विकास के लिए काम कर रही है और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो में प्रशासनिक फेरबदल; तीन अधिकारियों के तबादले, Ravjot Grewal को अतिरिक्त जिम्मेदारी

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पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विजिलेंस ब्यूरो में प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल किया गया है। विभाग ने तीन अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर प्रवीण कुमार सिन्हा (आईपीएस) की ओर से जारी किए गए हैं और इन्हें तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

जारी आदेशों के अनुसार रवजोत ग्रेवाल (आईपीएस) को ज्वाइंट डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन, विजिलेंस ब्यूरो पंजाब के पद पर बरकरार रखते हुए अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब उन्हें ज्वाइंट डायरेक्टर आईवीसी एंड एसयू (IVC & SU) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। विभाग के अनुसार इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से विजिलेंस ब्यूरो की जांच और निगरानी से जुड़े कार्यों में और तेजी आने की उम्मीद है।

एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो फिरोजपुर बने जगत प्रीत

वहीं जगत प्रीत सिंह (पीपीएस) को ज्वाइंट डायरेक्टर आईवीसी एंड एसयू, विजिलेंस ब्यूरो पंजाब के पद से स्थानांतरित कर सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) विजिलेंस ब्यूरो, फिरोजपुर रेंज में नियुक्त किया गया है। उन्हें अब इस रेंज में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी तरह मनजीत सिंह (पीपीएस) को एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो, फिरोजपुर रेंज के पद से हटाकर एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो, अमृतसर रेंज में तैनात किया गया है। नई पोस्टिंग के बाद वे अमृतसर रेंज में विजिलेंस से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगे।

जल्द कार्यभाल संभालने के आदेश

विजिलेंस ब्यूरो की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इन तबादलों का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है। अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव से विभाग की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

आदेश की प्रतियां पंजाब सरकार के विजिलेंस विभाग के सचिव, पुलिस महानिदेशक पंजाब, विजिलेंस ब्यूरो के विभिन्न संयुक्त निदेशकों और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेज दी गई हैं, ताकि नई तैनाती के अनुसार अधिकारी जल्द से जल्द अपना कार्यभार संभाल सकें।

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पंजाब में बिजली सस्ती हुई:दरों में कटौती, free unit से ज्यादा खपत पर भी बिल कम आएगा, कमर्शियल यूजर्स को भी फायदा

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पंजाब सरकार ने बिजली की दरों में कटौती की है। इस कटौती का लाभ 1 अप्रैल 2026 से पंजाब भर के बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। पंजाब सरकार ने नए रेटों को जारी करते हुए बताया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में ₹1.5 प्रति यूनिट तक की कमी की गई है।

बता दें कि पंजाब सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली देती है। वहीं, 2 महीने का बिलिंग सर्किल के चलते 600 यूनिट मुफ्त होते हैं। ऐसे में नई बिजली दरों के बाद 600 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वाले यूजर्स का बिल भी अब कम आएगा।

बिजली दरों में कटौती के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते पंजाब के ऊर्जा मंत्री संजीव अरोड़ा।

कमर्शियल यूजर्स को भी फायदा पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन ने बताया कि कमर्शियल उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 79 पैसे प्रति यूनिट कम किए गए हैं। इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 74 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली दरों को पांच रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है। जो कि देश में सबसे कम है।

ये होगी नई बिजली दरें…

श्रेणीमौजूदा टैरिफ (2025-26)नया टैरिफ (01.04.2026 से)
स्लैबफिक्स्ड चार्ज / महीनाऊर्जा शुल्कस्लैबफिक्स्ड चार्ज / महीनाऊर्जा शुल्क
घरेलू सप्लाई (2 kW तक)0–300 यूनिट50 ₹/kW5.40 ₹/kWh0–300 यूनिट50 ₹/kW3.85 ₹/kWh
घरेलू सप्लाई (2 kW तक)300 यूनिट से ऊपर50 ₹/kW7.75 ₹/kWh300 यूनिट से ऊपर50 ₹/kW7.05 ₹/kWh
2 kW से 7 kW तक0–300 यूनिट75 ₹/kW5.72 ₹/kWh0–300 यूनिट70 ₹/kW4.25 ₹/kWh
2 kW से 7 kW तक300 यूनिट से ऊपर75 ₹/kW7.75 ₹/kWh300 यूनिट से ऊपर70 ₹/kW7.05 ₹/kWh
7 kW से 20 kW तक0–300 यूनिट110 ₹/kW6.44 ₹/kWh0–300 यूनिट100 ₹/kW5.00 ₹/kWh
7 kW से 20 kW तक300 यूनिट से ऊपर110 ₹/kW7.75 ₹/kWh300 यूनिट से ऊपर100 ₹/kW7.05 ₹/kWh
20 kW से 100 kVAसभी यूनिट130 ₹/kVA6.75 ₹/kVAhसभी यूनिट130 ₹/kVA6.20 ₹/kVAh
100 kVA से ऊपरसभी यूनिट140 ₹/kVA6.96 ₹/kVAhसभी यूनिट140 ₹/kVA6.40 ₹/kVAh
श्री हरमंदिर साहिब / दुर्ग्याणा मंदिरपहली 2000 यूनिटफ्रीपहली 2000 यूनिटफ्री
श्री हरमंदिर साहिब / दुर्ग्याणा मंदिर2000 यूनिट से ऊपरNA6.41 ₹/kWh2000 यूनिट से ऊपरNA6.10 ₹/kWh

पढ़ें कैसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल पहले से कम आएगा…

  • 300 यूनिट से ज्यादा यूज करने पर राहतः पंजाब सरकार प्रति माह 300 यूनिट फ्री बिजली उपभोक्ताओं को देती है। इससे ज्यादा बिजली यूनिट खर्च करने पर उपभोक्ताओं को पूरा बिल देना होता है। अब ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी कटौती हो जाएगी।
  • 2 किलोवाट लोड से ज्यादा पर भी कमीः पीएसपीसीएल अब तक 2 किलोवाट लोड तक वाले उपभोक्ताओं से पहली 300 यूनिट का बिल 5.40 रुपए प्रति यूनिट वसूलता है। अगर खपत 300 यूनिट से ज्यादा होती है तो ऊपर की यूनिट की दर 7.75 रुपए थी।
  • 1.50 रुपए प्रति यूनिट की कटौतीः इसी तरह 2 किलोवाट से 7 किलोवाट खपत वाले उपभोक्ताओं से पहली 300 यूनिट का बिल 5.72 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से वसूलता है। जबकि 300 से ऊपर की यूनिटों का रेट 7.75 रुपए प्रति यूनिट था। अब सरकार ने सभी रेटों में 1.50 रुपए की कटौती कर दी है। 7 किलोवाट से ज्यादा लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली यूनिटों की दरों में 1.50 रुपए प्रति यूनिट की कटौती की गई है।

PSPCL पहली बार मुनाफे की कंपनी बनी सरकार का दावा है कि इस कार्यकाल में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) पहली बार मुनाफे वाली कंपनी बनी है और पीएसपीसीएल को A+ रेटिंग और FY 2024-25 में ₹2634 करोड़ का मुनाफा हुआ है।

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