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अमित शाह ने एसीबी पर दबाव डाल कर सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कराया- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के वरिष्ठ नेता व पंजाब के सह प्रभारी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का सीधा हाथ बताया। उन्होंने अमित शाह से पूछा कि आपने एसीबी पर दबाव डाल कर सत्येंद्र जैन को क्यों गिरफ्तार कराया? एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह तक एसीबी का सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने को कोई प्लान नहीं था, लेकिन दोपहर में अमित शाह का सीधे एसीबी को फ़ोन आया कि गिरफ़्तार कर लो, तब गिरफ़्तार किया।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बताएं कि उन्होंने जांच एजेंसी पर दबाव डालकर सत्येन्द्र जैन को क्यों गिरफ़्तार करवाया? एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह तक एसीबी का सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने का कोई प्लान नहीं था। फिर दोपहर में अमित शाह का सीधे फ़ोन आया कि गिरफ़्तार कर लो। तब गिरफ़्तार किया। ज़ाहिर है कि अब गिरफ्तारी इस बात से नहीं होती कि किसी ने कोई गुनाह किया है या नहीं बल्कि इस बात से होती है कि वे दोनों किसे गिरफ़्तार करना चाहते हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गिरफ्तारी तब की जाती है, जब पुलिस को उस व्यक्ति से पूछताछ और जांच करनी हो। सत्येंद्र जैन की पुलिस ने कस्टडी ही नहीं ली। इसका मतलब सत्येंद्र से कोई पूछताछ नहीं करनी। केवल अमित शाह के दबाव के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

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गन्ने से इथेनॉल बनाने से 17 दिनों में चीनी 20 रुपए महंगी- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश भर में चीनी की कीमतों में भारी वृद्धि के लिए मोदी सरकार के गलत फैसले को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि गन्ने से इथेनॉल बनाने से चीनी का उत्पादन गिर गया और 17 दिनों में चीनी 20 रुपए प्रति किलो महंगी हो गई। ये लोग इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने की बात कर रहे थे। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब वही विदेशी मुद्रा फूंक कर चीनी आयात करने की नौबत आ गई है। ये सरकार है या मज़ाक? पूरी की पूरी अनपढ़ों की सरकार है। किसी को कुछ नहीं ही पता कि क्या करने से क्या होगा?

गुरुवार को एक वीडियो जारी कर “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे मोदी सरकार बिल्कुल अनपढ़ लोगों की सरकार है। उन्हें यही नहीं पता कि वे क्या निर्णय ले रहे हैं और उसका क्या असर होगा। इन्होंने गन्ने की खेती को इथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट किया और इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाना चालू कर दिया। कहा गया कि इससे पेट्रोल बचेगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी, जिसे हम विदेशों से तेल आयात करने के लिए खर्च करते हैं। गन्ने की खेती को इथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट करने से देश में गन्ने और चीनी की भारी कमी हो गई। चीनी की किल्लत के कारण पिछले 17 दिनों में इसके दाम 20 रुपए प्रति किलो बढ़ गए हैं। 17 दिन पहले जो चीनी 46 रुपए किलो थी, वह अब 65 रुपए किलो हो गई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा देश चीनी एक्सपोर्ट करता था, लेकिन अब इंपोर्ट करने की प्लानिंग कर रहा है। तेल पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए इथेनॉल बनाया गया और अब उसी विदेशी मुद्रा को हम चीनी इंपोर्ट करने पर खर्च करेंगे। एक तरफ इथेनॉल वाले पेट्रोल से लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं और माइलेज गिर रही है, वहीं दूसरी तरफ लोगों को अब महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है। सरकार डिसीजन लेती है, लेकिन इन्हें यही नहीं पता कि इसका क्या असर होने वाला है। जब गन्ने को इथेनॉल के लिए डाइवर्ट किया गया, तो इन्हें सोचना चाहिए था कि इतना गन्ना इथेनॉल में जाएगा तो चीनी कहां से आएगी? समझ नहीं आता कि मोदी सरकार में ऊपर से नीचे तक सारे अनपढ़ हैं क्या?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने अभी तक जितने भी डिसीजन लिए हैं, उनका कोई फायदा नहीं हुआ। नोटबंदी में पूरे देश में कई लोग मारे गए। कोरोना आया तो लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई करने की बजाय थाली बजाने के लिए कहा गया। ऐसा लगता है कि पूरी की पूरी सरकार अनपढ़ लोगों की है। लेकिन कसूर हमारा अपना है कि हमने इन अनपढ़ लोगों को वोट देकर वहां बिठा दिया, जिन्हें कोई अक्ल नहीं है। इन्हें सरकार चलानी नहीं आती और दुखी हम लोग हो रहे हैं।

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हॉकी वर्ल्ड कप में आज भारत-पाकिस्तान की टक्कर, अगले दौर के लिए मुकाबला बेहद अहम

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हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में आज भारत और पाकिस्तान की टीमें एक बार फिर आमने-सामने होंगी। दोनों पड़ोसी देशों के बीच होने वाला यह मुकाबला नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वेगेनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। पूल-डी का यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके नतीजे से अगले दौर में पहुंचने की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।

भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत वेल्स को 3-1 से हराकर की थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में उसे इंग्लैंड के हाथों 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। दो मैचों के बाद भारत के खाते में 3 अंक हैं और टीम पूल-डी में दूसरे स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान के पास 1 अंक है। पाकिस्तान ने वेल्स के साथ ड्रॉ खेला था, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ उसे हार मिली थी।

इस मुकाबले की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि भारत को अगले दौर में पहुंचने के लिए कम से कम ड्रॉ की जरूरत है, जबकि पाकिस्तान के लिए जीत बेहद जरूरी है। पाकिस्तान अगर मुकाबला हारता या ड्रॉ करता है तो उसका विश्व कप अभियान ग्रुप स्टेज में ही खत्म हो जाएगा।

53 साल बाद फिर उसी मैदान पर भिड़ेंगे

भारत और पाकिस्तान की हॉकी प्रतिद्वंद्विता का इतिहास काफी पुराना और रोमांचक रहा है। 1973 के विश्व कप सेमीफाइनल में भारत ने इसी एम्स्टेलवीन में पाकिस्तान को 1-0 से हराया था। इसके दो साल बाद 1975 के विश्व कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 2-1 से हराकर अपना एकमात्र पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब जीता था।

अब लंबे अंतराल के बाद दोनों टीमें फिर एम्स्टेलवीन में आमने-सामने हैं। विश्व कप इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक पांच मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारत ने तीन और पाकिस्तान ने दो मैच जीते हैं।

भारतीय टीम की कमान कप्तान हरमनप्रीत सिंह के हाथों में है। टीम को उनके पेनल्टी कॉर्नर से गोल की उम्मीद होगी। इसके अलावा अभिषेक, दिलप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, जुगराज सिंह और सुखजीत सिंह जैसे खिलाड़ियों पर भी नजरें रहेंगी।

मुकाबला आज 19 अगस्त को शाम 6:30 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा।

अब सबकी नजरें इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर हैं कि क्या भारत जीत के साथ अगले दौर में जगह पक्की करेगा या पाकिस्तान अपनी विश्व कप उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए बड़ा उलटफेर करेगा।

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झारखंड में छात्रों के आंदोलन का असर, सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाएं रद्द कीं

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले 24 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बड़ी सफलता मिली है। छात्रों के लगातार विरोध और बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने TDPL द्वारा आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें JSSC-CGL परीक्षा भी शामिल है।

दरअसल, JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी संख्या में छात्र रांची के जैपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे थे। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहे थे।

छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक बुलाई। बैठक के बाद सरकार ने JSSC-CGL समेत संबंधित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया। सरकार के इस फैसले को छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद मिली बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य की परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए जाएंगे। इसके लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक सुधार समिति गठित करने का भी फैसला लिया गया है।

सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भर्ती परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया में नियमों को सख्त करने के साथ-साथ SOP का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो।

हालांकि, परीक्षाएं रद्द किए जाने के बावजूद छात्रों की CBI जांच की मांग अभी भी जारी है। छात्रों का कहना है कि केवल परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कथित अनियमितताओं की पूरी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।

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