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स्वतंत्रता के बाद पंजाब को गैर-कानूनी तरीके से अपनी राजधानी से वंचित रखा गया है; चंडीगढ़ हमारा है और रहेगा – CM भगवंत सिंह मान

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गणतंत्र दिवस पर होशियारपुर में राष्ट्रीय तिरंगा लहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अवसर पर पंजाब के संवैधानिक अधिकारों की जोरदार पुष्टि करते हुए अपनी सरकार के शासन रिकॉर्ड का विस्तारपूर्वक विवरण दिया। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब की बेमिसाल कुर्बानियों और देश के अन्नदाता व खड़गभुजा के रूप में इसकी निरंतर भूमिका को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद राज्य को इसकी राजधानी और अलग हाई कोर्ट से गैरकानूनी तरीके से वंचित रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और इसके पानी के अधिकारों पर पंजाब के दावे को कमजोर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब अपने हितों की रक्षा के लिए हर रोज कानूनी और संवैधानिक कार्रवाई करता रहेगा।

शासन को विरासत और विश्वास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की ऐतिहासिक यादगार, श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। उन्होंने घोषणा की कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व इस साल 1 से 20 फरवरी, 2027 तक राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा।

शासन की दिशा को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ के तहत नशों, गैंगस्टरों और नारको-ड्रोन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, 10 लाख रुपए तक की सार्वव्यापी स्वास्थ्य सुविधा, रिश्वत के बिना 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान करना और सड़क सुरक्षा फोर्स के माध्यम से सड़क हादसों में मौतों में तेजी से कमी आई है। उन्होंने मनरेगा में अनुसूचित जाति और बेजमीन परिवारों को प्रभावित करने वाले बदलावों पर भी चिंता जताई, 1.5 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड निवेश का हवाला दिया, जिससे 5.2 लाख नौकरियां पैदा हुईं और 13 से 15 मार्च तक पंजाब निवेश सम्मेलन की घोषणा की।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश और इसके लोगों के प्रति अथाह योगदान के बावजूद पंजाब के पास अपनी राजधानी नहीं है। आजादी के बाद पंजाब को गैर-कानूनी तौर पर इससे वंचित रखा गया है। स्थिति को और बिगाड़ने के लिए राज्य को इसकी राजधानी, पंजाब यूनिवर्सिटी, पानी और अन्य अधिकारों से वंचित करने के लिए रोजाना साजिशें रची जा रही हैं। यह कभी नहीं होने दिया जाएगा। चंडीगढ़, पंजाब का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा और राज्य सरकार अपनी राजधानी वापस लेने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।”

अलग हाई कोर्ट न होने पर गुस्सा जाहिर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब के पास अपना हाई कोर्ट नहीं है, जबकि उत्तर-पूर्व के छोटे राज्यों की अपनी राजधानियां हैं। उन्होंने कहा, “अपनी हाई कोर्ट की अनुपस्थिति में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में मामलों की बड़ी संख्या के कारण पंजाबियों को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।”

देश भर के सभी पंजाबियों और नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपनी जानें कुर्बान करने वाले हजारों देश भक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

थल सेना, जल सेना और वायु सेना के बहादुर सैनिकों को सलाम करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की प्रभुसत्ता, एकता और अखंडता की रक्षा में उनकी शानदार भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, “1950 में इस दिन, देश का संविधान लागू हुआ था। यह सभी भारतीयों के लिए बहुत खास दिन है। यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरवशाली नागरिक हैं।”

इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहिब डॉ. भीम राव अंबेडकर के संविधान बनाने में दिए गए अनमोल योगदान को श्रद्धा के फूल अर्पित किए। उन्होंने कहा कि पंजाबी इस बात पर गर्व करते हैं कि स्वतंत्रता संग्राम में सबसे अधिक कुर्बानियां पंजाबी योद्धाओं ने दी। उन्होंने कहा, “हर पंजाबी को जुल्म और बेइंसाफी के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा हमारे महान गुरुओं की शिक्षाओं से मिली है।”

ऐतिहासिक लहरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कूका लहर, बब्बर अकाली लहर, गदर लहर, कामागाटा मारू दुखांत और पगड़ी संभाल जट्टा जैसी आजादी की लहरों का नेतृत्व पंजाबियों ने किया। उन्होंने कहा कि बाबा महाराज सिंह, बाबा राम सिंह, शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव, लाला लाजपत राय, शहीद ऊधम सिंह, शहीद करतार सिंह सराभा, मदन लाल ढींगरा, दीवान सिंह कालेपानी और सैकड़ों अन्य राष्ट्र नायकों ने भारत की आजादी के लिए अपनी जानें कुर्बान की।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों ने देश की तरक्की में मिसाली योगदान दिया है और देश की रक्षा तथा इसे अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में हमेशा अग्रणी रहे हैं।

किसानों की भूमिका का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसान देश के अन्नदाता हैं, जिनकी कड़ी मेहनत यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी भूखा न सोए। “पंजाब, देश के अनाज भंडार में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है।” उन्होंने कहा पिछले साल के तबाहीपूर्ण बाढ़ों के दौरान भी पंजाब के किसानों ने केंद्रीय पूल में 156 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान दिया। पंजाब के किसानों और सैनिकों के योगदान के कारण राज्य को “देश का अन्नदाता और खड़गभुजा” कहा जाता है।

बाढ़ों के बाद राज्य को फिर पैरों पर खड़ा करने में मददगार बनने वालों के शुक्रगुजार होते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे इन योद्धाओं को सिजदा करते हैं जिन्होंने भयानक बाढ़ों के बावजूद पंजाब का जन-जीवन फिर लीक पर डाल दिया। उन्होंने कहा, “प्राकृतिक आपदा के बावजूद राज्य कुछ घंटों में फिर अपने पैरों पर खड़ा हो गया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की खातिर पंजाब ने अपने कीमती प्राकृतिक संसाधनों उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधनों को कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि महान कुर्बानियों के बावजूद पंजाब लगातार बेइंसाफी और भेदभाव का सामना कर रहा है और राज्य को अपने हक लेने के लिए कानूनी, विधायी और प्रशासकीय स्तर पर लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

पंजाब के साथ सौतेली मां वाला सलूक होने का जिक्र करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके हकों को छीनने के लिए साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने कहा, “बी.बी.एम.बी. और पानी पर पंजाब के कानूनी हकों पर छापा मारने की बुरी चालें चली गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे सफल नहीं होने दिया।”

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में बदलाव पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने इस योजना का ढांचा ही बदल दिया है और इससे अनुसूचित जाति वर्ग के मजदूरों, महिलाओं और बेजमीन परिवारों से रोजी-रोटी छीन ली जाएगी। उन्होंने कहा, “देश में अनुसूचित जाति की आबादी का सबसे अधिक अनुपात पंजाब में है। यह नया कानून अनुसूचित जाति भाईचारे के लिए बुरा साबित होगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वर्तमान में पंजाब में 19.85 लाख परिवार मनरेगा कामगारों के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 12.65 लाख अनुसूचित जाति भाईचारे से संबंधित हैं। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार कानून और अदालतों के माध्यम से केंद्र के खिलाफ यह जंग लड़ रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि संविधान में केंद्र-राज्य अधिकार स्पष्ट रूप से परिभाषित होने के बावजूद केंद्र ने ग्रामीण विकास के लिए ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) रोक दिए हैं।

पंजाब के दृढ़ इरादे को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब को केंद्र से अपने अधिकार प्राप्त करने के लिए हर रोज लड़ाई लड़नी पड़ती है। मैं यह स्पष्ट कर देता हूं कि पंजाबी कभी नहीं झुके हैं, और न ही वे भविष्य में कभी झुकेंगे।”

फूट डालने वाली ताकतों को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों को बांटने के लिए झूठा प्रचार किया जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार ऐसे मनसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने गैंगस्टरों और उनके हमदर्दों को सख्त चेतावनी दी कि वे जुर्म का रास्ता छोड़ दें या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें। “गैंगस्टरों पर वार” अभियान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और इन्हें शह देने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के प्रति कोई लिहाज नहीं बरता जाएगा। उन्होंने कहा कि हर कीमत पर राज्य में शांति, एकता और भाईचारे की साझेदारी कायम रखी जाएगी।

पिछले तकरीबन चार सालों में पंजाब सरकार द्वारा किए गए उपायों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने वाला शासन प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत नशों के खिलाफ जंग शुरू की गई है, जिसके तहत नशों की सप्लाई चेन तोड़ी गई, तस्करों को जेलों में डाला गया, उनकी जायदादें ढाही गईं और पीड़ितों का इलाज और पुनर्वास किया गया। उन्होंने कहा, “532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक स्थापित की गई है। अब तक 498 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया है और 256 ड्रोन जब्त किए गए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ का दूसरा चरण शुरू हो गया है और नागरिक 98991-00002 पर मिस्ड कॉल देकर इसमें शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि गांव और वार्ड स्तर की सुरक्षा समितियां बनाई गई हैं, नशों से मुक्त हुए लोगों को सूरमे के रूप में सम्मानित किया जा रहा है, पुनर्वास के लिए हुनर प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 3,083 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ करवाई गईं जिनमें तीन-तीन पीढ़ियां हिस्सा ले रही हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नौंवे पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस का ऐतिहासिक मौका राज्य भर में श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाया गया। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी स्मारक के निर्माण पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिखों के तीन पावन तख्त साहिबान वाले शहरों श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित किया गया, जबकि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थानों के मुफ्त दर्शन करवा रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे घोषणा की कि 1 फरवरी को श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा, जिसमें इस साल 1 फरवरी से कार्यक्रम और समागम करवाए जाएंगे और ये कार्यक्रम साल 2027 तक निरंतर जारी रहेंगे, जिससे गुरु रविदास जी की महान विरासत और यादगार को यकीनी बनाया जा सकेगा।

स्वास्थ्य सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना सभी 65 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का नकद रहित इलाज प्रदान करती है। उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत आय की शर्तें हटा दी गई हैं। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को भी शामिल किया गया है। पंजाब सभी नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना मुफ्त इलाज प्रदान कर रहे हैं और यह संख्या जल्द ही 1,000 तक पहुंच जाएगी।

रोजगार के संबंध में, उन्होंने कहा कि 63,027 सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से रिश्वत या सिफारिश के बिना दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और पंजाब के इतिहास में पहली बार, धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को दिन में आठ घंटे से अधिक निर्विघ्न बिजली सप्लाई की जा रही है, जिससे किसान दोनों समय खेतों में जाने की बजाय घर बैठकर परिवार के साथ खाना खा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 रजबाहों को फिर सुरजीत किया गया, आजादी के बाद बन रही पहली नहर, ‘मालवा नहर’ पर 2,300 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

शिक्षा के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, शिक्षकों को फिनलैंड, सिंगापुर और अहमदाबाद में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, विद्यार्थियों के लिए बस सेवाओं से 10,000 से अधिक लड़कियों को लाभ पहुंच रहा है, पंजाब ने केरल को पछाड़कर नेशनल अचीवमेंट सर्वे में शीर्ष स्थान हासिल किया है और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में जेईई और नीट की परीक्षा पास की है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साल 2022 से अब तक 1.50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हासिल हुए हैं, जिससे रोजगार के 5.2 लाख अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने घोषणा की कि पंजाब प्रगतिशील निवेश सम्मेलन 13 से 15 मार्च तक मोहाली में होगा जिसमें विश्व भर से उद्योगपति हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा कि पंजाब किसानों को देश में गन्ने की सबसे अधिक कीमत 416 रुपये प्रति क्विंटल देता है, पराली जलाने की घटनाओं में 53 प्रतिशत की कमी आई है, और 21 टोल प्लाजा बंद करने से लोगों की रोजाना 67.7 लाख रुपये की बचत हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले रक्षा जवानों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिस कर्मचारियों के परिवारों को 2 करोड़ रुपए का मान भत्ता प्रदान करती है।

सड़क सुरक्षा फोर्स के बारे में जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की अनोखी पहल है। उन्होंने कहा कि पिछले साल फरवरी में इसकी शुरुआत के बाद, सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। यह फोर्स 4,200 किलोमीटर हाईवे पर तैनात है जो ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाती है।

उन्होंने कहा कि गांवों के छप्पड़ों की सफाई की जा रही है, लाइब्रेरी बनाई गई हैं, 49,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों को अपग्रेड किया जा रहा है, युवाओं को मिनी बसों के 1,600 परमिट जारी किए गए हैं, ईजी रजिस्ट्री शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी को समर्पित खुरालगढ़ में 148 करोड़ रुपए की यादगार बनाई जा रही है।

होशियारपुर जिले की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब का सबसे अधिक पढ़ा-लिखा जिला है, लिंग अनुपात में सबसे ऊपर है, एथलेटिक्स और फुटबॉल में इसका बड़ा योगदान है। इस जिले के कस्बे माहिलपुर को विश्व स्तर पर फुटबॉल की नर्सरी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर में मेडिकल कॉलेज पर काम जल्दी शुरू हो जाएगा और फरवरी में होने वाले ‘नेचर फेस्ट’ के लिए पोस्टर जारी किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने परेड का निरीक्षण किया, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखा और गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्राप्तियों हासिल करने वालों को सम्मानित किया।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने परेड कमांडर धीरेंद्र वर्मा आई.पी.एस. और सहायक परेड कमांडर रमनप्रीत सिंह गिल के नेतृत्व वाली परेड का निरीक्षण किया और पंजाब पुलिस, पंजाब होमगार्ड्स, पैसको, एन.सी.सी., बॉय स्काउट्स, पुलिस कैडेट्स, गर्ल गाइड्स और पंजाब पुलिस ब्रास बैंड की टुकड़ियों से सलामी ली।

पी.ए.पी. जालंधर टीम द्वारा टेंट पेगिंग और भांगड़ा, गिद्दा, समूह डांस, पी.टी. शो और स्कूली विद्यार्थियों द्वारा समूह गायन सहित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किया गया।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों का सम्मान किया, दिव्यांगजन व्यक्तियों को ट्राइसाइकिल और जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की। इस मौके पर राज्य और जिला प्रशासन के विकास को दर्शाती झांकियां भी प्रदर्शित की गईं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान समाज में शानदार योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों की व्यक्तियों और अन्य अधिकारियों को भी सम्मानित किया।

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CM मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के नतीजे आ रहे हैं, कपूरथला में हेरोइन की रिकवरी में 187% की बढ़ोतरी, ड्रग्स के जाल में पुलिस की कार्रवाई

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भगवंत मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के तहत कपूरथला जिले में ड्रग्स की रिकवरी में तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जिला पुलिस की कड़ी और लगातार कार्रवाई को दिखाता है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, 1 मार्च, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक, कपूरथला पुलिस ने 30.4 kg हेरोइन बरामद की, जबकि कैंपेन से पहले के समय (1 जनवरी, 2024 से 28 फरवरी, 2025) में 10.6 kg हेरोइन बरामद की गई थी – जो 187% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।

इस दौरान, खसखस की ज़ब्ती 170 kg से बढ़कर 452 kg से ज़्यादा हो गई, जो 166% की बढ़ोतरी है, जबकि अफीम की ज़ब्ती 6.845 kg से बढ़कर 11.517 kg हो गई, जो 68% की बढ़ोतरी दिखाती है।

इसी दौरान, नशीली गोलियों और कैप्सूल की ज़ब्ती 38,327 से बढ़कर 72,480 हो गई, जो लगभग 89% की बढ़ोतरी है। इसके अलावा, चरस और बर्फ की ज़ब्ती, जो पहले न के बराबर थी, अब इस खास ऑपरेशन के दौरान दर्ज की गई है।

ज़ब्ती में बढ़ोतरी के साथ-साथ ऑपरेशन भी बढ़ा है। कैंपेन के दौरान, कपूरथला पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 1498 FIR दर्ज कीं और 1867 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछली अवधि के दौरान 376 मामले दर्ज किए गए थे और 481 गिरफ्तारियां की गई थीं, जो क्रम से 298% और 288% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।

जानकारी देते हुए, कपूरथला के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) गौरव तूरा ने कहा: “पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन ने ड्रग्स के खिलाफ फोकस्ड और इंटेंसिव एक्शन मुमकिन बनाया है। ज़ब्ती में यह बड़ी बढ़ोतरी कपूरथला पुलिस की सप्लाई चेन को तोड़ने और हर लेवल पर ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने की लगातार कोशिशों को दिखाती है।”

अधिकारियों ने कहा कि ज़ब्ती और ऑपरेशन में यह बढ़ोतरी शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगातार इंटेलिजेंस के आधार पर किए जा रहे ऑपरेशन का नतीजा है, जो ऑर्गनाइज़्ड ड्रग नेटवर्क को खत्म करने, इंटर-स्टेट नेक्सस की पहचान करने और बार-बार अपराध करने वालों को टारगेट करने पर फोकस करते हैं।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिकर्स और उनके इकोनॉमिक एसेट्स, दोनों को टारगेट करने का यह दोहरा तरीका लंबे समय में ड्रग सिस्टम को खत्म करने के लिए ज़रूरी है।

उन्होंने आगे कहा, “यह ऑपरेशन एक लगातार मिशन के तौर पर चलाया जा रहा है। ड्रग्स के खतरे को खत्म करने और पंजाब के युवाओं की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।” ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ कैंपेन में एक मज़बूत आर्थिक ऑपरेशन का हिस्सा भी शामिल है, जिसका मकसद ड्रग नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है।

कपूरथला पुलिस ने 48 मामलों में कार्रवाई शुरू की, जिसमें ड्रग एक्टिविटी से जुड़ी ₹9.10 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति शामिल थी। इनमें से ₹8.60 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त करने और फ्रीज़ करने के ऑर्डर पहले ही मिल चुके हैं।

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CM भगवंत सिंह मान ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका, बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून बनाने की समझ और शक्ति देने के लिए परमात्मा का शुक्राना किया

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

आज श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं, जिनकी मान-मर्यादा बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मिसाली सजा का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की अमन-शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता को भंग करने के उद्देश्य से रची गई गहरी साजिश का हिस्सा थीं। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि यह कानून इतनी समझदारी और सख्ती से बनाया गया है कि दोषी ठहराए गए व्यक्ति को मरने तक उम्रकैद की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश के नामी कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद इस कानून का मसौदा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून ऐसी घटनाओं के खिलाफ मजबूत व्यवस्था के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दुनिया भर के लोगों और सिख संगत ने पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस कानून का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जहां पूरी सिख संगत ने इस कानून का स्वागत किया है, वहीं शिरोमणि कमेटी के आकाओं ने इसका विरोध किया है क्योंकि बेअदबी से जुड़ी घटनाओं में वे स्वयं शामिल रहे हैं।”

चार दिवसीय “शुक्राना यात्रा” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक कानून को पारित करने की क्षमता और समझ देने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करने निकले हैं।

उन्होंने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर यह यात्रा 9 मई तक जारी रहेगी और यात्रा के दौरान वह तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब के दर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य परमात्मा का शुक्राना करना है, जिन्होंने हमें मानवता और पंजाब की सेवा के लिए यह बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचने वाली संगत का दिल से धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भर की संगत यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत कर रही है क्योंकि पहली बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून तैयार किया गया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब कैबिनेट और पंजाब विधानसभा दोनों ने सर्वसम्मति से इस कानून को मंजूरी दी है।

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केंद्र सरकार मंडियों में जगह की कमी दूर करने के लिए जरूरी सहयोग नहीं दे रही: लाल चंद कटारूचक्क

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पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने अनाज भंडारण को लेकर मंडियों में पैदा हो रही जगह की कमी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मंडियों में भंडारण संकट को हल करने के लिए केंद्र सरकार जरूरी सहयोग नहीं दे रही, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लंबे समय से यह मामला लगातार केंद्र के सामने उठा रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि अप्रैल और मई 2026 के दौरान अनाज उठान के लिए केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) से 860 विशेष रेलगाड़ियां उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी, लेकिन जरूरत के मुताबिक ट्रेनें उपलब्ध नहीं करवाई गईं। इसके चलते एक ही सप्ताह में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की भारी आवक होने से मंडियों में फसल के ढेर लग गए हैं।

कटारूचक्क ने कहा कि अप्रैल महीने के दौरान केवल 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही रेल, सड़क और कंटेनरों के जरिए सीधे मंडियों से उठाया गया। वहीं मई 2026 की शुरुआत से अब तक रोजाना सिर्फ 3 से 5 विशेष रेलगाड़ियां ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने खरीद सीजन को सुचारू रूप से जारी रखा है और 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने के करीब पहुंच चुका है।

मंत्री के अनुसार अब तक पंजाब की मंडियों में 121.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, जिसमें से 120.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए गेहूं में से विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने 119.56 लाख मीट्रिक टन और व्यापारियों ने 1,33,203.15 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।

लाल चंद कटारूचक्क ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों द्वारा मेहनत से उगाए गए अनाज का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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