Punjab
स्वतंत्रता के बाद पंजाब को गैर-कानूनी तरीके से अपनी राजधानी से वंचित रखा गया है; चंडीगढ़ हमारा है और रहेगा – CM भगवंत सिंह मान
गणतंत्र दिवस पर होशियारपुर में राष्ट्रीय तिरंगा लहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अवसर पर पंजाब के संवैधानिक अधिकारों की जोरदार पुष्टि करते हुए अपनी सरकार के शासन रिकॉर्ड का विस्तारपूर्वक विवरण दिया। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब की बेमिसाल कुर्बानियों और देश के अन्नदाता व खड़गभुजा के रूप में इसकी निरंतर भूमिका को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद राज्य को इसकी राजधानी और अलग हाई कोर्ट से गैरकानूनी तरीके से वंचित रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और इसके पानी के अधिकारों पर पंजाब के दावे को कमजोर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब अपने हितों की रक्षा के लिए हर रोज कानूनी और संवैधानिक कार्रवाई करता रहेगा।
शासन को विरासत और विश्वास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की ऐतिहासिक यादगार, श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। उन्होंने घोषणा की कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व इस साल 1 से 20 फरवरी, 2027 तक राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा।
शासन की दिशा को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ के तहत नशों, गैंगस्टरों और नारको-ड्रोन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, 10 लाख रुपए तक की सार्वव्यापी स्वास्थ्य सुविधा, रिश्वत के बिना 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान करना और सड़क सुरक्षा फोर्स के माध्यम से सड़क हादसों में मौतों में तेजी से कमी आई है। उन्होंने मनरेगा में अनुसूचित जाति और बेजमीन परिवारों को प्रभावित करने वाले बदलावों पर भी चिंता जताई, 1.5 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड निवेश का हवाला दिया, जिससे 5.2 लाख नौकरियां पैदा हुईं और 13 से 15 मार्च तक पंजाब निवेश सम्मेलन की घोषणा की।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश और इसके लोगों के प्रति अथाह योगदान के बावजूद पंजाब के पास अपनी राजधानी नहीं है। आजादी के बाद पंजाब को गैर-कानूनी तौर पर इससे वंचित रखा गया है। स्थिति को और बिगाड़ने के लिए राज्य को इसकी राजधानी, पंजाब यूनिवर्सिटी, पानी और अन्य अधिकारों से वंचित करने के लिए रोजाना साजिशें रची जा रही हैं। यह कभी नहीं होने दिया जाएगा। चंडीगढ़, पंजाब का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा और राज्य सरकार अपनी राजधानी वापस लेने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।”
अलग हाई कोर्ट न होने पर गुस्सा जाहिर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब के पास अपना हाई कोर्ट नहीं है, जबकि उत्तर-पूर्व के छोटे राज्यों की अपनी राजधानियां हैं। उन्होंने कहा, “अपनी हाई कोर्ट की अनुपस्थिति में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में मामलों की बड़ी संख्या के कारण पंजाबियों को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।”
देश भर के सभी पंजाबियों और नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपनी जानें कुर्बान करने वाले हजारों देश भक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
थल सेना, जल सेना और वायु सेना के बहादुर सैनिकों को सलाम करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की प्रभुसत्ता, एकता और अखंडता की रक्षा में उनकी शानदार भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, “1950 में इस दिन, देश का संविधान लागू हुआ था। यह सभी भारतीयों के लिए बहुत खास दिन है। यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरवशाली नागरिक हैं।”
इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहिब डॉ. भीम राव अंबेडकर के संविधान बनाने में दिए गए अनमोल योगदान को श्रद्धा के फूल अर्पित किए। उन्होंने कहा कि पंजाबी इस बात पर गर्व करते हैं कि स्वतंत्रता संग्राम में सबसे अधिक कुर्बानियां पंजाबी योद्धाओं ने दी। उन्होंने कहा, “हर पंजाबी को जुल्म और बेइंसाफी के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा हमारे महान गुरुओं की शिक्षाओं से मिली है।”
ऐतिहासिक लहरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कूका लहर, बब्बर अकाली लहर, गदर लहर, कामागाटा मारू दुखांत और पगड़ी संभाल जट्टा जैसी आजादी की लहरों का नेतृत्व पंजाबियों ने किया। उन्होंने कहा कि बाबा महाराज सिंह, बाबा राम सिंह, शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव, लाला लाजपत राय, शहीद ऊधम सिंह, शहीद करतार सिंह सराभा, मदन लाल ढींगरा, दीवान सिंह कालेपानी और सैकड़ों अन्य राष्ट्र नायकों ने भारत की आजादी के लिए अपनी जानें कुर्बान की।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों ने देश की तरक्की में मिसाली योगदान दिया है और देश की रक्षा तथा इसे अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में हमेशा अग्रणी रहे हैं।
किसानों की भूमिका का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसान देश के अन्नदाता हैं, जिनकी कड़ी मेहनत यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी भूखा न सोए। “पंजाब, देश के अनाज भंडार में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है।” उन्होंने कहा पिछले साल के तबाहीपूर्ण बाढ़ों के दौरान भी पंजाब के किसानों ने केंद्रीय पूल में 156 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान दिया। पंजाब के किसानों और सैनिकों के योगदान के कारण राज्य को “देश का अन्नदाता और खड़गभुजा” कहा जाता है।
बाढ़ों के बाद राज्य को फिर पैरों पर खड़ा करने में मददगार बनने वालों के शुक्रगुजार होते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे इन योद्धाओं को सिजदा करते हैं जिन्होंने भयानक बाढ़ों के बावजूद पंजाब का जन-जीवन फिर लीक पर डाल दिया। उन्होंने कहा, “प्राकृतिक आपदा के बावजूद राज्य कुछ घंटों में फिर अपने पैरों पर खड़ा हो गया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की खातिर पंजाब ने अपने कीमती प्राकृतिक संसाधनों उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधनों को कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि महान कुर्बानियों के बावजूद पंजाब लगातार बेइंसाफी और भेदभाव का सामना कर रहा है और राज्य को अपने हक लेने के लिए कानूनी, विधायी और प्रशासकीय स्तर पर लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
पंजाब के साथ सौतेली मां वाला सलूक होने का जिक्र करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके हकों को छीनने के लिए साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने कहा, “बी.बी.एम.बी. और पानी पर पंजाब के कानूनी हकों पर छापा मारने की बुरी चालें चली गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे सफल नहीं होने दिया।”
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में बदलाव पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने इस योजना का ढांचा ही बदल दिया है और इससे अनुसूचित जाति वर्ग के मजदूरों, महिलाओं और बेजमीन परिवारों से रोजी-रोटी छीन ली जाएगी। उन्होंने कहा, “देश में अनुसूचित जाति की आबादी का सबसे अधिक अनुपात पंजाब में है। यह नया कानून अनुसूचित जाति भाईचारे के लिए बुरा साबित होगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वर्तमान में पंजाब में 19.85 लाख परिवार मनरेगा कामगारों के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 12.65 लाख अनुसूचित जाति भाईचारे से संबंधित हैं। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार कानून और अदालतों के माध्यम से केंद्र के खिलाफ यह जंग लड़ रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान में केंद्र-राज्य अधिकार स्पष्ट रूप से परिभाषित होने के बावजूद केंद्र ने ग्रामीण विकास के लिए ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) रोक दिए हैं।
पंजाब के दृढ़ इरादे को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब को केंद्र से अपने अधिकार प्राप्त करने के लिए हर रोज लड़ाई लड़नी पड़ती है। मैं यह स्पष्ट कर देता हूं कि पंजाबी कभी नहीं झुके हैं, और न ही वे भविष्य में कभी झुकेंगे।”
फूट डालने वाली ताकतों को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों को बांटने के लिए झूठा प्रचार किया जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार ऐसे मनसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने गैंगस्टरों और उनके हमदर्दों को सख्त चेतावनी दी कि वे जुर्म का रास्ता छोड़ दें या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें। “गैंगस्टरों पर वार” अभियान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और इन्हें शह देने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के प्रति कोई लिहाज नहीं बरता जाएगा। उन्होंने कहा कि हर कीमत पर राज्य में शांति, एकता और भाईचारे की साझेदारी कायम रखी जाएगी।
पिछले तकरीबन चार सालों में पंजाब सरकार द्वारा किए गए उपायों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने वाला शासन प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत नशों के खिलाफ जंग शुरू की गई है, जिसके तहत नशों की सप्लाई चेन तोड़ी गई, तस्करों को जेलों में डाला गया, उनकी जायदादें ढाही गईं और पीड़ितों का इलाज और पुनर्वास किया गया। उन्होंने कहा, “532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक स्थापित की गई है। अब तक 498 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया है और 256 ड्रोन जब्त किए गए हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ का दूसरा चरण शुरू हो गया है और नागरिक 98991-00002 पर मिस्ड कॉल देकर इसमें शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि गांव और वार्ड स्तर की सुरक्षा समितियां बनाई गई हैं, नशों से मुक्त हुए लोगों को सूरमे के रूप में सम्मानित किया जा रहा है, पुनर्वास के लिए हुनर प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 3,083 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ करवाई गईं जिनमें तीन-तीन पीढ़ियां हिस्सा ले रही हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नौंवे पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस का ऐतिहासिक मौका राज्य भर में श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाया गया। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी स्मारक के निर्माण पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिखों के तीन पावन तख्त साहिबान वाले शहरों श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित किया गया, जबकि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थानों के मुफ्त दर्शन करवा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे घोषणा की कि 1 फरवरी को श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा, जिसमें इस साल 1 फरवरी से कार्यक्रम और समागम करवाए जाएंगे और ये कार्यक्रम साल 2027 तक निरंतर जारी रहेंगे, जिससे गुरु रविदास जी की महान विरासत और यादगार को यकीनी बनाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना सभी 65 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का नकद रहित इलाज प्रदान करती है। उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत आय की शर्तें हटा दी गई हैं। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को भी शामिल किया गया है। पंजाब सभी नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना मुफ्त इलाज प्रदान कर रहे हैं और यह संख्या जल्द ही 1,000 तक पहुंच जाएगी।
रोजगार के संबंध में, उन्होंने कहा कि 63,027 सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से रिश्वत या सिफारिश के बिना दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और पंजाब के इतिहास में पहली बार, धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को दिन में आठ घंटे से अधिक निर्विघ्न बिजली सप्लाई की जा रही है, जिससे किसान दोनों समय खेतों में जाने की बजाय घर बैठकर परिवार के साथ खाना खा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 रजबाहों को फिर सुरजीत किया गया, आजादी के बाद बन रही पहली नहर, ‘मालवा नहर’ पर 2,300 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
शिक्षा के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, शिक्षकों को फिनलैंड, सिंगापुर और अहमदाबाद में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, विद्यार्थियों के लिए बस सेवाओं से 10,000 से अधिक लड़कियों को लाभ पहुंच रहा है, पंजाब ने केरल को पछाड़कर नेशनल अचीवमेंट सर्वे में शीर्ष स्थान हासिल किया है और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में जेईई और नीट की परीक्षा पास की है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साल 2022 से अब तक 1.50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हासिल हुए हैं, जिससे रोजगार के 5.2 लाख अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने घोषणा की कि पंजाब प्रगतिशील निवेश सम्मेलन 13 से 15 मार्च तक मोहाली में होगा जिसमें विश्व भर से उद्योगपति हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब किसानों को देश में गन्ने की सबसे अधिक कीमत 416 रुपये प्रति क्विंटल देता है, पराली जलाने की घटनाओं में 53 प्रतिशत की कमी आई है, और 21 टोल प्लाजा बंद करने से लोगों की रोजाना 67.7 लाख रुपये की बचत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले रक्षा जवानों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिस कर्मचारियों के परिवारों को 2 करोड़ रुपए का मान भत्ता प्रदान करती है।
सड़क सुरक्षा फोर्स के बारे में जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की अनोखी पहल है। उन्होंने कहा कि पिछले साल फरवरी में इसकी शुरुआत के बाद, सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। यह फोर्स 4,200 किलोमीटर हाईवे पर तैनात है जो ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाती है।
उन्होंने कहा कि गांवों के छप्पड़ों की सफाई की जा रही है, लाइब्रेरी बनाई गई हैं, 49,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों को अपग्रेड किया जा रहा है, युवाओं को मिनी बसों के 1,600 परमिट जारी किए गए हैं, ईजी रजिस्ट्री शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी को समर्पित खुरालगढ़ में 148 करोड़ रुपए की यादगार बनाई जा रही है।
होशियारपुर जिले की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब का सबसे अधिक पढ़ा-लिखा जिला है, लिंग अनुपात में सबसे ऊपर है, एथलेटिक्स और फुटबॉल में इसका बड़ा योगदान है। इस जिले के कस्बे माहिलपुर को विश्व स्तर पर फुटबॉल की नर्सरी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर में मेडिकल कॉलेज पर काम जल्दी शुरू हो जाएगा और फरवरी में होने वाले ‘नेचर फेस्ट’ के लिए पोस्टर जारी किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने परेड का निरीक्षण किया, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखा और गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्राप्तियों हासिल करने वालों को सम्मानित किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने परेड कमांडर धीरेंद्र वर्मा आई.पी.एस. और सहायक परेड कमांडर रमनप्रीत सिंह गिल के नेतृत्व वाली परेड का निरीक्षण किया और पंजाब पुलिस, पंजाब होमगार्ड्स, पैसको, एन.सी.सी., बॉय स्काउट्स, पुलिस कैडेट्स, गर्ल गाइड्स और पंजाब पुलिस ब्रास बैंड की टुकड़ियों से सलामी ली।
पी.ए.पी. जालंधर टीम द्वारा टेंट पेगिंग और भांगड़ा, गिद्दा, समूह डांस, पी.टी. शो और स्कूली विद्यार्थियों द्वारा समूह गायन सहित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों का सम्मान किया, दिव्यांगजन व्यक्तियों को ट्राइसाइकिल और जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की। इस मौके पर राज्य और जिला प्रशासन के विकास को दर्शाती झांकियां भी प्रदर्शित की गईं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान समाज में शानदार योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों की व्यक्तियों और अन्य अधिकारियों को भी सम्मानित किया।
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नशे से नौकरी तक का सफर: Punjab में ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान से बदल रही जिंदगियां
Punjab News: पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही जंग के चलते स्पष्ट बदलाव सामने आ रहे हैं, क्योंकि भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत सिर्फ कानून लागू करने तक सीमित न रहकर पुनर्वास और पुनः एकीकरण पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. जिलों में नशे की दलदल में फंसे लोग अब स्थिर जीवन की ओर लौट रहे हैं और नशे से उबरने में रोजगार अहम भूमिका निभा रहा है.
अभिषेक कुमार (नाम बदला गया) उन लोगों में से एक हैं जिसने इस बदलाव को खुद अनुभव किया है. कुछ साल पहले नशे ने उसकी जिंदगी को इस कदर तबाह कर दिया था कि रोजमर्रा के काम भी मुश्किल हो गए थे और उसके परिवार को डर था कि वह नशे की भेंट चढ़ जाएंगा. आज, वह एक स्थिर नौकरी कर रहा हैं और अपने परिवार के साथ फिर से जुड़ गया है. उसने कहा, “नौकरी दोबारा मिलने से सब कुछ बदल गया. इसने मुझे सही रास्ता अपनाने का कारण दिया.”
नशे से उबरने का संघर्ष और रोजगार की नई शुरुआत
वह नशे से अचानक नहीं उभरा. उसके परिवार के निरंतर प्रोत्साहन, व्यवस्थित चिकित्सीय इलाज, परामर्श, और ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’’ अभियान से जुड़ी पहलों के तहत मिले पुनर्वास के बाद रोजगार सहायता की बदौलत अभिषेक स्थिरता और आत्मविश्वास दोनों वापस हासिल कर सका.
नवदीप कुमार (बदला हुआ नाम) के लिए उसके जीवन का निर्णायक मोड़ उसके घर से ही शुरू हुआ. लगातार झगड़ों और भावनात्मक दूरी ने उसे उस नुकसान का एहसास कराया जो नशे की वजह से हुआ था. उसने कहा, “मेरी मां मुझे सही रास्ते पर वापस लेकर आयी है.”
इलाज पूरा करने के बाद, नवदीप को रोजगार सहायता मिली और अब वह निजी क्षेत्र में काम कर रहा है. वह दोबारा रोजगार मिलने को उस पल के रूप में बताता है जिसने उनके जीवन में अनुशासन लाया और उसे अपना मकसद फिर से तय करने में मदद की.
समर्थन और पुनर्वास से नई शुरुआत
गुरजिंदर सिंह (बदला हुआ नाम) की कहानी रिकवरी के एक और पहलू को दर्शाती है. नशे ने न केवल उसके स्वास्थ्य को प्रभावित किया, बल्कि उसके परिवार में उसकी आर्थिक स्थिरता और भरोसेयोग्यता को भी खत्म कर दिया था. पुनर्वास सेवाओं और उसके माता-पिता के निरंतर समर्थन से, वह धीरे-धीरे रिकवरी की ओर बढ़ा. आज, वह फिर से नौकरी कर रहा है और उनकी सेहत में सुधार हुआ है तथा पारिवारिक संबंध भी बेहतर हुए हैं.
नशा पीड़ितों का रिकवरी की ओर यह सफर ‘आप’ सरकार द्वारा अपनाई गई व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत नशों के खिलाफ जंग केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नशे की दलदल में फंसे लोगों को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा में वापस लाया जाए.
इस अभियान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास, परामर्श और संरचित सहायता प्रणालियों को रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि यह माना गया है कि आर्थिक स्थिरता के बिना रिकवरी अधूरी रहती है.
स्थिर नौकरी से नशा मुक्त जीवन संभव
सभी मामलों में यह देखा गया है कि रोजगार केवल रिकवरी के बाद का एक कदम नहीं है, बल्कि यह नशा-मुक्त जीवन को सुनिश्चित करने की नींव है. एक स्थिर नौकरी वित्तीय स्वतंत्रता देती है, सम्मान को बहाल करती है और व्यक्तियों को अपने परिवारों और समुदायों से फिर से जुड़ने में सक्षम बनाती है. अभिषेक ने कहा, “कभी भी नशों का सेवन न करें. यह नुकसानदेय लग सकता है, लेकिन यह सब कुछ बर्बाद कर सकता है.”
जैसे-जैसे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान का विस्तार हो रहा है, नशा पीड़ितों की ये कहानियां व्यापक बदलाव को दर्शाती हैं, जहां नशे से रिकवरी को अब अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि एक स्थिर और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.
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पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने बचाई 37 वर्षीय महिला की जिंदगी, मुफ्त में हुई 4 लाख की सर्जरी
Punjab Mukhyamantri Sehat Yojana: पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक के सबसे बड़े दावों में शामिल एक मामले में ₹4 लाख की जीवनरक्षक सर्जरी पूरी तरह कैशलेस की गई. यह भगवंत मान सरकार के उस स्वास्थ्य मॉडल की मज़बूती को दर्शाता है, जो स्थानीय स्तर पर तेज़, प्रभावी और भरोसेमंद तरीके से काम कर रहा है.
लाभार्थी सुखपाल कौर आयु (37 वर्ष), निवासी चंडीगढ़, गंभीर एओर्टिक डिसेक्शन, एक जानलेवा हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी बीमारी के कारण पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया. इस स्थिति में तुरंत सर्जरी आवश्यक थी. इलाज, अस्पताल में दाखिला और विशेष देखभाल का अनुमानित खर्च लगभग ₹4 लाख था, जिसे इतनी कम अवधि में जुटाना परिवार के लिए बेहद कठिन हो जाता.
समय पर इलाज से बची महिला की जान
अस्पताल में सेहत कार्ड प्रमाणित होते ही बिना किसी देरी के इलाज शुरू कर दिया गया. पूरी सर्जरी, योजना के तहत, प्रति परिवार ₹10 लाख तक की कवरेज में कैशलेस तरीके से पूरी की गई.
परिवार के एक सदस्य ने बताया, “सब कुछ बहुत तेज़ी से हुआ. डॉक्टरों ने बताया कि स्थिति गंभीर है और तुरंत सर्जरी ज़रूरी है. इतनी बड़ी रकम तुरंत जुटा पाना संभव नहीं था. सेहत कार्ड के कारण इलाज बिना किसी देरी के शुरू हो सका.”
डॉक्टरों ने बताई बीमारी की गंभीरता
मामले के चिकित्सकीय पहलू पर प्रकाश डालते हुए पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के डॉ. सचिन महाजन ने कहा, “एओर्टिक डिसेक्शन एक अत्यंत गंभीर स्थिति है, जिसमें तुरंत सर्जरी ज़रूरी होती है. ऐसे मामलों में थोड़ी सी भी देरी जोखिम को काफी बढ़ा सकती है.
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सेहत कार्ड प्रमाणित होते ही हम बिना किसी वित्तीय मंजूरी का इंतज़ार किए इलाज शुरू कर सकते हैं, जिससे उच्च जोखिम वाले हृदय रोगियों को समय पर और निरंतर उपचार मिल पाता है.”
सरकार ने बताया योजना का असर
सरकार की नीति को रेखांकित करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “सुखपाल कौर जैसे गंभीर मामले में एक अनमोल जीवन को बचा पाना बेहद संतोषजनक है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान जी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना स्थानीय स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है, जहां परिवार बिना आर्थिक दबाव के तुरंत इलाज प्राप्त कर पा रहे हैं.”
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बीजेपी के 30 सालों में भ्रष्टाचार का रेट 10 हजार रुपये हुआ, गुजरात में केजरीवाल ने भगवंत मान के साथ खोला मोर्चा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान के साथ गुजरात के अमरेली में ‘विजय विश्वास सभा’ में बीजेपी सरकार पर जमकर कर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी के कुशासन से गुजरात की जनता परेशान है. अब आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में जनता की सरकार बनेगी.
अरविंद केजरीवाल ने जनता का आह्वान करते हुए कहा, “इस बार किसी पार्टी या नेता के नाम पर वोट मत दो, बल्कि अपने आपको वोट दो और अपनी सरकार बनाओ.” उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं, बल्कि आंदोलन, क्रांति, स्वतंत्रता और देश को तरक्की देने का नाम है. पंजाब में जनता की सरकार है और जनता के लिए काम कर रही है. अगर गुजरात में भी ‘‘आप’’ के नेतृत्व में जनता की सरकार बन गई तो पूरे राज्य का नक्शा बदल जाएगा.
केजरीवाल ने बीजेपी पर क्या-क्या आरोप लगाए?
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले 30 साल से बीजेपी ने गुजरात पर कब्जा कर रखा है. भगवान बीजेपी का भ्रष्टाचार और कुशासन से गुजरात के लोगों को मुक्ति दिलाएं. सौराष्ट्र 48 विधानसभा सीटें हैं. 2022 में सौराष्ट्र की जनता ने 48 में से 40 सीटें बीजेपी को दी. सौराष्ट्र की जनता ने बीजेपी को प्यार, सम्मान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन बदले में बीजेपी ने भ्रष्टाचार, धक्के, गालियां, अपमान, डंडा और जेल दिया. जनता को वोट लेकर बीजेपी के लोग विधायक, मंत्री बन गए. उनके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां आ गईं, बड़े-बड़े बंगले, प्रॉपर्टी और दुकानें बनवा ली. इन्होंने अथाह पैसा कमा लिया. 30 साल में बीजेपी ने गुजरात को लूट लिया.”
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “बीजेपी सरकार द्वारा बनवाई गई सड़क तीन दिन में टूट जाती है. मोरबी और बड़ौदा का पूल टूट गया. सारा पैसा कहां जाता है? यहां के किसानों ने बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मुगफली की फसल खराब हो गई. गुजरात सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए मुआवजे का एलान किया, लेकिन किसानों को नहीं मिला. ये लोग 10 हजार करोड़ रुपए खा गए. राशन कार्ड बनवाने, बिजली का गलत बिल ठीक कराने, जाति-जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र समेत सभी तरह के काम करवाने के बदले पैसे देने पड़ते हैं. 30 साल में गुजरात के अंदर भ्रष्टाचार के रेट जरूर बढ़ गए हैं. पहले जो काम 100 रुपए में होता था, अब 10 हजार रुपए में हो रहा है.”
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले 30 साल से गुजरात की जनता नेताओं को वोट देती आई, लेकिन कुछ नहीं मिला. ये नेता किसी के सगे नहीं हैं. इस बार गुजरात की जनता अपने आपको को वोट दो, जनता की सरकार बनाओ. इस बार किसी पार्टी या नेता के नाम पर वोट मत दो. पंजाब के लोगों ने अपनी सरकार बनाई है. आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं है, बल्कि आंदोलन, क्रांति, स्वतंत्रता आंदोलन और इस देश को तरक्की देने का नाम है. भगवंत मान किसान के बेटे हैं. मेरे पिता भी नेता नहीं थे. ईशुदान गढ़ी, गोपाल इटालिया, चैतर वसावा, विनोद सोहरठिया समेत ‘‘आप’’ के सभी नेताओं के घर में पहले कोई नेता नहीं था. हम आम लोग हैं. इसलिए पंजाब में आम आदमी पार्टी के आम लोगों की सरकार है और किसान का बेटा मुख्यमंत्री है.”
पंजाब में आप को क्यों मिली सफलता? केजरीवाल ने बताया
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब में 117 में से आम आदमी पार्टी के 96 विधायक हैं. इनमें 80 से ज्यादा पहली बार आम घरों के लड़के-लड़कियां विधायक बने हैं. वहीं, गुजरात में विधायक की पत्नी, बेटा विधायक बनता है. बीजेपी और कांग्रेस में आम घरों के बच्चों को नहीं, बलिक नेताओं के बच्चों को ही टिकक मिलता है. लेकिन आम आदमी पार्टी सिर्फ आम घरों के बच्चों को टिकट देती है. आम लोगों के मुद्दे उठाती है और आम लोगों की सरकार बनाती है.
गुजरात की तरह पंजाब भी किसानों की धरती है. पंजाब में किसानों के लिए काम होता है. गुजरात में आधी रात में किसानों को बिजली मिलती है, लेकिन पंजाब में दिन में 8 घंटे बिजली मिलती है. सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली आती है. पहले नहीं आती थी, लेकिन किसान के बेटे ने मुख्यमंत्री बनते ही सारा सिस्टम बदल दिया.”
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पहले पंजाब की कुल कृषि भूमि में से सिर्फ 20 फीसद ही नहर से सिंचाई होती थी. लेकिन अब 70 फीसद खेतों तक नहरी पानी पहुंच रहा है और अगले साल तक 90 फीसद खेतों तक पानी पहुंच जाएगा. पूरे देश में पंजाब इकलौता राज्य है, जहां खेती के लिए बिजली मुफ्त मिलती है. गुजरात में नेताओं-अमीरों की सरकार है, इसलिए खेती की बिजली मुफ्त नहीं है.
पंजाब में जनता की सरकार है, जो 24 घंटे जनता के बारे में सोचती है. पंजाब में मंडी में आने वाली किसानों की सारी फसल सरकार खरीदती है, किसी को वापस नहीं भेजती है और घर पहुंचने से पहले उसके खाते में पैसे आ जाते हैं. लेकिन गुजरात में तीन-तीन महीने तक किसानों को फसल का पैसा नहीं मिलता है. क्योंकि नेताओं को किसानों की परवाह ही नहीं है.”
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “सौरष्ट्र में आम की खेती होती है. हर साल आम की खेती बर्बाद होती है, लेकिन सरकार ने आज तक इस नुकसान की भरपाई के लिए कोई पॉलिसी ही नहीं बनाई. गुजरात सरकार ने ईको जोन कानून बनाया, आज इस कानून से पूरा किसान परेशान है. यह कानून खत्म होना चाहिए. बीजेपी को किसानों से कोई लेना-देना होता तो यह कानून नहीं बनाते. वन विभाग वाले भी किसानों को परेशान करते हैं. पंजाब की तरह गुजरात में भी किसानो के लिए काम होना चाहिए.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “2022 में सौराष्ट्र की जनता ने 48 में से 40 सीट बीजेपी को दी तो 4 सीट आम आदमी पार्टी को भी दी और गुजरात में ‘‘आप’’ का खाता खोला. आज बीजेपी के लोग आम जनता को डंडे मारते हैं तो उन्हें बचाने के लिए ‘‘आप’’ के नेता डंडे खाने, जेल जान के लिए आगे आते हैं. सौराष्ट्र में 40 सीट पाने वाली बीजेपी जनता को डंडे मारती है और 4 सीट पाने वाली ‘‘आप’’ के नेता अपनी छाती के उपर डंडे खाकर जेल जाते हैं.
चैतर वसावा, प्रवीण राम समेत हमारे तमाम नेता जेल गए. लेकिन हम डरने वाले हैं. जब इन्होंने मुझे जेल में डाल दिया और मैं नहीं डरा तो हमारी पार्टी के लोग इनके डंडों और जेल से डरने वाले नहीं है. सौराष्ट्र ने ‘‘आप’’ सिर्फ 4 सीट दी, तब भी हम जनता के लिए लड़ रहे हैं. अगर गुजरात के लोग आम आदमी पार्टी की अपनी सरकार बना लेंगे तो गुजरात का नक्शा बदल जाएगा.”
AAP एक रुपए का भ्रष्टाचार नहीं होने देती- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब में इतने काम इसलिए हो रहे हैं, क्योंकि एक रुपए का भ्रष्टाचार नहीं होने देते हैं. बुधवार सुबह ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी ही पार्टी के एक विधायक को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया, क्योंकि वह भ्रष्टाचार कर रहा था. कभी नहीं सुना गया था कि कोई पार्टी अपने ही विधायक को गलत काम करने पर जेल में डालती है.
अगर किसी विधायक के भ्रष्टाचार के बारे में पता चलता है तो मुख्यमंत्री बुलाकर कहता है कि कमाई का हिस्सा मुझे क्यों नहीं दिया? लेकिन भगवंत मान ऐसे विधायक को पकड़ कर जेल में डालते हैं कि उसने जनता का पैसा चोरी करने की हिम्मत कैसे की? पंजाब में ‘‘आप’’ सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर दिया. सरकार का एक-एक पैसा जनता के उपर खर्च हो रहा है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हम 24 घंटे जनता के बारे में सोचते हैं कि और क्या काम करें? आज इलाज बहुत महंगा हो गया है. सिटी स्कैन समेत कई जांचें बहुत महंगी हैं. दवाई और एमआरआई में हजारों रुपए खर्च होते हैं. कैंसर में लाखों रुपए लग जाते हैं. गरीब आदमी कहां से पैसे लाएगा? भगवंत मान ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि अब जिस अस्पताल में मुख्यमंत्री का इलाज होता है, उसी में आम आदमी का भी इलाज हो रहा है. क्योंकि पंजाब के 63 लाख परिवारों को 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कर दिया. ये नेता गुजरात की जनता को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा नही ंदेने वाला है, इसके लिए अपनी सरकार बनानी होगी. बीजेपी और कांग्रेस ने देश का बेड़ा गर्क कर दिया है.”
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “अहमदाबाद के केडी अस्पताल में अमित शाह अपना इलाज कराते हैं. गुजरात की जनता आम आदमी पार्टी सरकार बनाए, सबका इलाज केडी अस्पताल में फ्री में करवाएंगे. दूसरी पार्टी वाले आकर गालियां देते हैं. लेकिन मैं किसी को गाली नहीं देता, सिर्फ आम लोगों के परिवार, उनके बच्चों और गुजरात के भविष्य और तरक्की की बात करता हूं.
हम पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को 1 हजार रुपए और दलित समाज की महिला को 1500 रुपए देने जा रहे हैं. एक घर में तीन महिलाएं हैं तो उसके परिवार को तीन हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगा. कांग्रेस और बीजेपी वाले हमें गालियां दे रहे हैं कि महिलाओं को पैसे की देने की क्या जरूरत है? महिलाएं बिगड़ जाएंगी. ये लोग जनता के करोड़ों रुपए डकार गए, ये नहीं बिगड़े. आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर गुजरात की हर महिला के खाते में हजार रुपए आएंगे.
क्यों जरूरी है गुजरात में आप सरकार? केजरीवाल ने बताया
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में जिला परिषद के चुनाव है. इस चुनाव में आम घरों के बच्चों को टिकट देंगे. ‘‘आप’’ के नेताओं के बच्चों, भाई या रिश्तेदार को टिकट नहीं मिलेगा. आम लोगों को आम आदमी पार्टी चलानी है और अपनी सरकार बनानी है. जिला परिषद का चुनाव विधानसभा का सेमीफाइनल है. डेढ़ साल बाद विधानसभा का चुनाव है. इससे पहले जिला परिषद में आम आदमी पार्टी को जिताकर अपनी सरकार बनानी है और अपने बच्चों को पंचायतों और नगर पालिका में भेजा है और हम सभी को मिलकर गुजरात को तरक्की के रास्ते पर लेकर जाना है.
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “आम लोगों की भलाई के लिए आम आदमी पार्टी बनी है. जब दिल्ली में ‘‘आप’’ की सरकार थी, तब वहां सरकारी स्कूल बहुत अच्छे हो गए थे. मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त दवाई और गरीबों को मुफ्त इलाज मिलता था. झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों की जिंदगी में सुधार आ गया था और लोगों को रोजगार मिल रहे थे. उसके बाद बीजेपी की सरकार आ गई और सब कुछ बंद कर दिया गया. सब कुछ उठाकर बड़े उद्योगपतियों को दे दिया गया. प्राइवेट स्कूल मनमर्जी कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पंजाब में ‘‘आप’’ की सरकार है. पंजाब में हर परिवार का 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाया जा रहा है, जिससे लोग अपनी पसंद के किसी भी बड़े प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं. पंजाब के सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपए और दलित समाज की महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे.”
भगवंत मान ने जनता से अपील की कि आने वाले चुनाव में वे इस बात का ख्याल रखें कि बीजेपी पिछले 30 साल से लूट रही है और कांग्रेस भी उनके साथ मिली हुई है. ऐसे में लोग किसके पास जाएं? अब आम आदमी पार्टी आ गई है, इसलिए लोगों को झाड़ू चुनाव चिह्न का बटन दबाना चाहिए. यह झाड़ू राजनीतिक तौर पर 30 साल से फैली सारी गंदगी की सफाई कर देगा.
अगर लोग झाड़ू वाला बटन दबाएंगे तो किस्मत चमक जाएगी, लेकिन अगर वे पहले वाले बटन दबाएंगे तो अपनी किस्मत को अगले पांच या 10 साल के लिए इन लुटेरों के पास गिरवी रख देंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने गुजरात को बर्बाद कर दिया है. देश में गुजरात का झूठा मॉडल बेचे गए. इसलिए जिला परिषद चुनाव में आम आदमी पार्टी को वोट दें. बीजेपी-कांग्रेस वाले लोगों केा धर्म और जाति के नाम पर लड़ाएंगे, लेकिन अरविंद केजरीवाल आपके बच्चों को पढ़ाएंगे.
वादे नहीं गारंटियां देती है आप- सीएम मान
भगवंत मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी केवल वादे नहीं करती, बल्कि गारंटियां देती है और उन्हें पूरा भी करती है. आज पंजाब में 90 फीसदी घरों का बिजली बिल जीरो आता है. पंजाब में किसानों को बिल्कुल मुफ्त बिजली मिलती है और वह भी दिन के समय. किसान सुबह 10 बजे खेत में जाता है और शाम को छह बजे अपना ट्यूबवेल बंद करके घर आ जाता है, जैसे किसी दफ्तर की छुट्टी हो गई हो. हम किसानों को यही इज्जत और सम्मान देते हैं.”
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