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अरविंद केजरीवाल और CM भगवंत मान आज अमृतसर में:गोल्डन टेंपल में मत्था टेककर वाहेगुरु का करेंगे शुकराना

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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज दोपहर के बाद गोल्डन टेंपल में मत्था टेकेंगे। इस अवसर पर उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी उपस्थित रहेंगे।

केजरीवाल का यह दौरा उनके कथित शराब घोटाले मामले से बरी होने के बाद पहला पंजाब दौरा होगा। यह दौरा राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आज शाम लगभग 4 बजे के करीब, गोल्डन टेंपल में मत्था टेकने के बाद, अरविंद केजरीवाल पंजाब की जनता के साथ संवाद भी करेंगे। इस दौरान वह स्थानीय नेताओं और आम लोगों से मुलाकात करेंगे।

अमृतसर और सिख धर्म के अनुयायियों के लिए यह क्षण विशेष महत्व रखता है क्योंकि गोल्डन टेंपल एक पवित्र स्थल है और यहा किसी भी नेता का मत्था टेकना सम्मान की निशानी माना जाता है।

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National

न्याय और आत्म-सम्मान के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार रहना चाहिए, अरविंद केजरीवाल ने एक मिसाल कायम की है: CM भगवंत सिंह मान

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब की सीनियर लीडरशिप ने पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल के जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की कोर्ट में पेश न होने के फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। पार्टी ने इसे सच्चाई, आत्म-सम्मान और गांधीवादी सत्याग्रह की फिलॉसफी में एक सैद्धांतिक कदम बताया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘X’ पर लिखा, “अरविंद केजरीवाल ने साबित कर दिया है कि न्याय और आत्म-सम्मान के लिए इंसान को सब कुछ कुर्बान करने के लिए तैयार रहना चाहिए। जब ​​न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो जनता का भरोसा डगमगा जाता है। हम सब चट्टान की तरह उनके साथ खड़े हैं।”

इस बीच, आप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा, “जब न्याय पर राजनीतिक साया पड़ता है, तो सच्चाई और निष्पक्षता दोनों को नुकसान होता है। भाजपा और उसके वैचारिक ताने-बाने से जुड़े मामलों में निष्पक्षता पर शक होना स्वाभाविक है।”

अरविंद केजरीवाल के फैसले का ज़िक्र करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “सत्याग्रह का रास्ता अपनाने का उनका फैसला महात्मा गांधी से प्रेरित एक शांतिपूर्ण लेकिन असरदार विरोध को दिखाता है। जनता का विश्वास वापस लाने के लिए न्यायपालिका को इन उठाई जा रही इन चिंताओं का नोटिस लेना चाहिए।

दूसरी ओर, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह कदम बेमिसाल है। आज़ादी के बाद शायद यह पहली बार है जब किसी नेता ने सिस्टम से जुड़ी चिंताओं को सामने लाने के लिए ऐसा रास्ता चुना है। अरविंद केजरीवाल का फैसला एक सैद्धांतिक स्टैंड है, जिसका मकसद न्याय में भरोसा बनाए रखना और यह पक्का करना है कि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।”

बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “न्याय प्रणाली की क्रेडिबिलिटी न केवल निष्पक्षता पर बल्कि उस निष्पक्षता की पारदर्शिता पर भी निर्भर करती है। जब कार्रवाई की निष्पक्षता पर जनता के सवाल उठते हैं, तो ऐसा स्टैंड लेना ज़रूरी हो जाता है जो सिस्टम की गरिमा की रक्षा करे।”

इस बीच, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए। यही लीगल सिस्टम की नींव है। जब इस बेसिक स्टैंडर्ड पर भी शक हो, तो पीछे हटना कमजोरी नहीं बल्कि अंतरात्मा की आवाज है।” हरजोत सिंह बैंस ने भी अरविंद केजरीवाल के इस स्टैंड को सलाम किया।

कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, लाल चंद कटारूचक, हरदीप सिंह मुंडियां और हरभजन सिंह ईटीओ ने भी ऐसे ही विचार प्रकट करते हुए  केजरीवाल के साथ एकजुटता दिखाई और सच्चाई और न्याय की लड़ाई के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

आप पंजाब के नेताओं ने मिलकर कहा कि यह फैसला न्यायपालिका के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके ऊंचे स्टैंडर्ड बनाए रखने की अपील है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को अपने पूरे समर्थन का भरोसा दिलाया और कहा कि पार्टी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून के राज के लिए खड़ी रहेगी।

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National

1 मई से पंजाब में कम होंगे बिजली कट, मंत्री संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलान

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पंजाब में बढ़ती गर्मी और लगातार लग रहे बिजली कटों के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के बिजली मंत्री Sanjeev Arora ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि 1 मई से पूरे राज्य में बिजली सप्लाई काफी हद तक सामान्य हो जाएगी और कटौती में भारी कमी आएगी।

मंत्री ने बताया कि इस साल गर्मी समय से पहले और अधिक तीव्र होने के कारण अप्रैल महीने में ही बिजली की मांग अचानक बढ़ गई। इसी वजह से कुछ इलाकों में बिजली कट लगाने पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समस्या सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर भारत में इस तरह का दबाव देखा जा रहा है।

संजेव अरोड़ा ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए विभाग ने ग्रिड अपग्रेडेशन और मेंटेनेंस से जुड़े कई काम फिलहाल रोक दिए हैं, ताकि लोगों को बिना रुकावट बिजली सप्लाई दी जा सके। इसके अलावा कुछ स्थानों पर गेहूं की फसल को आग से बचाने के लिए सुरक्षा के तौर पर अस्थायी कट भी लगाए गए।

उन्होंने बताया कि पंजाब में बिजली ढांचे को मजबूत बनाने के लिए करीब 6000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह काम 15 मई तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता लगातार बिजली आपूर्ति बनाए रखने को दी जा रही है।

मंत्री ने भरोसा दिलाया कि 1 मई से बिजली की कमी में बड़ी गिरावट आएगी और लोगों को लगातार सप्लाई देने की पूरी कोशिश की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिजली का संयम से इस्तेमाल करें और इस दौरान सरकार का सहयोग करें, ताकि स्थिति जल्द सामान्य हो सके।

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Punjab

निलंबित DIG भुल्लर पर ईडी का बड़ा एक्शन, पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर छापेमारी

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पंजाब के निलंबित डीआईजी Harcharan Singh Bhullar पर शिकंजा कसते हुए Enforcement Directorate (ईडी) ने सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न जिलों में भुल्लर और उनके सहयोगियों से जुड़े 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act 2002 (PMLA) के तहत की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी Central Bureau of Investigation (सीबीआई) और एसीबी चंडीगढ़ द्वारा दर्ज प्रेडिकेट केस के आधार पर की गई है।

आरोप है कि एक आपराधिक मामले के निपटारे के लिए बिचौलिये के जरिए अवैध रिश्वत की मांग की गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि भुल्लर के पास उनकी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति हो सकती है। इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज कर दी है।

ईडी की टीमों ने चंडीगढ़ में 2, लुधियाना में 5, पटियाला में 2, नाभा में 1 और जालंधर में 1 स्थान पर छापेमारी की। ये सभी ठिकाने भुल्लर, कथित बिचौलिये कृष्णु शारदा और उनके करीबी सहयोगियों के बताए जा रहे हैं। साथ ही कुछ संदिग्ध बेनामी संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय साक्ष्यों की गहन जांच कर रहे हैं। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को उजागर करना है।

इस कार्रवाई के बाद मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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