Punjab
फाजिल्का पुलिस ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के दौरान 924 NDPS मामलों में 1,331 आरोपियों को किया गिरफ़्तार
नशा तस्करी के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई करते हुए फाजिल्का ज़िला पुलिस ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के पिछले आठ महीनों के दौरान नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज 924 मामलों में 1,331 आरोपियों को गिरफ़्तार किया है।
इस निरंतर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 41.124 किलोग्राम हेरोइन, 3.85 ग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन, 6.503 किलोग्राम अफीम, 42 ग्राम चरस, 250.537 किलोग्राम पोस्त की भूसी तथा नशीली दवाओं के 15,843 कैप्सूल/गोलियाँ बरामद की हैं। नशा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे कुल 38 वाहनों को भी ज़ब्त किया गया है।
इस संबंध में, पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “’युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत, फाजिल्का पुलिस ने नशा तस्करी और नशे के ख़िलाफ़ महत्त्वपूर्ण सफलता हासिल की है। कार्रवाई के साथ-साथ रिहैबिलिटेशन पर भी विशेष जोर दिया गया है। कुल 252 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाया गया है, जबकि 1,809 लोगों को आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओओएटी) केंद्रों के लिए रेफर किया गया है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 64-ए के तहत 141 लोगों को भी लाभ दिया गया है।”
विभिन्न गिरोहों से जुड़े गैंगस्टरों के कई सहयोगियों की पहचान कर उन्हें गिरफ़्तार कर के,ज़िला पुलिस ने ‘गैंगस्टरां ‘ते वार’ अभियान के तहत भी महत्त्वपूर्ण प्रगति की है। फाजिल्का के एसएसपी गगन अजीत सिंह ने कहा, “पहचान कर गिरफ़्तार किए गए आरोपियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि संगठित अपराध पर अंकुश लगाया जा सके। अब तक, आर्म्स एक्ट के तहत 10 मामले दर्ज किए गए हैं और 15 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है। इस दौरान 25 पिस्तौल, एक देसी पिस्तौल, 32 मैगजीन, 52 ज़िंदा कारतूस और तीन ड्रोन बरामद किए गए हैं।”
सामुदायिक संपर्क को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत फाजिल्का पुलिस ने 99 ‘प्रोजेक्ट संपर्क’ बैठकें तथा 334 नशा विरोधी जागरूकता शिविर और सेमिनार आयोजित किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना, नशे के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता फैलाना और पुलिस-जनता के संबंधों को मज़बूत करना है। लोगों को साइबर अपराधों की समय पर रिपोर्टिंग के लिए 1930 हेल्पलाइन तथा cybercrime.gov.in पोर्टल के बारे में भी जागरूक किया गया है।
ज़िला पुलिस ने चौबीसों घंटे जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय और ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग मॉडल अपनाया है। 112 हेल्पलाइन से जुड़े 21 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी), जिन पर 102 पुलिसकर्मी तैनात हैं, के साथ-साथ 10 पुलिसकर्मियों वाली पाँच पीसीआर मोटरसाइकिलें दिन और रात की शिफ्ट में तैनात की गई हैं। ज़िले के रणनीतिक प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सात स्थायी रात्रि नाके भी स्थापित किए गए हैं, जहाँ 39 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इन नाकों पर बैरिकेडिंग की गई है और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से इनका निरीक्षण किया जाता है।
यातायात नियमों के सख़्त पालन के परिणामस्वरूप 23,804 चालान किए गए हैं, 921 वाहनों को ज़ब्त किया गया है और 173 नकद चालान जारी किए गए हैं, जिनसे 1,70,600 रुपये का ज़ुर्माना वसूला गया है। निवारक पुलिसिंग के तहत 976 लोगों को हिरासत में लिया गया और 545 लोगों को पाबंद किया गया, जिससे ज़िले में कानून-व्यवस्था को और मज़बूत करने में मदद मिली है।
जाँच और कार्रवाई को मज़बूत करने के लिए पुलिस द्वारा तकनीक का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (PAIS) का उपयोग आइडेंटिटी वेरिफिकेशन (पहचान सत्यापन) के लिए किया जा रहा है, जबकि वाहन(VAHAN) डेटाबेस नाकों और तलाशी अभियानों के दौरान वाहनों के तत्काल वेरिफिकेशन में मदद करता है। ज़ब्त किए गए मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जाँच के लिए एक डिजिटल फोरेंसिक लैब भी स्थापित की गई है।
एसएसपी ने कहा, “सीसीटीवी निगरानी और तकनीक आधारित ख़ुफ़िया तंत्र ने अपराध का पता लगाने, जाँच और पुलिस की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाया है। अपराधियों का पता लगाने और उनकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) तथा ‘अन्वेषक’ जैसे ओपन-सोर्स एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है। हत्या के मामले में फरार दोषी संदीप तोमर को NATGRID की मदद से मध्य प्रदेश से सफलतापूर्वक ट्रेस कर गिरफ़्तार किया गया। इस प्रणाली ने 2026 में सीमा पार नशा तस्करी नेटवर्क के ख़िलाफ़ पुलिस अभियानों में भी मदद की है।”
सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी के ख़िलाफ़ कार्रवाई के तहत 16 मामले दर्ज किए गए हैं और 11 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है। इन गिरफ़्तारियों के दौरान 26.822 किलोग्राम हेरोइन, एक पिस्तौल, पाँच मैगजीन, 13 ज़िंदा कारतूस और एक ड्रोन बरामद किया गया है।
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भगवंत मान सरकार गांवों से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी: CM भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार 5 सितंबर से 29 नवंबर तक ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे संस्करण का आयोजन करेगी, जिसमें सभी आयु वर्गों के 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। पंजाब की खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर लगाने के उद्देश्य से आयोजित यह विशाल खेल महोत्सव बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में उद्घाटन समारोह के साथ शुरू होगा और पटियाला में समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। वर्ष 2026 का यह संस्करण अब तक का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ बनाने की योजना है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए खेलों को सबसे बड़ा हथियार बनाया जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा 5 सितंबर से बठिंडा से ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ सीजन-4 की शुरुआत की जा रही है। इस वर्ष 10 लाख से अधिक खिलाड़ियों के मैदान में उतरने की उम्मीद है, जबकि इसका फाइनल 29 नवंबर को पटियाला में खेला जाएगा।”
पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “पहली बार खेलों के लिए 1,794 करोड़ रुपये का बड़ा बजट रखा गया है। गांवों में 3,148 खेल मैदानों और 6,000 जिम के विकास के साथ-साथ स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में भी विशेष कार्य किया जा रहा है। आइए, हम पंजाब की तीन पीढ़ियों को एक ही मैदान पर एक साथ खेलते हुए देखें और पंजाब को खेलों में अग्रणी राज्य बनाएं।”
यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा संस्करण 5 सितंबर को शुरू होगा और इन खेलों का उद्घाटन बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि इस वर्ष 10 लाख खिलाड़ियों को इन खेलों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ पंजाब के हर गांव, कस्बे और शहर में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करने, उन्हें प्रोत्साहित करने और तराशने का सबसे बेहतरीन मंच है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इन खेलों के माध्यम से हमारा उद्देश्य अपने बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की विशेषता यह है कि यह विभिन्न पीढ़ियों को आपस में जोड़ती है। पिछले संस्करणों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों, जिसमें दादा, पिता और पुत्र शामिल थे, ने इन खेलों में भाग लिया था। इस वर्ष 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक आयु तक के नौ आयु वर्गों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।”
उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 38 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें चार पैरा खेल—पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल—शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बेहद सरल पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई है और पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है। खेल विभाग ने पहली बार कोड आधारित पंजीकरण शुरू किया है, जिसके माध्यम से खिलाड़ी किसी भी समय और कहीं से भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि खेल विभाग के पोर्टल के माध्यम से भी पंजीकरण किया जा सकता है और यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से अपील की कि वे अपना पंजीकरण करवाकर इन खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लें। ये प्रतियोगिताएं पंजाब के सभी 153 ब्लॉकों और 23 जिलों को कवर करते हुए ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं 16 जिलों में होंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है। मशाल मार्च (टॉर्च रिले) 12 अगस्त को शुरू हुआ था और 5 सितंबर को अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले पंजाब के सभी जिलों से होकर गुजरेगा। खेलों का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा। राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 रुपये, रजत पदक विजेताओं को 7,000 रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 5,000 रुपये दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि 40 वर्ष तक की आयु के पदक विजेताओं को ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे, जिससे वे सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ लेने के पात्र बन सकेंगे। पहले तीन सीजन के दौरान खिलाड़ियों के बीच 25.51 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है, जो इन खेलों की भारी सफलता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले सीजन में 3.50 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, 9,688 खिलाड़ियों ने पदक जीते और 6.88 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। दूसरे सीजन में 4 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, 12,500 खिलाड़ियों ने पदक जीते और 8.87 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। तीसरे सीजन में 4.35 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, 14,500 खिलाड़ियों ने पदक जीते और 9.76 करोड़ रुपये वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण वर्ष 2025 में इन खेलों का आयोजन नहीं किया जा सका था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल हमेशा से पंजाब की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। युवाओं की अपार ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए वर्ष 2023 में नई खेल नीति लाई गई थी। इससे खेलों के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की गई और खिलाड़ियों को नकद पुरस्कारों के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई।
उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार केवल खेलों को बढ़ावा देने के लिए 1,744 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वर्ष 2022 के बाद पंजाब के इतिहास में पहली बार राज्य भर के 40,415 खिलाड़ियों को कुल 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए भी वित्तीय सहायता दी जा रही है। ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये तथा एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। 85 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जबकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पीसीएस/डीएसपी अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देना राज्य सरकार के नशे के खिलाफ अभियान में सबसे प्रभावी साधनों में से एक साबित हो सकता है और यही कारण है कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि खेलों से जुड़े युवाओं के पास नशे की ओर देखने का समय भी नहीं होता, क्योंकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए पूरी ऊर्जा लगा रहे होते हैं। इससे राज्य में नशे की बुराई को समाप्त करने और युवाओं को पंजाब के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में बराबर का भागीदार बनाने में काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के संस्करण की अवधारणा ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ को राज्य की खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर लगाने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में प्रस्तुत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार पंजाब एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है, जिसके मैच अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में होंगे। इससे पंजाब के लोगों को अपने घरेलू मैदान पर अपने हॉकी सितारों को खेलते देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह गर्व और खुशी की बात है कि पंजाब के आठ खिलाड़ी इस समय यूरोप में हो रहे विश्व हॉकी कप में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पंजाब की मौजूदा खेल संस्कृति को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और भारतीय बास्केटबॉल टीम के कप्तान पालप्रीत सिंह बराड़—सभी पंजाब से संबंधित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत ने एशियाई खेलों में 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य सहित 100 पदकों के जादुई आंकड़े को पार किया। एशियाई खेल 2023 के दौरान 20 पदक जीतकर पंजाबियों ने इसमें बड़ा योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि पंजाब के 32 खिलाड़ियों ने आठ स्वर्ण, छह रजत और छह कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में पंजाब के प्रदर्शन का 72 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले नई दिल्ली में 1951 और जकार्ता में 1962 में आयोजित एशियाई खेलों में पंजाब के खिलाड़ियों ने सात-सात स्वर्ण पदक जीते थे। पिछली एशियाई खेलों में आठ स्वर्ण पदक जीतकर पंजाब के खिलाड़ियों ने यह रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचा।
उन्होंने कहा कि इससे पहले नई दिल्ली में 1951 में आयोजित एशियाई खेलों में पंजाब के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए पदकों की अधिकतम संख्या 15 थी, लेकिन 70 वर्ष से अधिक समय बाद यह रिकॉर्ड भी टूट गया, क्योंकि पंजाब के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार खेलों के स्तर को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए व्यापक अवसर पैदा करने का काम जारी रखेगी, ताकि पंजाब खेल जगत में अपना अग्रणी स्थान फिर से हासिल कर सके और साथ ही अपने युवाओं को आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक दिशा प्रदान कर सके।
चौथे संस्करण में 38 खेल विधाओं और चार पैरा खेलों में 10 लाख से अधिक खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
ये खेल ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। ब्लॉक स्तर पर सात खेल, जिला स्तर पर 28 खेल और राज्य स्तर पर 38 खेलों के साथ-साथ राज्य स्तर पर चार पैरा खेल विधाएं शामिल होंगी। पैरा राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं 25 से 28 नवंबर तक लुधियाना में आयोजित की जाएंगी।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 10 अक्टूबर से 23 नवंबर तक तीन चरणों में 16 जिलों—लुधियाना, मानसा, कपूरथला, जालंधर, एस.ए.एस. नगर, गुरदासपुर, होशियारपुर, अमृतसर, बठिंडा, फरीदकोट, पटियाला, संगरूर, रूपनगर, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब और मलेरकोटला—में आयोजित की जाएंगी।
पहला चरण 10 से 15 अक्टूबर तक होगा, जिसमें 13 खेल विधाएं शामिल होंगी। दूसरा चरण 17 से 23 अक्टूबर तक होगा, जिसमें 13 खेल विधाएं होंगी। तीसरा चरण 17 से 23 नवंबर तक होगा, जिसमें 12 खेल विधाओं में मुकाबले करवाए जाएंगे।
चार पैरा खेल विधाओं—पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल—की प्रतियोगिताएं 25 से 28 नवंबर तक लुधियाना में आयोजित की जाएंगी।
ब्लॉक और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के दौरान नवनिर्मित ग्रामीण खेल मैदानों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक प्रतियोगिता लोगों को एकजुट करने का माध्यम बनेगी और इसमें स्थानीय नेतृत्व, ओलंपियन, सार्वजनिक हस्तियों तथा युवाओं को एक मंच पर लाया जाएगा।
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पंजाब सरकार द्वारा STPI के साथ समझौता हस्ताक्षरित; मोहाली में 29 करोड़ रुपये से स्थापित किया जाएगा “न्यूरॉन 2.0” इन्क्यूबेशन सेंटर
पंजाब को प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभारने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने 29 करोड़ रुपये के निवेश से एस.टी.पी.आई. मोहाली में “स्टार्टअप पंजाब हब – न्यूरॉन 2.0” स्थापित करने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह इन्क्यूबेशन सेंटर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स पर केंद्रित होगा।
यहाँ उद्योग भवन में पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा की उपस्थिति में यह समझौता हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते पर निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य-सह-पंजाब स्टार्टअप नोडल अधिकारी श्री जसप्रीत सिंह और एसटीपीआई के निदेशक श्री शैलेंद्र के. त्यागी ने हस्ताक्षर किए।
श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि यह नई सुविधा ‘न्यूरॉन 1.0’ की सफलता पर आधारित है, जिसके तहत 114 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट (नवीन आवश्यकताओं के अनुसार तैयार) किया गया, 158 उत्पादों और 171 प्रोटोटाइप्स के विकास में सहायता की गई, जिससे लगभग 2,700 नौकरियाँ उत्पन्न हुईं। पिछले हब में से इन्क्यूबेट किए गए स्टार्टअप्स ने 251 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया है, जिनका कुल मूल्यांकन 2,890 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 12 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है, जबकि एसटीपीआई द्वारा 17 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य अगले पाँच वर्षों के दौरान कम से कम 50 स्टार्टअप्स को तैयार करना और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों में संरचित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 2,000 पेशेवरों को प्रशिक्षित करना है। इस सुविधा के तहत पात्र स्टार्टअप्स को प्रदेश की स्टार्टअप नीति के तहत लाभ लेने के लिए ‘स्टार्टअप पंजाब’ के तहत पंजीकरण हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि न्यूरॉन 2.0 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ऑडियो-विज़ुअल ग्राफिक्स के साथ-साथ साइबर सुरक्षा को एक कोर डोमेन के रूप में शामिल किया जाएगा। इस हब में उत्पादों के विकास और परीक्षण के लिए उन्नत सुविधाओं वाली एक समर्पित साइबर सुरक्षा लैब स्थापित की जाएगी। इस सुविधा को एक व्यापक इनोवेशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की योजना है, जो स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, मेंटरिंग, उन्नत बुनियादी ढाँचा, कौशल विकास, उत्पादों के व्यावसायीकरण और औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देगा।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा, “न्यूरॉन 2.0 के लिए एसटीपीआई के साथ यह साझेदारी आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हमारे मौजूदा क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा को जोड़कर, हम प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं और अपने युवाओं को भविष्य के अवसरों के लिए तैयार कर रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि एसटीपीआई इस सुविधा का संचालन और प्रबंधन करेगी, साइबर सुरक्षा लैब का रख-रखाव करेगी और आउटरीच कार्यक्रम, हैकाथॉन, बूटकैंप और इन्वेस्टर-कॉन्टैक्ट कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। कौशल विकास प्रक्रिया में फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और एक्सपर्ट-लेवल के कार्यक्रम शामिल होंगे। स्टार्टअप पंजाब स्टार्टअप आउटरीच, मेंटरिंग और इकोसिस्टम विकास में सहायता करेगा और इस हब को सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक संगठनों से जोड़ेगा। इसके साथ ही यहाँ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों एवं कॉलेजों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के अवसर भी प्रदान किए जाएँगे।
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मेरे किसी से पैसे मांगने का एक भी चैट या सबूत पेश करें, या सबके सामने माफी मांगें: राजवीर सिंह घुम्मण
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजवीर सिंह घुम्मण ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर पलटवार किया और उनसे अपने आरोपों के सबूत पेश करने या सबके सामने माफी मांगने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा, “चोर को सब चोर दिखते हैं। आरोप लगाना बहुत आसान है, लेकिन सबूत पेश करना मुश्किल है।”
अकाली नेता को सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए संबोधित करते हुए राजवीर सिंह घुम्मण ने कहा, “मैं बिक्रम सिंह मजीठिया, जिन्होंने खुद को ईडी (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट) का स्पोक्सपर्सन नियुक्त किया हुआ है, को खुली चुनौती देता हूं कि अगर उनके पास मेरी एक भी चैट या मेरे किसी से पैसे मांगने का कोई सबूत है, तो वे उसे सार्वजनिक करें। या तो सबूत लोगों के सामने लाएं या सबके सामने माफी मांगें। नहीं तो, मानहानि के केस का सामना करने के लिए तैयार रहें।”
उन्होंने कहा कि विपक्ष के लिए असली समस्या यह है कि आम परिवारों के बेटे ज़िम्मेदार पदों पर पहुंच गए हैं और जिन्होंने सालों तक पंजाब पर राज किया है, उनके राजनीतिक मौकों को अब चुनौती दी जा रही है।
उन्होंने आगे कहा, “(मजीठिया) असल में इस बात से परेशान हैं कि कैसे आम परिवारों के युवा आगे आए हैं और कैसे उनके सरकार बनाने के मौके खत्म हो गए हैं। जब वे हमारे काम का मुकाबला नहीं कर सके, तो अब वे घटिया झूठ और चरित्र हनन का सहारा ले रहे हैं।”
राजवीर सिंह घुम्मण ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार पंजाब के लिए ईमानदारी से काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा, “हम पंजाब के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। अगर उनमें हिम्मत है, तो उन्हें हमारे काम के बारे में बात करनी चाहिए, झूठे आरोपों के बारे में नहीं।”
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